1 00:00:00,330 --> 00:00:09,150 [संगीत] 2 00:00:11,218 --> 00:00:14,779 आदाब नमस्कार 3 00:00:19,000 --> 00:00:27,710 [प्रशंसा] 4 00:00:50,520 --> 00:00:56,760 तो मैं आपसे यह जानना चाहता हूं की आपका 5 00:00:53,640 --> 00:01:01,920 जो ग़ालिब है वो आपको कितना याद है तो अगर 6 00:00:56,759 --> 00:01:05,099 आप इजाजत दें तो मैं पहला मिश्रा कहूं और 7 00:01:01,920 --> 00:01:08,640 यह पुरी ऑडियंस यहां जितने नाजरीन हैं ऐसा 8 00:01:05,099 --> 00:01:10,879 में है वो दूसरा जो मिश्र है अगर आपको याद 9 00:01:08,640 --> 00:01:15,439 पड़ता है तो जोर से कहिए चीख के कहिए 10 00:01:10,879 --> 00:01:15,438 पूछते हैं वो के ग़ालिब कौन है 11 00:01:17,459 --> 00:01:21,449 क्या बात है साहब वह तालियां आप सब लोगों 12 00:01:20,099 --> 00:01:24,739 के लिए इसलिए 13 00:01:21,450 --> 00:01:27,780 [प्रशंसा] 14 00:01:24,739 --> 00:01:30,618 अब पहले मिश्रा ए रहा है दिल ए नादान तुझे 15 00:01:27,780 --> 00:01:30,618 हुआ क्या है 16 00:01:33,060 --> 00:01:40,439 है और भी दुनिया में सुखांवर बहुत अच्छे 17 00:01:36,519 --> 00:01:45,539 [प्रशंसा] 18 00:01:40,438 --> 00:01:49,599 जब ऐसा यह आपकी ऑडियंस है भाई 19 00:01:45,540 --> 00:01:49,600 [हंसी] 20 00:01:51,239 --> 00:01:59,879 तो जैसा आप सब लोग जानते हैं की तकरीबन 21 00:01:55,280 --> 00:02:03,359 1797 के हम बात कर रहे हैं 1797 मिर्ज़ा 22 00:01:59,879 --> 00:02:04,519 असादुल्लाह बैंक 27 दिसंबर को आगरे में 23 00:02:03,359 --> 00:02:09,000 पैदा होते हैं 24 00:02:04,519 --> 00:02:13,560 असद तकल्लुफ रखते हैं पहले फिर कई bujuhat 25 00:02:09,000 --> 00:02:16,500 हैं असद का taklliftar को उठाकर टाक पर रख 26 00:02:13,560 --> 00:02:19,800 देते हैं और ग़ालिब के नाम से और ज्यादा 27 00:02:16,500 --> 00:02:22,560 मशहूर होते हैं और आज का जो हमारा टाइटल 28 00:02:19,800 --> 00:02:25,819 है वो आपके सामने है तो मैं जावेद साहब 29 00:02:22,560 --> 00:02:30,560 यहां अब आपको लाना चाहता हूं 30 00:02:25,818 --> 00:02:30,560 की ग़ालिब एक सुपरस्टार की तरह 31 00:02:30,919 --> 00:02:37,559 अमिताभ बच्चन हैं इंडस्ट्री के जैसे होता 32 00:02:33,959 --> 00:02:39,800 ना वह दिलीप कुमार हैं वह कोई और दुनिया 33 00:02:37,560 --> 00:02:43,819 के कोई अगर आदमी 34 00:02:39,800 --> 00:02:43,819 निशानी हो सकती है कोई सिंपल 35 00:02:51,120 --> 00:02:55,739 करती है उनको तकरीबन पैदा हुए सवा 200 साल 36 00:02:53,878 --> 00:02:58,378 होने को ए रहे हैं और यही दिसंबर का महीना 37 00:02:55,739 --> 00:03:02,340 है जिसमें 27 दिसंबर मैंने कहा ना की उनके 38 00:02:58,378 --> 00:03:05,039 होम में पैदाइश है तो ग़ालिब को हम क्यों 39 00:03:02,340 --> 00:03:09,479 इतना याद रखते हैं और भी बहुत सारे शो हुए 40 00:03:05,039 --> 00:03:11,539 हैं जॉब हैं अमीर हैं एक से एक बड़े शायर 41 00:03:09,479 --> 00:03:11,539 है 42 00:03:12,180 --> 00:03:18,500 सही का रहे हैं आप देखिए किसी ने एक बात 43 00:03:16,199 --> 00:03:21,539 कही थी और 44 00:03:18,500 --> 00:03:24,959 मुझे ऐसा पढ़ते लगा था की काश ये मैंने 45 00:03:21,539 --> 00:03:27,799 कही होती बहुत अच्छी बात 46 00:03:24,959 --> 00:03:30,719 डी ग्रेट शायरी इस 47 00:03:27,800 --> 00:03:34,019 फेल्ट थॉट 48 00:03:30,719 --> 00:03:37,859 वह दिल ने महसूस किए हो दिमाग में समझिए 49 00:03:34,019 --> 00:03:40,860 वो बात जो है वो पायदान होती है अगर बात 50 00:03:37,860 --> 00:03:43,500 में सिर्फ इमोशन है जज्बात है तो थोड़ी 51 00:03:40,860 --> 00:03:46,140 देर तक आपको bahlayega और फिर इमोशन खत्म 52 00:03:43,500 --> 00:03:49,378 हो जाते हैं बाद में अगर सिर्फ अक्ल है 53 00:03:46,139 --> 00:03:50,779 लॉजिक है रीजन है तो आपके दिल को अपील 54 00:03:49,378 --> 00:03:53,759 नहीं करेगी 55 00:03:50,780 --> 00:04:00,500 ग़ालिब की शायरी में खूबी यह है की वो 56 00:03:53,759 --> 00:04:00,500 फेल्ट थॉट उसमें लॉजिक है उसमें 57 00:04:00,680 --> 00:04:10,739 एक आगे देखती हुई नजर है जो तू जो है 58 00:04:06,560 --> 00:04:14,719 और उसके साथ भी उसमें जज्बात की नरमी 59 00:04:10,739 --> 00:04:14,719 रास्ते में है यह कांबिनेशन 60 00:04:26,418 --> 00:04:37,319 की कहानी हो कोई आपकी जाती हम उलझन दुख 61 00:04:32,600 --> 00:04:38,960 तन्हाई का एहसास या हैरत की दिन दुनिया 62 00:04:37,319 --> 00:04:42,540 में क्या हो रहा है 63 00:04:38,959 --> 00:04:45,500 जो कुछ दुनिया में होता है और जो कुछ दिल 64 00:04:42,540 --> 00:04:48,740 में होता है उसके लिए आपको शेयर मिल जाएगा 65 00:04:45,500 --> 00:04:48,740 इतनी सी की किताब 66 00:04:53,540 --> 00:05:02,220 का भी उसका कोई मुकाबला नहीं 67 00:04:57,959 --> 00:05:05,279 इस वजह से वो आज तक जिंदा है और जो बात 68 00:05:02,220 --> 00:05:08,759 उसने पॉइंट्स निकले हैं ह्यूमन रिलेशनशिप 69 00:05:05,279 --> 00:05:11,579 में वह हम कभी सोच भी नहीं सकते द की यह 70 00:05:08,759 --> 00:05:13,860 भी हान यह भी एक बात तो वही जो है जो 71 00:05:11,579 --> 00:05:16,198 हमारी आंखों के सामने है उसी में से वो 72 00:05:13,860 --> 00:05:18,560 कुछ निकल के हमको देता है जो हम नहीं देख 73 00:05:16,199 --> 00:05:18,560 पाए द 74 00:05:23,000 --> 00:05:29,579 इलेक्शन से पहले वादे बहुत होते हैं यह कर 75 00:05:26,639 --> 00:05:32,600 देंगे वह कर देंगे अब मुझे आजकल एक शेर 76 00:05:29,579 --> 00:05:32,599 वाली बहुत याद आता है 77 00:05:33,740 --> 00:05:42,180 जाम के जब शराब पार्टी जाती थी और जाम 78 00:05:38,519 --> 00:05:45,859 बैठे जाते द तो मेरे से तो पहुंचने नहीं द 79 00:05:42,180 --> 00:05:45,860 यह मुस्ताक कैसे पहुंच गया 80 00:05:48,259 --> 00:05:53,300 साकी ने कुछ मिलना दिया हो शराब में 81 00:05:54,918 --> 00:05:59,299 कुछ मिला ना दिया हो शराब में 82 00:06:00,500 --> 00:06:06,600 अनोखा अछूता एंगल है तो यह आपको मिलता ही 83 00:06:05,160 --> 00:06:10,439 रहता है 84 00:06:06,600 --> 00:06:13,680 और कोई भी जिंदगी का पहलू हो उसमें आपको 85 00:06:10,439 --> 00:06:16,879 ghalip का रेलवे शेयर मिल जाएगा ही वो 86 00:06:13,680 --> 00:06:20,400 थिंकर एंड मैन विद ग्रेट इमोशन 87 00:06:16,879 --> 00:06:24,418 यह कम होता है की दिल भी हो और दिमाग भी 88 00:06:20,399 --> 00:06:27,538 हो यह गालिब क्या है ग़ालिब की शायरी जो 89 00:06:24,418 --> 00:06:31,198 है वो उसमें सेल्फ की नहीं है 90 00:06:27,538 --> 00:06:36,360 उसमें एक भाई टेंपरामेंट है इस विक्टोरियस 91 00:06:31,199 --> 00:06:40,080 पॉइंट और वह देखता है वो बड़े ऑब्जेक्ट 92 00:06:36,360 --> 00:06:42,560 केवली राम को भी एनालाइज करके देखता है तो 93 00:06:40,079 --> 00:06:45,839 ये बड़ी रेल क्वालिटी 94 00:06:42,560 --> 00:06:48,180 का गम को एनालाइज करता है बहुत बार शिकायत 95 00:06:45,839 --> 00:06:50,519 ये होती है की थोड़ा सडिस्ट हो जाते हैं 96 00:06:48,180 --> 00:06:53,100 ग़ालिब राम को बहुत ज्यादा एंजॉय करते हैं 97 00:06:50,519 --> 00:06:55,500 इन लुत्फ लेते हैं मजा आता है उनको अपने 98 00:06:53,100 --> 00:06:57,199 आप को तकलीफ देने में शेर बताएं कोई इन आप 99 00:06:55,500 --> 00:07:00,899 लोगों के पांव से घबरा गया था मैं जी हुआ 100 00:06:57,199 --> 00:07:04,879 वो खुश हुआ है राव को हर देखकर एक और शेर 101 00:07:00,899 --> 00:07:09,299 जैसे की याद है और गली मुझे वो दिन के 102 00:07:04,879 --> 00:07:13,918 बछड़े शौक में याद है गली- मुझे वो दिन के 103 00:07:09,300 --> 00:07:15,020 वजह सेक में जख्म से गिरता तो पलकों से च 104 00:07:13,918 --> 00:07:17,818 था नामक 105 00:07:15,019 --> 00:07:20,418 चलिए दोनों शेर एनालाइज कर लेते हैं क्या 106 00:07:17,819 --> 00:07:20,419 बात इसमें 107 00:07:20,639 --> 00:07:26,360 के एक इसे मैं ट्रांसलेट करता हूं सिंपल 108 00:07:22,978 --> 00:07:30,360 लैंग्वेज में क्योंकि इधर लिए 109 00:07:26,360 --> 00:07:33,900 मेरे पैरों में जो चले पद गए द मैं उनसे 110 00:07:30,360 --> 00:07:36,000 बहुत दुखी था परेशान था की क्या हो गया और 111 00:07:33,899 --> 00:07:40,219 रास्ते में जो कांटे में देख रहा हूं तो 112 00:07:36,000 --> 00:07:40,220 खुश हुआ है मेरा दिल की चले futenge हम 113 00:07:40,978 --> 00:07:48,300 साला सिंबल है जो इंटरनल सोलो सोलो का चला 114 00:07:46,079 --> 00:07:51,538 सिंबल है जो आप भुगत रहे हैं आप ही भुगत 115 00:07:48,300 --> 00:07:53,939 रहे आपके अंदर है ये कांटे जिंदगी के 116 00:07:51,538 --> 00:07:55,560 इम्तिहान जिंदगी मुश्किलों जिंदगी की 117 00:07:53,939 --> 00:07:58,620 दुश्वारियां का सिंबल है 118 00:07:55,560 --> 00:08:03,240 अब मैं इन पे चलूंगा तो जो मेरे अंदर बाहर 119 00:07:58,620 --> 00:08:05,639 ए जाएगा देखा जाएगा यह मतलब वह अपने छालों 120 00:08:03,240 --> 00:08:08,579 को बचाकर नहीं रख रहा है वो जो पैर में 121 00:08:05,639 --> 00:08:10,199 उसके अवल हैं वो उनमें रो नहीं रहा है वो 122 00:08:08,579 --> 00:08:14,959 गर्म वाला दिल खुश हो रहा है की सामने केट 123 00:08:10,199 --> 00:08:14,960 है अब ये चले futegi खत्म होगा| 124 00:08:20,240 --> 00:08:27,418 की लज्जत देखिए 125 00:08:23,478 --> 00:08:29,758 हम बार-बार ये इक यहां जारी रहेगा की 126 00:08:27,418 --> 00:08:32,399 ग़ालिब के वो कौन से असर हैं और ग़ालिब का 127 00:08:29,759 --> 00:08:35,060 वो कौन सा फलसफा है जो जिसकी वजह से गालिब 128 00:08:32,399 --> 00:08:37,679 गालिब है लेकिन यहां 129 00:08:35,059 --> 00:08:40,379 थोड़ा सा मैं चाहता हूं जरा सब माहौल 130 00:08:37,679 --> 00:08:42,500 बदलने के लिए आपकी इजाजत के आम तौर पर 131 00:08:40,379 --> 00:08:45,899 क्या हुआ है की ग़ालिब के जमाने से अब तक 132 00:08:42,500 --> 00:08:47,360 जो गालिब ने कहा नहीं है वो भी ग़ालिब के 133 00:08:45,899 --> 00:08:50,519 नाम मंसूब है 134 00:08:47,360 --> 00:08:53,700 अटरीब्यूट किया जाता है और जो सोशल मीडिया 135 00:08:50,519 --> 00:08:56,159 पर आपने जो लोग एक्टिव हैं सर गर्म है वो 136 00:08:53,700 --> 00:08:57,899 उन्होंने कभी नोट किया होगा की एक बड़ी 137 00:08:56,159 --> 00:08:59,879 तादाद में ऐसे शेर सर्कुलेट हो रहे हैं 138 00:08:57,899 --> 00:09:02,519 जिसका सर्टिफिकेट से दूर-दूर तक कोई 139 00:08:59,879 --> 00:09:04,139 ताल्लुक नहीं है और उनमें एक हमारे बहुत 140 00:09:02,519 --> 00:09:06,440 मशहूर सियासत दाएं हैं बड़े प्यारे अच्छे 141 00:09:04,139 --> 00:09:10,139 इंसान हैं और वज़ीर वगैरा भी रह चुके हैं 142 00:09:06,440 --> 00:09:12,240 ऐसा उन्होंने एक ट्वीट लगाई और वो बड़ी 143 00:09:10,139 --> 00:09:15,120 जबरदस्त ट्वीट थी लेकिन ये की वो अगर आप 144 00:09:12,240 --> 00:09:16,560 इजाजत दें तो मैं उसको मुझे याद तो नहीं 145 00:09:15,120 --> 00:09:19,639 है इसलिए की ग़ालिब का शेर होता तो याद 146 00:09:16,559 --> 00:09:23,039 होता है जो चीज सर्कुलेट हो रही है मैं ये 147 00:09:19,639 --> 00:09:25,799 आपको जरा सा दिखाना चाहता हूं की किस 148 00:09:23,039 --> 00:09:28,679 किस्म का 149 00:09:25,799 --> 00:09:30,899 किस किस्म का जो मटेरियल है ग़ालिब के नाम 150 00:09:28,679 --> 00:09:34,919 से वो चल रहा है 151 00:09:30,899 --> 00:09:37,940 खुदा की मोहब्बत को फना कौन करेगा सभी 152 00:09:34,919 --> 00:09:42,240 बंदे नेक हैं तो गुना कौन करेगा 153 00:09:37,940 --> 00:09:45,959 ए खुदा मेरे दोस्तों को सलामत रखना वर्ण 154 00:09:42,240 --> 00:09:50,278 मेरी सलामती की दुआ कौन करेगा और रखना 155 00:09:45,958 --> 00:09:53,399 मेरे दुश्मन को भी महसूस वर्ण मेरी तेरे 156 00:09:50,278 --> 00:09:56,879 पास आने के दुआ कौन करेगा मैं और आगे 157 00:09:53,399 --> 00:10:01,139 अंग्रेजी में लिखा है मिर्ज़ा ghalibs 228 158 00:09:56,879 --> 00:10:02,639 बर्थडे सो में ग्रेट लाइंस यह एक बहुत 159 00:10:01,139 --> 00:10:04,799 बड़े इंटेलेक्चुअल है और बड़े प्यारे 160 00:10:02,639 --> 00:10:06,539 इंसानों में बार-बार का रहा हूं की वो कम 161 00:10:04,799 --> 00:10:11,759 पढ़े लिखे नहीं हैं बहुत बड़े ऑथर हैं 162 00:10:06,539 --> 00:10:14,599 लेकिन ये उनकी ट्वीट तो उसपे जावे साहब ने 163 00:10:11,759 --> 00:10:14,600 जारी की 164 00:10:15,600 --> 00:10:18,680 आपको याद दिखे 165 00:10:18,799 --> 00:10:26,939 बहुत सारे अखबार वालों ने बना दी 166 00:10:23,179 --> 00:10:30,259 लेकिन जिया ग़ालिब की लेने नहीं है 167 00:10:26,940 --> 00:10:34,200 इसी तरह से एक और शेर पार्लियामेंट में 168 00:10:30,259 --> 00:10:37,019 मतलब 12 प्राइम मिनिस्टर डिबेट में चल रहा 169 00:10:34,200 --> 00:10:40,500 था मामला और एक और टॉप जिसको कहते हैं 170 00:10:37,019 --> 00:10:44,100 साहब लोगों ने एक शेर पढ़ा वो आपने भी 171 00:10:40,500 --> 00:10:48,000 बहुत सुना होगा की चेहरे पे धूल थी साफ 172 00:10:44,100 --> 00:10:49,040 करता रहा कुछ आपको कुछ आए द क्या है वो 173 00:10:48,000 --> 00:10:53,240 क्या है 174 00:10:49,039 --> 00:10:53,240 मुझे गलत शेर याद नहीं रहते 175 00:10:53,470 --> 00:11:01,259 [प्रशंसा] 176 00:10:57,320 --> 00:11:03,778 चेहरे पे धुलती और ग़ालिब अपना चेहरा साफ 177 00:11:01,259 --> 00:11:06,958 करने आईने पे धुलती गली अपने चेहरा साफ 178 00:11:03,778 --> 00:11:10,740 करता रहा कुछ इस तरह का है पार्लियामेंट 179 00:11:06,958 --> 00:11:13,759 से हुआ और जावेद साहब के भाई खुदा के 180 00:11:10,740 --> 00:11:13,759 वास्ते यह भी गालिब नहीं है 181 00:11:14,039 --> 00:11:21,778 ये ralib की जिंदगी में भी हुआ है की कुछ 182 00:11:17,339 --> 00:11:24,300 भी लोगों ने लिखा है तो एक सांप ग़ालिब के 183 00:11:21,778 --> 00:11:28,100 पास पहुंचे ट्रू इंसीडेंट है की सर ये एक 184 00:11:24,299 --> 00:11:28,099 शेर सुना है हुजूर के 185 00:11:28,320 --> 00:11:37,700 असत इस जफ़ा पर भी तूने वफा की 186 00:11:31,820 --> 00:11:39,860 मेरे शेर शाबाश रहमत खुदा की तो चलिए आप 187 00:11:37,700 --> 00:11:42,899 एक takllion 188 00:11:39,860 --> 00:11:44,210 अगर यह मुझे सच कहा है तो लानत खुदा की 189 00:11:42,899 --> 00:11:46,919 किसी औरत संस्कार है 190 00:11:44,210 --> 00:11:49,519 [हंसी] 191 00:11:46,919 --> 00:11:54,599 तो अब क्या होता है 192 00:11:49,519 --> 00:11:58,200 वो मतलब दुनिया में एक बात बता डन आपको ये 193 00:11:54,600 --> 00:12:00,000 नॉलेज की कोई लिमिट हो तो हो एक नाराज की 194 00:11:58,200 --> 00:12:04,379 कोई लिमिट नहीं है 195 00:12:00,000 --> 00:12:08,100 मुझे यह मैं आपको जोक नहीं सुना रहा हूं 196 00:12:04,379 --> 00:12:10,578 एक पार्टी में आते कोई 15 20 साल पहले 197 00:12:08,100 --> 00:12:15,330 मुझसे एक लेडी ने पूछा था 198 00:12:10,578 --> 00:12:18,598 जावेद साहब आपका दीवाने खाली भेज हैं 199 00:12:15,330 --> 00:12:18,599 [प्रशंसा] 200 00:12:22,759 --> 00:12:27,958 ऐसा लगता है ग़ालिब का कहेंगे तो जरा 201 00:12:25,200 --> 00:12:30,420 क्रेडिट इम्यूनिटी बढ़ जाएगी लेकिन बेचारे 202 00:12:27,958 --> 00:12:33,778 ग़ालिब को इस मामले में बहुत मुसीबतें 203 00:12:30,419 --> 00:12:35,879 झेलनी पद रही है आजकल और वैसे की जो उसने 204 00:12:33,778 --> 00:12:38,278 कहा नहीं वो उसके नाम से ये तो बड़ा कॉमन 205 00:12:35,879 --> 00:12:40,620 हो गया आजकल ये गली भी का मामला नहीं है 206 00:12:38,278 --> 00:12:42,059 यह तो हमारे साथ भी होता है दूसरों के साथ 207 00:12:40,620 --> 00:12:46,500 भी होता है उसने कहा ही नहीं का रहे तुम 208 00:12:42,059 --> 00:12:49,439 ने कहा था तो यह सब होता रहता है तो हमने 209 00:12:46,500 --> 00:12:53,159 जहां एक बात का आगाज किया था की ग़ालिब 210 00:12:49,440 --> 00:12:55,560 इतने अजीम शायर क्यों हैं वह कौन से शेड्स 211 00:12:53,159 --> 00:12:58,019 है जावे सब जो जाती तौर पर आपको गालिब के 212 00:12:55,559 --> 00:13:01,018 बहुत ज्यादा पसंद आते हैं देखिए ग़ालिब 213 00:12:58,019 --> 00:13:03,360 मतलब सवाल 200 साल पहले पैदा हुए द और उसे 214 00:13:01,019 --> 00:13:05,278 जमाने में भी जब उन्होंने बड़ी इंगेजमेंट 215 00:13:03,360 --> 00:13:06,778 में लिखना शुरू कर दिया था 11 साल की उम्र 216 00:13:05,278 --> 00:13:09,958 से लिख रहे 217 00:13:06,778 --> 00:13:13,439 तो उसे जमाने में भी ग़ालिब की जबान बहुत 218 00:13:09,958 --> 00:13:15,899 मुश्किल मणि जाती थी और ग़ालिब क्या का 219 00:13:13,440 --> 00:13:18,480 रहे हैं बहुत से लोग नहीं समझ पाते द और 220 00:13:15,899 --> 00:13:21,200 नाराज होते द क्या लिखते हैं भाई ये मतलब 221 00:13:18,480 --> 00:13:24,420 उसी अल्टीमेट ralib को यह शेयर लिखना पड़ा 222 00:13:21,200 --> 00:13:28,379 एन सताए इश्क की तमन्ना ना चले की परवाह 223 00:13:24,419 --> 00:13:32,419 घर नहीं है मेरे असर में माने ना सही तो 224 00:13:28,379 --> 00:13:35,399 ये उनकी जो दुश्वार जबान थी और जो उनका 225 00:13:32,419 --> 00:13:39,719 कॉम्प्लिकेटेड लेयर थॉट होता तो आम आदमी 226 00:13:35,399 --> 00:13:42,778 तक पहुंच नहीं पता था तो उससे तब तकलीफ थी 227 00:13:39,720 --> 00:13:45,778 तो अब तो होगी अब तो दबाना बदल गया जबान 228 00:13:42,778 --> 00:13:48,600 भी बदल गई है कितनी मगर उनके जो शेर है 229 00:13:45,778 --> 00:13:50,519 मुझे ट्रांसलेट करने पड़ेंगे सदा जमा जो 230 00:13:48,600 --> 00:13:52,639 मुझे लगता है की देखिए कितना फॉरवर्ड 231 00:13:50,519 --> 00:13:52,639 लुकिंग 232 00:14:06,620 --> 00:14:10,879 क्या जिसका मतलब 233 00:14:26,839 --> 00:14:32,779 जिस इंसान को कुछ पता है उसकी किस्मत में 234 00:14:30,419 --> 00:14:32,778 लिखी हुई 235 00:14:35,700 --> 00:14:40,800 और आज भी आप देखिए की दुनिया में 236 00:14:38,159 --> 00:14:44,879 क्या-क्या हो रहा है फ्रॉम उस तो इंडिया 237 00:14:40,799 --> 00:14:47,639 तू चीन तू एवरी बेयर तू योर अप तू स्वीडन 238 00:14:44,879 --> 00:14:48,899 क्यूट अपने एवरी टाइम में रहते हैं वो 239 00:14:47,639 --> 00:14:51,120 खुशियां उनको कुछ पता ही नहीं क्या हो रहा 240 00:14:48,899 --> 00:14:52,639 है क्या नहीं हो रहा है मजे में है हैप्पी 241 00:14:51,120 --> 00:14:55,320 कूल 242 00:14:52,639 --> 00:14:58,139 मगर जीने पता है की क्या हो रहा है और 243 00:14:55,320 --> 00:15:01,440 क्या हो रहा है होता जा रहा है वो लोग जो 244 00:14:58,139 --> 00:15:07,339 है वो बेचैन है बेताब है तो ये बेटा भी जो 245 00:15:01,440 --> 00:15:07,339 है वो समझदार की और जो अवैध है 246 00:15:08,480 --> 00:15:15,420 उसके किस्मत में लिखी हुई है बेचैनी दिल 247 00:15:11,220 --> 00:15:17,759 की बाकी तो है सियाराम से हो बेचारे 248 00:15:15,419 --> 00:15:19,458 यह अब देखिए यह कोई पुराना ख्याल तो नहीं 249 00:15:17,759 --> 00:15:23,778 है आज का 250 00:15:19,458 --> 00:15:26,539 और उसको आज की ही लिए शायरी कर रहा था 251 00:15:23,778 --> 00:15:30,299 उसने शायरी अपने वक्त के लिए नहीं किए 252 00:15:26,539 --> 00:15:32,338 उसकी शायरी बड़ी फ्यूचरिस्टिक थी उसका एक 253 00:15:30,299 --> 00:15:34,819 और छोटा तो फिर उसे भी मुझे ट्रांसलेट 254 00:15:32,339 --> 00:15:34,820 करना पड़ेगा 255 00:15:57,740 --> 00:16:05,339 मैं तो उसे 256 00:16:01,159 --> 00:16:09,240 बाग का पंछी हूं उसे बाग की कोयल हूं अगर 257 00:16:05,339 --> 00:16:13,760 हिंदी में कहे हम की जो अभी बनाई नहीं है 258 00:16:09,240 --> 00:16:13,759 मैं उसे पास का पंछी हूं जो बनेगा कभी 259 00:16:14,039 --> 00:16:20,599 अब आप यह रिच देखिए यार 260 00:16:17,299 --> 00:16:20,599 क्या का रहा है 261 00:16:25,278 --> 00:16:31,500 टूट चुकी थी बहादुर शाह पर खत्म हो चुके द 262 00:16:28,559 --> 00:16:33,539 एक लोगों में क्या होता है की जब आप तबाही 263 00:16:31,500 --> 00:16:35,698 की तरफ जाते तो आप मेरे वायरल भी आता है 264 00:16:33,539 --> 00:16:38,879 की नहीं साहब जो हमारा पहले था वो कितना 265 00:16:35,698 --> 00:16:43,099 अच्छा था वो कैसे खत्म हो सकता है 266 00:16:38,879 --> 00:16:46,220 उसका शेर सुनी है यह फॉरवर्ड लुकिंग आज भी 267 00:16:43,100 --> 00:16:46,220 इमाम हुसैन 268 00:16:48,659 --> 00:16:52,519 कब मेरे पीछे है 269 00:16:53,129 --> 00:17:01,799 [प्रशंसा] 270 00:16:56,958 --> 00:17:04,438 की जो ट्रेडिशनल है जो आज तक और जीने का 271 00:17:01,799 --> 00:17:08,938 तरीका था वो मुझे रोक रहा है 272 00:17:04,439 --> 00:17:12,720 और जो इन लोगों की नजर में खुश है जो गलत 273 00:17:08,939 --> 00:17:14,100 है जो नया है जो डिफरेंस है वो मुझे खींच 274 00:17:12,720 --> 00:17:17,900 रहा है 275 00:17:14,099 --> 00:17:21,500 कब इस डी सिंबल ऑफ ट्रेडीशन वो मेरे पीछे 276 00:17:17,900 --> 00:17:21,500 अलीशा इस डी मॉडर्न 277 00:17:24,679 --> 00:17:31,100 जा रही थी और pianoli जा रही थी तो वो 278 00:17:27,599 --> 00:17:35,699 सिंबल था नई नॉलेज का 279 00:17:31,099 --> 00:17:37,319 वो मुझे बुला रहा है तो ही है ऑलवेज लुक 280 00:17:35,700 --> 00:17:40,380 फॉरवर्ड 281 00:17:37,319 --> 00:17:43,918 और उसकी शायरी में जगह-जगह पे आपको दिखाई 282 00:17:40,380 --> 00:17:46,860 देता है की यह आदमी आने वाले जवानों को 283 00:17:43,919 --> 00:17:49,620 देख रहा है डेट मेक सैम सो ग्रेट लेकिन 284 00:17:46,859 --> 00:17:52,139 आने वाले जवानों को देखने का मतलब ये नहीं 285 00:17:49,619 --> 00:17:56,639 है की वो कहां हम इंसान के दुख को नहीं 286 00:17:52,140 --> 00:18:01,100 समझ रहा उसकी तन्हाई को उसकी मौजूद है तो 287 00:17:56,640 --> 00:18:01,100 यह जो इतना ऑल है 288 00:18:01,460 --> 00:18:07,200 डेट इस मैं मतलब पीपल मैं तो इतना काबिल 289 00:18:04,440 --> 00:18:10,880 आदमी नहीं हूं जो कुछ भी थोड़ा बहुत जानता 290 00:18:07,200 --> 00:18:10,880 हूं लेकिन पीपल हो अरे रियली 291 00:18:12,259 --> 00:18:16,700 ऑन लिटरेचर सब डिफरेंट लैंग्वेज 292 00:18:24,000 --> 00:18:27,859 दुनिया का सबसे बड़ा शहर 293 00:18:29,119 --> 00:18:34,979 हुए लेकिन 19 सेंचुरी में जो पोएट्स द 294 00:18:32,880 --> 00:18:37,620 चाहे हिंदुस्तान में हो फ्रांस में हूं 295 00:18:34,980 --> 00:18:40,880 इंग्लैंड में हो जर्मनी में हो दूसरे 296 00:18:37,619 --> 00:18:43,859 मुल्कों में हो ग़ालिब से बड़ा शहर में 297 00:18:40,880 --> 00:18:46,559 ग़ालिब की जो एक हिम्मत है और जो करें से 298 00:18:43,859 --> 00:18:49,019 एक तरफ का सीधा हनी करते हैं जिसके लिए वो 299 00:18:46,558 --> 00:18:49,940 बहुत मशहूर हैं अच्छी लोगों की तारीफ करते 300 00:18:49,019 --> 00:18:53,759 हैं 301 00:18:49,940 --> 00:18:56,400 शाहू की shenshahon की तारीफ करते हैं और 302 00:18:53,759 --> 00:18:59,038 दूसरी तरफ उनमें जो ब्लैक है एक एंटी 303 00:18:56,400 --> 00:19:01,019 एस्टेब्लिशमेंट जो एलिमेंट है वो इरेवरेंट 304 00:18:59,038 --> 00:19:05,058 भी है वो खुदा को चैलेंज करते हैं वो काफी 305 00:19:01,019 --> 00:19:08,940 का जिक्र भी करते हैं वो जो एलिमेंट है 306 00:19:05,058 --> 00:19:11,220 समझी तो वही करते हैं फिल्म के गाने भी 307 00:19:08,940 --> 00:19:13,380 लिखते हैं और शायरी भी लिखते हैं तो अब 308 00:19:11,220 --> 00:19:16,339 जमाने में फिर मैं तो होती नहीं होना जब 309 00:19:13,380 --> 00:19:16,340 टॉप के सॉन्ग राइटर 310 00:19:21,079 --> 00:19:26,819 थी अरे भाई 311 00:19:23,940 --> 00:19:29,100 टायर जो है कोई धमक तो है नहीं की जिस 312 00:19:26,819 --> 00:19:32,939 पेपर पे उसने लिखा उसी को खा जाएगा और 313 00:19:29,099 --> 00:19:35,159 जिंदा रहेगा तो उसको रोटी भी चाहिए उसे छत 314 00:19:32,940 --> 00:19:38,519 भी चाहिए उसे जिंदगी के कुछ कंफर्ट भी 315 00:19:35,160 --> 00:19:41,279 चाहिए और आप उसे शायरी के बारे में बदले 316 00:19:38,519 --> 00:19:43,200 नहीं देते हैं मतलब शर्म की बात तो दूसरों 317 00:19:41,279 --> 00:19:47,058 के लिए है की उसे शादी से क्यों नहीं इतना 318 00:19:43,200 --> 00:19:47,058 मिला की उसे कसीदा लिखना पड़ा 319 00:19:47,279 --> 00:19:52,558 तो ग़ालिब का जो रेफरेंस वाले अक्षर है वो 320 00:19:49,558 --> 00:19:56,759 कुछ दो-चार यहां पे जरा सा रे भाई वो तो 321 00:19:52,558 --> 00:19:59,160 मतलब एक जन्नत है यह तो कुछ लोगों के ईमान 322 00:19:56,759 --> 00:20:02,220 का हिस्सा है उनकी मुक़द्दस किताब में 323 00:19:59,160 --> 00:20:05,880 बड़ी डिटेल में जन्नत का ज़िक्र है ये आज 324 00:20:02,220 --> 00:20:09,058 से 200 साल पहले हमको मालूम है जन्नत की 325 00:20:05,880 --> 00:20:09,430 हकीकत लेकिन दिल के खुश रखने को ख्याल 326 00:20:09,058 --> 00:20:13,558 अच्छा 327 00:20:09,430 --> 00:20:16,140 [प्रशंसा] 328 00:20:13,558 --> 00:20:17,779 यह जिक्र किया था आपने और अभी जो जिक्र हो 329 00:20:16,140 --> 00:20:21,660 रहा था ना वो जो काबे वाला शेर था उसमें 330 00:20:17,779 --> 00:20:24,599 ग़ालिब का ही शेर है की गुमान नहीं पे मैन 331 00:20:21,660 --> 00:20:28,640 के निकले हुए तो हैं काबे से उन भूतों को 332 00:20:24,599 --> 00:20:28,639 भी निस्बत से दूर दूर 333 00:20:30,200 --> 00:20:33,319 क्या बोलिए 334 00:20:35,720 --> 00:20:40,919 उसका जिक्र बार-बार होता है मैं चाहता हूं 335 00:20:38,519 --> 00:20:43,679 इस ऑडियंस को कई लोग जानना चाहते हैं की 336 00:20:40,919 --> 00:20:45,960 शेर जो है चाहे वो ग़ालिब का हो या अमीर 337 00:20:43,679 --> 00:20:49,019 का हो उसके पीछे एक रेफरेंस होती है और आप 338 00:20:45,960 --> 00:20:51,679 खुद इस बात पे कई बार बात करते हैं तो वो 339 00:20:49,019 --> 00:20:51,679 रेफरेंस के साथ 340 00:20:53,779 --> 00:20:59,160 हुई है 341 00:20:55,519 --> 00:21:01,918 तस्वीर का अब ये शेर आदमी ऐसे कैसे समझेगा 342 00:20:59,160 --> 00:21:03,298 अगर हर लफ्ज़ के माने भी मालूम हो तो भी 343 00:21:01,919 --> 00:21:07,020 नहीं समझ पाएगा 344 00:21:03,298 --> 00:21:09,980 के यह जो इमेज है 345 00:21:07,019 --> 00:21:13,460 यह किसके लिखने की 346 00:21:09,980 --> 00:21:18,058 शोखी को उसकी शरारत की शिकायत कर रहा है 347 00:21:13,460 --> 00:21:20,660 इसलिए की जितनी तस्वीरें हैं इनका लिबास 348 00:21:18,058 --> 00:21:20,660 तो कागज का है 349 00:21:24,019 --> 00:21:30,240 जब हम यह एक ट्रेडीशन जानते हो जो पुराने 350 00:21:26,940 --> 00:21:34,140 जमाने में थी की फरियादी जब दरबार में 351 00:21:30,240 --> 00:21:36,779 फरियाद करने जाता था बादशाह के तो कागज का 352 00:21:34,140 --> 00:21:40,080 कपड़ा पहन के जाता था तो उसे पहचान लेते द 353 00:21:36,779 --> 00:21:43,200 की फरियाद करने आया है जाहिर है की कागज 354 00:21:40,079 --> 00:21:46,859 के ऊपर जो भी तस्वीर बनेगी उसका लिबास तो 355 00:21:43,200 --> 00:21:50,519 कागज नहीं है तो यह जो तस्वीरें बनी है ये 356 00:21:46,859 --> 00:21:54,418 किसकी शिकायत कर रही है दूसरी तरफ किसकी 357 00:21:50,519 --> 00:21:57,139 शौक यह तेरी इस देर अन्य सुप्रीम पावर जो 358 00:21:54,419 --> 00:22:00,480 इन तस्वीरें को बना रही है 359 00:21:57,140 --> 00:22:02,038 उसकी शिकायत कर रहा है तो इसीलिए तस्वीरें 360 00:22:00,480 --> 00:22:05,038 कांग्रेस के कपड़े पहने हुए हैं 361 00:22:02,038 --> 00:22:05,038 कॉम्प्लिकेटेड 362 00:22:07,200 --> 00:22:14,220 जैसे ना था कुछ तो खुदा था यह बहुत 363 00:22:11,460 --> 00:22:17,579 इंपॉर्टेंट शेयर है देखिए बहुत बड़ा पहले 364 00:22:14,220 --> 00:22:20,519 मणि कौन एक बहुत अच्छे फिल्म द 365 00:22:17,579 --> 00:22:23,158 पर उसे जमाने में हम भी बहुत मुफली जी के 366 00:22:20,519 --> 00:22:26,179 आलम में द और वो भी बेचारे स्ट्रगल कर रहे 367 00:22:23,159 --> 00:22:29,100 द मुंबई में प्रवेश 368 00:22:26,179 --> 00:22:32,640 द उन्होंने शराब इसलिए बंद कर दी की उनका 369 00:22:29,099 --> 00:22:32,639 इंतकाल हो गया मैंने 370 00:22:35,220 --> 00:22:43,220 मैंने जीते जी बंद कर दी मुझे आज 31 साल 371 00:22:39,538 --> 00:22:43,220 हो गए मैंने शराब को हाथ नहीं लगाया है 372 00:22:43,440 --> 00:22:45,990 चलो आज शाम को सेलिब्रेट करेंगे 373 00:22:45,670 --> 00:22:47,190 [प्रशंसा] 374 00:22:45,990 --> 00:22:51,720 [हंसी] 375 00:22:47,190 --> 00:22:55,380 [प्रशंसा] 376 00:22:51,720 --> 00:22:57,659 उनसे मेरी एक दारू का अड्डा था वह मिलती 377 00:22:55,380 --> 00:22:58,460 थी देसी शराब तो वहां हम लोग पी रहे द बहस 378 00:22:57,659 --> 00:23:01,380 हो गई 379 00:22:58,460 --> 00:23:03,419 बरसों बात मुझे समझ में आया की वो सही का 380 00:23:01,380 --> 00:23:06,080 रहा था और अगर वो जिंदा होता तो मैं जागीर 381 00:23:03,419 --> 00:23:06,080 से माफी मांगता 382 00:23:06,960 --> 00:23:12,779 उन्होंने कहा की गली बहुत पॉसिबल नहीं है 383 00:23:09,538 --> 00:23:15,319 इंडिया से बाहर खाली नहीं हो सकता था कोई 384 00:23:12,779 --> 00:23:17,700 और शायर हो जाता 385 00:23:15,319 --> 00:23:20,339 जीनियस था वो कहीं भी पैदा होता तो अच्छी 386 00:23:17,700 --> 00:23:22,880 शायरी करता लेकिन बरसों के बाद मैंने 387 00:23:20,339 --> 00:23:24,798 realaiz किया की मैं गलत किया 388 00:23:22,880 --> 00:23:29,419 ग़ालिब की शायरी 389 00:23:24,798 --> 00:23:29,418 हिंदुस्तान के अलावा कहीं नहीं हो सकती थी 390 00:23:30,000 --> 00:23:36,679 आप देखिए जो 70 रिलीजियस है 391 00:23:33,259 --> 00:23:36,679 जुड़ाइएसएम क्रिश्चियन 392 00:23:41,240 --> 00:23:50,339 वो क्रिएटर है वो आपको जज कर रहा है वो 393 00:23:45,480 --> 00:23:54,120 आपको देखा जो आदित्य का कॉन्सेप्ट है ये 394 00:23:50,339 --> 00:23:57,839 आया है वेदों से जिसमें क्रिएटर और 395 00:23:54,119 --> 00:24:00,839 क्रिएशन अलग नहीं है एक ही है जहां से हम 396 00:23:57,839 --> 00:24:02,579 ब्रह्मा जहां से सूफी इसमें बाद में गया 397 00:24:00,839 --> 00:24:06,199 एनालॉग 398 00:24:02,579 --> 00:24:09,678 है तो यह जो सब कुछ वही है 399 00:24:06,200 --> 00:24:13,259 यह कॉन्सेप्ट सिमिट्रिक रिलीजियस का नहीं 400 00:24:09,679 --> 00:24:15,259 यह है अद्वैत का 401 00:24:13,259 --> 00:24:19,980 अब क्या कहता है 402 00:24:15,259 --> 00:24:22,220 एन था कुछ तो खुदा था कुछ ना होता तो खुदा 403 00:24:19,980 --> 00:24:22,220 होता है 404 00:24:23,659 --> 00:24:31,740 मुझको इसमें हो गई जो बोया मुझको होने में 405 00:24:28,220 --> 00:24:34,519 होता तो क्या होता 406 00:24:31,740 --> 00:24:37,140 की अगर मैं नहीं होता तो मैं तो गोद होता 407 00:24:34,519 --> 00:24:40,288 यह मेरे होने में 408 00:24:37,140 --> 00:24:40,288 [प्रशंसा] 409 00:24:40,980 --> 00:24:51,200 चला है जिस्म यहां दिल भी जल गया होगा 410 00:24:45,900 --> 00:24:51,200 जला है जिस्म जहां दिल भी जल गया होगा 411 00:25:01,700 --> 00:25:05,940 सऊदी अरब में चलता है कहां चलता है 412 00:25:04,279 --> 00:25:07,279 हिंदुस्तान में चलती 413 00:25:05,940 --> 00:25:09,200 [प्रशंसा] 414 00:25:07,279 --> 00:25:11,599 हो जो अब रात 415 00:25:09,200 --> 00:25:15,659 [प्रशंसा] 416 00:25:11,599 --> 00:25:18,079 के लिए वह कहां होता है हिंदुस्तान में 417 00:25:15,659 --> 00:25:18,080 होता है 418 00:25:20,359 --> 00:25:24,619 अफ़ग़ानिस्तान में नहीं लिख सकता था 419 00:25:44,640 --> 00:25:50,759 तो आपको 420 00:25:46,980 --> 00:25:52,740 मिलते ही चले जाएंगे ऐसे शेर जो आपको 421 00:25:50,759 --> 00:25:56,658 लगेगा की हान भाई यह शेर तो हिंदुस्तान 422 00:25:52,740 --> 00:26:00,720 में लिखा जा सकता तो 423 00:25:56,659 --> 00:26:02,659 परफेक्ट सिंथेसिस ऑफ वाटेवर गुड ही गुड 424 00:26:00,720 --> 00:26:06,000 ब्रिंग फ्रॉम डी सेंट्रल एशिया 425 00:26:02,659 --> 00:26:11,278 फ्रॉम सेंट्रल एशिया एंड वाटेवर ब्यूटीफुल 426 00:26:06,000 --> 00:26:15,179 डी आर ऑन लैंड कूद ऑफर हिम ये दोनों मिक्स 427 00:26:11,278 --> 00:26:20,058 होके एक नई तहजीब एक नई जुबान एक नई सोच 428 00:26:15,179 --> 00:26:20,059 बनी उसका नाम खा लेना क्या बात है वह 429 00:26:21,000 --> 00:26:30,000 जब ये सब गली का जो कलम है और जो दीवान है 430 00:26:25,940 --> 00:26:32,700 इंतखाब है उनके कलम का वो समझाया जाता है 431 00:26:30,000 --> 00:26:37,440 की चकरी में 18-19 साल के हैं और तभी से 432 00:26:32,700 --> 00:26:40,019 किसने किसी क्षति में आने लगा एक जावेद 433 00:26:37,440 --> 00:26:43,500 साहब के खानदान से भी एक सिलसिला है इसलिए 434 00:26:40,019 --> 00:26:49,940 उसको भी जहां में रखिएगा आप इस बात को की 435 00:26:43,500 --> 00:26:49,940 एक मौलवी मौलाना फ़ज़ल हौला ना फैसले 436 00:26:50,359 --> 00:26:58,740 अल्लामा अल्लामा fazlehab जी तो वो आपके 437 00:26:55,500 --> 00:27:02,659 जो दादा है उनके दादा दादा 438 00:26:58,740 --> 00:27:07,940 है और वह समझा जाता है की ग़ालिब का जो 439 00:27:02,659 --> 00:27:10,860 दीवान है जो ऑफिशल जिसको कहते हैं ना 440 00:27:07,940 --> 00:27:13,500 जो ग़ालिब के जमाने में जिसको तरतीब दे 441 00:27:10,859 --> 00:27:16,199 दिया गया था जिसमें ग़ालिब की sifarishad 442 00:27:13,500 --> 00:27:19,259 और ग़ालिब के mashhre ये भी चीज शामिल हैं 443 00:27:16,200 --> 00:27:22,558 जिसमें एक मौलाना फ़ज़ल हक कभी अपना एक 444 00:27:19,259 --> 00:27:24,419 कहीं ना कहीं कंट्रीब्यूशन है आप उसे के 445 00:27:22,558 --> 00:27:26,759 हवाले से कुछ इस बात पे रोशनी दल सकते हैं 446 00:27:24,419 --> 00:27:31,860 की ग़ालिब का जो मुझसे ना दीवान है हमारे 447 00:27:26,759 --> 00:27:33,419 सामने वो कौन सा है और यह मौलाना फ़ज़ल 448 00:27:31,859 --> 00:27:36,479 हाफ साहब का जो कंट्रीब्यूशन भूल जाएंगे 449 00:27:33,419 --> 00:27:39,620 वो आपके दादा के दादा होते द लेकिन ये के 450 00:27:36,480 --> 00:27:43,460 वो कम जो हमारे सामने आया है 451 00:27:39,619 --> 00:27:43,459 अभी आपने याद दिलाया 452 00:27:44,278 --> 00:27:48,440 तो वह दीवान क्या हवा से 453 00:27:50,900 --> 00:27:58,798 विक्रम सुल्तान भूत मेरे बाप बैश द अरे वो 454 00:27:55,558 --> 00:28:01,500 होंगे तुम कौन हो बताओ तो वही यहां पर यह 455 00:27:58,798 --> 00:28:03,960 बड़ा कॉमन है आपके शहर में तुम्हें मालूम 456 00:28:01,500 --> 00:28:06,480 है मेरे फादर कौन है 457 00:28:03,960 --> 00:28:08,400 मेरा कभी जी चाहता है की इसका जवाब कोई ये 458 00:28:06,480 --> 00:28:10,880 दे के जवाब को खुद ही नहीं मालूम तो मुझे 459 00:28:08,400 --> 00:28:10,880 कहां से मालूम 460 00:28:12,659 --> 00:28:17,760 तो 461 00:28:14,460 --> 00:28:20,159 तो यह मेरे ग्रैंडफादर के जो ग्रैंडफादर द 462 00:28:17,759 --> 00:28:22,619 अल्लामा फ़ज़ल है खैराबादी वह तो मेरी 463 00:28:20,159 --> 00:28:24,620 इंटरेस्टिंग मैन उनकी कब्र कला पानी में 464 00:28:22,619 --> 00:28:27,359 अभी भी है वो 465 00:28:24,619 --> 00:28:30,658 1857 में फिर वो फ्रीडम मूवमेंट पे चले गए 466 00:28:27,359 --> 00:28:32,819 द उन्हें तक अनएक्टिव पार्ट जिसकी वजह से 467 00:28:30,659 --> 00:28:34,460 उन्हें अरेस्ट कर लिया गया फिर उन पे केस 468 00:28:32,819 --> 00:28:38,480 चला फिर उन्हें कला पानी 469 00:28:34,460 --> 00:28:41,720 59 में 1859 में कला पानी भेज दिया गया 470 00:28:38,480 --> 00:28:44,278 था आगे ये क्या 471 00:28:41,720 --> 00:28:45,329 मैंने कहा माफी मांगने से इनकार भी कर 472 00:28:44,278 --> 00:28:49,319 दिया था खैर आगे 473 00:28:45,329 --> 00:28:51,599 [प्रशंसा] 474 00:28:49,319 --> 00:28:54,678 तो 475 00:28:51,599 --> 00:28:58,798 अभी मांग लेते तो वापस ए जाते 476 00:28:54,679 --> 00:29:03,600 कुछ अंग्रेजों की खिदमत कर लेते मगर नहीं 477 00:28:58,798 --> 00:29:06,240 किया तो वह ग़ालिब के बड़े करीबी दोस्त है 478 00:29:03,599 --> 00:29:08,579 और ग़ालिब के जो लेटर छपे हैं उसमें कई 479 00:29:06,240 --> 00:29:11,159 लेटर्स में उनका बड़ा दिख रहा है एवं जब 480 00:29:08,579 --> 00:29:14,839 उन्हें कला पानी की सजा हुई तब भी ग़ालिब 481 00:29:11,159 --> 00:29:14,840 ने खत अपने दोस्त को इस बारे में लिखा 482 00:29:15,079 --> 00:29:23,058 हुआ जी बड़े काबिल आदमी द और 483 00:29:20,179 --> 00:29:26,700 उनके बारे में एक और बात बताऊं 484 00:29:23,058 --> 00:29:29,759 1857 में एक बहुत बड़ी काउंसिल बनी थी कोई 485 00:29:26,700 --> 00:29:32,880 किस आदमी भाई इस आदमी द जो प्लान कर रही 486 00:29:29,759 --> 00:29:36,480 थी यह रिवोल्ट 487 00:29:32,880 --> 00:29:38,880 वह हुआ यह इतने लोग जज्बात से भरे हुए द 488 00:29:36,480 --> 00:29:41,640 की वह मेरठ में एक चिंगारी ने भड़का दिया 489 00:29:38,880 --> 00:29:45,120 उसे और वह बहुत पहले शुरू हो गया है जो कई 490 00:29:41,640 --> 00:29:48,000 महीने बाद होना था ऑर्गेनाइज तेरी और शायद 491 00:29:45,119 --> 00:29:50,519 उसी वजह से आगे गड़बड़ी हुए हैं 492 00:29:48,000 --> 00:29:52,880 तो ये उसे कमेटी में द और इसी वजह से हो 493 00:29:50,519 --> 00:29:52,879 जेल गए 494 00:29:53,759 --> 00:29:58,759 इनकी गहरी दोस्ती थी राजीव को मालूम था 495 00:29:56,220 --> 00:30:01,980 काबिल आदमी है दिल्ली में ये 496 00:29:58,759 --> 00:30:05,879 अवध में अवध में शत्रु से दूर यानी के 497 00:30:01,980 --> 00:30:08,038 जस्टिस भी रह चुके तो जो इस कमेटी ने 498 00:30:05,880 --> 00:30:09,720 कॉन्स्टिट्यूशन फॉर्म किया था की जब 499 00:30:08,038 --> 00:30:12,359 हिंदुस्तान आजाद हो जाएगा तो 500 00:30:09,720 --> 00:30:14,339 कॉन्स्टिट्यूशन क्या होगा उसका वो 501 00:30:12,359 --> 00:30:18,119 इन्होंने ड्राफ्ट किया था 502 00:30:14,339 --> 00:30:21,298 जिसका जिक्र हमारे दोस्त हैं बालवीर पुंज 503 00:30:18,119 --> 00:30:23,459 जो के बीजेपी के एमपी भी द एक ज़माने में 504 00:30:21,298 --> 00:30:27,079 अब नहीं है उन्होंने अपने एक मजबूत में 505 00:30:23,460 --> 00:30:27,079 बड़ी डिटेल में सब कुछ लिखा है 506 00:30:27,240 --> 00:30:34,019 तो ग़ालिब ने अपना दीवाने ना दिया की भाई 507 00:30:30,298 --> 00:30:36,599 ये मनुष्य है इसमें से तुम जो काटना चाहो 508 00:30:34,019 --> 00:30:38,038 तुम्हें लगे कमजोर हो काट दो अब आप देखिए 509 00:30:36,599 --> 00:30:41,219 उसे जमाने में इस तरह की एडिटिंग नहीं 510 00:30:38,038 --> 00:30:43,259 होती थी फॉरवर्ड लुकिंग आदमी उसे जमाने के 511 00:30:41,220 --> 00:30:46,159 जो दूसरे शायर हैं उनकी जिंदो पे दिल दे 512 00:30:43,259 --> 00:30:51,379 है जो लिखा छुप गया जो लिखा छुप गया 513 00:30:46,159 --> 00:30:51,380 ग़ालिब ने ऐसा नहीं किया ये देखिए कितना 514 00:30:54,440 --> 00:31:00,120 शेयर 515 00:30:57,380 --> 00:31:02,299 बिल्कुल ठीक हो जाना चाहिए 516 00:31:00,119 --> 00:31:06,119 है तो उन्होंने कुछ 517 00:31:02,298 --> 00:31:09,480 लोग कहते हैं की एक छठ हिस्सा उसे विमान 518 00:31:06,119 --> 00:31:11,939 का काट दिया अब उसमें कई शेर ऐसे भी कट गए 519 00:31:09,480 --> 00:31:15,240 जो फिर दूसरे majboon में मिल जाते हैं 520 00:31:11,940 --> 00:31:17,899 लेकिन जो इनका अपना था उसमें नहीं था जो 521 00:31:15,240 --> 00:31:17,899 दिल्ली से छपरा 522 00:31:18,019 --> 00:31:24,778 भोपाल में उसका रामपुर में अभी भी वो रखे 523 00:31:21,778 --> 00:31:26,220 हुए हैं उनके लाइब्रेरीज में कुछ तूफान 524 00:31:24,778 --> 00:31:28,579 हूं 525 00:31:26,220 --> 00:31:33,679 ही कहां तमन्ना का 526 00:31:28,579 --> 00:31:33,678 दूसरा कदम या रब है कहां तमन्ना 527 00:31:46,380 --> 00:31:52,500 तो 1 फुटप्रिंट के बराबर है पॉसिबिलिटी तो 528 00:31:50,099 --> 00:31:55,678 दूसरा पैर कहां रखा है ह्यूमन इमोशन में 529 00:31:52,500 --> 00:31:59,278 आप ऐसा लगता है ये शेर के इस फूटने और 530 00:31:55,679 --> 00:32:01,700 स्पेस में जाने के बाद देखा गया है शेर 531 00:31:59,278 --> 00:32:05,419 इसकी देखिए इसकी ग्रोथ क्या है 532 00:32:01,700 --> 00:32:10,919 ये शेर काट दिया दादा के दादा ने हमारे 533 00:32:05,419 --> 00:32:16,278 बड़ी गलती की अरे भाई उन्होंने क्यों काटा 534 00:32:10,919 --> 00:32:19,820 हमने दर्शाते इनका को एक नक्श के पाप पाया 535 00:32:16,278 --> 00:32:19,819 कान कुछ नहीं लगता 536 00:32:20,119 --> 00:32:26,879 बहुत इंपॉर्टेंट है और वो जबान जो है ऐसी 537 00:32:24,000 --> 00:32:30,179 होनी चाहिए कान को खराब ना लगे बहुत 538 00:32:26,880 --> 00:32:33,299 ज्यादा इस मामले में उर्दू शायरी सेंसेटिव 539 00:32:30,179 --> 00:32:36,798 रही है तो इसलिए वह शेर इतना बड़े माने का 540 00:32:33,298 --> 00:32:36,798 शेर उसमें से निकल दिया गया 541 00:32:38,579 --> 00:32:43,759 तो यह उन्होंने किया था 542 00:32:40,759 --> 00:32:43,759 जो 543 00:32:44,000 --> 00:32:50,538 उनकी कुछ आपके पास कोई चीज हैं ऐसी मेरे 544 00:32:48,659 --> 00:32:52,590 पास तो उनकी बहुत 545 00:32:50,538 --> 00:32:56,379 जाएंगे अंडमान में मिल जाएंगे 546 00:32:52,589 --> 00:32:56,379 [प्रशंसा] 547 00:32:57,140 --> 00:33:03,120 किसी भी अंडमान के आदमी से पूछे वो 548 00:32:59,819 --> 00:33:06,740 खैराबादी साहब की कब्र गांव में बता देगा 549 00:33:03,119 --> 00:33:12,859 लेकिन मेरे पास एक बहुत 550 00:33:06,740 --> 00:33:15,960 रेयर चीज है उसे दबाने में कुसुम था की जो 551 00:33:12,859 --> 00:33:18,599 आजादी के लिए लड़ रहे द अगर उन्हें फांसी 552 00:33:15,960 --> 00:33:22,159 की सजा होती थी या उम्र कैद कला पानी में 553 00:33:18,599 --> 00:33:26,819 तो उनका घर डिमोलिश कर दिया जाता था तो 554 00:33:22,159 --> 00:33:30,600 उनका घर जो कलेक्टर था लखनऊ का उसका ऑर्डर 555 00:33:26,819 --> 00:33:34,889 था की यह इनका घर डिमोलिश कर दिया जाए वह 556 00:33:30,599 --> 00:33:38,178 जो ऑर्डर है उसकी ओरिजिनल कॉपी मेरे पास 557 00:33:34,890 --> 00:33:38,179 [प्रशंसा] 558 00:33:42,019 --> 00:33:48,558 मेरे घर के लोग आज भी मुझे जादुई कहते हैं 559 00:33:44,960 --> 00:33:51,120 तो वह किताब छाप रही है 560 00:33:48,558 --> 00:33:54,720 मेरे दोस्तों के बारे में रिश्तेदार 561 00:33:51,119 --> 00:33:54,719 फैमिली फिल्म 562 00:34:03,058 --> 00:34:09,739 रहा उसका उन्होंने फोटो 563 00:34:05,720 --> 00:34:09,740 इमेज छपी है उसे 564 00:34:15,079 --> 00:34:19,918 किताबें हैं 565 00:34:17,358 --> 00:34:21,980 लेकिन मुश्किल के हैंडराइटिंग में है मेरे 566 00:34:19,918 --> 00:34:24,719 पास वो 567 00:34:21,980 --> 00:34:27,480 क्या है धीरे-धीरे मेरा फैमिली ड्रामा 568 00:34:24,719 --> 00:34:28,219 इसमें शामिल हो रहा है लिए वापस चलबे की 569 00:34:27,480 --> 00:34:32,480 तरफ 570 00:34:28,219 --> 00:34:35,759 ग़ालिब ने एक जब कलकत्ते के लिए रावण हुए 571 00:34:32,480 --> 00:34:38,960 तो रास्ते में बहुत मौका आता है कहीं 572 00:34:35,760 --> 00:34:43,940 बीमार हुए और वह उनको जाना था कब और 573 00:34:38,960 --> 00:34:43,940 पहुंचे फांसी देर से बनारस 574 00:34:56,119 --> 00:35:02,240 ये बनारस का इसमें रास्ते में क्यों पड़ता 575 00:34:59,760 --> 00:35:02,240 है वो बनारस 576 00:35:03,000 --> 00:35:09,539 द कोलकाता का जो जिक्र किया तूने हम नशीन 577 00:35:05,940 --> 00:35:11,940 एक तीर मेरे साइन में मारा के हाय-हाय ये 578 00:35:09,539 --> 00:35:13,858 शेर कोलकाता के हवाले से था लेकिन मैं 579 00:35:11,940 --> 00:35:16,679 आपसे ये दोनों चीजों के बारे में जानना 580 00:35:13,858 --> 00:35:20,900 चाह रहा था उनका कलकत्ते का दौरा और ये 581 00:35:16,679 --> 00:35:22,699 बनारस में जो वो मसनवी है देखिए 582 00:35:20,900 --> 00:35:25,980 असल में 583 00:35:22,699 --> 00:35:28,500 आमतौर से उर्दू शायरी बहुत सारे जो नॉन 584 00:35:25,980 --> 00:35:31,019 उर्दू स्पीकिंग यार रीडिंग राइटिंग पीपल 585 00:35:28,500 --> 00:35:35,219 है जिनकी मदर तंग या फर्स्ट रैंक उर्दू 586 00:35:31,019 --> 00:35:40,519 नहीं है बहुत लोगों तक सबके नहीं बहुत हो 587 00:35:35,219 --> 00:35:44,699 गए द जिनके पास उर्दू जो ग़ज़ल सिंगर हैं 588 00:35:40,519 --> 00:35:48,380 उनसे पूछिए तो उनको कुछ इंप्रेशन ऐसा है 589 00:35:44,699 --> 00:35:51,679 की उर्दू शायरी का मतलब आशिकी और कुछ 590 00:35:48,380 --> 00:35:51,680 परवाना शर्मा 591 00:35:59,420 --> 00:36:05,940 गया है उसको शायरी कहना जो है बड़ा 592 00:36:02,579 --> 00:36:05,940 मुश्किल तो 593 00:36:06,539 --> 00:36:13,739 12 जो संजीदा शायरी है और जो उस्तादों की 594 00:36:10,739 --> 00:36:17,299 लिखी हुई है 300 400 साल 595 00:36:13,739 --> 00:36:21,118 वह शायरी के बारे में बहुत कम लोग जानते द 596 00:36:17,300 --> 00:36:23,300 ग़ालिब ने एक बहुत मतलबी डिटेल में उसकी 597 00:36:21,119 --> 00:36:26,640 टेक्नोलॉजी 598 00:36:23,300 --> 00:36:29,820 पोयम लिखी है मैं उसे मतलबी को पोयम ही 599 00:36:26,639 --> 00:36:34,199 कहूंगा चिराग 600 00:36:29,820 --> 00:36:36,900 उन्होंने जो बनारस का उसके घाट उसके मंदिर 601 00:36:34,199 --> 00:36:40,799 में उसकी रश्मि उसके तौर तरीके उसका जो 602 00:36:36,900 --> 00:36:44,480 बयान किया है उसमें वह आपको लगता है की इस 603 00:36:40,800 --> 00:36:50,839 शख्स यह कितनी मोहब्बत से और कितने 604 00:36:44,480 --> 00:36:53,880 लिख रहा है सब कुछ यह जो पहलू है उर्दू 605 00:36:50,838 --> 00:36:57,299 मैं इसके अलावा भी और शायर हुए हैं 606 00:36:53,880 --> 00:36:59,599 जिन्होंने बनारस के घाट पर तुलसी घाट पर 607 00:36:57,300 --> 00:36:59,599 मंदिर 608 00:37:17,059 --> 00:37:22,039 था पवित्रता का मिला देखो 609 00:37:20,639 --> 00:37:25,920 तो 610 00:37:22,039 --> 00:37:30,358 यह शायरी जो है यह कोई नई बात नहीं है 611 00:37:25,920 --> 00:37:31,700 उर्दू में और ग़ालिब जैसा सेकुलर और 612 00:37:30,358 --> 00:37:35,098 फॉरवर्ड लुकिंग 613 00:37:31,699 --> 00:37:37,679 जाहिर है की जब दुनिया के चंद पुराने 614 00:37:35,099 --> 00:37:40,079 शहरों में से बनारस और उसकी जो ट्रेडीशन 615 00:37:37,679 --> 00:37:42,719 रही हैं और आज भी हैं वो उसे कितनी 616 00:37:40,079 --> 00:37:44,820 फेसिनेट की होंगी उतने दिल्ली आगरा में 617 00:37:42,719 --> 00:37:48,118 देखा होगा मैं इस पैमाने पे नहीं देखा 618 00:37:44,820 --> 00:37:50,760 होगा जो बनारस में होता है तो उसने उसको 619 00:37:48,119 --> 00:37:51,680 रुक गया वो कहां मेरे खर्चे एक दो महीने 620 00:37:50,760 --> 00:37:54,540 मारा 621 00:37:51,679 --> 00:37:57,960 और जा रहा था कोलकाता रास्ते में सफर ही 622 00:37:54,539 --> 00:37:59,239 रोक दिया और बनारस से जो उसने अपना इश्क 623 00:37:57,960 --> 00:38:02,539 और अपना 624 00:37:59,239 --> 00:38:02,539 श्रद्धा दिखाइए 625 00:38:20,579 --> 00:38:26,880 बनारस कितनी जो उनकी अकीदत है मोहब्बत है 626 00:38:24,079 --> 00:38:28,800 जिसको ज़ाहिर किया है वो समझता है की वो 627 00:38:26,880 --> 00:38:30,539 अपने आप में शायरी का एक जबरदस्त नमूना है 628 00:38:28,800 --> 00:38:32,820 जो शायद हिंदुस्तान की सारी जवानों को भी 629 00:38:30,539 --> 00:38:34,739 सामने रखेंगे तो मैं ये नहीं का रहा की 630 00:38:32,820 --> 00:38:38,099 उनमें कोई हल्का कम होगा लेकिन ग़ालिब का 631 00:38:34,739 --> 00:38:39,899 कम उसमें एक बहुत पसंद है और एक बात आपने 632 00:38:38,099 --> 00:38:43,079 कल अपने इंट्रोडक्शन में बड़ी dilchas बात 633 00:38:39,900 --> 00:38:45,420 कही थी जब यहां इस्तक करते हुए की जैसे 634 00:38:43,079 --> 00:38:48,240 होली पर यह गली से थोड़ा सा भटक रहे हैं 635 00:38:45,420 --> 00:38:51,059 हम की जो नज़्म उर्दू में हैं शायद ही 636 00:38:48,239 --> 00:38:53,338 किसी और जुबान में हो ऐसे ही जैसे ग़ालिब 637 00:38:51,059 --> 00:38:55,519 की ये जो मसाला भी है बनारस शायद ही किसी 638 00:38:53,338 --> 00:38:55,519 और 639 00:38:55,880 --> 00:39:03,838 ने इस्तेमाल किया था 640 00:38:59,000 --> 00:39:06,380 मैंने कहा था की उर्दू में होली पर जो 641 00:39:03,838 --> 00:39:06,380 नज्में हैं 642 00:39:10,139 --> 00:39:15,118 मैं तो बहुत सारे त्यौहार जिनके बारे में 643 00:39:12,480 --> 00:39:16,740 मैं जानता नहीं था वह मैंने उर्दू शायरी 644 00:39:15,119 --> 00:39:19,940 से सीखे हैं 645 00:39:16,739 --> 00:39:23,519 मतलब एक त्यौहार है 646 00:39:19,940 --> 00:39:26,338 जिसमें जैनी त्यौहार बड़ा खूबसूरत 647 00:39:23,519 --> 00:39:28,139 देना अच्छा मावनी जिसमें आप किसी से भी 648 00:39:26,338 --> 00:39:30,838 आपको लगे की मैंने गलत बात की तो जाकर 649 00:39:28,139 --> 00:39:33,239 क्षमा मांग लीजिए वो आपका मांगना कर्तव्य 650 00:39:30,838 --> 00:39:37,380 है उसका माफ करना कर्तव्य है कितनी 651 00:39:33,239 --> 00:39:40,139 खूबसूरत इस त्यौहार पे एक पोयम है उर्दू 652 00:39:37,380 --> 00:39:43,079 में उसे पोयम के जरिए मुझे इस त्यौहार का 653 00:39:40,139 --> 00:39:44,819 पता चला जन्माष्टमी होली दिवाली तो खैर हम 654 00:39:43,079 --> 00:39:46,619 सब जानते ही है हमारी जिंदगी का हिस्सा है 655 00:39:44,820 --> 00:39:51,900 मुझे chhamauni के बारे में नहीं पता था 656 00:39:46,619 --> 00:39:53,660 तो ये आप एक कम करिए मेरा आपको सजेस्ट 657 00:39:51,900 --> 00:39:58,200 करूंगा की यहां पर 658 00:39:53,659 --> 00:40:00,779 राजकमल जो पब्लिकेशन है उसने यहां शायद 659 00:39:58,199 --> 00:40:03,059 आपको मिल भी जाए हिंदुस्तान हमारा दो 660 00:40:00,780 --> 00:40:06,060 वॉल्यूम है जिसमें उर्दू शायरी है 661 00:40:03,059 --> 00:40:10,259 हिंदुस्तान की जो हिस्ट्री है हिंदुस्तान 662 00:40:06,059 --> 00:40:12,779 के हिंदुस्तान में जो रिवॉल्यूशन के खिलाफ 663 00:40:10,260 --> 00:40:15,240 हर पीरियड में हिंदुस्तान की जो बड़े-बड़े 664 00:40:12,780 --> 00:40:21,079 हीरोज पैदा हुए इस देश में उनके बारे में 665 00:40:15,239 --> 00:40:25,039 सारी हर मौसम शहर सब पे आपको 666 00:40:21,079 --> 00:40:27,839 मेरे फादर ने एडिट की थी तो वो ये ये 667 00:40:25,039 --> 00:40:30,000 रिप्रेजेंटेटिव शायरी है उर्दू में इन 668 00:40:27,838 --> 00:40:32,299 टॉपिक्स पे आप जाकर सिर्फ उसका जब वह 669 00:40:30,000 --> 00:40:34,800 देखेंगे इंडेक्स तो ये आप हैरान हो जाएगा 670 00:40:32,300 --> 00:40:37,440 झांसी की रानी पे एक पोयम है उर्दू में 671 00:40:34,800 --> 00:40:40,500 मैं आज तक ये उम्र हो गई मेरी वो नजम में 672 00:40:37,440 --> 00:40:42,838 बिना रो पद ही नहीं पता हूं तो ऐसा ऐसा कम 673 00:40:40,500 --> 00:40:48,079 है मगर वो लोगों तक नहीं पहुंचा हुआ है 674 00:40:42,838 --> 00:40:48,078 इसीलिए उनका कुछ इमेज जो है उर्दू का 675 00:40:48,358 --> 00:40:53,400 बड़ी खूबसूरत बड़ी शायराना जबान है और 676 00:40:51,358 --> 00:40:55,619 उसमें बड़ी मोहब्बत की बातें सिर्फ 677 00:40:53,400 --> 00:40:59,099 मोहब्बत की बातें नहीं होती उसमें हर बात 678 00:40:55,619 --> 00:41:01,440 होती है जब ये सब मैं मैं खासतौर पे 679 00:40:59,099 --> 00:41:03,140 ऑडियंस के लिए यहां थोड़ा सा एक जिक्र कर 680 00:41:01,440 --> 00:41:06,420 डन की अभी हाल ही में 681 00:41:03,139 --> 00:41:09,838 दया गैर फारसी में उसका तर्जुमा हुआ है 682 00:41:06,420 --> 00:41:12,838 अंग्रेजी में बहुत नौजवान साथी हैं पढ़ते 683 00:41:09,838 --> 00:41:16,139 हैं mansbin बिलाल इत्तेफाक से इस वक्त 684 00:41:12,838 --> 00:41:17,519 यहां नहीं है और उन्होंने टेंपल लैंप नाम 685 00:41:16,139 --> 00:41:20,940 से उसका तर्जुमा किया है अंग्रेजी में 686 00:41:17,519 --> 00:41:23,639 किताब मौजूद है इसी तरह से गालिब के असर 687 00:41:20,940 --> 00:41:25,980 का ग़ालिब की बहुत सारी चीजों का अंग्रेजी 688 00:41:23,639 --> 00:41:28,920 में तर्जुमा हो रहा है और अब बहुत ज्यादा 689 00:41:25,980 --> 00:41:30,719 तेजी से हो रहा है जनाब इस संजीत सर आप 690 00:41:28,920 --> 00:41:33,320 साहब यहां मौजूद हैं उनके किताब हमने 691 00:41:30,719 --> 00:41:36,559 पिछले जो रिश्ते का एडिशन हुआ था 692 00:41:33,320 --> 00:41:41,400 ग़ालिब शारीरिक खमन ना भाई वो वाला पूरा 693 00:41:36,559 --> 00:41:45,539 आते हैं वेब से ये mazami ख्याल में वो 694 00:41:41,400 --> 00:41:48,780 पूरा एक एक अच्छी सेहतमंद कृष्ण की किताब 695 00:41:45,539 --> 00:41:50,779 है जिसमें बहुत सारे असर हैं और आज एक 696 00:41:48,780 --> 00:41:55,560 किताब का इतता होने वाला है 697 00:41:50,780 --> 00:41:58,560 3.5 बजे डॉक्टर नजीब जंग साहब ने ग़ालिब 698 00:41:55,559 --> 00:42:01,559 का जो पूरा दीवान है उसका अंग्रेजी में 699 00:41:58,559 --> 00:42:04,259 तर्जुमा किया है तो उसे पे आज यही रखता 700 00:42:01,559 --> 00:42:06,838 में एक सेशन है उसमें तशरीफ़ लाएगा मैं एक 701 00:42:04,260 --> 00:42:10,980 बात आपको थोड़ा सा ये याद दिलाना चाह रहा 702 00:42:06,838 --> 00:42:14,039 था की 1969 में ग़ालिब की बरसी हुई 703 00:42:10,980 --> 00:42:18,780 और गांधी जी की जयंती भी हुई 704 00:42:14,039 --> 00:42:21,239 एक अंसार हरवानी साहब आपके मामू आपके मामू 705 00:42:18,780 --> 00:42:24,359 और वो बैठे हैं कोने में जो आखिरी और 706 00:42:21,239 --> 00:42:26,819 खुशबू कर रहे हैं उनके वालिद नासिर हरवानी 707 00:42:24,358 --> 00:42:30,299 वहां बैठे हुए हैं अंसार आडवाणी साहब के 708 00:42:26,820 --> 00:42:32,579 बेटे वो चेयरमैन सेलिब्रेशन उसके हवाले से 709 00:42:30,300 --> 00:42:35,720 एक-दो कुछ किस हैं आपको याद है नहीं मुझे 710 00:42:32,579 --> 00:42:35,720 उसमें क्या है 711 00:42:46,519 --> 00:42:56,280 अलग-अलग और 14 अगस्त को वहां से छूट द 712 00:42:51,179 --> 00:42:59,399 कोलकाता जेल से तो वो कांग्रेस के एमपी भी 713 00:42:56,280 --> 00:43:02,460 रहे काफी दिनों तक मेरे ख्याल से आहिस्ता 714 00:42:59,400 --> 00:43:04,740 उठ के सामने से लोग जा रहे हैं तो नहीं 715 00:43:02,460 --> 00:43:06,019 कोई बात नहीं तो 716 00:43:04,739 --> 00:43:10,699 है तो 717 00:43:06,019 --> 00:43:10,699 तो अब जल्दी से जल्दी 718 00:43:14,119 --> 00:43:17,119 लिखिए 719 00:43:19,579 --> 00:43:24,440 हम दोनों क्या कातिल हैं दोनों के पुजारी 720 00:43:25,338 --> 00:43:31,380 हम गांधी की तो बड़ी इज्जत करते हैं लेकिन 721 00:43:28,380 --> 00:43:33,838 गांधी की जो वैल्यूज है उनको हम भूल जाते 722 00:43:31,380 --> 00:43:35,940 हैं हम गालिब की बड़ी इज्जत करते हैं जो 723 00:43:33,838 --> 00:43:40,139 लेकिन ग़ालिब की जो जुबान थी उसे भूल जाते 724 00:43:35,940 --> 00:43:43,099 हैं तो हमें गांधी की वैल्यू की जबान 725 00:43:40,139 --> 00:43:43,098 दोनों को याद रखना चाहिए 726 00:43:43,699 --> 00:43:47,000 मैं उनसे बात कर रहा था फोन पर ऐसी बात 727 00:43:45,960 --> 00:43:50,039 उन्होंने 728 00:43:47,000 --> 00:43:53,280 साहब का की उसे जमाने में मशहूर था की दिन 729 00:43:50,039 --> 00:43:55,940 में अंसार हरवानी गांधी जयंती करते हैं और 730 00:43:53,280 --> 00:44:01,800 रात में ग़ालिब की बरसी 731 00:43:55,940 --> 00:44:03,780 और और उसे हवाले से बहुत सारी चीज उसे 732 00:44:01,800 --> 00:44:06,839 वक्त तरतीब दी गई थी हालांकि लोगों ने 733 00:44:03,780 --> 00:44:08,940 मजाक उदय साहिब ने की तरफ आपने इशारा किया 734 00:44:06,838 --> 00:44:12,799 लेकिन साथ ही साथ ये भी है की एवं वाले 735 00:44:08,940 --> 00:44:12,800 मेरे ख्याल से इन सब की शुरुआत 736 00:44:20,000 --> 00:44:26,699 थी लेकिन हमें दोनों को याद रखना है दोनों 737 00:44:23,460 --> 00:44:28,679 को इज्ज हैं और दोनों ने जो हमें बताया एक 738 00:44:26,699 --> 00:44:31,439 ने हमें एक जुबान जी एक ने हमें एक 739 00:44:28,679 --> 00:44:32,879 संस्कार दिया उन्हें भी तो याद रखना जरूरी 740 00:44:31,440 --> 00:44:36,059 है ना 741 00:44:32,880 --> 00:44:40,079 अच्छा ऐसा है सबके आपके जो कुछ पसंदीदा 742 00:44:36,059 --> 00:44:42,000 कुछ असर जो रह गए हो उनका जिक्र शुरू करना 743 00:44:40,079 --> 00:44:45,240 चाहें गली के 744 00:44:42,000 --> 00:44:47,099 थोड़ा सा इसलिए की जब आप आशा के बारे में 745 00:44:45,239 --> 00:44:49,019 बात करते हैं और समझते हैं एक जमाने में 746 00:44:47,099 --> 00:44:52,039 आप चैनल भी कुछ ऐसी चलती थी आपकी जिसमें 747 00:44:49,019 --> 00:44:52,960 आप देखना छोड़ दिया वो अभी चल रही है 748 00:44:52,039 --> 00:44:56,039 [हंसी] 749 00:44:52,960 --> 00:44:59,579 [प्रशंसा] 750 00:44:56,039 --> 00:45:02,659 तो वो गालिब पर कुछ अक्षर एक तश्री लोग 751 00:44:59,579 --> 00:45:02,660 फरमाइश कर रहे हैं पीछे से 752 00:45:02,960 --> 00:45:07,740 रेफरेंस याद आते हैं लेकिन मैंने कुछ शेयर 753 00:45:05,519 --> 00:45:10,039 जो मुझे बहुत पसंद है वो मैंने लिख लिए द 754 00:45:07,739 --> 00:45:10,039 मैं देखता हूं 755 00:45:14,818 --> 00:45:19,920 रगों में दौड़ते दौड़ते फिरने के हम नहीं 756 00:45:18,179 --> 00:45:24,618 आए 757 00:45:19,920 --> 00:45:24,619 जवाब ही से मैं टपका तो फिर लहू क्या है 758 00:45:28,500 --> 00:45:32,119 रंग से कुकर हुआ 759 00:45:37,099 --> 00:45:44,280 हिंसा तो मिट जाता है रंज 760 00:45:41,039 --> 00:45:45,269 मुश्किलें मुझमें पर पड़ी इतनी क्या आशा 761 00:45:44,280 --> 00:45:50,699 हो गई 762 00:45:45,269 --> 00:45:50,699 [प्रशंसा] 763 00:45:52,818 --> 00:45:58,380 अल्टीमेटली जो प्लेजर है 764 00:45:55,280 --> 00:45:59,940 ड्रॉप का वो ये है की वो दरिया में जाकर 765 00:45:58,380 --> 00:46:03,150 खो जाए 766 00:45:59,940 --> 00:46:08,708 दर्द का हद से गुजरना है 767 00:46:03,150 --> 00:46:08,709 [प्रशंसा] 768 00:46:11,719 --> 00:46:15,199 लंबी फेरे 769 00:46:20,900 --> 00:46:23,900 जी जी 770 00:46:33,559 --> 00:46:38,639 मत करो 771 00:46:35,818 --> 00:46:40,338 मारे bukhane में तो काबे में गढ़ो 772 00:46:38,639 --> 00:46:43,078 ब्राह्मण को 773 00:46:40,338 --> 00:46:46,199 मंदिर में मार्ता है वही चना रिस्पेक्टबल 774 00:46:43,079 --> 00:46:49,859 है की यू कैन वेरी एम इन डी कब 775 00:46:46,199 --> 00:46:54,480 की उसे अपनी जो बिलीव है उससे वह फैठफुल 776 00:46:49,858 --> 00:46:56,900 है उससे वो नहीं पुरी तरह से कमिटेड है 777 00:46:54,480 --> 00:46:56,900 क्या 778 00:46:59,719 --> 00:47:04,818 बंदे में घिराई एन कुछ सुबह 779 00:47:07,519 --> 00:47:12,679 ब्राह्मण की आजमाइश है ये तो सब जानते हैं 780 00:47:12,739 --> 00:47:21,719 और ना जनेऊ के घेरे में कोई बात है 781 00:47:17,219 --> 00:47:22,379 ब्राह्मण और शेर की आजमाइश तो वफादारी में 782 00:47:21,719 --> 00:47:24,858 है 783 00:47:22,380 --> 00:47:28,579 [प्रशंसा] 784 00:47:24,858 --> 00:47:28,578 यह सबसे नहीं चलेगा 785 00:48:06,559 --> 00:48:10,259 अजीब-अजीब शेर है अब देखिए आप उनका एक शेर 786 00:48:08,818 --> 00:48:13,519 है की 787 00:48:10,260 --> 00:48:17,700 पढ़ते हुए खुद से है शबनम को फना की तालीम 788 00:48:13,519 --> 00:48:19,940 के जब सूरज की किरण पड़ती है उसकी बूंद पे 789 00:48:17,699 --> 00:48:24,059 तो वो उद जाती है 790 00:48:19,940 --> 00:48:26,659 प्रोग्राम है तो इवेपरेट जैसे ही सूरज की 791 00:48:24,059 --> 00:48:26,659 किरण न्यूज़ पर पड़े 792 00:48:26,719 --> 00:48:34,919 शबनम को फना की ताली 793 00:48:29,940 --> 00:48:38,818 मैं भी हूं एक इनायत की नजर होने तक 794 00:48:34,920 --> 00:48:40,318 जैसे ही मुझे अप्रिशिएसन मिला मैं भी खत्म 795 00:48:38,818 --> 00:48:43,500 हो जाऊं 796 00:48:40,318 --> 00:48:44,719 जैसे की सूरज की बूंद सूरज की किरण पढ़ते 797 00:48:43,500 --> 00:48:48,719 ही खत्म हो जाते 798 00:48:44,719 --> 00:48:51,618 क्या क्या अजीब अजीब शेर है उसके हान वो 799 00:48:48,719 --> 00:48:51,618 नहीं वफा पर 800 00:48:51,889 --> 00:49:01,039 [प्रशंसा] 801 00:48:55,639 --> 00:49:04,920 है बेवफा सही जिसको हो जानू दिल 802 00:49:01,039 --> 00:49:07,338 से जिसको हो जानो दिल अजीब उसकी गली में 803 00:49:04,920 --> 00:49:07,338 जाए क्यों 804 00:49:08,579 --> 00:49:12,500 इसको लोग दिनों दिल अज़ीज़ भी कहते हैं 805 00:49:23,119 --> 00:49:28,740 तो 806 00:49:25,579 --> 00:49:31,380 ग़ालिब को आने वाले दिनों में हम कैसे याद 807 00:49:28,739 --> 00:49:34,019 कर सकते हैं इसलिए की नौजवान नसीब के लोग 808 00:49:31,380 --> 00:49:37,440 एक बड़ी तादाद में यहां मौजूद हैं डिजिटल 809 00:49:34,019 --> 00:49:42,259 मीडिया है जमाना बदल रहा है अब वो किताबें 810 00:49:37,440 --> 00:49:42,260 वगैरा तो पढ़ते हैं लोग लेकिन फिर क्या है 811 00:49:56,338 --> 00:50:02,818 आज जो है विटामिन की गोली 812 00:49:59,579 --> 00:50:07,160 आप जब कांस्टेंटली 8 को कंज्यूम करते हैं 813 00:50:02,818 --> 00:50:07,159 अप्रिशिएट करते हैं तो आपका 814 00:50:08,059 --> 00:50:13,318 डिवेलप होता है 815 00:50:10,338 --> 00:50:16,739 आपको समझ में आता है क्या खूबसूरत है और 816 00:50:13,318 --> 00:50:20,159 क्या खूबसूरत नहीं है धीरे-धीरे 817 00:50:16,739 --> 00:50:24,118 जो बुरा है वो खूबसूरत नहीं है तो अच्छा 818 00:50:20,159 --> 00:50:27,420 है वो खूबसूरत होता है तो आपको स्टैटिकली 819 00:50:24,119 --> 00:50:30,660 अच्छे और बुरे की तमीज होने लगती है 820 00:50:27,420 --> 00:50:33,900 कोई आदमी जो दीप इन शायरी और शायरी को री 821 00:50:30,659 --> 00:50:35,940 अप्रिशिएट करता हो वो बहुत नफरत अपने दिल 822 00:50:33,900 --> 00:50:36,769 में नहीं रख पाएगा शायरी नफरत करने नहीं 823 00:50:35,940 --> 00:50:39,659 देगी आपको 824 00:50:36,769 --> 00:50:41,759 [प्रशंसा] 825 00:50:39,659 --> 00:50:44,219 तो 826 00:50:41,760 --> 00:50:47,700 अभी हम लोग थोड़ा क्या हो रहा है हमारी जो 827 00:50:44,219 --> 00:50:48,439 प्रोग्रेस है आगे इंडिविजुअल को लोपिड हो 828 00:50:47,699 --> 00:50:52,618 रही है 829 00:50:48,440 --> 00:50:55,200 हमारे हाथ तो आसमान को छू रहे मगर पैर 830 00:50:52,619 --> 00:50:59,220 जमीन से अलग हो गए थोड़े से 831 00:50:55,199 --> 00:51:01,618 यह जो हमारी सदियों की तहजीब है ट्रेडीशंस 832 00:50:59,219 --> 00:51:04,558 है चाहे वो हमारा फाग कार्ट हो चाहे हमारी 833 00:51:01,619 --> 00:51:07,260 शायरी हो चाहे हमारे डांस हो चाहे मैं 834 00:51:04,559 --> 00:51:10,140 क्लासिकल म्यूजिक हो दुनिया में एक मुल्क 835 00:51:07,260 --> 00:51:12,780 हिंदुस्तान जिसमें दो क्लासिकल ट्रेडीशंस 836 00:51:10,139 --> 00:51:15,659 हैं हिंदुस्तानी संगीत कर्नाटक संगीत 837 00:51:12,780 --> 00:51:18,300 दुनिया में कोई दूसरा मुल्क नहीं है जो 838 00:51:15,659 --> 00:51:20,578 वेरिएशन आपका म्यूजिक का महाराष्ट्र जा के 839 00:51:18,300 --> 00:51:23,420 मणिपुर तक मिलेगा जो कश्मीर से 840 00:51:20,579 --> 00:51:23,420 कन्याकुमारी मिलेगी 841 00:51:55,619 --> 00:52:01,318 उन्हें मिलके यहां मैं कंप्लीट पर्सनैलिटी 842 00:51:58,559 --> 00:52:03,300 बनेंगे वह यह रहा है की हम इसको थोड़ा 843 00:52:01,318 --> 00:52:06,179 इग्नोर कर गए 844 00:52:03,300 --> 00:52:09,059 मुझे खुशी है की यह गलती मेरी जेनरेशन से 845 00:52:06,179 --> 00:52:11,759 हुई थी लेकिन जो आपकी जेनरेशन है आज के जो 846 00:52:09,059 --> 00:52:14,579 यंगस्टर है उनमें तलाश है की कुछ समान 847 00:52:11,760 --> 00:52:16,700 कहीं खो गया है वो कहां है आप उसे ढूंढ 848 00:52:14,579 --> 00:52:16,700 रहे हैं 849 00:52:19,019 --> 00:52:26,300 तो अब हम आप ही के भरोसे हैं 850 00:52:22,858 --> 00:52:26,299 और ग़ालिब क्या कर सकते हैं इसमें 851 00:52:26,480 --> 00:52:32,818 बहुत बड़ा पार्ट है आपके हेरिटेज का उसमें 852 00:52:29,880 --> 00:52:34,920 कोई शक ही नहीं है और बहुत से लोग हैं 853 00:52:32,818 --> 00:52:36,380 उनमें से खाली भी है इंपॉर्टेंट आदमी है 854 00:52:34,920 --> 00:52:40,099 और 855 00:52:36,380 --> 00:52:40,099 जो हमारे कल्चर 856 00:52:46,880 --> 00:52:52,260 इतना बड़ा पेट जो है हमारे यहां पैदा हुए 857 00:52:49,739 --> 00:52:54,959 जैसे हम प्राउड फुल करते हैं की 3.5 हजार 858 00:52:52,260 --> 00:53:00,660 साल पहले हमारे यहां 4000 साल पहले 859 00:52:54,960 --> 00:53:03,659 कालिदास हुए हमारे यहां मिर्च के गए हमारे 860 00:53:00,659 --> 00:53:06,358 यहां अरे अजीब अजीब बातें हुई हैं लोगों 861 00:53:03,659 --> 00:53:10,399 को पता ही नहीं है दुनिया में पहला मुल्क 862 00:53:06,358 --> 00:53:12,539 है हिंदुस्तान जहां पर एक ऑर्गेनाइज्ड 863 00:53:10,400 --> 00:53:15,358 मूवमेंट शुरू हुआ 864 00:53:12,539 --> 00:53:17,000 3.5 हजार साल पहले 865 00:53:15,358 --> 00:53:20,338 चार्वाक 866 00:53:17,000 --> 00:53:24,318 लीडर द बृहस्पति 867 00:53:20,338 --> 00:53:29,219 साधे 3000 साल पहले वो लोग पैदा 868 00:53:24,318 --> 00:53:31,619 द की मौत के बाद कुछ नहीं है सब बकवास जिस 869 00:53:29,219 --> 00:53:33,358 दिन तो मार गए उसे दिन खत्म हो गए ये सबके 870 00:53:31,619 --> 00:53:36,240 कोई तुम्हें बैठा देख रहा और तुम्हें सजा 871 00:53:33,358 --> 00:53:39,299 मिलेगी और ये कुछ नहीं होने वाला 872 00:53:36,239 --> 00:53:41,939 वो गलत कहते द सही कहते द अलग बहस है मगर 873 00:53:39,300 --> 00:53:44,039 यह कहते तो द 874 00:53:41,940 --> 00:53:47,159 उद्योग मानते होंगे कुछ लोग नहीं मानते 875 00:53:44,039 --> 00:53:47,159 होंगे तो 876 00:53:50,099 --> 00:53:56,000 [प्रशंसा] 877 00:53:54,059 --> 00:54:01,619 लेकिन यह 878 00:53:56,000 --> 00:54:03,139 थॉट थी और कमल क्या है की इस समाज ने 879 00:54:01,619 --> 00:54:06,900 बृहस्पति को 880 00:54:03,139 --> 00:54:10,578 उसे समाज ने जिसने चारबाग जैसे मोमिन चलाए 881 00:54:06,900 --> 00:54:12,150 द गोली नहीं मार दी थी कानपुर की तरह 882 00:54:10,579 --> 00:54:17,559 पंसारे की तरह 883 00:54:12,150 --> 00:54:17,559 [प्रशंसा] 884 00:54:17,719 --> 00:54:23,338 की थी मेरे ख्याल से कुछ लोग जानना 885 00:54:20,699 --> 00:54:26,338 चाहेंगे की कहा जाता है की ग़ालिब हमने 886 00:54:23,338 --> 00:54:29,099 सिर्फ शायरी की बात की है आपको पता है 887 00:54:26,338 --> 00:54:32,338 गालिब ने बहुत सारे लिखे हैं और कुछ 888 00:54:29,099 --> 00:54:36,300 स्कॉलरशिप यहां तक कहते हैं की ग़ालिब के 889 00:54:32,338 --> 00:54:39,779 जो खाटू हैं उनका प्रस में तकरीबन उतना ही 890 00:54:36,300 --> 00:54:43,460 मकाम है जितना शायरी में उनके असर की वजह 891 00:54:39,780 --> 00:54:43,460 से उनके खुद के बारे में कुछ 892 00:54:44,000 --> 00:54:50,519 दुनिया में 893 00:54:46,039 --> 00:54:51,980 99% लोग यह बिलीव करते हैं की जो नहीं हुआ 894 00:54:50,519 --> 00:54:55,559 है वह नहीं होना चाहिए 895 00:54:51,980 --> 00:54:58,380 नथिंग शोल्ड हैपन फॉर डी फर्स्ट टाइम अरे 896 00:54:55,559 --> 00:55:01,339 भाई पहली बार नहीं होगा तो होगा कैसे मगर 897 00:54:58,380 --> 00:55:04,338 पहली बार कुछ करने को लोग तैयार नहीं होते 898 00:55:01,338 --> 00:55:04,338 फिर 899 00:55:06,079 --> 00:55:13,500 जमाने में एक बड़ा फॉर्मल तरीका था लेटर 900 00:55:09,780 --> 00:55:15,780 लिखने का उसकी लैंग्वेज भी अलग होती थी जो 901 00:55:13,500 --> 00:55:17,900 आप बात नहीं करते वो लेटेस्ट में होती थी 902 00:55:15,780 --> 00:55:22,519 ग़ालिब ने उसे तोड़ दिया 903 00:55:17,900 --> 00:55:22,519 फिर सामने बैठ के बात कर रहा है ऐसे 904 00:55:24,800 --> 00:55:30,119 किसी ने इस तरह के हथिनी पड़े द इस अंदाज़ 905 00:55:28,019 --> 00:55:32,759 से के जैसे बात हो रही है लिख तो रही ही 906 00:55:30,119 --> 00:55:35,880 नहीं वो तो वो हंगामा कर दिया उन्होंने 907 00:55:32,760 --> 00:55:39,180 इसलिए की वो पहली बार इस तरह के खत लिखे 908 00:55:35,880 --> 00:55:41,539 गए हैं पहली बार बहुत कम लोग होते हैं जो 909 00:55:39,179 --> 00:55:45,118 कोई नया कम करने की हिम्मत रखते हैं 910 00:55:41,539 --> 00:55:46,279 ग़ालिब ने किया और फिर उसका जबान पे भी 911 00:55:45,119 --> 00:55:49,380 असर 912 00:55:46,280 --> 00:55:51,780 पडले पे भी असर पड़ा जो लेटर राइटिंग है 913 00:55:49,380 --> 00:55:54,559 उसे पर भी असर पड़ा और आज जो लिटरेचर की 914 00:55:51,780 --> 00:55:54,559 तरह पढ़े जाते हैं 915 00:55:56,480 --> 00:56:02,639 लेटेस्ट इसलिए की वो बहुत पढ़ने वाली बात 916 00:55:59,519 --> 00:56:04,199 है और बहुत dilchas में उनके खाते हैं और 917 00:56:02,639 --> 00:56:06,779 जो अंदाज़ है उनका वो लिखने का वो बस 918 00:56:04,199 --> 00:56:10,019 दिलचस्प है मेरे ख्याल से हमारा वक्त हुआ 919 00:56:06,780 --> 00:56:11,880 जाता है जब ये सब बहुत ने हमारा तो वक्त 920 00:56:10,019 --> 00:56:15,659 नहीं होता है 921 00:56:11,880 --> 00:56:16,980 ये ये प्रोग्राम खत्म हो रहा है हमारा 922 00:56:15,659 --> 00:56:19,699 वक्त तो अभी बहुत दिनों बाद आएगा 923 00:56:16,980 --> 00:56:22,500 [प्रशंसा] 924 00:56:19,699 --> 00:56:23,719 स्टार के साथ यहां बैठ के बात करना आप देख 925 00:56:22,500 --> 00:56:26,119 रहे हैं 926 00:56:23,719 --> 00:56:29,098 हमारे दोस्त हैं 927 00:56:26,119 --> 00:56:31,680 वो अंग्रेजी के जर्नलिस्ट है अपने 928 00:56:29,099 --> 00:56:34,500 पॉप्युलर है तो उन्हें ख्याल आया की भाई 929 00:56:31,679 --> 00:56:36,598 मैं अंग्रेजी में जर्नलिज्म करता हूं तो 930 00:56:34,500 --> 00:56:38,818 एक सर्टेन सर्कल तक पहुंचता हूं मुझे 931 00:56:36,599 --> 00:56:41,940 हिंदी में भी इंटरव्यू लेना चाहिए ताकि 932 00:56:38,818 --> 00:56:44,579 मेरा सर्कल बड़ा हो तो मेरी सहमत पहला 933 00:56:41,940 --> 00:56:47,240 इंटरव्यू उन्होंने मेरे ही ले लिया और वो 934 00:56:44,579 --> 00:56:52,640 अपना सवाल लिख के ले द ठीक चलते रहे 935 00:56:47,239 --> 00:56:52,639 आखिरी सवाल में उन्होंने पोल खोल दी 936 00:56:54,179 --> 00:57:00,598 आपको इतने वोट मिले हैं इतने ऑनर्स मिले 937 00:56:57,300 --> 00:57:04,400 हैं इतनी आपने अचीवमेंट किए हैं 938 00:57:00,599 --> 00:57:04,400 आपकी कोई आखिरी ख्वाहिश है 939 00:57:04,800 --> 00:57:09,539 वो कहना चाहे ये चाह रहा था की अब आपका 940 00:57:06,960 --> 00:57:12,659 क्या एंबीशन है क्या आपकी कोई आखिरी 941 00:57:09,539 --> 00:57:14,880 ख्वाहिश है तो मैंने उनसे पूछा की मतलब इस 942 00:57:12,659 --> 00:57:15,799 इंटरव्यू के बाद आप क्या मुझे गोली मरने 943 00:57:14,880 --> 00:57:18,480 वाले हैं 944 00:57:15,800 --> 00:57:20,640 ये आप फांसी देने वाले हैं जो आप मेरी 945 00:57:18,480 --> 00:57:23,519 आखिरी ख्वाहिश पूछ रहे हैं 946 00:57:20,639 --> 00:57:25,920 तो ऐसा हो जाता है तो हमारा वक्त नहीं आया 947 00:57:23,519 --> 00:57:30,179 देखिए कुछ नहीं वो सवाल मेरे ख्याल से है 948 00:57:25,920 --> 00:57:32,159 नहीं साहब इनका सवाल तो होगा देखा जाए 949 00:57:30,179 --> 00:57:35,349 पोयम का रही हैं सुनने के लिए 950 00:57:32,159 --> 00:57:35,349 [प्रशंसा] 951 00:57:37,940 --> 00:57:43,220 हान साहब 952 00:57:39,409 --> 00:57:46,889 [प्रशंसा] 953 00:57:43,219 --> 00:57:51,358 इतनी देर से सिर्फ कैसे करो हो रहा है 954 00:57:46,889 --> 00:57:55,279 [प्रशंसा] 955 00:57:51,358 --> 00:57:57,739 ठीक है 225 साल नहीं हुए तो क्या हुआ 956 00:57:55,280 --> 00:58:01,800 ठीक है 957 00:57:57,739 --> 00:58:04,799 ना तो रोशन है इंशाल्लाह 225 साल तक के 958 00:58:01,800 --> 00:58:08,160 अब हो तो क्या ना हो तो क्या 959 00:58:04,800 --> 00:58:10,079 तब तक हमारा वक्त हो जाएगा 960 00:58:08,159 --> 00:58:12,719 एक छोटी सी पोयम सुना देता हूं भैया 961 00:58:10,079 --> 00:58:15,510 चलते-चलते 962 00:58:12,719 --> 00:58:21,039 उसका नाम है यह खेल क्या है 963 00:58:15,510 --> 00:58:21,040 [प्रशंसा] 964 00:58:21,900 --> 00:58:28,639 मेरे मुखालिफ ने चाल चल दिए 965 00:58:24,440 --> 00:58:28,639 और अब मेरी चाल के इंतजार 966 00:58:30,440 --> 00:58:38,220 खानों में रखे काले सफेद मुहर्रम को देखता 967 00:58:34,139 --> 00:58:40,259 हूं मैं सोचता हूं ये मेरे क्या है अगर 968 00:58:38,219 --> 00:58:43,078 मैं समझूं की ये जो बोल रहे हैं सिर्फ 969 00:58:40,260 --> 00:58:47,339 लकड़ी के हैं खिलौने है तो जितना क्या है 970 00:58:43,079 --> 00:58:50,460 हर ना क्या है ना यह जरूरी ना वो है अगर 971 00:58:47,338 --> 00:58:53,539 खुशी है ना जितने की नहाने का ही कोई गम 972 00:58:50,460 --> 00:58:53,539 है तो फिर क्या 973 00:58:54,000 --> 00:58:59,699 मैं सोचता हूं जो खेलना है तो अपने दिल 974 00:58:57,719 --> 00:59:03,358 में यकीन कर लूं 975 00:58:59,699 --> 00:59:04,919 यह मोर सचमुच के बादशाह हो अज़ीज़ सचमुच 976 00:59:03,358 --> 00:59:08,519 के हैं प्याज 977 00:59:04,920 --> 00:59:11,720 और इनकी आगे है दुश्मनों की फौज रखती है 978 00:59:08,519 --> 00:59:11,719 जो की मुझको तबाह करने 979 00:59:12,659 --> 00:59:18,118 मगर मैं ऐसा क्यों 980 00:59:15,079 --> 00:59:21,119 सोचता हूं यह खेल कब है 981 00:59:18,119 --> 00:59:22,700 यह जंग है जिसको जितना है ये जंग है 982 00:59:21,119 --> 00:59:25,680 जिसमें सब है 983 00:59:22,699 --> 00:59:28,500 कोई ये कहता है जैसे मुझसे ये जंग भी है 984 00:59:25,679 --> 00:59:31,679 यह खेल भी है यह जंग है पर खिलाड़ियों की 985 00:59:28,500 --> 00:59:35,639 ये खेल है जंग की तरह का 986 00:59:31,679 --> 00:59:38,239 मैं सोचता हूं जो खेल है इसमें इस तरह का 987 00:59:35,639 --> 00:59:38,239 उसूल क्यों है 988 00:59:38,659 --> 00:59:44,899 मगर जो है बादशाह कभी उसे पर आंच भी ना आए 989 00:59:48,900 --> 00:59:53,119 सोचता हूं जो खेल है इसमें 990 00:59:53,420 --> 00:59:59,700 जाए मगर जो है बादशाह उसे पर कभी कोई आंच 991 00:59:57,599 --> 01:00:03,000 भी ना आए 992 00:59:59,699 --> 01:00:05,298 वज़ीर को ही वह बस इजाजत की जिस तरफ भी 993 01:00:03,000 --> 01:00:05,298 चाहे 994 01:00:06,000 --> 01:00:11,818 मैं सोचता हूं जो खेल है उसमें इस तरह का 995 01:00:08,880 --> 01:00:15,260 उसूल क्यों है प्यादा जो अपने घर से निकले 996 01:00:11,818 --> 01:00:15,259 पलट के वापस ना जाने पाए 997 01:00:16,079 --> 01:00:21,960 मैं सोचता हूं अगर यही है उसूल तो फिर 998 01:00:19,980 --> 01:00:25,940 उसूल क्या है 999 01:00:21,960 --> 01:00:30,179 अगर यही है यह खेल तो फिर ये खेल क्या है 1000 01:00:25,940 --> 01:00:33,720 बहन सवालों से जाने कबसे रहा हूं मेरे 1001 01:00:30,179 --> 01:00:36,259 मुखालिफ ने चल चल दिए और अब मेरी चाल है 1002 01:00:33,719 --> 01:00:36,259 इंतजार में 1003 01:00:37,139 --> 01:00:45,199 बहुत-बहुत शुक्रिया जावेद अख्तर साहब 1004 01:00:40,489 --> 01:00:45,198 [संगीत] 1005 01:00:48,820 --> 01:00:51,349 [संगीत]