[00:00] तो अभी भी आपकी फिल्म आ रही है आपकी [00:01] प्रोडक्शन में। [00:02] हां एक जुनैद के साथ एक दिन नहीं एक दिन [00:04] तो आएगी आएगी। मतलब जब बना ली है तो एक [00:06] दिन तो आएगी। मैंने बहुत हैंडसम लग रहे हो [00:08] भाई आप। [00:08] अरे आप भी थैंक यू भाई। यही [संगीत] सुनना [00:10] चाहता था मैंने। तभी तो मेरी [हंसी] [00:12] अच्छा मैंने उससे कहा भी था कि आप मेरे [00:14] बेटे हो तो आपको खास मुश्किल होगी क्योंकि [00:17] उसका कंपटीशन सीधा वो हर आदमी आपको मुझसे [00:20] कंपेयर करेगा। तो आपको फेयर चांस मिलना [00:23] बहुत मुश्किल है। [संगीत] [00:30] आज हम एक ऐसी शख्सियत के यहां पे बैठे हैं [00:34] जिनको हम बड़े सालों से फॉलो कर रहे हैं [00:36] और उन्होंने जो भी ट्रेंड सेट किए वो भी [00:38] हम फॉलो करने की कोशिश करते हैं। हमने [00:41] टीशर्ट पहनना शुरू किया इन्होंने कुर्ते [00:43] पहनना शुरू कर दिया [00:45] और जब हमने कुर्ते खरीद लिए इनको देख के [00:47] ये वापस टीशर्ट में आ गए क्योंकि इतने [00:48] हैंडसम लग रहे हैं। आमिर भाई आपका [00:50] बहुत-बहुत स्वागत [हंसी] है। कैसे क्या कर [00:53] क्या रहे हो आप? यार नहीं चक्कर ये है कि [00:56] मैं कुर्ते इसलिए पहन रहा था उस वक्त [00:58] क्योंकि मैं जरा मोटा हो गया था। [00:59] अच्छा [01:00] हां तो वो मोटापा छुपाने के लिए मैं [01:02] कुर्ते पहनता था। तो अब थोड़ा मैं फिट हो [01:03] गया हूं तो दोबारा टी-शर्ट्स पे आ गया [01:05] हूं। [01:05] नहीं बहुत हैंडसम लग रहे हो भाई आप। [01:06] अरे आप भी [01:07] थैंक यू भाई। यही सुनना चाहता था मैंने [01:09] तभी तो मेरी तारीफ [हंसी] करेंगे। [01:11] अरे नहीं नहीं मैं तो बहुत बड़ा फैन हूं [01:13] आपका। [01:13] थैंक यू। थैंक यू। [01:14] आपके शॉट्स और वीडियोस मैं देखते रहता [01:15] हूं। मतलब मेरी जो रातों की नींद है वो [01:17] एकद घंटा डिले हो जाती है बिकॉज़ मैं आपके [01:19] वीडियोस देखता रहता हूं। [01:20] तो आपको क्या लगता है आमिर मतलब फोन-वोन [01:22] हमारी जिंदगी में आए हैं। बेहतर हुआ काम [01:24] के खराब हुआ काम। [हंसी] [01:25] ठीक है? देखो हर आदमी का अपना होता है। [01:28] कुछ लोगों के लिए फायदे की चीज है। मेरे [01:30] जैसे इंसान के लिए ये नुकसान की चीज है। [01:33] क्योंकि मुझे लगता है मैं मुझे मैं फोन से [01:35] खुश नहीं हूं। मैं बल्कि बीच में मैंने [01:36] दो-तीन साल फोन रखना बंद कर दिया था। फिर [01:39] काम की वजह से रखना पड़ा। लेकिन अब मैं [01:40] दोबारा सोच रहा हूं कि मैं फोन छोड़ दूं। [01:43] एक्चुअली भाई मैं भी कभी-कभी गांव जाता [01:44] हूं ना तो बड़े ना ऐसे आसपास जो लोग हैं [01:47] अपने गांव के [01:47] उनसे बैठता हूं, बातें करता हूं। उनमें से [01:50] किसी को पता नहीं है ब्लड प्रेशर की गोली [01:52] क्या होती है क्या नहीं मतलब वो लोग इतना [01:54] ऑर्गेनिक तरीके से रह रहे हैं नंगे पैर [01:56] खेतों में चल रहे हैं यार हम तो इतना सा [01:58] काम कर लेते हैं इतना दिमाग भागता रहता है [02:00] आप कितना कुछ देखते हो आप आप फिल्में खुद [02:02] भी करते हो प्रोड्यूस भी करते हो अभी भी [02:04] आपकी फिल्म आ रही है आपकी प्रोडक्शन में [02:06] हां जुनैद के साथ [02:07] [गला साफ़ करने की आवाज़] जुनैद एक दिन [02:07] नहीं एक दिन तो आएगी आएगी मतलब जब बना ली [02:09] है तो एक दिन तो आएगी [हंसी] [02:11] नहीं नहीं उसका नाम एक दिन [02:12] अच्छा हां एक दिन नाम है उसका [02:14] हां मैंने ट्रेलर देखा बड़ा मजेदार है [02:15] ट्रेलर उसका [02:16] हां हां [02:16] लव स्टोरी है और उसमें साईं पल्लवी भी है। [02:19] जी जी बड़ी बड़ी अच्छी [02:20] बहुत ही कमाल की एक्ट्रेस है। उसने इतना [02:22] खूबसूरत काम किया है इस फिल्म में। [02:24] ये जब मैंने कहानी सुनी थी ना एक दिन की [02:26] तो मुझे बहुत पसंद आई। उसका जो कांसेप्ट [02:28] है वो बहुत कमाल का है कि एक दिन में किस [02:30] तरह आपकी जिंदगी बदल सकती है या वो एक दिन [02:32] जिसने आपकी जिंदगी को बदल दिया हो। मुझे [02:35] पूछना था कि आपकी लाइफ में कैसे ऐसा कोई [02:37] एक दिन आया है जिसमें आपकी लाइफ बदल गई उस [02:39] दिन के बाद। मुझे लगता है कि ऐसे एक-एक [02:41] करके कई दिन आए हैं। कई दिन आए हैं। सो [02:45] प्रोफेशनली अगर बात करूं क्योंकि हम लोग [02:47] अपनी रोजीरोटी की तलाश में निकले थे घर से [02:49] और ये सब फिर जब टीवी पे पहली बार मौका [02:51] मिला [02:52] पर जिंदगी बदली बड़ी बार फॉर एग्जांपल [02:54] व्हेन आई लॉस्ट माय फादर आई वास 22 23 [02:57] तो एकदम से मैच्योर नहीं होता आदमी [02:59] क्योंकि हर बेटे के लिए अपने फादर से ही [03:02] आदमी सब चीजें सीखता है ना कि दुनियादारी [03:04] और ये सब तो बाप ही आप सिखाते हैं। [03:06] भले ही बिठा के ना सिखाए लेकिन आप देखकर [03:08] हां देख के सीखते हैं सीखते तो वो वो मिस [03:10] हो गया तो उसके बाद तो बस फिर निकल निकल [03:13] के जितना थोड़ा बहुत पता चला लाइफ का बस [03:15] ऐसे ही है। तो वो भी मुझे लगता है कि यार [03:17] बड़ा मिस होता है। [03:18] मेरे फादर दो दिन पहले जब उनको आईसीयू में [03:21] लेके गए उससे पहले दो दिन पहले बात कर रहे [03:23] थे मेरे साथ। [03:23] हम [03:24] कहते यार दो चीजें रह गई। [03:26] ओ [03:26] मैंने कहा क्या? [03:27] क्यों बोल रहे हैं ऐसा? मतलब रह गई क्या? [03:29] सडनली उनको [03:30] पता था उनको कि फाइनल स्टेज कैंसर है। [03:32] कितना खींच लेंगे? [03:34] अच्छा। [03:34] कहते यार एक तो घर बनाना था। [03:36] हां। [03:37] और दूसरा तेरी बहन की शादी करनी थी यार [03:40] तुम लोग तो कर लोगे अपना कुछ तो मैं अभी [03:42] 22 23 की उम्र में जितना मैंने कहा नहीं [03:44] डैडी कर लेंगे कोई नहीं जब आप ठीक हो [03:46] जाओगे तो चुप हो गए उसके बाद उनको ले गए [03:49] हम [03:49] तो फिर तो सीधा अ खबर ही आई कि चल बसे तो [03:54] मैं पर भाई उसके बाद अब पता नहीं मैं भी [03:58] पहली बार ये बात बोल रहा हूं पता नहीं [03:59] क्या मिरेकल हुआ कि जो बातें उन्होंने दो [04:02] बोली तो फादर गए तो मुझे एक रीजनल चैनल पे [04:05] कॉमेडी शो में पार्टिसिप करने का मौका मिल [04:06] गया। वहां पे पैसे तो नहीं मिलते थे पर एक [04:08] एक्सपीरियंस हो गया। उसके बाद नेशनल टीवी [04:10] पे मौका मिल गया। [04:11] उसी शो में जहां मेरा सिलेक्शन ही नहीं हो [04:13] रहा था। वहां पे मैं विनर बन गया। [04:15] बाद में पहले ऑडिशन में रिजेक्ट हुआ। [04:17] दूसरे में आया [04:19] और पूरी सीरीज का मैं विनर बना। [04:21] हां। [04:21] पैसे आने शुरू हो गए। शोज़ करने शुरू हो [04:24] गया। [04:24] तो 6 महीने बाद ही मेरी बहन की शादी थी। [04:27] शादी इतनी अच्छी हो गई। [04:28] ओके। [04:29] कि घर भी ले लिया। तो वो दो चीजें जो [04:31] उन्होंने बोली। मुझे ऐसा लगता है ऊपर जाके [04:32] फटाफट उन्होंने पहले मेरे ही काम कराए। [04:34] हेड ऑफिस में ना होता है कि यार पहले ये [04:36] दो काम हमारे पेंडिंग थे। [04:38] आपके भाई पीछे फैमिली की पिक्चर्स लगी हुई [04:40] है। [04:41] जी जी जी [04:41] तो आपके फादर साहब मैं जैसे देखा ना उनको [04:43] तो मुझे लगा [04:45] स्माइल ना जुनेद भी ऐसे मुस्कुराता है [04:46] अपने दादा की तरह [04:48] सही [04:48] तो भाई आपका आपके फादर के साथ रिलेशन कैसा [04:50] था? मतलब [04:51] अरे मैं बहुत डरता था बजान से। वो काफी [04:53] गुसैल थे और चारों बच्चे डरते थे उनसे तो [04:56] जब वो उनकी एक पर्टिकुलर स्टाइल थी घंटी [04:59] बजाने की। टै टै टै ऐसी घंटी बजती थी। तो, [05:02] हम लोग फौरन चूहों की तरह हम जैसे चूहे [05:04] बिल में नहीं भाग जाते, हम लोग अपने कमरे [05:05] में भाग जाते थे। क्योंकि वह कब भड़क जाए, [05:07] किस बात पे भड़क जाए। अभी मैं बिल में [05:09] भागता हूं बच्चे आते तो। [05:10] एक्चुअली ये बड़ा हो रहा है ना मतलब बड़े [05:12] लोग बोलते हैं कि यार हम लोग वो जनरेशन है [05:13] ये वाले दौर पे कि हम अपने मां-बाप से भी [05:16] डरते थे। हम अपने बच्चे [हंसी] [05:18] डरता तो नहीं हूं। [05:19] हां मतलब लेकिन ये अच्छी बात है कि मेरे [05:21] जो मेरा जो रिश्ता है बच्चों के साथ वो एज [05:23] अ फ्रेंड है। और पिछले चार पांच सालों में [05:25] तो और गहरा हो चुका है और मैं बहुत [05:27] रिलैक्स हूं अपने बच्चों के साथ। क्या [05:29] होता है जब बच्चे जब 18 साल के हो जाते [05:31] हैं ना तो फर्स्ट टाइम आपको रियलाइज होता [05:32] है कि यार ये एक्चुअली फुल एडल्ट हैं यार [05:35] हम [05:36] और इनकी अपनी अलग सोच है और अपनी अलग [05:38] थिंकिंग है तो वो वो जो ब्रिज है ना [05:41] क्योंकि तब तक आप उनको बच्चा मानते हो [05:44] और आप एक्सपेक्ट करते हो कि आप हर हर बात [05:46] आपकी सुन लें। लेकिन एक पॉइंट आता है जब [05:48] वो सुनना बंद करते हैं। उनकी खुद की [05:50] थिंकिंग होती है। वो वो एक जो है वो एक [05:53] बड़ा शिफ्ट होता है [05:54] हर मांबाप के लिए। जब आपको यह एक्सेप्ट [05:58] करना पड़ता है कि अब जो मेरे सामने जो [06:00] शख्स बैठा है वह ऑफ कोर्स मेरा बेटा है, [06:02] मेरी बेटी है। लेकिन वह भी एक एडल्ट है। [06:04] और मुझे उसको एज एन एडल्ट ट्रीट करना है। [06:07] और भाई मतलब ये जुनैद की स्क्रिप्ट आप [06:09] देखते हो पहले। [06:10] नहीं नहीं मैं उसकी स्क्रिप्ट्स में नहीं [06:12] पढ़ता। वो पसंद भी नहीं करता कि मैं उसके [06:14] करियर में दाखिल दखल अंदाजी करूं। [06:16] अच्छा। [06:16] वो गया था थिएटर सीखने। लॉस एंजेलिस। दो [06:19] साल थिएटर सीखा। फिर उसने एक साल वहां [06:21] थिएटरों में प्लेस भी किए। फिर लौट के आया [06:24] और यहां उसने थिएटर शुरू किया मुंबई में [06:27] ऑडिशनंस के लिए जाता था वो कास्ट एंड [06:29] डायरेक्टर्स के पास [06:30] ओके [06:30] और उस वक्त किसी को पता भी नहीं था कि वो [06:32] मेरा बेटा है। बताता नहीं था किसी को? [06:33] नहीं बता बताता नहीं था और मैंने भी किसी [06:35] को नहीं बताया। तो खैर वो एक दिन मुझे फोन [06:38] आया आदि चोपड़ा का। [06:39] अच्छा [06:39] के यार मैं जुनेद को ले रहा हूं फिल्म में [06:42] उसका नाम है महाराज। [06:44] वो बड़ी अच्छी फिल्म थी। [06:45] ये मुझे बाहर से पता लगा कि उसने ये फिल्म [06:47] साइन। [06:47] उसमें जुनेद की काफी तारीफ हुई थी। [06:48] जी जी अच्छा काम किया था। [06:50] तो उसने अपना करियर एक तरह से खुद ही [06:52] बनाया है। एक्चुअली सच कहूं कहूं कपिल तो [06:55] एज अ फादर उसने मुझे कुछ करने ही नहीं [06:57] दिया है। [06:58] आपको क्या मतलब क्या लगता है कि आप क्या [06:59] करना चाहते थे या कर सकते थे? [07:01] मतलब आई थिंक आपके शो पे ही बताया था [07:03] मैंने कि मैं जब कोविड आया तो जबरदस्ती घर [07:07] पे बैठना पड़ा तो अकेला था मैं और मैं [07:10] सोचा यार अपनी जिंदगी शुरू से लेके यहां [07:12] तक एक रिवाइंड किया मैंने एक तरह से और [07:15] फिर मुझे रियलाइज हुआ कि यार मैं अपने [07:17] परिवार के इतने नजदीक हूं मतलब दिल में [07:20] मैं अपने परिवार को अपने बच्चों को अम्मी [07:23] को इतना चाहता हूं लेकिन उनको वक्त नहीं [07:25] दे पाया मैं ये काम के नशे में मैंने उनको [07:30] वक्त नहीं दिया तो मुझे बहुत गिल्ट फील [07:32] हुआ उस वक्त। जुनैद बड़ा हो गया है, आईरा [07:34] बड़ी हो गई है। मैंने उनको वक्त ही नहीं [07:35] दिया है। तो फिर मैंने उस वक्त ये लाल [07:38] सिंह के बीच की बात है। लाल सिंह की [07:40] शूटिंग आधी हो चुकी थी। [07:42] जब कोविड शुरू हुआ तो मैंने उस वक्त फैसला [07:44] किया कि यार मैं अब फिल्म छोड़ने वाला [07:45] हूं। एक्टिंग, प्रोड्यूसिंग सब कुछ [07:48] प्रोडक्शन हाउस बंद करने वाला हूं। अब [07:49] मुझे अभी जो बाकी जिंदगी है मुझे अपने [07:51] परिवार के साथ गुजारनी है। 6 आठ महीने तक [07:54] तो मैं फैमिली के साथ पूरा वक्त बिता बिता [07:56] रहा था। और एक दिन जुनैद एंड आईरा ने मुझे [07:59] पकड़ के बोला कि आप कब तक करने वाले हैं [08:01] ये फुल टाइम? [08:02] अच्छा। [08:04] तो मैंने कहा कि भाई अब तो आपके साथ ही [08:06] हूं। तो उन्होंने कहा भाई हमारी भी जिंदगी [08:08] है। [08:08] अब हमारे पास टाइम नहीं है। [08:09] हां हमारे पास टाइम नहीं है और इतना वक्त [08:12] हम कैसे आपके साथ बैठ सकते हैं भई? और [08:14] जुनैद ने मुझे बताया कि आप बहुत एक्सट्रीम [08:16] किस्म के इंसान हो। पेंडुलम टाइप के। [08:19] फिल्में करनी है तो सिर्फ फिल्म करनी है। [08:21] अब फिल्म से आपको गुस्सा आ गया फैमिली के [08:23] साथ तो मतलब पूरा वक्त फैमिली के साथ। एक [08:26] बैलेंस भी होता है लाइफ में जो और ना [08:27] नॉर्मल लोग जीते हैं। वो फैमिली के साथ भी [08:30] रहते हैं, काम भी करते हैं। वो क्यों नहीं [08:32] ट्राई करते आप? [08:33] पर मुझे ऐसा लगता है आमिर भाई आप जैसा [08:34] क्रिएटिव आदमी [08:35] अगर आप फैमिली के साथ बोलोगे कि अब मुझे [08:37] काम नहीं करना है, मुझे फैमिली के साथ ही [08:39] बैठना है। [08:39] थोड़ी देर बाद फिर वो आईडियाज आपको तंग [08:41] करेंगे। [08:42] तो ये चीज उन्होंने मुझे समझाई के यार आप [08:44] ऐसा मत करो। उन्होंने मेरे बच्चों ने मुझे [08:46] कंविंस किया कि आप ये फैसला ऐसा मत लो। आप [08:49] काम भी करो। और हमारा हम तो है ही साथ में [08:51] आपके। तो अब जो है मैं बैलेंस लाइफ जीने [08:53] की कोशिश कर रहा हूं। आपको पता है आपने जो [08:55] गिल्ट वाली बात बोली ना भाई आपके घर पे हम [08:57] लोग दो-ती साल पहले हम लोग म्यूजिकल जब कर [08:59] रहे थे है ना तब आपने यह बात बताई थी मुझे [09:02] और मैंने घर जाके ये बात गिन्नी को भी [09:03] बोली मैंने कहा यार हम लोग आपको इतना [09:05] एडमायर करते हैं आमिर भाई कि आपके काम को [09:07] लेकर आपकी फिल्मों के माध्यम से ही आपको [09:08] जानते थे [09:09] तो चलो बाद में मौका मिला आपसे मिलने का [09:11] लेकिन मुझे वही था कि यार फिल्मों से [09:13] फिल्में देख के आपका काम देख के हम जितना [09:15] थोड़ा बहुत सीख पा रहे हैं वो तो अलग है [09:17] लेकिन अगर आपकी ऐसी बातों से सुन के अगर [09:20] कल को हमें ना ये बोलना पड़े जैसे आप बोल [09:22] रहे हो कि यार [09:23] इतना काम करना के बाद आज आपको दुनिया [09:25] परफेक्शनिस्ट बोलती है पर आप खुद बोल रहे [09:27] हो कि यार अच्छा मैं ना ये मामले में [09:29] थोड़ा मुझे लगता है कि मैंने टाइम कम दिया [09:31] तो मैंने बड़ा टाइम देना शुरू कर दिया तो [09:33] इसलिए मैं कह रहा हूं कि मतलब उसने मुझसे [09:36] मतलब कुछ कभी लिया नहीं है कुछ मांगा नहीं [09:39] है [09:39] हां मैंने देखा बड़ी बार उसके वीडियोस आते [09:40] हैं ना ऑटो में बैठ के जा रहा है हां उसको [09:42] मैंने कई दफा बोला यार गाड़ी तो ले लो [09:44] मुझे [09:44] मुझे लगा आमिर भाई ने मना किया होगा कि [09:46] नहीं नहीं तेल बड़ा महंगा है तू अपने देख [09:47] ऑटो [हंसी] [09:50] नहीं वो वो अलग किस्म का आदमी है तो वो [09:53] कहता जब मुझे जरूरत होगी मैं ले लूंगा। [09:55] अभी क्या जरूरत है? पहले मुझे काम करने [09:57] दो, कुछ बनने दो। [09:58] पर अच्छी बात है। [09:59] वो अच्छी बात है। मुझे एक्चुअली आई फील [10:00] वैरी प्राउड एस अ फादर के रीना की परवरिश [10:03] है। मेरा भी इसमें कंट्रीब्यूशन है यकीनन। [10:06] लेकिन जो दोनों बच्चे हैं हमारे और आजाद [10:08] भी दिल के बड़े अच्छे हैं। बहुत ही साफ [10:10] दिल हैं। दूसरों की कदर करना, दूसरों के [10:14] बारे में सोचना। तो दीज़ आर क्वालिटीज [10:16] व्हिच आर यू नो वेरी वंडरफुल क्वालिटीज इन [10:19] अ पर्सन। तो एज अ फादर मुझे लगता है कि [10:21] यार मैं बड़ा खुश हूं कि मेरे बच्चे जो [10:22] हैं वो [10:23] संवेदनशील हैं, सेंसिटिव हैं। आपने अपने [10:26] पापा को बताया था। कब बताया था आपने कि [10:28] मुझे एक्टर एक्टर बनना है। ओह यह तो बहुत [10:32] मैं [गला साफ़ करने की आवाज़] हम लोग बहुत [10:32] डरते थे जैसे मैंने कहा अब बजान से। तो [10:34] मेरा एक दोस्त था आदित्य भट्टाचार्य। उसने [10:37] वो हम लोग क्लास में साथ में स्कूल में [10:38] साथ में थे और उसको एक शॉर्ट फिल्म बनानी [10:41] थी क्योंकि उसको फिल्म मेकर बनना था। [10:43] अच्छा जी। [10:44] बासु भट्टाचार्य का बेटा आदित्य [10:46] भट्टाचार्य। [10:46] ओके। [10:47] जिसने बाद में राख बनाई थी। [10:48] ओके। मेरे साथ तो ये उसकी पहली फिल्म थी [10:52] एज अ स्टूडेंट फिल्म मतलब 30-40 मिनट की [10:54] फिल्म थी शॉर्ट फिल्म मैं उसका एक्टर भी [10:56] था। उसका प्रोडक्शन मैनेजर भी था। उसका [10:59] स्पॉट बॉय भी था और हर काम हम साथ में [11:02] करते थे। और उस वक्त मेरे मन में ऐसा नहीं [11:05] था कि मैं एक्टर बनूंगा या मुझे इस लाइन [11:08] में आना है। तो जब 10थ स्टैंडर्ड के बोर्ड [11:10] एग्जाम्स खत्म हुए तो हमने वो फिल्म एक [11:13] महीने में बनाई। [11:14] ओके? छुट्टियों में और घर पर मैंने किसी [11:16] को बताया नहीं कि मैं एक फिल्म पर काम कर [11:19] रहा हूं। वैसे भी स्टूडेंट फिल्म थी कौन [11:21] देखने वाला था? वो फिल्म मैंने की उस पर [11:25] काम किया और वो जो एक महीना मेरा बीता [11:28] उस एक महीने में मुझे रियलाइज हुआ कि यार [11:31] ये मेरी जिंदगी है और उस वक्त मेरे माइंड [11:33] में क्लियर हो गया कि यार मुझे फिल्मों [11:34] में आना है। ना सिर्फ एज एन एक्टर बट एज अ [11:36] फिल्म मेकर आल्सो। लेकिन घर पे हिम्मत [11:39] नहीं हुई बोलने की कि मैं फिल्म कर चुका [11:40] हूं। [11:40] हम [11:41] तो इत्तेफाक से [11:43] आदित्य ने एक स्क्रीनिंग रखी थी शबाना जी [11:45] के लिए। तो फिल्म खत्म हुई। शबाना जी ने [11:48] कहा कि भाई फिल्म तो मुझे समझ में नहीं [11:50] आई। लेकिन उन्होंने कहा ये लड़का कौन है [11:52] यार? ये आदित्य की मम्मी ने कहा पीछे बैठा [11:54] है वो। तो मैं खड़ा हो गया। शबाना जी ने [11:57] कहा आपका नाम क्या है? मैंने कहा आमिर तो [11:59] उन्होंने कहा रिंकी ने रिंकी आंटी ने कहा [12:02] ये तो ताहिर साहब का बेटा है। [12:04] अच्छा। [12:04] उस वक्त शबाना जी मेरे फादर के साथ फिल्म [12:06] कर रही थी। [12:07] अच्छा। [12:07] खून की पुकार। [12:09] तो शी सेड अरे आप ताहिर साहब के बेटे हो। [12:11] मुझे बताना पड़ेगा उनको कि आप इतने अच्छे [12:13] एक्टर हो। जब उन्होंने तारीफ शुरू की, तो [12:15] मैं बहुत खुश हो गया। लेकिन, जब उन्होंने [12:16] यह कहा कि अब्बा जान ताहिर साहब को बताना [12:19] पड़ेगा कि आप इतने अच्छे एक्टर हैं। मैं [12:20] बोला, "नहीं, "नहीं, "नहीं, "नहीं, "नहीं, [12:20] "नहीं, "नहीं नहीं, उनको मत बताओ। उनको [12:21] पता ही नहीं है, मैंने फिल्म की है।" [12:23] अच्छा अब्बा जान का गुस्सा इतना फेमस था, [12:25] उनको भी डांट पड़ चुकी थी जमाना जी को [12:27] दो-तीन दफा।" तो उन्होंने कहा अच्छा अच्छा [12:28] हां ठीक है ठीक है मैंने वो फौरन समझ गई [12:30] कि हां अब्बा जान को नहीं बताना है उसके [12:32] बाद जब मैंने अपनी 12वीं पास किया उसके [12:35] बाद मैंने अम्मी अब्बा जान से कहा कि मुझे [12:37] अभी एज एन असिस्टेंट डायरेक्टर काम शुरू [12:40] करना है और कई लोगों के नाम मैंने लिखे थे [12:42] एज डायरेक्टर्स जिनके साथ शेखर कपूर के [12:44] साथ मैं काम करना चाह रहा था उनसे कई दफा [12:46] मैं मिला भी लेकिन वहां मुझे काम नहीं [12:49] मिला तो दैट वाज़ द फर्स्ट टाइम जब मेरी [12:52] फैमिली को पता चला कि मुझे फिल्मों में [12:53] आना है और जुनैद ने आपको कब बताया जुनैद [12:56] जब वो वो थिएटर पढ़ने जाना चाह रहा था तब [12:59] उसने मुझसे कहा कि यार आई वांट टू लर्न [13:01] थिएटर। ये एक तो बहुत मुश्किल लाइन है। [13:04] दूसरा ये कि मैं आपको यह बताना चाहता हूं [13:07] कि अगर आपका काम मुझे पसंद नहीं आया या [13:09] मुझे नहीं लगा आपके अंदर पोटेंशियल है तो [13:11] आप यह कभी सोच के मत बैठना कि मैं आपको [13:15] फिल्म बना के दूंगा या मैं आपको सपोर्ट [13:17] करूंगा क्योंकि मैं पूरी सच्चाई से [13:19] फिल्मों में काम करता हूं और मैं अपने [13:21] ऑडियंस को कभी झूठ नहीं बोल सकता। तो वो [13:23] सुनता रहा। उसने कहा कि पापा आपसे मुझे [13:25] कुछ एक्सपेक्ट भी नहीं था। मुझे पता है आप [13:27] किस टाइप के आदमी हो। और ना मुझे वो हेल्प [13:29] चाहिए। एज अ फादर जो कुछ आपको पढ़ना है, [13:32] जो कुछ आपको सीखना है उसमें मैं जरूर आपको [13:35] हेल्प करूंगा। उसके आगे जो है आपको अपना [13:37] करियर खुद बनाना है। और मुझे बड़ी खुशी है [13:40] कि मैं वो उसी राह पे चल रहा है। उसकी दो [13:42] फिल्में आई हैं। एक महाराज जो लोगों को [13:44] बहुत पसंद आई थी और एक उसकी फिल्म आई थी [13:47] लव यापा जो इतनी नहीं चली। [13:49] जी जी। [13:49] लेकिन मुझे तो उसका काम उसमें भी अच्छा [13:51] लगा था। और मुझे फिल्म भी पसंद आई थी। तो [13:53] जब लव यापा भाई इतना नहीं चली तो फिर उसका [13:55] क्या क्या रिएक्शन था आपके साथ डिस्कस [13:57] किया उसने कुछ [13:58] एक्चुअली मुझे तो बड़ा दुख हुआ जब उसकी [14:01] फिल्म नहीं चली क्योंकि एज अ फादर आप [14:03] प्रोटेक्टिव होते हो अपने बच्चे को लेकर [14:05] अच्छा मैंने उससे कहा भी था कि आप मेरे [14:06] बेटे हो तो आपको खास मुश्किल होगी क्योंकि [14:09] उसका कंपटीशन सीधा आमिर खान [हंसी] [14:11] हर आदमी आपको मुझसे कंपेयर करेगा तो आपको [14:13] फेयर चांस मिलना बहुत मुश्किल है [14:15] और आज की डेट में तो भाई मुझे ऐसा लगता है [14:17] कि अब ओटीटी वर्ल्ड है [14:19] अब इतना एक्सेस हो गया इतना कंटेंट बन रहा [14:21] है ऊपर से ये नया जो सोशल मीडिया अब आया [14:24] है उसमें भी ये तो आपके लिए भी नया है [14:25] हमारे लिए भी नया है और नई जनरेशन के लिए [14:27] तो चलो है ना है ही ये सब चीजें भी मुझे [14:30] लगता है एज एन एक्टर आपको अपने ऊपर जो काम [14:32] करना पड़ता है साथ में ये ये तैयारी अलग [14:34] से करनी पड़ती है आजकल की [14:36] सही [14:36] कि लोग जो रिएक्शन देते हैं चाहे अच्छे [14:38] दें चाहे बुरे दें जो वो जब होता है तो [14:40] उसके ऊपर आपको कैसे रिएक्ट करना है या [14:42] नहीं भी करना है तो अपने दिमाग को कैसे [14:43] शांत रखना है एक एक्टर के लिए एक क्रिएटिव [14:45] इंसान के लिए फीडबैक बहुत जरूरी होता है [14:48] और असली फीडबैक बहुत जरूरी होता है कि [14:50] एक्चुअली ऑडियंस को क्या लग रहा रहा है। [14:52] अनफॉर्चूनेटली आजकल सोशल मीडिया पे क्या [14:54] होता है कि सच्चाई कितनी है उसमें हमको [14:56] समझ में नहीं आती। [14:57] हम [14:58] पेड बॉट्स बहुत होते हैं। [14:59] राइट? [15:00] और लोगों लोग पैसा देके आपके बारे में या [15:03] तो अच्छा लिखा सकते हैं या बुरा भी [15:06] लिखवाते हैं। [हंसी] [15:09] तो ये सब भी चलता है। तो जरूरी ये होता है [15:12] क्रिएटिव इंसान को ये समझना आज के दौर में [15:14] कि भाई ये जेन्युइन रिएक्शन है कि ये [15:16] जेन्युइन नहीं है। [15:17] और वो भी काफी आसान होता है समझने के लिए। [15:19] जैसे मुझे यह लगता था कि जब तक आप फादर [15:22] नहीं बनते हो, आप अपने फादर को नहीं समझ [15:24] पाते हो, जहां वो काफी हद तक बात सही भी [15:26] है। बिल्कुल है ना? [15:27] बिल्कुल सही बात है। [15:27] पर कई चीजें ऐसी हैं जो आपको बच्चे सिखा [15:29] देते हैं शायद जाने अनजाने में। [15:31] हां। [15:31] जैसे मेरी बेटी होने के बाद [15:33] तो मेरी इंग्लिश इंप्रूव हो गई फॉर [15:35] एग्जांपल। [15:35] तो क्योंकि और किसी के साथ बात करता मैं [15:37] झिझकता था। [15:38] तो बीवी के साथ भी नहीं करता था। मुझे था [15:40] कि ये गलती निकाल देगी मेरी। है ना? तो [15:42] अनायरा के साथ मैं बड़ी बात करता हूं। [15:44] हां। हां [15:44] तो अभी वो मेरे को मराठी वर्ड भी सिखाती [15:46] है। एक आती है। [15:48] आपने कुछ सीखा जुनैद से उसकी ऑनेस्टी उसकी [15:51] लेवल ऑफ इंटेग्रिटी उसकी जो केयरिंगनेस [15:54] है। हालांकि ये सारी क्वालिटीज काफी हद तक [15:57] मुझ में भी है। लेकिन जब आप ये क्वालिटीज [15:59] अपने बच्चे में देखते हो ना तो एक अलग [16:01] किस्म की फीलिंग आती है। कोविड के दौरान [16:04] मुझे याद है कि रीना के पेरेंट्स नाना [16:06] नानी जो जुनेद के नाना नानी है वो उनको [16:09] दोनों को कोविड हो गया था। घर से कोई था [16:10] नहीं। वो अकेले रहते थे। तो रीना का मुझे [16:13] फोन आया कि मम्मी डैडी को कोविड हो गया। [16:15] हम लोग सोचते हैं क्या करें? इतने में कि [16:17] हम लोग मतलब 5 मिनट के में डिस्कशन करें। [16:19] हमको पता चला कि जुनेद वहां ऑलरेडी पहुंच [16:21] गया। वो दो हफ्ते उनके साथ रहा। उनके लिए [16:24] खाना बनाया, कपड़े धोए। उनकी देखभाल की। [16:26] किसी को बोलने की जरूरत भी नहीं थी। ना [16:28] मुझे बोलने की जरूरत थी, ना रीना को बोलने [16:30] की जरूरत थी। उसको पता चला ही और वो सीधा [16:32] वहां पहुंच गया घर पे उनके। तो यह सारी [16:35] क्वालिटीज में देख के मुझे बहुत प्राउड [16:37] फील होता है कि इतना मोहब्बती लड़का है वो [16:40] और उसमें स्ट्रेंथ बहुत है। स्ट्रेंथ ऑफ [16:43] कैरेक्टर बहुत है। तो उससे मुझे एक्चुअली [16:46] सीखना तो कम लेकिन ये चीजें मुझे रियलाइज [16:48] बहुत हुई कि ये क्वालिटीज कितनी [16:50] इंपॉर्टेंट होती हैं हम [16:52] एक इंसान के लिए। [16:54] भाई अभी जैसे ना मेरा कभी-कभी मन में आता [16:55] है कि मैं जाऊं कभी फिल्म स्कूल जाऊं। [16:58] हां [16:59] कि पहले तो जब अमृतसर में थे तो ऑब्वियसली [17:01] अफोर्ड भी नहीं कर सकते देना कोई फिल्म [17:02] स्कूल वहां पे तो ऐसा कुछ था भी नहीं या [17:04] तो एनएसडी गए हमारे कुछ जानकार और वो भी [17:07] आई थिंक बहुत सारे लोगों को पता नहीं होगा [17:08] एक स्टेट में एक ही बंदा सिलेक्ट करते थे [17:10] वो भी ऑल इंडिया 20 22 एंट्रीज लेते हैं [17:13] वो [17:13] तो वहां पे तो और यहां का तो हमें पता ही [17:16] नहीं था कि अप्रोच कैसे करना है पुणे तक [17:17] तो अब जाके मुझे लगता है कि मुझे मेरा [17:19] बड़ा इंटरेस्ट होता है कभी-कभी कि यार [17:21] फिल्म मेकिंग सीखनी है [17:22] फिल्म मेकिंग के बारे में है ना कुछ जाने [17:25] या हालांकि वो टाइम भी नहीं लग पा रहा है [17:27] क्योंकि एक तरफ जब आपका काम चल रहा हो [17:30] आप कैसे वक्त निकालो [17:31] है ना हां वक्त वक्त निकालो और निकलने भी [17:33] नहीं देते हैं लोग और आपको भी लग रहा है [17:34] कि चलो पैसे आ रहे हैं तो क्या ही है वो [17:36] सीख के भी तो हमने कुछ करियर वाइज ही कुछ [17:38] करना है ना तो वो चल रहा है पर मेरा बड़ा [17:40] मन होता है भाई कभी-कभी ना पर मैं इसलिए [17:42] ये सवाल पूछा कि बड़े सारे लोग हैं जो [17:45] मुंबई आना चाहते हैं ट्राई करना चाहते हैं [17:48] उनको अगर आमिर खान सजेस्ट करना चाहे [17:51] क्या करना चाहिए उनको क्या तैयारी करके [17:52] आना चाहिए [17:53] मैं दो तीन चीजें यहां कहना चाहूंगा एक तो [17:55] ये है कि मेरी जो ट्रेनिंग हुई है मैं कोई [17:57] फॉर्मल फिल्म स्कूल नहीं गया हूं [17:59] मेरी ट्रेनिंग गुरुकुल स्टाइल में हुई है [18:01] और उस वक्त मुझे पता भी नहीं था कि मेरी [18:03] ट्रेनिंग हो रही है क्योंकि मैं बच्चा था [18:04] मुझे मजा आ रहा था। [18:05] हम [18:06] तो मैंने घर पे जो काम देखा होते हुए [18:08] अब्बा जान का चाचा का उससे मैंने सीखा और [18:11] मैं भी कभी-कभी सोचता हूं कि यार मुझे [18:12] मौका मिले तो मैं फिल्म स्कूल जाऊं। [18:14] सीरियसली हां हां कभी-कभी मैं भी सोचता [18:16] हूं और ये अच्छी बात है कि आप जिंदगी में [18:20] कोई वक्त ऐसा नहीं आता जो आपको लगता है कि [18:22] मतलब मुझे तो कभी ऐसा नहीं लगता कि मैं [18:24] एकदम अभी परफेक्ट हो गया हूं। कोई शर्म की [18:26] बात नहीं है कि इस ऐज में भी आप और मैं [18:28] जाके हम लोग स्कूल में बैठे हैं या कॉलेज [18:29] में बैठे हैं और सीखें। इसमें कोई [18:30] प्रॉब्लम नहीं है। तो मैं एक्चुअली [18:33] यंगस्टर्स को यह कहना चाहूंगा कि उस वक्त [18:35] तो इतना था भी नहीं यू नो फिल्म स्कूल्स [18:37] वगैरह जो कोई भी फिल्मों में आना चाहता है [18:39] आई थिंक सबसे पहले तो आपको राइटिंग सीखनी [18:43] चाहिए। भले आप फाइनली राइटर बने या ना बने [18:46] हम [18:46] लेकिन राइटिंग की समझ होनी चाहिए आपको। तो [18:49] अगर कोई एक कोर्स है जो मैं कहूंगा बच्चों [18:51] को करने वो वो है राइटिंग का। अगर आप [18:54] उसमें बहुत डीपली इन्वॉल्व होना चाहते हैं [18:55] तो दो-ती साल के कोर्सर्सेस होते हैं। [18:58] लेकिन अगर आप एक बेसिक अंडरस्टैंडिंग भी [18:59] चाहते हैं तो दो-ती महीने के कोर्सर्सेस [19:01] भी होते हैं [19:02] राइटिंग के। तो राइटिंग बहुत जरूरी है हर [19:04] डिपार्टमेंट के लिए। बाद में आप एक्टर [19:06] बनो, डायरेक्टर बनो। लेकिन राइटिंग की समझ [19:09] बहुत इंपॉर्टेंट होती है। तो वो एक बहुत [19:12] इंपॉर्टेंट बेस बनाती है आपके लिए। कहानी [19:15] की समझ। दूसरी चीज मैं ये कहूंगा के जो [19:18] मैंने बहुत सारे यंगस्टर्स को कहा है [19:20] लेकिन किसी ने मेरी बात मानी नहीं अभी तक। [19:22] क्या अपना देश घूमो हम [19:26] चार पांच दोस्त इकट्ठा हो जाओ सेफ्टी का [19:28] ध्यान रखो जाहिर है हम लेकिन एक ग्रुप [19:30] बनाओ और आप कश्मीर से कन्याकुमारी [19:35] एक साल या दो साल में आप ट्रैवल करो [19:38] अलग-अलग राज्यों में जाओ अलग-अलग शहरों [19:40] में जाओ अलग-अलग गांव खेड़े में जाओ और ये [19:43] 2 साल आप अपने आप की देखभाल करना खुद सीखो [19:46] हमाली करो कमाओ जैसे करना है आप सर्वाइव [19:49] करो 2 साल आप सर्वाइव करो और देश घूमो। यह [19:53] 2 साल के बाद जो आपको सीख मिलेगी वह कोई [19:58] कॉलेज यूनिवर्सिटी आपको नहीं सिखा सकती। [20:01] जो बच्चे ने 2 साल अपने खुद के देश में [20:04] वक्त बिताया है लोगों से से मिलकर उनसे [20:08] सीखना [20:10] रिश्ते बनाना वो जब आप सीखोगे वो जब आप कर [20:14] कर लोगे हम [20:15] तो ऐसी कोई प्रॉब्लम नहीं है लाइफ में [20:18] जिसका आप सामना नहीं कर पाओगे उसके बाद [20:20] एक्चुअली [20:21] यू विल बी रेडी फॉर लाइफ। [20:23] बिल्कुल भाई टोटली एग्री। मैं ये रिलेट [20:25] इसलिए भी कर पा रहा हूं भाई जब हम लोग [20:26] नए-नए आए ना अमृतसर से तो स्टैंड अप [20:29] कॉमेडी नई-नई शुरू हुई थी मतलब टीवी पे तो [20:32] इतना घूमते थे ट्रेन में दिल्ली रहे, [20:35] जालंधर रहे, अमृतसर रहे। इतने लोगों से [20:38] मिलना नए-नए किरदार और कहीं ना कहीं वही [20:40] किरदार आपके सबकॉन्शियस माइंड में बैठे [20:42] होते। कभी कुछ करना हुआ। अच्छा एक ऐसा [20:44] पुलिस वाला था उससे मिला था। अच्छा ये [20:45] करते हैं। अच्छा एक बस कंडक्टर फलाना मिला [20:48] था। अब जब टीवी पे आए वो किया वो सारा [20:50] एक्सपीरियंस काम आया लेकिन अब आप एक-एक [20:52] बबल में भी बन जाते हो कि बिल्कुल मैकेनिक [20:55] मैकेनिज्म चेंज हो गया कि काम जा रहे हैं [20:57] घर आ रहे हैं ऑफिस जा रहे हैं अब वो लोगों [20:59] से मिलनाजुलना छूट गया मैं नवाज भाई से [21:01] नवाज भाई के साथ बैठा था एक दिन वो भी यही [21:03] बोल रहे थे कहते यार अब ना जो तैयारी होती [21:06] है ना हम सोच के थोड़ी कर रहे थे वो तो हो [21:07] रही थी ना हो रही थी [21:09] अब बोलते हैं कि जब काम मिलना शुरू हो गया [21:12] अब वो प्रैक्टिस भी जरूरी है लेकिन वो छूट [21:14] जाती है [21:14] वो छूट जाती है [21:15] तो आई आई टोटली एग्री भाई कि अपना देश घूम [21:17] लो मुझे मुझे लगता है पूरी [21:18] वो जो एक्सपीरियंसेस आपको मिलेंगे वो आपको [21:20] जो तपाएंगे [21:22] जी [21:22] दैट इज व्हाट विल रियली टीच यू द लेसंस ऑफ़ [21:25] लाइफ। [21:25] एक बात भाई मेरे को आपको जाननी थी अभी [21:27] जैसे जुनैद की मूवी आ रही है। [21:28] हां [21:29] नॉर्मली हमें क्या होता है कि हमारे कोई [21:31] प्रोडक्ट रिलीज हो रहा है तो हम पूरा फोकस [21:33] उस पे कर देते हैं। [21:34] जी [21:34] आपकी खुद की प्रोडक्शन में फिल्म आ रही [21:36] है। [21:37] आपको मैंने देखा है किसी और की फिल्म थी। [21:38] हां हां हां हां देवन को आप प्रमोट करने [21:40] जा रहे थे। [21:41] हां हां दबकारो। [21:43] वो एक्चुअली वो देवन मेरा बहुत पुराना [21:44] दोस्त है। जोजीता वही सिकंदर में हम लोग [21:46] साथ लेकिन उससे पहले से मैं उसको जानता [21:48] हूं। आप सही कह रहे हो कि मुझे एक्चुअली [21:50] अपनी फिल्म प्रमोट करनी चाहिए। लेकिन क्या [21:52] है मैं क्रिएटिव इंसान हूं और मैं भी [21:53] ऑडियंस हूं और हालांकि हमने भी अच्छी [21:56] फिल्म बनाई है और अलग किस्म की फिल्म है। [21:57] लव स्टोरी है उसकी [21:59] ड्रामा है। इमोशनल ड्रामा है। तो मुझे [22:01] मतलब मुझसे रहा नहीं गया। मैं जब बाहर आया [22:04] मीडिया थी वहां पे। मैंने कहा प्लीज आप [22:05] लोग पहले देवन की फिल्म देखो। [22:07] उसके बाद मेरी फिल्म देखना आप लोग। [22:09] आप ऐसे बोल रहे हो और अच्छी बात है अच्छी [22:11] फिल्मों को प्रमोट भी करना चाहिए। [22:13] जी जी। [22:13] मेरा तो काम है आमिर मेरे तो शो में मतलब [22:15] हम लोग कितनी सारी फिल्में देखते हैं पर [22:16] आप जो कर रहे हो वो दिल से कर रहे हो [22:18] क्योंकि आपको जो चीज़ अच्छी लगी है वो बड़ी [22:20] अच्छी बात है भाई आपकी आपकी भी तो फिल्म [22:22] लग रही है [22:22] जी आप भी अलग-अलग [हंसी] लोगों के प्रमोशन [22:24] करते रहते हो मुझे भी हेल्प करते हो [22:26] मैं तो भाई मैं हेल्प नहीं अभी 8 मई को आ [22:28] रही है फिल्म [22:29] जी जी जी [22:30] दादी की शादी [22:30] जी जी दादी की शादी [22:31] मैंने ट्रेलर देखा मुझे बहुत पसंद हां [22:34] मुझे बहुत पसंद आया और नीतू जी का तो मैं [22:36] बहुत बड़ा फैन हूं और आपका भी बहुत बहुत [22:37] बड़ा फैन [22:38] जी ने थैंक यू थैंक यू भाई [22:39] तो बहुत एंटरटेनिंग फिल्म लग रही है भी [22:41] उसमें [22:41] हां लिखत भी है उसमें लिखत भी है शी टोल्ड [22:43] मी कि बहुत मजा आया शूटिंग पे। शिमला में [22:45] शूटिंग की हमने शिमला में शूटिंग। तो इसके [22:47] बारे में थोड़ा बताइए ना क्या इसका क्या [22:49] प्लॉट किया है? क्या कहानी है इसको? दादी [22:51] की शादी लोगों को सुनके लगता है कि अच्छा [22:52] इसमें कॉमेडी होगी। ठीक है वो तो होगी। एक [22:55] होगी ही तो ये एक ऐसी कहानी है। बड़ी [22:58] खूबसूरत मुझे लगी कि एक मां है जो पहाड़ों [23:00] में रहती है। और बेटे आसपास ही हैं। कहीं [23:02] देहरादून और एक दिल्ली में है। दो-तीन भाई [23:04] बहन है। बहन की भाई से नहीं बन रही है। [23:06] कम्युनिकेशन गैप नहीं होता। कई बार हम लोग [23:08] बात ही नहीं करते हैं। बात छोटी सी होती [23:10] है। कर ले तो सॉल्व हो जाती है। नहीं करते [23:12] तो तो मां को शायद ये मिल नहीं पाते [23:16] क्योंकि इनके भी बच्चे हो गए आ गए। [23:19] तो मां से जब ये मिलते हैं साल बाद या 2 [23:22] साल बाद तो मां का पॉइंट ऑफ व्यू कोई नहीं [23:26] जानना चाहता कि यार मां क्या फील कर रही [23:27] है। वो तो अपने मां पे बिजी हो गई। लेकिन [23:29] फिर मां कैसे सबको लगता है कि हमारी जो [23:32] दादी है वो मां है जो हमारी शादी कर रही [23:35] है। वो क्या है वो आगे वो ट्विस्ट वो सारी [23:37] वो तो फिल्म में हम देखेंगे हां। पर वो [23:39] कहानी इतनी प्यारी लगी मुझे कि मुझे लगा [23:41] यह बेसिकली इट्स अ फैमिली ड्रामा। [23:43] इट्स अ फैमिली ड्रामा हां विथ ह्यूमर विद [23:45] ह्यूमर हां हां मुझे ऐसी फिल्में बड़ी [23:47] पसंद है। तो मैं बेसिकली इमोशनल किस्म का [23:49] आदमी हूं। तो मुझे ऐसी फिल्में पसंद है [23:51] जिसमें कुछ इमोशन हो कुछ जज्बात हो। दिल [23:54] को छू जाए। [23:55] जी [23:55] और हंसाए भी, रुलाए भी दोनों। भाई इतना [23:58] कुछ आपने इतना कुछ किया, इतनी लंबी जर्नी [24:00] है। आप बोलते हो कि मुझे अभी फिल्में बड़ी [24:02] कम करनी है या नहीं करनी। पर हम तो हमेशा [24:04] चाहते हैं कि आप आप करते रहे फिल्में। [24:06] नहीं अभी मैं पिछले आठ महीनों से काफी [24:08] कहानियां सुन रहा हूं। और दो-तीन अच्छी [24:10] कहानियां मुझे मिली है। तो अभी ये एक दिन [24:12] रिलीज हो जाए। इसके बाद मेरी फिल्म आ रही [24:15] है सनी देओल और राज संतोषी की। [24:18] जी जी जी। [24:18] तो ये अगस्त में आएगी। [24:20] ओके। [24:20] उसके बाद जो है सितेंबर में मैं एज एन [24:23] एक्टर काम शुरू करूंगा। [24:24] वाओ ग्रेट। [24:25] और इस दफा मैंने सोचा है कि मैं एक फिल्म [24:29] की शूटिंग मुकम्मल करके एक-दो महीने का [24:32] गैप लूंगा प्रिपरेशन के लिए। फिर दूसरी [24:35] फिल्म की शूटिंग करूंगा। फिर एकद महीने का [24:37] गैप लेके मैं तीसरी फिल्म की शूटिंग [24:39] करूंगा। तो लगातार दो-तीन फिल्में मैं [24:41] करूंगा। [24:42] ओके ग्रेट। लोगों को बड़ा बड़ी कंप्लेंट [24:44] रही है हमेशा मुझसे कि आप बहुत 3 साल में [24:46] एक फिल्म करते हो तो वो थोड़ा मैं फर्स्ट [24:49] टाइम मैं ऑडियंस की सुन रहा हूं। बहुत [24:51] बढ़िया भाई। हमें इंतजार है आपकी सारी [24:52] फिल्मों का। सो थैंक यू सो मच आमिर भाई। [24:54] आपके साथ जब भी मिलते हैं, जब भी मुलाकात [24:56] करते हैं, बड़ा कुछ सीखने। [24:57] अरे मुझे बड़ा मजा आता है आपसे बात करके। [24:59] थैंक यू। थैंक यू भाई। और ऑल द वेरी बेस्ट [25:01] फॉर एक दिन। [25:02] थैंक यू। और आपको भी ऑल द वैरी बेस्ट। [25:04] थैंक यू। [25:04] 8 मई को आपकी फिल्म आ रही है। [25:05] जी जी जी थैंक यू। [25:06] 8 मई से पहले दिखाइएगा मुझे। [25:07] डेफिनेटली डेफिनेटली भाई। [25:09] ओके ऑल द वै बेस्ट भाई। थैंक यू सो मच। [25:11] ऑल द वै [25:11] थैंक यू भाई। [25:13] [संगीत] [25:19] हम [25:24] [संगीत]