Advertisement
Ad slot
Aamir Khan & Kapil Sharma Like Never Before! | TALK | EP 01 | Aamir Khan Talkies 25:26

Aamir Khan & Kapil Sharma Like Never Before! | TALK | EP 01 | Aamir Khan Talkies

Aamir Khan Talkies · May 10, 2026
Open on YouTube
Transcript ~5725 words · 25:26
0:00
तो अभी भी आपकी फिल्म आ रही है आपकी
0:01
प्रोडक्शन में।
0:02
हां एक जुनैद के साथ एक दिन नहीं एक दिन
0:04
तो आएगी आएगी। मतलब जब बना ली है तो एक
0:06
दिन तो आएगी। मैंने बहुत हैंडसम लग रहे हो
0:08
भाई आप।
0:08
अरे आप भी थैंक यू भाई। यही [संगीत] सुनना
0:10
चाहता था मैंने। तभी तो मेरी [हंसी]
Advertisement
Ad slot
0:12
अच्छा मैंने उससे कहा भी था कि आप मेरे
0:14
बेटे हो तो आपको खास मुश्किल होगी क्योंकि
0:17
उसका कंपटीशन सीधा वो हर आदमी आपको मुझसे
0:20
कंपेयर करेगा। तो आपको फेयर चांस मिलना
0:23
बहुत मुश्किल है। [संगीत]
0:30
आज हम एक ऐसी शख्सियत के यहां पे बैठे हैं
0:34
जिनको हम बड़े सालों से फॉलो कर रहे हैं
0:36
और उन्होंने जो भी ट्रेंड सेट किए वो भी
0:38
हम फॉलो करने की कोशिश करते हैं। हमने
0:41
टीशर्ट पहनना शुरू किया इन्होंने कुर्ते
Advertisement
Ad slot
0:43
पहनना शुरू कर दिया
0:45
और जब हमने कुर्ते खरीद लिए इनको देख के
0:47
ये वापस टीशर्ट में आ गए क्योंकि इतने
0:48
हैंडसम लग रहे हैं। आमिर भाई आपका
0:50
बहुत-बहुत स्वागत [हंसी] है। कैसे क्या कर
0:53
क्या रहे हो आप? यार नहीं चक्कर ये है कि
0:56
मैं कुर्ते इसलिए पहन रहा था उस वक्त
0:58
क्योंकि मैं जरा मोटा हो गया था।
0:59
अच्छा
1:00
हां तो वो मोटापा छुपाने के लिए मैं
1:02
कुर्ते पहनता था। तो अब थोड़ा मैं फिट हो
1:03
गया हूं तो दोबारा टी-शर्ट्स पे आ गया
1:05
हूं।
1:05
नहीं बहुत हैंडसम लग रहे हो भाई आप।
1:06
अरे आप भी
1:07
थैंक यू भाई। यही सुनना चाहता था मैंने
1:09
तभी तो मेरी तारीफ [हंसी] करेंगे।
1:11
अरे नहीं नहीं मैं तो बहुत बड़ा फैन हूं
1:13
आपका।
1:13
थैंक यू। थैंक यू।
1:14
आपके शॉट्स और वीडियोस मैं देखते रहता
1:15
हूं। मतलब मेरी जो रातों की नींद है वो
1:17
एकद घंटा डिले हो जाती है बिकॉज़ मैं आपके
1:19
वीडियोस देखता रहता हूं।
1:20
तो आपको क्या लगता है आमिर मतलब फोन-वोन
1:22
हमारी जिंदगी में आए हैं। बेहतर हुआ काम
1:24
के खराब हुआ काम। [हंसी]
1:25
ठीक है? देखो हर आदमी का अपना होता है।
1:28
कुछ लोगों के लिए फायदे की चीज है। मेरे
1:30
जैसे इंसान के लिए ये नुकसान की चीज है।
1:33
क्योंकि मुझे लगता है मैं मुझे मैं फोन से
1:35
खुश नहीं हूं। मैं बल्कि बीच में मैंने
1:36
दो-तीन साल फोन रखना बंद कर दिया था। फिर
1:39
काम की वजह से रखना पड़ा। लेकिन अब मैं
1:40
दोबारा सोच रहा हूं कि मैं फोन छोड़ दूं।
1:43
एक्चुअली भाई मैं भी कभी-कभी गांव जाता
1:44
हूं ना तो बड़े ना ऐसे आसपास जो लोग हैं
1:47
अपने गांव के
1:47
उनसे बैठता हूं, बातें करता हूं। उनमें से
1:50
किसी को पता नहीं है ब्लड प्रेशर की गोली
1:52
क्या होती है क्या नहीं मतलब वो लोग इतना
1:54
ऑर्गेनिक तरीके से रह रहे हैं नंगे पैर
1:56
खेतों में चल रहे हैं यार हम तो इतना सा
1:58
काम कर लेते हैं इतना दिमाग भागता रहता है
2:00
आप कितना कुछ देखते हो आप आप फिल्में खुद
2:02
भी करते हो प्रोड्यूस भी करते हो अभी भी
2:04
आपकी फिल्म आ रही है आपकी प्रोडक्शन में
2:06
हां जुनैद के साथ
2:07
[गला साफ़ करने की आवाज़] जुनैद एक दिन
2:07
नहीं एक दिन तो आएगी आएगी मतलब जब बना ली
2:09
है तो एक दिन तो आएगी [हंसी]
2:11
नहीं नहीं उसका नाम एक दिन
2:12
अच्छा हां एक दिन नाम है उसका
2:14
हां मैंने ट्रेलर देखा बड़ा मजेदार है
2:15
ट्रेलर उसका
2:16
हां हां
2:16
लव स्टोरी है और उसमें साईं पल्लवी भी है।
2:19
जी जी बड़ी बड़ी अच्छी
2:20
बहुत ही कमाल की एक्ट्रेस है। उसने इतना
2:22
खूबसूरत काम किया है इस फिल्म में।
2:24
ये जब मैंने कहानी सुनी थी ना एक दिन की
2:26
तो मुझे बहुत पसंद आई। उसका जो कांसेप्ट
2:28
है वो बहुत कमाल का है कि एक दिन में किस
2:30
तरह आपकी जिंदगी बदल सकती है या वो एक दिन
2:32
जिसने आपकी जिंदगी को बदल दिया हो। मुझे
2:35
पूछना था कि आपकी लाइफ में कैसे ऐसा कोई
2:37
एक दिन आया है जिसमें आपकी लाइफ बदल गई उस
2:39
दिन के बाद। मुझे लगता है कि ऐसे एक-एक
2:41
करके कई दिन आए हैं। कई दिन आए हैं। सो
2:45
प्रोफेशनली अगर बात करूं क्योंकि हम लोग
2:47
अपनी रोजीरोटी की तलाश में निकले थे घर से
2:49
और ये सब फिर जब टीवी पे पहली बार मौका
2:51
मिला
2:52
पर जिंदगी बदली बड़ी बार फॉर एग्जांपल
2:54
व्हेन आई लॉस्ट माय फादर आई वास 22 23
2:57
तो एकदम से मैच्योर नहीं होता आदमी
2:59
क्योंकि हर बेटे के लिए अपने फादर से ही
3:02
आदमी सब चीजें सीखता है ना कि दुनियादारी
3:04
और ये सब तो बाप ही आप सिखाते हैं।
3:06
भले ही बिठा के ना सिखाए लेकिन आप देखकर
3:08
हां देख के सीखते हैं सीखते तो वो वो मिस
3:10
हो गया तो उसके बाद तो बस फिर निकल निकल
3:13
के जितना थोड़ा बहुत पता चला लाइफ का बस
3:15
ऐसे ही है। तो वो भी मुझे लगता है कि यार
3:17
बड़ा मिस होता है।
3:18
मेरे फादर दो दिन पहले जब उनको आईसीयू में
3:21
लेके गए उससे पहले दो दिन पहले बात कर रहे
3:23
थे मेरे साथ।
3:23
हम
3:24
कहते यार दो चीजें रह गई।
3:26
3:26
मैंने कहा क्या?
3:27
क्यों बोल रहे हैं ऐसा? मतलब रह गई क्या?
3:29
सडनली उनको
3:30
पता था उनको कि फाइनल स्टेज कैंसर है।
3:32
कितना खींच लेंगे?
3:34
अच्छा।
3:34
कहते यार एक तो घर बनाना था।
3:36
हां।
3:37
और दूसरा तेरी बहन की शादी करनी थी यार
3:40
तुम लोग तो कर लोगे अपना कुछ तो मैं अभी
3:42
22 23 की उम्र में जितना मैंने कहा नहीं
3:44
डैडी कर लेंगे कोई नहीं जब आप ठीक हो
3:46
जाओगे तो चुप हो गए उसके बाद उनको ले गए
3:49
हम
3:49
तो फिर तो सीधा अ खबर ही आई कि चल बसे तो
3:54
मैं पर भाई उसके बाद अब पता नहीं मैं भी
3:58
पहली बार ये बात बोल रहा हूं पता नहीं
3:59
क्या मिरेकल हुआ कि जो बातें उन्होंने दो
4:02
बोली तो फादर गए तो मुझे एक रीजनल चैनल पे
4:05
कॉमेडी शो में पार्टिसिप करने का मौका मिल
4:06
गया। वहां पे पैसे तो नहीं मिलते थे पर एक
4:08
एक्सपीरियंस हो गया। उसके बाद नेशनल टीवी
4:10
पे मौका मिल गया।
4:11
उसी शो में जहां मेरा सिलेक्शन ही नहीं हो
4:13
रहा था। वहां पे मैं विनर बन गया।
4:15
बाद में पहले ऑडिशन में रिजेक्ट हुआ।
4:17
दूसरे में आया
4:19
और पूरी सीरीज का मैं विनर बना।
4:21
हां।
4:21
पैसे आने शुरू हो गए। शोज़ करने शुरू हो
4:24
गया।
4:24
तो 6 महीने बाद ही मेरी बहन की शादी थी।
4:27
शादी इतनी अच्छी हो गई।
4:28
ओके।
4:29
कि घर भी ले लिया। तो वो दो चीजें जो
4:31
उन्होंने बोली। मुझे ऐसा लगता है ऊपर जाके
4:32
फटाफट उन्होंने पहले मेरे ही काम कराए।
4:34
हेड ऑफिस में ना होता है कि यार पहले ये
4:36
दो काम हमारे पेंडिंग थे।
4:38
आपके भाई पीछे फैमिली की पिक्चर्स लगी हुई
4:40
है।
4:41
जी जी जी
4:41
तो आपके फादर साहब मैं जैसे देखा ना उनको
4:43
तो मुझे लगा
4:45
स्माइल ना जुनेद भी ऐसे मुस्कुराता है
4:46
अपने दादा की तरह
4:48
सही
4:48
तो भाई आपका आपके फादर के साथ रिलेशन कैसा
4:50
था? मतलब
4:51
अरे मैं बहुत डरता था बजान से। वो काफी
4:53
गुसैल थे और चारों बच्चे डरते थे उनसे तो
4:56
जब वो उनकी एक पर्टिकुलर स्टाइल थी घंटी
4:59
बजाने की। टै टै टै ऐसी घंटी बजती थी। तो,
5:02
हम लोग फौरन चूहों की तरह हम जैसे चूहे
5:04
बिल में नहीं भाग जाते, हम लोग अपने कमरे
5:05
में भाग जाते थे। क्योंकि वह कब भड़क जाए,
5:07
किस बात पे भड़क जाए। अभी मैं बिल में
5:09
भागता हूं बच्चे आते तो।
5:10
एक्चुअली ये बड़ा हो रहा है ना मतलब बड़े
5:12
लोग बोलते हैं कि यार हम लोग वो जनरेशन है
5:13
ये वाले दौर पे कि हम अपने मां-बाप से भी
5:16
डरते थे। हम अपने बच्चे [हंसी]
5:18
डरता तो नहीं हूं।
5:19
हां मतलब लेकिन ये अच्छी बात है कि मेरे
5:21
जो मेरा जो रिश्ता है बच्चों के साथ वो एज
5:23
अ फ्रेंड है। और पिछले चार पांच सालों में
5:25
तो और गहरा हो चुका है और मैं बहुत
5:27
रिलैक्स हूं अपने बच्चों के साथ। क्या
5:29
होता है जब बच्चे जब 18 साल के हो जाते
5:31
हैं ना तो फर्स्ट टाइम आपको रियलाइज होता
5:32
है कि यार ये एक्चुअली फुल एडल्ट हैं यार
5:35
हम
5:36
और इनकी अपनी अलग सोच है और अपनी अलग
5:38
थिंकिंग है तो वो वो जो ब्रिज है ना
5:41
क्योंकि तब तक आप उनको बच्चा मानते हो
5:44
और आप एक्सपेक्ट करते हो कि आप हर हर बात
5:46
आपकी सुन लें। लेकिन एक पॉइंट आता है जब
5:48
वो सुनना बंद करते हैं। उनकी खुद की
5:50
थिंकिंग होती है। वो वो एक जो है वो एक
5:53
बड़ा शिफ्ट होता है
5:54
हर मांबाप के लिए। जब आपको यह एक्सेप्ट
5:58
करना पड़ता है कि अब जो मेरे सामने जो
6:00
शख्स बैठा है वह ऑफ कोर्स मेरा बेटा है,
6:02
मेरी बेटी है। लेकिन वह भी एक एडल्ट है।
6:04
और मुझे उसको एज एन एडल्ट ट्रीट करना है।
6:07
और भाई मतलब ये जुनैद की स्क्रिप्ट आप
6:09
देखते हो पहले।
6:10
नहीं नहीं मैं उसकी स्क्रिप्ट्स में नहीं
6:12
पढ़ता। वो पसंद भी नहीं करता कि मैं उसके
6:14
करियर में दाखिल दखल अंदाजी करूं।
6:16
अच्छा।
6:16
वो गया था थिएटर सीखने। लॉस एंजेलिस। दो
6:19
साल थिएटर सीखा। फिर उसने एक साल वहां
6:21
थिएटरों में प्लेस भी किए। फिर लौट के आया
6:24
और यहां उसने थिएटर शुरू किया मुंबई में
6:27
ऑडिशनंस के लिए जाता था वो कास्ट एंड
6:29
डायरेक्टर्स के पास
6:30
ओके
6:30
और उस वक्त किसी को पता भी नहीं था कि वो
6:32
मेरा बेटा है। बताता नहीं था किसी को?
6:33
नहीं बता बताता नहीं था और मैंने भी किसी
6:35
को नहीं बताया। तो खैर वो एक दिन मुझे फोन
6:38
आया आदि चोपड़ा का।
6:39
अच्छा
6:39
के यार मैं जुनेद को ले रहा हूं फिल्म में
6:42
उसका नाम है महाराज।
6:44
वो बड़ी अच्छी फिल्म थी।
6:45
ये मुझे बाहर से पता लगा कि उसने ये फिल्म
6:47
साइन।
6:47
उसमें जुनेद की काफी तारीफ हुई थी।
6:48
जी जी अच्छा काम किया था।
6:50
तो उसने अपना करियर एक तरह से खुद ही
6:52
बनाया है। एक्चुअली सच कहूं कहूं कपिल तो
6:55
एज अ फादर उसने मुझे कुछ करने ही नहीं
6:57
दिया है।
6:58
आपको क्या मतलब क्या लगता है कि आप क्या
6:59
करना चाहते थे या कर सकते थे?
7:01
मतलब आई थिंक आपके शो पे ही बताया था
7:03
मैंने कि मैं जब कोविड आया तो जबरदस्ती घर
7:07
पे बैठना पड़ा तो अकेला था मैं और मैं
7:10
सोचा यार अपनी जिंदगी शुरू से लेके यहां
7:12
तक एक रिवाइंड किया मैंने एक तरह से और
7:15
फिर मुझे रियलाइज हुआ कि यार मैं अपने
7:17
परिवार के इतने नजदीक हूं मतलब दिल में
7:20
मैं अपने परिवार को अपने बच्चों को अम्मी
7:23
को इतना चाहता हूं लेकिन उनको वक्त नहीं
7:25
दे पाया मैं ये काम के नशे में मैंने उनको
7:30
वक्त नहीं दिया तो मुझे बहुत गिल्ट फील
7:32
हुआ उस वक्त। जुनैद बड़ा हो गया है, आईरा
7:34
बड़ी हो गई है। मैंने उनको वक्त ही नहीं
7:35
दिया है। तो फिर मैंने उस वक्त ये लाल
7:38
सिंह के बीच की बात है। लाल सिंह की
7:40
शूटिंग आधी हो चुकी थी।
7:42
जब कोविड शुरू हुआ तो मैंने उस वक्त फैसला
7:44
किया कि यार मैं अब फिल्म छोड़ने वाला
7:45
हूं। एक्टिंग, प्रोड्यूसिंग सब कुछ
7:48
प्रोडक्शन हाउस बंद करने वाला हूं। अब
7:49
मुझे अभी जो बाकी जिंदगी है मुझे अपने
7:51
परिवार के साथ गुजारनी है। 6 आठ महीने तक
7:54
तो मैं फैमिली के साथ पूरा वक्त बिता बिता
7:56
रहा था। और एक दिन जुनैद एंड आईरा ने मुझे
7:59
पकड़ के बोला कि आप कब तक करने वाले हैं
8:01
ये फुल टाइम?
8:02
अच्छा।
8:04
तो मैंने कहा कि भाई अब तो आपके साथ ही
8:06
हूं। तो उन्होंने कहा भाई हमारी भी जिंदगी
8:08
है।
8:08
अब हमारे पास टाइम नहीं है।
8:09
हां हमारे पास टाइम नहीं है और इतना वक्त
8:12
हम कैसे आपके साथ बैठ सकते हैं भई? और
8:14
जुनैद ने मुझे बताया कि आप बहुत एक्सट्रीम
8:16
किस्म के इंसान हो। पेंडुलम टाइप के।
8:19
फिल्में करनी है तो सिर्फ फिल्म करनी है।
8:21
अब फिल्म से आपको गुस्सा आ गया फैमिली के
8:23
साथ तो मतलब पूरा वक्त फैमिली के साथ। एक
8:26
बैलेंस भी होता है लाइफ में जो और ना
8:27
नॉर्मल लोग जीते हैं। वो फैमिली के साथ भी
8:30
रहते हैं, काम भी करते हैं। वो क्यों नहीं
8:32
ट्राई करते आप?
8:33
पर मुझे ऐसा लगता है आमिर भाई आप जैसा
8:34
क्रिएटिव आदमी
8:35
अगर आप फैमिली के साथ बोलोगे कि अब मुझे
8:37
काम नहीं करना है, मुझे फैमिली के साथ ही
8:39
बैठना है।
8:39
थोड़ी देर बाद फिर वो आईडियाज आपको तंग
8:41
करेंगे।
8:42
तो ये चीज उन्होंने मुझे समझाई के यार आप
8:44
ऐसा मत करो। उन्होंने मेरे बच्चों ने मुझे
8:46
कंविंस किया कि आप ये फैसला ऐसा मत लो। आप
8:49
काम भी करो। और हमारा हम तो है ही साथ में
8:51
आपके। तो अब जो है मैं बैलेंस लाइफ जीने
8:53
की कोशिश कर रहा हूं। आपको पता है आपने जो
8:55
गिल्ट वाली बात बोली ना भाई आपके घर पे हम
8:57
लोग दो-ती साल पहले हम लोग म्यूजिकल जब कर
8:59
रहे थे है ना तब आपने यह बात बताई थी मुझे
9:02
और मैंने घर जाके ये बात गिन्नी को भी
9:03
बोली मैंने कहा यार हम लोग आपको इतना
9:05
एडमायर करते हैं आमिर भाई कि आपके काम को
9:07
लेकर आपकी फिल्मों के माध्यम से ही आपको
9:08
जानते थे
9:09
तो चलो बाद में मौका मिला आपसे मिलने का
9:11
लेकिन मुझे वही था कि यार फिल्मों से
9:13
फिल्में देख के आपका काम देख के हम जितना
9:15
थोड़ा बहुत सीख पा रहे हैं वो तो अलग है
9:17
लेकिन अगर आपकी ऐसी बातों से सुन के अगर
9:20
कल को हमें ना ये बोलना पड़े जैसे आप बोल
9:22
रहे हो कि यार
9:23
इतना काम करना के बाद आज आपको दुनिया
9:25
परफेक्शनिस्ट बोलती है पर आप खुद बोल रहे
9:27
हो कि यार अच्छा मैं ना ये मामले में
9:29
थोड़ा मुझे लगता है कि मैंने टाइम कम दिया
9:31
तो मैंने बड़ा टाइम देना शुरू कर दिया तो
9:33
इसलिए मैं कह रहा हूं कि मतलब उसने मुझसे
9:36
मतलब कुछ कभी लिया नहीं है कुछ मांगा नहीं
9:39
है
9:39
हां मैंने देखा बड़ी बार उसके वीडियोस आते
9:40
हैं ना ऑटो में बैठ के जा रहा है हां उसको
9:42
मैंने कई दफा बोला यार गाड़ी तो ले लो
9:44
मुझे
9:44
मुझे लगा आमिर भाई ने मना किया होगा कि
9:46
नहीं नहीं तेल बड़ा महंगा है तू अपने देख
9:47
ऑटो [हंसी]
9:50
नहीं वो वो अलग किस्म का आदमी है तो वो
9:53
कहता जब मुझे जरूरत होगी मैं ले लूंगा।
9:55
अभी क्या जरूरत है? पहले मुझे काम करने
9:57
दो, कुछ बनने दो।
9:58
पर अच्छी बात है।
9:59
वो अच्छी बात है। मुझे एक्चुअली आई फील
10:00
वैरी प्राउड एस अ फादर के रीना की परवरिश
10:03
है। मेरा भी इसमें कंट्रीब्यूशन है यकीनन।
10:06
लेकिन जो दोनों बच्चे हैं हमारे और आजाद
10:08
भी दिल के बड़े अच्छे हैं। बहुत ही साफ
10:10
दिल हैं। दूसरों की कदर करना, दूसरों के
10:14
बारे में सोचना। तो दीज़ आर क्वालिटीज
10:16
व्हिच आर यू नो वेरी वंडरफुल क्वालिटीज इन
10:19
अ पर्सन। तो एज अ फादर मुझे लगता है कि
10:21
यार मैं बड़ा खुश हूं कि मेरे बच्चे जो
10:22
हैं वो
10:23
संवेदनशील हैं, सेंसिटिव हैं। आपने अपने
10:26
पापा को बताया था। कब बताया था आपने कि
10:28
मुझे एक्टर एक्टर बनना है। ओह यह तो बहुत
10:32
मैं [गला साफ़ करने की आवाज़] हम लोग बहुत
10:32
डरते थे जैसे मैंने कहा अब बजान से। तो
10:34
मेरा एक दोस्त था आदित्य भट्टाचार्य। उसने
10:37
वो हम लोग क्लास में साथ में स्कूल में
10:38
साथ में थे और उसको एक शॉर्ट फिल्म बनानी
10:41
थी क्योंकि उसको फिल्म मेकर बनना था।
10:43
अच्छा जी।
10:44
बासु भट्टाचार्य का बेटा आदित्य
10:46
भट्टाचार्य।
10:46
ओके।
10:47
जिसने बाद में राख बनाई थी।
10:48
ओके। मेरे साथ तो ये उसकी पहली फिल्म थी
10:52
एज अ स्टूडेंट फिल्म मतलब 30-40 मिनट की
10:54
फिल्म थी शॉर्ट फिल्म मैं उसका एक्टर भी
10:56
था। उसका प्रोडक्शन मैनेजर भी था। उसका
10:59
स्पॉट बॉय भी था और हर काम हम साथ में
11:02
करते थे। और उस वक्त मेरे मन में ऐसा नहीं
11:05
था कि मैं एक्टर बनूंगा या मुझे इस लाइन
11:08
में आना है। तो जब 10थ स्टैंडर्ड के बोर्ड
11:10
एग्जाम्स खत्म हुए तो हमने वो फिल्म एक
11:13
महीने में बनाई।
11:14
ओके? छुट्टियों में और घर पर मैंने किसी
11:16
को बताया नहीं कि मैं एक फिल्म पर काम कर
11:19
रहा हूं। वैसे भी स्टूडेंट फिल्म थी कौन
11:21
देखने वाला था? वो फिल्म मैंने की उस पर
11:25
काम किया और वो जो एक महीना मेरा बीता
11:28
उस एक महीने में मुझे रियलाइज हुआ कि यार
11:31
ये मेरी जिंदगी है और उस वक्त मेरे माइंड
11:33
में क्लियर हो गया कि यार मुझे फिल्मों
11:34
में आना है। ना सिर्फ एज एन एक्टर बट एज अ
11:36
फिल्म मेकर आल्सो। लेकिन घर पे हिम्मत
11:39
नहीं हुई बोलने की कि मैं फिल्म कर चुका
11:40
हूं।
11:40
हम
11:41
तो इत्तेफाक से
11:43
आदित्य ने एक स्क्रीनिंग रखी थी शबाना जी
11:45
के लिए। तो फिल्म खत्म हुई। शबाना जी ने
11:48
कहा कि भाई फिल्म तो मुझे समझ में नहीं
11:50
आई। लेकिन उन्होंने कहा ये लड़का कौन है
11:52
यार? ये आदित्य की मम्मी ने कहा पीछे बैठा
11:54
है वो। तो मैं खड़ा हो गया। शबाना जी ने
11:57
कहा आपका नाम क्या है? मैंने कहा आमिर तो
11:59
उन्होंने कहा रिंकी ने रिंकी आंटी ने कहा
12:02
ये तो ताहिर साहब का बेटा है।
12:04
अच्छा।
12:04
उस वक्त शबाना जी मेरे फादर के साथ फिल्म
12:06
कर रही थी।
12:07
अच्छा।
12:07
खून की पुकार।
12:09
तो शी सेड अरे आप ताहिर साहब के बेटे हो।
12:11
मुझे बताना पड़ेगा उनको कि आप इतने अच्छे
12:13
एक्टर हो। जब उन्होंने तारीफ शुरू की, तो
12:15
मैं बहुत खुश हो गया। लेकिन, जब उन्होंने
12:16
यह कहा कि अब्बा जान ताहिर साहब को बताना
12:19
पड़ेगा कि आप इतने अच्छे एक्टर हैं। मैं
12:20
बोला, "नहीं, "नहीं, "नहीं, "नहीं, "नहीं,
12:20
"नहीं, "नहीं नहीं, उनको मत बताओ। उनको
12:21
पता ही नहीं है, मैंने फिल्म की है।"
12:23
अच्छा अब्बा जान का गुस्सा इतना फेमस था,
12:25
उनको भी डांट पड़ चुकी थी जमाना जी को
12:27
दो-तीन दफा।" तो उन्होंने कहा अच्छा अच्छा
12:28
हां ठीक है ठीक है मैंने वो फौरन समझ गई
12:30
कि हां अब्बा जान को नहीं बताना है उसके
12:32
बाद जब मैंने अपनी 12वीं पास किया उसके
12:35
बाद मैंने अम्मी अब्बा जान से कहा कि मुझे
12:37
अभी एज एन असिस्टेंट डायरेक्टर काम शुरू
12:40
करना है और कई लोगों के नाम मैंने लिखे थे
12:42
एज डायरेक्टर्स जिनके साथ शेखर कपूर के
12:44
साथ मैं काम करना चाह रहा था उनसे कई दफा
12:46
मैं मिला भी लेकिन वहां मुझे काम नहीं
12:49
मिला तो दैट वाज़ द फर्स्ट टाइम जब मेरी
12:52
फैमिली को पता चला कि मुझे फिल्मों में
12:53
आना है और जुनैद ने आपको कब बताया जुनैद
12:56
जब वो वो थिएटर पढ़ने जाना चाह रहा था तब
12:59
उसने मुझसे कहा कि यार आई वांट टू लर्न
13:01
थिएटर। ये एक तो बहुत मुश्किल लाइन है।
13:04
दूसरा ये कि मैं आपको यह बताना चाहता हूं
13:07
कि अगर आपका काम मुझे पसंद नहीं आया या
13:09
मुझे नहीं लगा आपके अंदर पोटेंशियल है तो
13:11
आप यह कभी सोच के मत बैठना कि मैं आपको
13:15
फिल्म बना के दूंगा या मैं आपको सपोर्ट
13:17
करूंगा क्योंकि मैं पूरी सच्चाई से
13:19
फिल्मों में काम करता हूं और मैं अपने
13:21
ऑडियंस को कभी झूठ नहीं बोल सकता। तो वो
13:23
सुनता रहा। उसने कहा कि पापा आपसे मुझे
13:25
कुछ एक्सपेक्ट भी नहीं था। मुझे पता है आप
13:27
किस टाइप के आदमी हो। और ना मुझे वो हेल्प
13:29
चाहिए। एज अ फादर जो कुछ आपको पढ़ना है,
13:32
जो कुछ आपको सीखना है उसमें मैं जरूर आपको
13:35
हेल्प करूंगा। उसके आगे जो है आपको अपना
13:37
करियर खुद बनाना है। और मुझे बड़ी खुशी है
13:40
कि मैं वो उसी राह पे चल रहा है। उसकी दो
13:42
फिल्में आई हैं। एक महाराज जो लोगों को
13:44
बहुत पसंद आई थी और एक उसकी फिल्म आई थी
13:47
लव यापा जो इतनी नहीं चली।
13:49
जी जी।
13:49
लेकिन मुझे तो उसका काम उसमें भी अच्छा
13:51
लगा था। और मुझे फिल्म भी पसंद आई थी। तो
13:53
जब लव यापा भाई इतना नहीं चली तो फिर उसका
13:55
क्या क्या रिएक्शन था आपके साथ डिस्कस
13:57
किया उसने कुछ
13:58
एक्चुअली मुझे तो बड़ा दुख हुआ जब उसकी
14:01
फिल्म नहीं चली क्योंकि एज अ फादर आप
14:03
प्रोटेक्टिव होते हो अपने बच्चे को लेकर
14:05
अच्छा मैंने उससे कहा भी था कि आप मेरे
14:06
बेटे हो तो आपको खास मुश्किल होगी क्योंकि
14:09
उसका कंपटीशन सीधा आमिर खान [हंसी]
14:11
हर आदमी आपको मुझसे कंपेयर करेगा तो आपको
14:13
फेयर चांस मिलना बहुत मुश्किल है
14:15
और आज की डेट में तो भाई मुझे ऐसा लगता है
14:17
कि अब ओटीटी वर्ल्ड है
14:19
अब इतना एक्सेस हो गया इतना कंटेंट बन रहा
14:21
है ऊपर से ये नया जो सोशल मीडिया अब आया
14:24
है उसमें भी ये तो आपके लिए भी नया है
14:25
हमारे लिए भी नया है और नई जनरेशन के लिए
14:27
तो चलो है ना है ही ये सब चीजें भी मुझे
14:30
लगता है एज एन एक्टर आपको अपने ऊपर जो काम
14:32
करना पड़ता है साथ में ये ये तैयारी अलग
14:34
से करनी पड़ती है आजकल की
14:36
सही
14:36
कि लोग जो रिएक्शन देते हैं चाहे अच्छे
14:38
दें चाहे बुरे दें जो वो जब होता है तो
14:40
उसके ऊपर आपको कैसे रिएक्ट करना है या
14:42
नहीं भी करना है तो अपने दिमाग को कैसे
14:43
शांत रखना है एक एक्टर के लिए एक क्रिएटिव
14:45
इंसान के लिए फीडबैक बहुत जरूरी होता है
14:48
और असली फीडबैक बहुत जरूरी होता है कि
14:50
एक्चुअली ऑडियंस को क्या लग रहा रहा है।
14:52
अनफॉर्चूनेटली आजकल सोशल मीडिया पे क्या
14:54
होता है कि सच्चाई कितनी है उसमें हमको
14:56
समझ में नहीं आती।
14:57
हम
14:58
पेड बॉट्स बहुत होते हैं।
14:59
राइट?
15:00
और लोगों लोग पैसा देके आपके बारे में या
15:03
तो अच्छा लिखा सकते हैं या बुरा भी
15:06
लिखवाते हैं। [हंसी]
15:09
तो ये सब भी चलता है। तो जरूरी ये होता है
15:12
क्रिएटिव इंसान को ये समझना आज के दौर में
15:14
कि भाई ये जेन्युइन रिएक्शन है कि ये
15:16
जेन्युइन नहीं है।
15:17
और वो भी काफी आसान होता है समझने के लिए।
15:19
जैसे मुझे यह लगता था कि जब तक आप फादर
15:22
नहीं बनते हो, आप अपने फादर को नहीं समझ
15:24
पाते हो, जहां वो काफी हद तक बात सही भी
15:26
है। बिल्कुल है ना?
15:27
बिल्कुल सही बात है।
15:27
पर कई चीजें ऐसी हैं जो आपको बच्चे सिखा
15:29
देते हैं शायद जाने अनजाने में।
15:31
हां।
15:31
जैसे मेरी बेटी होने के बाद
15:33
तो मेरी इंग्लिश इंप्रूव हो गई फॉर
15:35
एग्जांपल।
15:35
तो क्योंकि और किसी के साथ बात करता मैं
15:37
झिझकता था।
15:38
तो बीवी के साथ भी नहीं करता था। मुझे था
15:40
कि ये गलती निकाल देगी मेरी। है ना? तो
15:42
अनायरा के साथ मैं बड़ी बात करता हूं।
15:44
हां। हां
15:44
तो अभी वो मेरे को मराठी वर्ड भी सिखाती
15:46
है। एक आती है।
15:48
आपने कुछ सीखा जुनैद से उसकी ऑनेस्टी उसकी
15:51
लेवल ऑफ इंटेग्रिटी उसकी जो केयरिंगनेस
15:54
है। हालांकि ये सारी क्वालिटीज काफी हद तक
15:57
मुझ में भी है। लेकिन जब आप ये क्वालिटीज
15:59
अपने बच्चे में देखते हो ना तो एक अलग
16:01
किस्म की फीलिंग आती है। कोविड के दौरान
16:04
मुझे याद है कि रीना के पेरेंट्स नाना
16:06
नानी जो जुनेद के नाना नानी है वो उनको
16:09
दोनों को कोविड हो गया था। घर से कोई था
16:10
नहीं। वो अकेले रहते थे। तो रीना का मुझे
16:13
फोन आया कि मम्मी डैडी को कोविड हो गया।
16:15
हम लोग सोचते हैं क्या करें? इतने में कि
16:17
हम लोग मतलब 5 मिनट के में डिस्कशन करें।
16:19
हमको पता चला कि जुनेद वहां ऑलरेडी पहुंच
16:21
गया। वो दो हफ्ते उनके साथ रहा। उनके लिए
16:24
खाना बनाया, कपड़े धोए। उनकी देखभाल की।
16:26
किसी को बोलने की जरूरत भी नहीं थी। ना
16:28
मुझे बोलने की जरूरत थी, ना रीना को बोलने
16:30
की जरूरत थी। उसको पता चला ही और वो सीधा
16:32
वहां पहुंच गया घर पे उनके। तो यह सारी
16:35
क्वालिटीज में देख के मुझे बहुत प्राउड
16:37
फील होता है कि इतना मोहब्बती लड़का है वो
16:40
और उसमें स्ट्रेंथ बहुत है। स्ट्रेंथ ऑफ
16:43
कैरेक्टर बहुत है। तो उससे मुझे एक्चुअली
16:46
सीखना तो कम लेकिन ये चीजें मुझे रियलाइज
16:48
बहुत हुई कि ये क्वालिटीज कितनी
16:50
इंपॉर्टेंट होती हैं हम
16:52
एक इंसान के लिए।
16:54
भाई अभी जैसे ना मेरा कभी-कभी मन में आता
16:55
है कि मैं जाऊं कभी फिल्म स्कूल जाऊं।
16:58
हां
16:59
कि पहले तो जब अमृतसर में थे तो ऑब्वियसली
17:01
अफोर्ड भी नहीं कर सकते देना कोई फिल्म
17:02
स्कूल वहां पे तो ऐसा कुछ था भी नहीं या
17:04
तो एनएसडी गए हमारे कुछ जानकार और वो भी
17:07
आई थिंक बहुत सारे लोगों को पता नहीं होगा
17:08
एक स्टेट में एक ही बंदा सिलेक्ट करते थे
17:10
वो भी ऑल इंडिया 20 22 एंट्रीज लेते हैं
17:13
वो
17:13
तो वहां पे तो और यहां का तो हमें पता ही
17:16
नहीं था कि अप्रोच कैसे करना है पुणे तक
17:17
तो अब जाके मुझे लगता है कि मुझे मेरा
17:19
बड़ा इंटरेस्ट होता है कभी-कभी कि यार
17:21
फिल्म मेकिंग सीखनी है
17:22
फिल्म मेकिंग के बारे में है ना कुछ जाने
17:25
या हालांकि वो टाइम भी नहीं लग पा रहा है
17:27
क्योंकि एक तरफ जब आपका काम चल रहा हो
17:30
आप कैसे वक्त निकालो
17:31
है ना हां वक्त वक्त निकालो और निकलने भी
17:33
नहीं देते हैं लोग और आपको भी लग रहा है
17:34
कि चलो पैसे आ रहे हैं तो क्या ही है वो
17:36
सीख के भी तो हमने कुछ करियर वाइज ही कुछ
17:38
करना है ना तो वो चल रहा है पर मेरा बड़ा
17:40
मन होता है भाई कभी-कभी ना पर मैं इसलिए
17:42
ये सवाल पूछा कि बड़े सारे लोग हैं जो
17:45
मुंबई आना चाहते हैं ट्राई करना चाहते हैं
17:48
उनको अगर आमिर खान सजेस्ट करना चाहे
17:51
क्या करना चाहिए उनको क्या तैयारी करके
17:52
आना चाहिए
17:53
मैं दो तीन चीजें यहां कहना चाहूंगा एक तो
17:55
ये है कि मेरी जो ट्रेनिंग हुई है मैं कोई
17:57
फॉर्मल फिल्म स्कूल नहीं गया हूं
17:59
मेरी ट्रेनिंग गुरुकुल स्टाइल में हुई है
18:01
और उस वक्त मुझे पता भी नहीं था कि मेरी
18:03
ट्रेनिंग हो रही है क्योंकि मैं बच्चा था
18:04
मुझे मजा आ रहा था।
18:05
हम
18:06
तो मैंने घर पे जो काम देखा होते हुए
18:08
अब्बा जान का चाचा का उससे मैंने सीखा और
18:11
मैं भी कभी-कभी सोचता हूं कि यार मुझे
18:12
मौका मिले तो मैं फिल्म स्कूल जाऊं।
18:14
सीरियसली हां हां कभी-कभी मैं भी सोचता
18:16
हूं और ये अच्छी बात है कि आप जिंदगी में
18:20
कोई वक्त ऐसा नहीं आता जो आपको लगता है कि
18:22
मतलब मुझे तो कभी ऐसा नहीं लगता कि मैं
18:24
एकदम अभी परफेक्ट हो गया हूं। कोई शर्म की
18:26
बात नहीं है कि इस ऐज में भी आप और मैं
18:28
जाके हम लोग स्कूल में बैठे हैं या कॉलेज
18:29
में बैठे हैं और सीखें। इसमें कोई
18:30
प्रॉब्लम नहीं है। तो मैं एक्चुअली
18:33
यंगस्टर्स को यह कहना चाहूंगा कि उस वक्त
18:35
तो इतना था भी नहीं यू नो फिल्म स्कूल्स
18:37
वगैरह जो कोई भी फिल्मों में आना चाहता है
18:39
आई थिंक सबसे पहले तो आपको राइटिंग सीखनी
18:43
चाहिए। भले आप फाइनली राइटर बने या ना बने
18:46
हम
18:46
लेकिन राइटिंग की समझ होनी चाहिए आपको। तो
18:49
अगर कोई एक कोर्स है जो मैं कहूंगा बच्चों
18:51
को करने वो वो है राइटिंग का। अगर आप
18:54
उसमें बहुत डीपली इन्वॉल्व होना चाहते हैं
18:55
तो दो-ती साल के कोर्सर्सेस होते हैं।
18:58
लेकिन अगर आप एक बेसिक अंडरस्टैंडिंग भी
18:59
चाहते हैं तो दो-ती महीने के कोर्सर्सेस
19:01
भी होते हैं
19:02
राइटिंग के। तो राइटिंग बहुत जरूरी है हर
19:04
डिपार्टमेंट के लिए। बाद में आप एक्टर
19:06
बनो, डायरेक्टर बनो। लेकिन राइटिंग की समझ
19:09
बहुत इंपॉर्टेंट होती है। तो वो एक बहुत
19:12
इंपॉर्टेंट बेस बनाती है आपके लिए। कहानी
19:15
की समझ। दूसरी चीज मैं ये कहूंगा के जो
19:18
मैंने बहुत सारे यंगस्टर्स को कहा है
19:20
लेकिन किसी ने मेरी बात मानी नहीं अभी तक।
19:22
क्या अपना देश घूमो हम
19:26
चार पांच दोस्त इकट्ठा हो जाओ सेफ्टी का
19:28
ध्यान रखो जाहिर है हम लेकिन एक ग्रुप
19:30
बनाओ और आप कश्मीर से कन्याकुमारी
19:35
एक साल या दो साल में आप ट्रैवल करो
19:38
अलग-अलग राज्यों में जाओ अलग-अलग शहरों
19:40
में जाओ अलग-अलग गांव खेड़े में जाओ और ये
19:43
2 साल आप अपने आप की देखभाल करना खुद सीखो
19:46
हमाली करो कमाओ जैसे करना है आप सर्वाइव
19:49
करो 2 साल आप सर्वाइव करो और देश घूमो। यह
19:53
2 साल के बाद जो आपको सीख मिलेगी वह कोई
19:58
कॉलेज यूनिवर्सिटी आपको नहीं सिखा सकती।
20:01
जो बच्चे ने 2 साल अपने खुद के देश में
20:04
वक्त बिताया है लोगों से से मिलकर उनसे
20:08
सीखना
20:10
रिश्ते बनाना वो जब आप सीखोगे वो जब आप कर
20:14
कर लोगे हम
20:15
तो ऐसी कोई प्रॉब्लम नहीं है लाइफ में
20:18
जिसका आप सामना नहीं कर पाओगे उसके बाद
20:20
एक्चुअली
20:21
यू विल बी रेडी फॉर लाइफ।
20:23
बिल्कुल भाई टोटली एग्री। मैं ये रिलेट
20:25
इसलिए भी कर पा रहा हूं भाई जब हम लोग
20:26
नए-नए आए ना अमृतसर से तो स्टैंड अप
20:29
कॉमेडी नई-नई शुरू हुई थी मतलब टीवी पे तो
20:32
इतना घूमते थे ट्रेन में दिल्ली रहे,
20:35
जालंधर रहे, अमृतसर रहे। इतने लोगों से
20:38
मिलना नए-नए किरदार और कहीं ना कहीं वही
20:40
किरदार आपके सबकॉन्शियस माइंड में बैठे
20:42
होते। कभी कुछ करना हुआ। अच्छा एक ऐसा
20:44
पुलिस वाला था उससे मिला था। अच्छा ये
20:45
करते हैं। अच्छा एक बस कंडक्टर फलाना मिला
20:48
था। अब जब टीवी पे आए वो किया वो सारा
20:50
एक्सपीरियंस काम आया लेकिन अब आप एक-एक
20:52
बबल में भी बन जाते हो कि बिल्कुल मैकेनिक
20:55
मैकेनिज्म चेंज हो गया कि काम जा रहे हैं
20:57
घर आ रहे हैं ऑफिस जा रहे हैं अब वो लोगों
20:59
से मिलनाजुलना छूट गया मैं नवाज भाई से
21:01
नवाज भाई के साथ बैठा था एक दिन वो भी यही
21:03
बोल रहे थे कहते यार अब ना जो तैयारी होती
21:06
है ना हम सोच के थोड़ी कर रहे थे वो तो हो
21:07
रही थी ना हो रही थी
21:09
अब बोलते हैं कि जब काम मिलना शुरू हो गया
21:12
अब वो प्रैक्टिस भी जरूरी है लेकिन वो छूट
21:14
जाती है
21:14
वो छूट जाती है
21:15
तो आई आई टोटली एग्री भाई कि अपना देश घूम
21:17
लो मुझे मुझे लगता है पूरी
21:18
वो जो एक्सपीरियंसेस आपको मिलेंगे वो आपको
21:20
जो तपाएंगे
21:22
जी
21:22
दैट इज व्हाट विल रियली टीच यू द लेसंस ऑफ़
21:25
लाइफ।
21:25
एक बात भाई मेरे को आपको जाननी थी अभी
21:27
जैसे जुनैद की मूवी आ रही है।
21:28
हां
21:29
नॉर्मली हमें क्या होता है कि हमारे कोई
21:31
प्रोडक्ट रिलीज हो रहा है तो हम पूरा फोकस
21:33
उस पे कर देते हैं।
21:34
जी
21:34
आपकी खुद की प्रोडक्शन में फिल्म आ रही
21:36
है।
21:37
आपको मैंने देखा है किसी और की फिल्म थी।
21:38
हां हां हां हां देवन को आप प्रमोट करने
21:40
जा रहे थे।
21:41
हां हां दबकारो।
21:43
वो एक्चुअली वो देवन मेरा बहुत पुराना
21:44
दोस्त है। जोजीता वही सिकंदर में हम लोग
21:46
साथ लेकिन उससे पहले से मैं उसको जानता
21:48
हूं। आप सही कह रहे हो कि मुझे एक्चुअली
21:50
अपनी फिल्म प्रमोट करनी चाहिए। लेकिन क्या
21:52
है मैं क्रिएटिव इंसान हूं और मैं भी
21:53
ऑडियंस हूं और हालांकि हमने भी अच्छी
21:56
फिल्म बनाई है और अलग किस्म की फिल्म है।
21:57
लव स्टोरी है उसकी
21:59
ड्रामा है। इमोशनल ड्रामा है। तो मुझे
22:01
मतलब मुझसे रहा नहीं गया। मैं जब बाहर आया
22:04
मीडिया थी वहां पे। मैंने कहा प्लीज आप
22:05
लोग पहले देवन की फिल्म देखो।
22:07
उसके बाद मेरी फिल्म देखना आप लोग।
22:09
आप ऐसे बोल रहे हो और अच्छी बात है अच्छी
22:11
फिल्मों को प्रमोट भी करना चाहिए।
22:13
जी जी।
22:13
मेरा तो काम है आमिर मेरे तो शो में मतलब
22:15
हम लोग कितनी सारी फिल्में देखते हैं पर
22:16
आप जो कर रहे हो वो दिल से कर रहे हो
22:18
क्योंकि आपको जो चीज़ अच्छी लगी है वो बड़ी
22:20
अच्छी बात है भाई आपकी आपकी भी तो फिल्म
22:22
लग रही है
22:22
जी आप भी अलग-अलग [हंसी] लोगों के प्रमोशन
22:24
करते रहते हो मुझे भी हेल्प करते हो
22:26
मैं तो भाई मैं हेल्प नहीं अभी 8 मई को आ
22:28
रही है फिल्म
22:29
जी जी जी
22:30
दादी की शादी
22:30
जी जी दादी की शादी
22:31
मैंने ट्रेलर देखा मुझे बहुत पसंद हां
22:34
मुझे बहुत पसंद आया और नीतू जी का तो मैं
22:36
बहुत बड़ा फैन हूं और आपका भी बहुत बहुत
22:37
बड़ा फैन
22:38
जी ने थैंक यू थैंक यू भाई
22:39
तो बहुत एंटरटेनिंग फिल्म लग रही है भी
22:41
उसमें
22:41
हां लिखत भी है उसमें लिखत भी है शी टोल्ड
22:43
मी कि बहुत मजा आया शूटिंग पे। शिमला में
22:45
शूटिंग की हमने शिमला में शूटिंग। तो इसके
22:47
बारे में थोड़ा बताइए ना क्या इसका क्या
22:49
प्लॉट किया है? क्या कहानी है इसको? दादी
22:51
की शादी लोगों को सुनके लगता है कि अच्छा
22:52
इसमें कॉमेडी होगी। ठीक है वो तो होगी। एक
22:55
होगी ही तो ये एक ऐसी कहानी है। बड़ी
22:58
खूबसूरत मुझे लगी कि एक मां है जो पहाड़ों
23:00
में रहती है। और बेटे आसपास ही हैं। कहीं
23:02
देहरादून और एक दिल्ली में है। दो-तीन भाई
23:04
बहन है। बहन की भाई से नहीं बन रही है।
23:06
कम्युनिकेशन गैप नहीं होता। कई बार हम लोग
23:08
बात ही नहीं करते हैं। बात छोटी सी होती
23:10
है। कर ले तो सॉल्व हो जाती है। नहीं करते
23:12
तो तो मां को शायद ये मिल नहीं पाते
23:16
क्योंकि इनके भी बच्चे हो गए आ गए।
23:19
तो मां से जब ये मिलते हैं साल बाद या 2
23:22
साल बाद तो मां का पॉइंट ऑफ व्यू कोई नहीं
23:26
जानना चाहता कि यार मां क्या फील कर रही
23:27
है। वो तो अपने मां पे बिजी हो गई। लेकिन
23:29
फिर मां कैसे सबको लगता है कि हमारी जो
23:32
दादी है वो मां है जो हमारी शादी कर रही
23:35
है। वो क्या है वो आगे वो ट्विस्ट वो सारी
23:37
वो तो फिल्म में हम देखेंगे हां। पर वो
23:39
कहानी इतनी प्यारी लगी मुझे कि मुझे लगा
23:41
यह बेसिकली इट्स अ फैमिली ड्रामा।
23:43
इट्स अ फैमिली ड्रामा हां विथ ह्यूमर विद
23:45
ह्यूमर हां हां मुझे ऐसी फिल्में बड़ी
23:47
पसंद है। तो मैं बेसिकली इमोशनल किस्म का
23:49
आदमी हूं। तो मुझे ऐसी फिल्में पसंद है
23:51
जिसमें कुछ इमोशन हो कुछ जज्बात हो। दिल
23:54
को छू जाए।
23:55
जी
23:55
और हंसाए भी, रुलाए भी दोनों। भाई इतना
23:58
कुछ आपने इतना कुछ किया, इतनी लंबी जर्नी
24:00
है। आप बोलते हो कि मुझे अभी फिल्में बड़ी
24:02
कम करनी है या नहीं करनी। पर हम तो हमेशा
24:04
चाहते हैं कि आप आप करते रहे फिल्में।
24:06
नहीं अभी मैं पिछले आठ महीनों से काफी
24:08
कहानियां सुन रहा हूं। और दो-तीन अच्छी
24:10
कहानियां मुझे मिली है। तो अभी ये एक दिन
24:12
रिलीज हो जाए। इसके बाद मेरी फिल्म आ रही
24:15
है सनी देओल और राज संतोषी की।
24:18
जी जी जी।
24:18
तो ये अगस्त में आएगी।
24:20
ओके।
24:20
उसके बाद जो है सितेंबर में मैं एज एन
24:23
एक्टर काम शुरू करूंगा।
24:24
वाओ ग्रेट।
24:25
और इस दफा मैंने सोचा है कि मैं एक फिल्म
24:29
की शूटिंग मुकम्मल करके एक-दो महीने का
24:32
गैप लूंगा प्रिपरेशन के लिए। फिर दूसरी
24:35
फिल्म की शूटिंग करूंगा। फिर एकद महीने का
24:37
गैप लेके मैं तीसरी फिल्म की शूटिंग
24:39
करूंगा। तो लगातार दो-तीन फिल्में मैं
24:41
करूंगा।
24:42
ओके ग्रेट। लोगों को बड़ा बड़ी कंप्लेंट
24:44
रही है हमेशा मुझसे कि आप बहुत 3 साल में
24:46
एक फिल्म करते हो तो वो थोड़ा मैं फर्स्ट
24:49
टाइम मैं ऑडियंस की सुन रहा हूं। बहुत
24:51
बढ़िया भाई। हमें इंतजार है आपकी सारी
24:52
फिल्मों का। सो थैंक यू सो मच आमिर भाई।
24:54
आपके साथ जब भी मिलते हैं, जब भी मुलाकात
24:56
करते हैं, बड़ा कुछ सीखने।
24:57
अरे मुझे बड़ा मजा आता है आपसे बात करके।
24:59
थैंक यू। थैंक यू भाई। और ऑल द वेरी बेस्ट
25:01
फॉर एक दिन।
25:02
थैंक यू। और आपको भी ऑल द वैरी बेस्ट।
25:04
थैंक यू।
25:04
8 मई को आपकी फिल्म आ रही है।
25:05
जी जी जी थैंक यू।
25:06
8 मई से पहले दिखाइएगा मुझे।
25:07
डेफिनेटली डेफिनेटली भाई।
25:09
ओके ऑल द वै बेस्ट भाई। थैंक यू सो मच।
25:11
ऑल द वै
25:11
थैंक यू भाई।
25:13
[संगीत]
25:19
हम
25:24
[संगीत]
— end of transcript —
Advertisement
Ad slot

Trending Transcripts

Disclaimer: This site is not affiliated with, endorsed by, or sponsored by YouTube or Google LLC. All trademarks belong to their respective owners. Transcripts are sourced from publicly available captions on YouTube and remain the property of their original creators.