WEBVTT

00:00:01.710 --> 00:00:21.000
[संगीत]

00:00:17.719 --> 00:00:26.159
नमस्कार। इस दिल से के एपिसोड

00:00:21.000 --> 00:00:30.518
में हम ऐसी शख्सियत के साथ बात करेंगे जो

00:00:26.160 --> 00:00:34.799
मतलब के हर घर हिंदुस्तान में

00:00:30.518 --> 00:00:37.079
उनका हुनर जानता है। उनका नाम जानता है।

00:00:34.799 --> 00:00:41.199
हिंदुस्तान में ही नहीं दुनिया

00:00:37.079 --> 00:00:44.640
में। और जब हम उनकी बात सुनते हैं तो ऐसा

00:00:41.200 --> 00:00:48.480
लगता है कि वाकई में दिल की बात भी है और

00:00:44.640 --> 00:00:51.359
मन की बात भी है। वो है जावेद अख साहब।

00:00:48.479 --> 00:00:54.839
थैंक यू वेरी मच फॉर बीइंग हियर। आप

00:00:51.359 --> 00:00:57.920
डिस्टिंग्विश पोएट भी हैं, लिरिसिस्ट भी

00:00:54.840 --> 00:00:59.719
हैं, स्क्रीन राइटर भी हैं, सोशल

00:00:57.920 --> 00:01:04.478
एक्टिविस्ट भी

00:00:59.719 --> 00:01:08.400
हैं। आपने हिंदी सिनेमा और लिटरेचर में जो

00:01:04.478 --> 00:01:11.039
आपकी भूमिका रही है वो भी एक गजब है। और

00:01:08.400 --> 00:01:15.520
आपके साथ हम राज्यसभा में मेंबर भी इकट्ठा

00:01:11.040 --> 00:01:19.200
थे और हमने कुछ काम हमने आपके साथ भी किए

00:01:15.519 --> 00:01:22.879
और आपकी शुरुआत मुंबई से हुई। वहां आप

00:01:19.200 --> 00:01:28.320
पहुंचे तो आहिस्ताआहिस्ता आहिस्ता सालीम

00:01:22.879 --> 00:01:32.798
के साथ आपने काम शुरू किया और शुरुआत आपकी

00:01:28.319 --> 00:01:37.039
कमाल अरोही स्टूडियो में हुई 1981 में

00:01:32.799 --> 00:01:41.200
आपने लिरिक्स शुरू कर दिए और कई पिक्चरें

00:01:37.040 --> 00:01:45.360
बनी फिर और लगभग 24 पिक्चरों में 22 तो

00:01:41.200 --> 00:01:49.600
एकदम हिट थी और उनमें से अंदाज है हाथी

00:01:45.359 --> 00:01:53.039
मेरे साथी सीता और गीता जंजीर दीवार शोले

00:01:49.599 --> 00:01:57.359
डॉन मिस्टर इंडिया मैं तो कई गना सकता

00:01:53.040 --> 00:01:59.280
हूं। आपकी शुरुआत आपने एएमयू से की अलीगढ़

00:01:57.359 --> 00:02:03.799
मुस्लिम यूनिवर्सिटी जहां से आपने मैट्रिक

00:01:59.280 --> 00:02:07.840
किया उसके बाद आपने फिर भोपाल से बीए किया

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और आप एथियस्ट भी हो। आपसे जब सवाल पूछा

00:02:07.840 --> 00:02:14.159
जाता है कि भगवान किधर है? तो आप पूछते

00:02:10.878 --> 00:02:17.840
हैं बताइए। आप ही हमें बताइए और अगर भगवान

00:02:14.159 --> 00:02:22.159
है तो इतनी गरीबी क्यों है? भुखमरी क्यों

00:02:17.840 --> 00:02:25.280
है? इस तरह से भगवान की देखदेख में यह सब

00:02:22.159 --> 00:02:27.598
अन्याय जो हो रहा है, वह क्यों हो रहा है?

00:02:25.280 --> 00:02:30.400
आपको डार्क इन अवार्ड भी मिला। आपको चार

00:02:27.598 --> 00:02:32.719
पांच फिल्म फेयर अवार्ड भी मिले। आपको

00:02:30.400 --> 00:02:35.360
पद्मश्री भी मिला। आपको पद्म भूषण भी

00:02:32.719 --> 00:02:39.519
मिला। क्या-क्या नहीं मिला।

00:02:35.360 --> 00:02:41.560
तो आपसे हम आज आपके दिल की बात सुनना

00:02:39.519 --> 00:02:45.120
चाहते हैं कि

00:02:41.560 --> 00:02:48.080
हिंदुस्तान कैसे बदला, किस तरह बदला और आज

00:02:45.120 --> 00:02:51.200
हम किस स्थिति में हैं?

00:02:48.080 --> 00:02:54.160
देखिए मुझे ऐसा लगता है कब साहब पहले तो

00:02:51.199 --> 00:02:57.119
मैं आपने एक जुमला बोला कि हम आपके साथ

00:02:54.159 --> 00:03:00.639
राज्यसभा में थे गलत थे। मैं आपके साथ था।

00:02:57.120 --> 00:03:04.000
एक दूसरे कि आपका जो हम लोगों की लाइफ में

00:03:00.639 --> 00:03:05.000
हिंदुस्तान के जो आर्टिस्ट है म्यूजिशियन

00:03:04.000 --> 00:03:08.878
हो

00:03:05.000 --> 00:03:11.919
या राइटर्स हो इतना बड़ा कंट्रीब्यूशन है

00:03:08.878 --> 00:03:15.598
जो मुझे लगता है आपको भी नहीं पता जो आपने

00:03:11.919 --> 00:03:17.799
चेंज किया आपके अंडर योर वॉच जो चेंज हुआ

00:03:15.598 --> 00:03:22.399
कॉपीराइट के लॉस

00:03:17.800 --> 00:03:24.640
में 2012 में उसकी बहस अब क्या कानून बन

00:03:22.400 --> 00:03:27.200
जाता है लेकिन फिर उसका इंप्लीमेंटेशन

00:03:24.639 --> 00:03:29.839
पूरी तरह से उसमें भी समय लग जाता कभी-कभी

00:03:27.199 --> 00:03:32.000
तो सिर्फ किताब में रह जाते हैं कानून। तो

00:03:29.840 --> 00:03:34.158
थोड़ा वक्त लगा कुछ दर्शकों को तो नहीं

00:03:32.000 --> 00:03:37.199
पता कि वो कानून क्या था। मैं अभी अर्ज

00:03:34.158 --> 00:03:39.919
करता हूं। तो वो कानून जो था उसने एमावर

00:03:37.199 --> 00:03:42.798
कर दिया कॉपीराइट में राइटर्स को और

00:03:39.919 --> 00:03:45.199
कंपोजर्स को जिसमें बहुत लूप होल थे और

00:03:42.799 --> 00:03:48.159
उन्हें कुछ नहीं मिलता था। करोड़ों की

00:03:45.199 --> 00:03:51.359
रॉयल्टी में एक नया पैसा। अल्टीमेटली हुआ

00:03:48.158 --> 00:03:53.598
यह कि इस कानून की वजह से जो आईपीआरएस जो

00:03:51.360 --> 00:03:56.640
है एक ऑर्गेनाइजेशन गवर्नमेंट रिकग्नाइज

00:03:53.598 --> 00:03:59.359
ऑर्गेनाइजेशन है इंडियन परफॉर्मिंग राइट्स

00:03:56.639 --> 00:04:02.000
सोसाइटी कॉपीराइट जी जी तो परफॉर्मिंग

00:03:59.360 --> 00:04:03.480
राइट्स का मतलब ये होता है कि गाना अगर बज

00:04:02.000 --> 00:04:06.400
रहा है तो एक

00:04:03.479 --> 00:04:08.000
है रिकॉर्डिंग राइट और दूसरे परफॉर्म

00:04:06.400 --> 00:04:10.000
रिकॉर्डिंग राइट उसका है जिसने ये गाना

00:04:08.000 --> 00:04:12.878
रिकॉर्ड किया है वो प्रोड्यूसर हो या

00:04:10.000 --> 00:04:14.799
म्यूजिक कंपनी हो या कोई भी हो एंटिटी और

00:04:12.878 --> 00:04:16.959
परफॉर्मिंग राइट उसे कहते हैं कि जो

00:04:14.799 --> 00:04:20.400
परफॉर्म हो रहा है जब रिकॉर्ड हो रहा

00:04:16.959 --> 00:04:23.680
तो उसमें म्यूजिक परफॉर्म हो रही है और

00:04:20.399 --> 00:04:26.079
इनका कॉपीराइट होता है। तो पेपर पे तो था

00:04:23.680 --> 00:04:28.240
ये कॉपीराइट लेकिन कानून में ऐसे लूप खोल

00:04:26.079 --> 00:04:32.079
थे कि राइटर को या कंपोजर को कुछ मिलता

00:04:28.240 --> 00:04:34.879
मिलाता नहीं था। कुछ ऐसे ही दो-ती% जो था

00:04:32.079 --> 00:04:35.959
बांट देते थे। अच्छा खैरात की तरह भीख की

00:04:34.879 --> 00:04:41.759
तरह।

00:04:35.959 --> 00:04:46.839
जो आपके अंडर जो लॉ चेंज हुआ उसमें एमावर

00:04:41.759 --> 00:04:49.800
हो गया कंपोजर और राइटर और फिर पांच साल

00:04:46.839 --> 00:04:52.799
लगे हमें वो सोसाइटी जो गवर्नमेंट

00:04:49.800 --> 00:04:57.120
रिकग्नाइज सोसाइटी आईपीआरएस को टेकओवर

00:04:52.800 --> 00:05:00.840
करने में और आज पब्लिशर्स और राइटर कंपोजर

00:04:57.120 --> 00:05:06.639
बराबर के नंबर पे हैं गवर्निंग बोर्ड पे

00:05:00.839 --> 00:05:11.918
और 17 से 25 तक क्या हुआ है कि इस साल

00:05:06.639 --> 00:05:15.519
यानी 24 में छ साल समझिए आप 730 करोड़ का

00:05:11.918 --> 00:05:19.038
हमने रॉयल्टी जमा की है। और अगर ये इसी

00:05:15.519 --> 00:05:23.519
तरह बढ़ता रहा तो हम 1000 करोड़ तो शुरुआत

00:05:19.038 --> 00:05:26.719
में कितना था? 24 42 42 42 साल का

00:05:23.519 --> 00:05:31.519
मैक्सिमम कवरेज होती थी। 42 करोड़। अच्छा

00:05:26.720 --> 00:05:34.960
आज 700 30 करोड़ हो गई। जी हां। और यह वो

00:05:31.519 --> 00:05:37.279
वक्त था जब पार्लियामेंट बड़े अफरातफरी

00:05:34.959 --> 00:05:40.159
में और बड़े कंफेशन इसमें बीजेपी ने हमारा

00:05:37.279 --> 00:05:41.758
साथ दिया। जी जी बिल्कुल बिल्कुल और ये हम

00:05:40.160 --> 00:05:46.039
मेंशन ना करें। ऐसी चीजों में हमारा साथ

00:05:41.759 --> 00:05:49.360
दे देते। बहुत यानी ये एक बिल था उस

00:05:46.038 --> 00:05:52.879
हंगामी सूरत में भी जो दोनों हाउसेस में

00:05:49.360 --> 00:05:57.199
यूनेमस पास पास तो मतलब चलिए कहीं अच्छी

00:05:52.879 --> 00:06:00.478
बात की सबने ही और उसके बाद जब आया तो ऐसा

00:05:57.199 --> 00:06:01.919
हो गया है तो वी हैव टू ओ यू अ वर्ड ऑफ़

00:06:00.478 --> 00:06:04.240
थैंक्स नहीं नहीं वो तो कुछ बात नहीं मैं

00:06:01.918 --> 00:06:09.279
तो वैसे ही आपने ये बात से शुरुआत कर दिया

00:06:04.240 --> 00:06:11.918
असल बात तो ये है कि बॉलीवुड हमेशा एक ऐसी

00:06:09.279 --> 00:06:15.758
हस्ती इस किस्म की है कि बॉलीवुड से जब

00:06:11.918 --> 00:06:18.879
आवाज निकलती थी और जो फिल्में बनती थी

00:06:15.759 --> 00:06:22.160
उसका प्रभाव सारे हिंदुस्तान में बनता था।

00:06:18.879 --> 00:06:25.439
तो वो तो उस समय का दौर है। आज ऐसा क्यों

00:06:22.160 --> 00:06:27.759
नहीं? देखिए वक्त बदलता है। ये जो फिल्म

00:06:25.439 --> 00:06:31.439
इंडस्ट्री है ये किसी कल्चरल वॉइड में

00:06:27.759 --> 00:06:34.800
नहीं है। ये बिल्कुल इंटीग्रल पार्ट है

00:06:31.439 --> 00:06:38.319
सोसाइटी का। अगर आप एक हाथ पकड़ के देखें

00:06:34.800 --> 00:06:40.720
आप कहें अरे भाई हाथ में बुखार क्यों है?

00:06:38.319 --> 00:06:42.960
ये जुमला सही नहीं होगा। बुखार बदन में

00:06:40.720 --> 00:06:45.840
है। ऐसे थोड़ी हो सकता है कि सिर्फ हाथ

00:06:42.959 --> 00:06:49.839
में बुखार है बाकी ठीक चल रहा है बॉडी तो

00:06:45.839 --> 00:06:52.638
उसी तरह से बहुत सारी बातें ये लाइफ ऑफ यू

00:06:49.839 --> 00:06:56.560
पैकेजेस हर पैकेज में कुछ अच्छा है कुछ

00:06:52.639 --> 00:06:59.360
बुरा है अब लिबरलाइजेशन जो हुआ उससे मैं

00:06:56.560 --> 00:07:02.319
समझता हूं कि कम से कम अर्बन मिडिल क्लास

00:06:59.360 --> 00:07:04.319
में बहुत ज्यादा एफुलेंस आई है। मुझे याद

00:07:02.319 --> 00:07:06.560
है अपना बचपन हम मिडिल क्लास के ही थे। हम

00:07:04.319 --> 00:07:08.800
गरीब नहीं थे। मिडिल क्लास लोग थे। सिविल

00:07:06.560 --> 00:07:12.639
लाइन में बंगले में रहते थे।

00:07:08.800 --> 00:07:15.280
लेकिन मेरे घर में एक उषा का फैन था।

00:07:12.639 --> 00:07:18.400
दो एक फैन जो थे टेबल फैन थे। एक छत का तो

00:07:15.279 --> 00:07:21.918
एक ही था। और एक मर्फी रेडियो था। ये

00:07:18.399 --> 00:07:24.560
हमारे पास जो मशीनें थी वो ये थी। आज आप

00:07:21.918 --> 00:07:26.399
एक एवरेज घर देखिए। टेलीफोन बहुत बड़ी चीज

00:07:24.560 --> 00:07:28.399
थी। मोहल्ले में जिसके पास टेलीफोन होता

00:07:26.399 --> 00:07:31.679
था पूरा मोहल्ला उसकी इज्जत करता था।

00:07:28.399 --> 00:07:35.279
इसलिए कि उससे रिलेशन खराब हो गए। तो ठंडी

00:07:31.680 --> 00:07:38.160
अलमारी जो फ्रिज एयर है वो बहुत बड़ी चीज

00:07:35.279 --> 00:07:41.679
थी। आपके घर में दावत होती थी तो मीठा

00:07:38.160 --> 00:07:43.680
पड़ोसी के घर में फ्रिज में रखवा देते थे।

00:07:41.680 --> 00:07:47.439
यह वक्त था। आज आप देखिए आज बच्चों को हम

00:07:43.680 --> 00:07:50.400
भी बचाए 25 साल 20 साल के तो हसेंगे।

00:07:47.439 --> 00:07:52.639
लेकिन कहीं हमने तरक्की तो की ना ऐसा

00:07:50.399 --> 00:07:55.279
थोड़ी है। हम टेकन फॉर ग्रांटेड लेते हैं।

00:07:52.639 --> 00:07:58.240
मिडिल क्लास में कांसेप्ट ही नहीं था कार

00:07:55.279 --> 00:07:59.758
का। वो पूरा टांगा ले ले। यही बहुत बड़ी

00:07:58.240 --> 00:08:02.079
चीज है। वरना स्ट्रेंज हम वो दिल्ली

00:07:59.759 --> 00:08:04.400
स्टेशन से घर पे टांगे पे आते थे। अच्छा

00:08:02.079 --> 00:08:07.198
और पूरा तांगा लेते थे तो अमीर आदमी थे

00:08:04.399 --> 00:08:09.198
आप। वरना तो दो एक स्ट्रेंजर बैठे होते थे

00:08:07.199 --> 00:08:12.720
आपके साथ उसी तरह हमारे साथ भी ऐसा ही हुआ

00:08:09.199 --> 00:08:14.639
सब अलग-अलग जगह उतरते रहते चलिए इमेजिन आज

00:08:12.720 --> 00:08:17.440
कोई मिडिल क्लास फैमिली नहीं होगी जिसके

00:08:14.639 --> 00:08:21.439
वहां कार्य नहीं हो तो तरक्की हुई लेकिन

00:08:17.439 --> 00:08:24.839
इसमें क्या एक और बात हुई जब कुछ नहीं था

00:08:21.439 --> 00:08:28.800
तो हम थे अब मैं

00:08:24.839 --> 00:08:31.439
है जो फ्री मार्केट है इसका एक कॉस्ट ये

00:08:28.800 --> 00:08:34.320
है कि हम कमजोर हो जाता और मैं मजबूत हो

00:08:31.439 --> 00:08:36.639
जाता लोग एंबिशस हो जाते हैं ये अच्छी

00:08:34.320 --> 00:08:39.039
अच्छी बात है। लोग जानते हैं कि स्काई इज़

00:08:36.639 --> 00:08:40.958
द लिमिट। एनीबडी कैन बिकम एनीथिंग। ये

00:08:39.038 --> 00:08:43.278
बहुत अच्छी बात है। ऐसा नहीं है स्टेटस को

00:08:40.958 --> 00:08:45.679
है कि जो जहां पैदा हुआ है मुंशी का बेटा

00:08:43.278 --> 00:08:49.439
मुंशी रहेगा। जमींदार का बेटा जमींदार है।

00:08:45.679 --> 00:08:52.319
ये बात बॉलीवुड हम नहीं रहा। लेकिन हम का

00:08:49.440 --> 00:08:56.399
कांसेप्ट जब कम होता है तो दिखाई देता है

00:08:52.320 --> 00:08:59.200
हर जगह। ये ये मैनिफेस्टेशन है। जो

00:08:56.399 --> 00:09:01.600
फिल्में हिंदुस्तान की वो हिंदुस्तान की

00:08:59.200 --> 00:09:04.160
किस्मत नहीं बना रही। हिंदुस्तान फिल्मों

00:09:01.600 --> 00:09:06.879
की किस्मत बनाता है। कौन सी फिल्म लोग

00:09:04.159 --> 00:09:08.719
देखते हैं? क्या वो देखना चाहते हैं? एक

00:09:06.879 --> 00:09:11.200
प्रोड्यूसर तो यही चाहता है ना फिल्म मेरी

00:09:08.720 --> 00:09:13.200
चले। तो ही हैज़ एन आई टू द ग्राउंड। ही इज़

00:09:11.200 --> 00:09:16.560
नॉट अ सोशियोलॉजिस्ट। ही इज़ नॉट अ

00:09:13.200 --> 00:09:19.278
पॉलिटिकल साइंटिस्ट। मगर उसको कॉमन सेंस

00:09:16.559 --> 00:09:23.439
है उसका। वो धंधा है उसका। तो उसे मालूम

00:09:19.278 --> 00:09:25.120
है कि अब ये नहीं चलेगा। तो वो सोसाइटी

00:09:23.440 --> 00:09:27.120
रिजेक्ट करती है और एक्सेप्ट करती है

00:09:25.120 --> 00:09:28.959
चीजों को। तो भाई मैं आपसे इस इसी बात पे

00:09:27.120 --> 00:09:31.480
एक सवाल पूछता हूं।

00:09:28.958 --> 00:09:34.518
देखिए मेरी अपनी राय है। गलत भी हो सकता

00:09:31.480 --> 00:09:39.039
हूं। मैं सोचता हूं कि आज के हिंदुस्तान

00:09:34.519 --> 00:09:42.159
में आम आदमी में बड़ा रोष है। गुस्सा भी

00:09:39.039 --> 00:09:45.480
है कि हमारी बेहतरी नहीं हो रही, हमारी

00:09:42.159 --> 00:09:48.958
आमदनी नहीं बढ़ रही, बेरोजगारी बढ़ी

00:09:45.480 --> 00:09:50.480
है। और इसकी रिफ्लेक्शन बॉलीवुड में होनी

00:09:48.958 --> 00:09:53.278
चाहिए।

00:09:50.480 --> 00:09:55.278
लेकिन अगर जो आम जनता ये सोचती है उसकी

00:09:53.278 --> 00:09:58.480
रिफ्लेक्शन आज बॉलीवुड में क्यों नहीं

00:09:55.278 --> 00:10:02.480
होती? इसलिए कि टिकट जो है वह 700 और ₹800

00:09:58.480 --> 00:10:05.600
का है। आम जनता देखिए एक जमाना था अभी आज

00:10:02.480 --> 00:10:08.800
भी है अमीरों के हॉस्पिटल है। गरीबों के

00:10:05.600 --> 00:10:12.278
हॉस्पिटल है। अमीरों के होटल है। गरीबों

00:10:08.799 --> 00:10:14.799
के होटल है। ये क्या हुआ है विद टाइम एंड

00:10:12.278 --> 00:10:17.200
मल्टीप्लेक्सेस? अमीरों का सिनेमा हो गया

00:10:14.799 --> 00:10:19.519
है। और गरीबों का सिनेमा। गरीबों का

00:10:17.200 --> 00:10:21.680
सिनेमा बचा ही नहीं है। हाउ मेनी थिएटर्स

00:10:19.519 --> 00:10:25.519
यू हैव इन इंडिया?

00:10:21.679 --> 00:10:28.879
14,000 के करीब थिएटर है। जिनमें से 803

00:10:25.519 --> 00:10:32.480
सदर्न स्टेट्स में है। तमिलनाडु, आंध्र

00:10:28.879 --> 00:10:36.000
प्रदेश, कर्नाटक। अब बचे कितने? आपने आठ

00:10:32.480 --> 00:10:39.600
ही निकाल दिए तो छह बचे। छह में से बड़ा

00:10:36.000 --> 00:10:43.559
नंबर है वेस्टर्न कोस्ट पे महाराष्ट्र,

00:10:39.600 --> 00:10:49.200
गुजरात। उसके बाद जो बचे वो आते हैं

00:10:43.559 --> 00:10:53.278
हिंदी बेल्ट में। समझिए एक सवा 11 लाख 12

00:10:49.200 --> 00:10:56.000
लाख आदमी के ऊपर एक थिएटर है। 11 लाख 12

00:10:53.278 --> 00:11:00.480
लाख आदमियों के ऊपर एक सिनेमा हाउस है।

00:10:56.000 --> 00:11:04.399
अनलाइक यूएसए जहां 1 लाख थिएटर है। जहां

00:11:00.480 --> 00:11:07.759
35 36 करोड़ आबादी है। अनलाइक चाइना जहां

00:11:04.399 --> 00:11:12.559
500 से ऊपर थिएटर है। हमारे हिंदी बेल्ट

00:11:07.759 --> 00:11:17.439
में एक चार 5000 थिएटर आते हैं। तो वो

00:11:12.559 --> 00:11:19.359
उसका वही नहीं है। आउटलेट फिल्म का। दूसरी

00:11:17.440 --> 00:11:21.519
तरफ आ गए हैं मल्टीप्लेक्सेस।

00:11:19.360 --> 00:11:25.680
मल्टीप्लेक्स में तो समोसा भी बिकता है

00:11:21.519 --> 00:11:28.159
₹200 का। टिकट होता है 500 ₹700 का। तो

00:11:25.679 --> 00:11:32.159
मतलब एक चार आदमी की न्यूक्लियर फैमिली भी

00:11:28.159 --> 00:11:34.159
जाए तो एक तीन ₹500 का खर्चा है। तो वो तो

00:11:32.159 --> 00:11:36.319
प्रिविलेज ही क्लास देखती है। जब

00:11:34.159 --> 00:11:38.159
प्रिविलेज क्लास देखती है तो गरीबों के

00:11:36.320 --> 00:11:40.000
प्रॉब्लम क्यों डिस्कस किए? तो आपका मतलब

00:11:38.159 --> 00:11:42.240
है कि प्रोड्यूस इसलिए नहीं होती क्योंकि

00:11:40.000 --> 00:11:44.480
जो दर्शक हैं और जो जाते हैं वो तो अमीर

00:11:42.240 --> 00:11:47.440
लोग हैं। उनको गरीबी से क्या लेना देना?

00:11:44.480 --> 00:11:50.079
क्या लेना देना? भाई आप फाइव स्टार होटल

00:11:47.440 --> 00:11:52.560
है। आपको ऐतराज नहीं हुआ। फाइव स्टार

00:11:50.078 --> 00:11:54.639
हॉस्पिटल है। आपको ऐतराज नहीं हुआ। तो अब

00:11:52.559 --> 00:11:57.759
फाइव स्टार सिनेमा से क्या प्रॉब्लम है?

00:11:54.639 --> 00:12:01.838
हम चलिए छोड़िए। इंस्टीट्यूशन की बात

00:11:57.759 --> 00:12:04.159
छोड़िए। इंडिविजुअली भी कोई आज के दिन जो

00:12:01.839 --> 00:12:06.560
एक्टर हैं जी। वो भी अपनी आवाज नहीं

00:12:04.159 --> 00:12:08.278
उठाते। जैसे यूनाइटेड स्टेट्स में मेरल

00:12:06.559 --> 00:12:11.119
स्ट्रीप ने आवाज

00:12:08.278 --> 00:12:13.360
उठाई सरकार के प्रति वहां की सरकार के

00:12:11.120 --> 00:12:16.720
प्रति यहां भी सब चुप हैं वो क्यों पहले

00:12:13.360 --> 00:12:18.480
तो होता था आप वाकई जानना चाहते हैं हां

00:12:16.720 --> 00:12:20.000
बिल्कुल जानना चाहता हूं आपको कोई अंदाजा

00:12:18.480 --> 00:12:21.200
नहीं मुझे बिल्कुल नहीं बिल्कुल मैं

00:12:20.000 --> 00:12:23.759
बिल्कुल जानना चाहता हूं ये तो कुछ भी

00:12:21.200 --> 00:12:26.160
नहीं है क्या है इनका नाम बहुत है मगर

00:12:23.759 --> 00:12:28.319
वैसे क्या है इनका इकोनॉमिक स्टेटस इतना

00:12:26.159 --> 00:12:31.039
तो नहीं ना ये सारी फिल्म इंडस्ट्री को एक

00:12:28.320 --> 00:12:33.600
मिडिल क्लास जो इंडस्ट्री है जेब में रख

00:12:31.039 --> 00:12:35.599
सकता है लेकिन ये बड़े-बड़े जो जैसे

00:12:33.600 --> 00:12:37.600
क्रिकेट के लोग जेब में रखते हैं। जैसे

00:12:35.600 --> 00:12:38.879
क्रिकेट के लोग भी इंडस्ट्रियलिस्ट जेब

00:12:37.600 --> 00:12:41.680
में रख लेते हैं। वो है ही नहीं। यह

00:12:38.879 --> 00:12:44.399
इंडस्ट्रियलिस्ट है असल में तो ना जो बड़ा

00:12:41.679 --> 00:12:48.239
आदमी है जिसके पास पैसा है उनमें से कौन

00:12:44.399 --> 00:12:52.639
बोलता है? कोई है? नहीं नहीं कोई जो

00:12:48.240 --> 00:12:55.278
डिसेंट करता हो कौन है? कोई भी नहीं। तो

00:12:52.639 --> 00:12:57.519
इतने बड़े-बड़े अंपायर्स वहां क्योंकि ईडी

00:12:55.278 --> 00:12:59.278
पहुंच जाएगी। आपके लगा आपका नजरिया उस पे

00:12:57.519 --> 00:13:02.639
है।

00:12:59.278 --> 00:13:05.200
देखते तो कुछ ऐसा ही है हम कि मैरिन

00:13:02.639 --> 00:13:09.680
स्ट्रिप ने इतना बयान दिया खड़े हो के

00:13:05.200 --> 00:13:11.240
ऑस्कर में लेकिन उस पे इनकम टैक्स की रेड

00:13:09.679 --> 00:13:15.519
नहीं

00:13:11.240 --> 00:13:17.839
हुई। तो ये इनसिक्योरिटी वो रियली है नहीं

00:13:15.519 --> 00:13:21.039
है। मैं इस बहस में क्यों पड़ूं? परसेप्शन

00:13:17.839 --> 00:13:26.079
तो यही है। तो अगर यह परसेप्शन ये दहशत

00:13:21.039 --> 00:13:29.278
दिल में होगी तो आदमी डरेगा। कि भाई वो

00:13:26.078 --> 00:13:32.159
कहो ना ईडी आ जाएगी सीबीआ जाएगी इनकम

00:13:29.278 --> 00:13:34.320
टैक्स आ जाएगा और हमारी फाइलें खोल देंगे

00:13:32.159 --> 00:13:36.240
हमें ये करेंगे हमसे पूछे और इंडस्ट्री

00:13:34.320 --> 00:13:38.639
फाइनेंस भी नहीं करेगी हम इंडस्ट्री

00:13:36.240 --> 00:13:41.360
फाइनेंस भी नहीं करेगी फिल्म को ये भी तो

00:13:38.639 --> 00:13:43.600
है ना तो ये सारे प्रॉब्लम्स है ये

00:13:41.360 --> 00:13:45.519
प्रॉब्लम फिल्म इंडस्ट्री के नहीं है

00:13:43.600 --> 00:13:48.959
फिल्म इंडस्ट्री से बाहर के हैं देश के

00:13:45.519 --> 00:13:51.519
प्रॉब्लम फिल्म इंडस्ट्री भी तो अब वही

00:13:48.958 --> 00:13:53.838
लोग तो वही है ना अब अलग-अलग काम कर रहे

00:13:51.519 --> 00:13:55.839
हैं इस काम में जरा धूमधाम ज्यादा हो जाती

00:13:53.839 --> 00:13:57.360
है वरना सब अपनी-अपनी नौकरियां कर रहे

00:13:55.839 --> 00:14:00.519
हैं। अपने-अपने काम कर रहे हैं। जो कर

00:13:57.360 --> 00:14:04.639
सकते हैं। वो सो द मिडिल क्लास कल्चर

00:14:00.519 --> 00:14:06.360
दी जो कहते हैं खान मार्केट कल्चर इज नाउ

00:14:04.639 --> 00:14:09.198
प्रिवेलिंग ओवर

00:14:06.360 --> 00:14:10.720
बॉलीवुड। सो इट्स मैं तो खान मार्केट कई

00:14:09.198 --> 00:14:13.198
बार गया हूं। मेरा तो घर पास में ही था।

00:14:10.720 --> 00:14:15.120
जब मैं लोधी स्टेट में रहता था। तो मुझे

00:14:13.198 --> 00:14:17.359
तो कोई कल्चर वहां नहीं। दुकानें देखी

00:14:15.120 --> 00:14:19.039
मुझे बस। और दो-तीन अच्छे रेस्टोरेंट हैं।

00:14:17.360 --> 00:14:20.800
खानावाना अच्छा मिलता है। वहां कल्चर क्या

00:14:19.039 --> 00:14:23.120
है?

00:14:20.799 --> 00:14:25.198
तो नहीं खत्म हो गया ना हिंदुस्तान का।

00:14:23.120 --> 00:14:26.959
यही तो मैं कह रहा हूं। मार्केट में कल्चर

00:14:25.198 --> 00:14:28.958
क्यों ढूंढ रहे हो भाई? हां तो वो भी

00:14:26.958 --> 00:14:30.958
मार्केट हो गई। ये भी मार्केट है। कल्चर

00:14:28.958 --> 00:14:33.439
खत्म हो गया। तो हिंदुस्तान का कल्चर मतलब

00:14:30.958 --> 00:14:34.719
कि जो सभ्यता थी नहीं नहीं वो खत्म नहीं

00:14:33.440 --> 00:14:37.040
हो सकता। खत्म नहीं हो सकता। नहीं हो

00:14:34.720 --> 00:14:41.278
सकती। वो क्यों? वो वजह क्या है? देखिए

00:14:37.039 --> 00:14:43.360
मैं आपको अपनी धरती ही की मिसाल दूंगा। एक

00:14:41.278 --> 00:14:45.439
गंगा है, एक जमुना है। अभी हम लोग बहुत

00:14:43.360 --> 00:14:48.159
देखिए जमुना की क्या हालत है। दिल्ली के

00:14:45.440 --> 00:14:50.399
पास आप देख लीजिए। गंगा के बारे में बरसों

00:14:48.159 --> 00:14:52.958
से बात चल रही है। उसको क्लीन करना है,

00:14:50.399 --> 00:14:55.919
साफ करना है। यह गंगाजल वो जल होता था और

00:14:52.958 --> 00:14:58.638
शायद अभी भी गंगोत्री से आप ले उसे बोतल

00:14:55.919 --> 00:15:01.198
में रख दीजिए। 5 साल तक वो पानी खराब नहीं

00:14:58.639 --> 00:15:04.240
होगा। खराब ही नहीं होता। अब वो उसमें

00:15:01.198 --> 00:15:07.759
क्या जब वो नीचे आता है मैदान में तो

00:15:04.240 --> 00:15:11.278
जितना उस एरिया का इंडस्ट्रियल वेस्टेज है

00:15:07.759 --> 00:15:13.759
वो विदाउट ट्रीटमेंट नदी में जा रहा है।

00:15:11.278 --> 00:15:16.240
ये आम आदमी की वजह से गंदी नहीं हो गई है।

00:15:13.759 --> 00:15:19.439
सही बात है। ये इंडस्ट्रियल वेस्टेज ने

00:15:16.240 --> 00:15:22.639
नदियों को खराब किया है। अमीर लोगों ने,

00:15:19.440 --> 00:15:25.120
प्रिविलेज लोगों ने। वो जो इंडस्ट्री है

00:15:22.639 --> 00:15:27.120
वो किसी बेचारे गरीब आदमी मजदूर की तो

00:15:25.120 --> 00:15:29.679
नहीं है। आपने सीपीआई या सीपीएम क्यों

00:15:27.120 --> 00:15:31.759
नहीं कभी जॉइ किया? मैं मैंने कभी नहीं।

00:15:29.679 --> 00:15:33.759
ख्यालात तो आपके वैसे ही हैं। नहीं नहीं

00:15:31.759 --> 00:15:36.799
जो सही बात जिसकी हो बहुत सारी बातों से

00:15:33.759 --> 00:15:39.519
मैं उनसे डिसए्री भी करता हूं। मौका हुआ

00:15:36.799 --> 00:15:41.838
तो उसका भी जिक्र कर दूंगा।

00:15:39.519 --> 00:15:45.679
ये पोल्यूट हो गई है। जी हां।

00:15:41.839 --> 00:15:51.040
लेकिन एक हमारा यह बिलीफ है कि एक और नदी

00:15:45.679 --> 00:15:54.159
है यहां सरस्वती जो नीचे बहती है अंदर ही

00:15:51.039 --> 00:15:57.198
अंदर सबके जेहन में है वो सरस्वती जो है

00:15:54.159 --> 00:15:59.519
उसको इंडस्ट्रियल वेस्टेज गंदा नहीं कर

00:15:57.198 --> 00:16:02.159
सकता। बहुत अच्छे। बहुत अच्छा कहा।

00:15:59.519 --> 00:16:06.159
हिंदुस्तान वो सरस्वती है। यह जो ऊपर आप

00:16:02.159 --> 00:16:09.198
देख रहे हैं ना यह आती जाती चीजें हैं। जो

00:16:06.159 --> 00:16:12.000
असली हिंदुस्तान है वो नीचे बह रहा है और

00:16:09.198 --> 00:16:14.639
बहता रहेगा उसे कोई नहीं रोक सकता। और जब

00:16:12.000 --> 00:16:18.639
मौका होगा जब जरूरत होगी फिर वो पानी ऊपर

00:16:14.639 --> 00:16:21.600
आ जाएगा। और ये गंदगी को कोई और धोए ना

00:16:18.639 --> 00:16:24.799
धोए सरस्वती साफ कर देगी। ऐसा मैं वो तो

00:16:21.600 --> 00:16:28.959
इतिहास हमें बताता है। जो शहंशाह हुए वो

00:16:24.799 --> 00:16:33.439
गिरे भी जो बादशाह हुए वो खत्म भी हुए।

00:16:28.958 --> 00:16:35.198
हां जो डिक्टेटर्स हुए वो खत्म भी हुए।

00:16:33.440 --> 00:16:37.199
आप जो कह रहे हैं सही है लेकिन ये थोड़ा

00:16:35.198 --> 00:16:38.879
सा अलग टॉपिक है। टॉपिक ये है कि क्या

00:16:37.198 --> 00:16:41.039
हमारा कल्चर खत्म हो जाएगा? हमारी

00:16:38.879 --> 00:16:43.838
सिविलाइजेशन मिटा देगा कोई नहीं मिटा

00:16:41.039 --> 00:16:46.240
सकता। हिंदुस्तान में कितने लोग आए गए?

00:16:43.839 --> 00:16:49.199
क्या अब आपसे फिर इस सवाल उन्होंने मिटा

00:16:46.240 --> 00:16:51.519
दिया क्या? आप इससे सवाल पूछता हूं। उर्दू

00:16:49.198 --> 00:16:53.439
लैंग्वेज भी हमारा पार्ट ऑफ कल्चर है। जी

00:16:51.519 --> 00:16:56.480
हां। तो उसको मिटाने की कोशिश क्यों हो

00:16:53.440 --> 00:16:58.959
रही है? लैंग्वेज ना सरकारें बनाती है ना

00:16:56.480 --> 00:17:02.079
बिठाती हैं। यह उनका काम ही नहीं है और कर

00:16:58.958 --> 00:17:05.198
भी नहीं सकती। लैंग्वेज सड़क पर बनती है

00:17:02.078 --> 00:17:10.078
और सड़क पे मिटती है। ये आप जरूर कर सकते

00:17:05.199 --> 00:17:12.798
हैं कि आप उसे उसका जो इकोनॉमिक एडवांटेज

00:17:10.078 --> 00:17:16.318
है उस लैंग्वेज का उसे कट कर दे। ये कर

00:17:12.798 --> 00:17:19.038
सकते हैं आप। तो थोड़ी सी वो अनाथ हो

00:17:16.318 --> 00:17:21.279
जाएगी। मगर अनाथ भी तो दुनिया में रहते ही

00:17:19.038 --> 00:17:23.519
है ना। ऐसा थोड़ी है आज मर गए हैं। उर्दू

00:17:21.279 --> 00:17:25.879
की अहमियत हिंदुस्तान के कल्चर में क्या

00:17:23.519 --> 00:17:28.960
रही? जरा बता दीजिए दर्शकों।

00:17:25.880 --> 00:17:31.600
देखिए उर्दू लैंग्वेज क्या होती है? पहले

00:17:28.960 --> 00:17:34.240
तो ये तय करें फिर देखेंगे उर्दू कसौटी पे

00:17:31.599 --> 00:17:37.558
उतरती है कि नहीं? क्या लैंग्वेज अपनी

00:17:34.240 --> 00:17:41.038
स्क्रिप्ट है? देखिए आप पंजाबी आप जानते

00:17:37.558 --> 00:17:42.960
होंगे। पंजाबी जो है वो देवनागरी में भी

00:17:41.038 --> 00:17:44.558
लिखते हैं, गुरुमुखी में भी लिखते हैं और

00:17:42.960 --> 00:17:47.279
उर्दू स्क्रिप्ट में भी लिखते हैं। जी

00:17:44.558 --> 00:17:49.119
हां। अच्छा मगर रहती तो पंजाबी है। उर्दू

00:17:47.279 --> 00:17:51.119
स्क्रिप्ट में लिख के उर्दू नहीं हो जाती

00:17:49.119 --> 00:17:53.519
या देवनागरी में लिख के वो हिंदी नहीं हो

00:17:51.119 --> 00:17:56.918
जाती। और गुरुमुखी में लिख के सिर्फ

00:17:53.519 --> 00:18:01.599
गुरुमुखी की नहीं हो जाती। स्क्रिप्ट नहीं

00:17:56.919 --> 00:18:04.720
है। अगर स्क्रिप्ट होती जुबान तो इंग्लिश,

00:18:01.599 --> 00:18:06.558
जर्मन, फ्रेंच ये सब लैटिन कहलाती। इसलिए

00:18:04.720 --> 00:18:10.000
कि स्क्रिप्ट तो लैटिन की है। उनकी मांगे

00:18:06.558 --> 00:18:12.240
की स्क्रिप्ट है। और स्क्रिप्ट कर जाती है

00:18:10.000 --> 00:18:15.240
ट्रेवल एक जगह से दूसरी जगह। जबान अपनी

00:18:12.240 --> 00:18:18.160
जगह रहती है। जबान नहीं जाती

00:18:15.240 --> 00:18:21.960
कहीं। तो स्क्रिप्ट नहीं है तो फिर क्या

00:18:18.160 --> 00:18:26.000
है? वर्ड्स है। अच्छा मैं कहता

00:18:21.960 --> 00:18:27.840
हूं ये हॉल ब्राइट

00:18:26.000 --> 00:18:29.839
चार वर्ड बोले जिनमें दो जो दो इंपॉर्टेंट

00:18:27.839 --> 00:18:33.038
वर्ड थे हॉल और ब्राइट इंग्लिश के। मैं

00:18:29.839 --> 00:18:35.678
इंग्लिश बोल रहा हूं। नहीं। या मैंने किसी

00:18:33.038 --> 00:18:38.960
और भाषा में इंग्लिश के दो वर्ड यूज़ किए।

00:18:35.679 --> 00:18:40.000
तो फिर भाषा क्या है? ये और है ने भाषा तय

00:18:38.960 --> 00:18:43.759
की।

00:18:40.000 --> 00:18:46.960
लैंग्वेज अपना ग्रामर अपनी सिंटेक्स

00:18:43.759 --> 00:18:50.000
अब मुझे बताइए कि हिंदी और उर्दू की

00:18:46.960 --> 00:18:53.360
सिंटेक्स में ग्रामर में क्या फर्क कोई

00:18:50.000 --> 00:18:56.400
फर्क ही नहीं और होगा भी कैसे ये दोनों एक

00:18:53.359 --> 00:18:58.558
मां की बेटियां है अच्छा वो कैसे वो एक

00:18:56.400 --> 00:19:00.720
डायलग उसे कहते हैं जिसमें स्क्रिप्ट नहीं

00:18:58.558 --> 00:19:04.879
हो बोल रहा है आदमी बोली नहीं लिखने को

00:19:00.720 --> 00:19:07.600
कुछ नहीं है ये डायलग कोई 700 800 साल

00:19:04.880 --> 00:19:11.039
पहले कुछ लोग परशियन स्क्रिप्ट में लिखने

00:19:07.599 --> 00:19:13.279
लगे खड़ी बोली जिसे कहते हैं। अच्छा

00:19:11.038 --> 00:19:16.558
परजियन स्क्रिप्ट में क्यों लिखने लगे?

00:19:13.279 --> 00:19:19.839
परजियन का स्टेटस उस जमाने में एशिया में

00:19:16.558 --> 00:19:23.200
वही था जो आज इंग्लिश का है दुनिया में।

00:19:19.839 --> 00:19:26.159
ठीक बात। इवन मुगलों की मदद टंग परशियन

00:19:23.200 --> 00:19:29.279
नहीं थी मगर बोलना पड़ता था उन्हें। हमारे

00:19:26.160 --> 00:19:32.240
जो पेशवा पेशवा तो खुद ही वर्ड जो है वो

00:19:29.279 --> 00:19:34.160
पर्शियन का है। उनका भी सरकारी काम जो है

00:19:32.240 --> 00:19:36.079
वो पर्शियन में ही होता था।

00:19:34.160 --> 00:19:38.558
शिवाजी महाराज वा द फर्स्ट पर्सन

00:19:36.079 --> 00:19:41.439
जिन्होंने मराठी को भी परर्शियन को निकाला

00:19:38.558 --> 00:19:45.279
नहीं मराठी को भी इंट्रोड्यूस किया सरकारी

00:19:41.440 --> 00:19:48.080
काम को सही तो ये जो थी लैंग्वेज इट वाज़ द

00:19:45.279 --> 00:19:51.240
लिंग ऑफ़ फ्रंका ऑफ़ द इलिट अच्छा वो

00:19:48.079 --> 00:19:56.319
अवेलेबल थी तो सम पीपल स्टार्टेड

00:19:51.240 --> 00:19:59.839
राइटिंग खड़ी बोली अच्छा इन पर स्क्रिप्ट

00:19:56.319 --> 00:20:01.918
जो पहला नाम लोग लेते हैं अमीर खुसरो का

00:19:59.839 --> 00:20:03.678
लेकिन जाहिर है कि उनका हाई प्रोफाइल हो

00:20:01.919 --> 00:20:06.559
गया और भी लोग होंगे जो ऐसा करते होंगे।

00:20:03.679 --> 00:20:08.880
वो इतने मशहूर नहीं हुए। यही लैंग्वेज

00:20:06.558 --> 00:20:13.359
अलग-अलग स्टेजेस से गुजरती रही। वहां

00:20:08.880 --> 00:20:15.919
हैदराबाद भी पहुंच गई और वहां डेवलप हुई।

00:20:13.359 --> 00:20:18.719
लखनऊ में अलग कई स्टेट्स में तो ये सेकंड

00:20:15.919 --> 00:20:21.360
लैंग्वेज है। जी जी अभी भी है। में है

00:20:18.720 --> 00:20:23.360
यूपी में है। जी जी तो यही जो लैंग्वेज

00:20:21.359 --> 00:20:26.879
महाराष्ट्र में भी है। यही लैंग्वेज जो है

00:20:23.359 --> 00:20:30.000
ये उर्दू है। अच्छा उर्दू क्या फारसी है?

00:20:26.880 --> 00:20:32.720
उर्दू क्या अरबी है? एक साहब ने आरजू

00:20:30.000 --> 00:20:34.880
लखनवी साहब एक शायर थे लखनऊ के और

00:20:32.720 --> 00:20:38.319
उन्होंने बड़े अच्छे-अच्छे गाने लिखे हैं।

00:20:34.880 --> 00:20:40.320
वो न्यू थिएटर्स के बहुत गाने लिखे हैं।

00:20:38.319 --> 00:20:42.879
तो किसी ने कहा साहब उर्दू अगर परर्शियन

00:20:40.319 --> 00:20:45.519
वर्ड ना यूज़ करें तो उर्दू क्या है? अच्छा

00:20:42.880 --> 00:20:47.440
हां। तो उन्होंने कहा कि देखिए हम सिर्फ

00:20:45.519 --> 00:20:49.519
पर्शियन के हम तो पता नहीं कितनी लैंग्वेज

00:20:47.440 --> 00:20:52.558
के वर्ड यूज़ करते हैं। हमारी उर्दू में

00:20:49.519 --> 00:20:54.798
बहुत सारी लैंग्वेज के वर्ड। लेकिन उर्दू

00:20:52.558 --> 00:20:56.798
डिपेंडेंट नहीं है पर्शियन पे। अब मैं एक

00:20:54.798 --> 00:21:00.000
पूरी किताब लिखूंगा जो आपने बात कही वो

00:20:56.798 --> 00:21:03.679
मुझे खराब लगी। जिसमें एक वर्ड ऐसा नहीं

00:21:00.000 --> 00:21:06.319
होगा जो के परियन में जिसके रूट्स हो।

00:21:03.679 --> 00:21:09.679
अच्छा और उसने पूरी किताब लिख दी पोएट्री

00:21:06.319 --> 00:21:11.839
की। अच्छा जिसमें एक वर्ड नहीं था जो

00:21:09.679 --> 00:21:14.000
कनेक्टेड हो पर्शियन से किसी भी तरह

00:21:11.839 --> 00:21:15.759
डायरेक्टली इनडायरेक्टली। अब देखिए उनके

00:21:14.000 --> 00:21:20.640
एक दो शेर सुनाता हूं मैं आपको। प्लीज

00:21:15.759 --> 00:21:25.279
सुनाइए। काली घटा में कौंधा लपका वन में

00:21:20.640 --> 00:21:27.400
जो कोयल कूक गई। जितनी गहरी सांस खींची थी

00:21:25.279 --> 00:21:31.918
उतनी लंबी हुक गई।

00:21:27.400 --> 00:21:36.080
वाह उसने भीगे हुए बालों से जो झटका पानी

00:21:31.919 --> 00:21:38.960
झूम के आई घटा टूट के बरसा पानी अब ये जो

00:21:36.079 --> 00:21:42.558
है ये कौन सी जबान है इसमें कोई फर्जन का

00:21:38.960 --> 00:21:45.120
वर्ड नहीं और पूरी किताब उनकी ऐसी है नॉट

00:21:42.558 --> 00:21:48.399
वन वर्ड तो हमारे यहां लैंग्वेज में हम

00:21:45.119 --> 00:21:50.239
सबकी लैंग्वेज में जो वर्ड है इतने मिले

00:21:48.400 --> 00:21:53.120
हुए हैं हमें पता भी नहीं है कहां से आए

00:21:50.240 --> 00:21:54.720
हैं। नहीं वकालतनामा हलफनामा ये सब उर्दू

00:21:53.119 --> 00:21:56.879
के वर्ड्स हैं। पंजाब खुद ही उर्दू का

00:21:54.720 --> 00:21:59.440
वर्ड है। पंजाब खुद ही उर्दू अच्छा मैंने

00:21:56.880 --> 00:22:03.440
सुना है। मैंने सुना है कि हिंदी हिंडावी

00:21:59.440 --> 00:22:05.200
से आया है। ये ओरिजिनली इसका नाम हिंदवी

00:22:03.440 --> 00:22:08.720
था। हिंदवी था। उर्दू का तो वो भी उर्दू

00:22:05.200 --> 00:22:11.519
का है। जी जी जी तो उर्दू इज़ अल्टीमेटली

00:22:08.720 --> 00:22:12.519
कोई भी लैंग्वेज हो। इट इज़ एन एक्यूमुलेशन

00:22:11.519 --> 00:22:16.720
ऑफ़

00:22:12.519 --> 00:22:19.359
कल्चरल चेंज इन टर्म्स ऑफ हाउ यू स्पीक द

00:22:16.720 --> 00:22:21.519
लैंग्वेज। कैसी आप बात करते हो वो हमारी

00:22:19.359 --> 00:22:24.639
संस्कृति से जुड़ा हुआ है। बहुत जुड़ा है।

00:22:21.519 --> 00:22:26.400
और जो हमारी मोरल वैल्यूस है वो उनको कौन

00:22:24.640 --> 00:22:29.919
सा वर्ड सूट करता है वो भी ले लेते हैं।

00:22:26.400 --> 00:22:32.640
देखिए मैं आपको अजीब मिसाल दूं।

00:22:29.919 --> 00:22:34.720
किसी से आप कहे कि एक काम करो यार मेबख ले

00:22:32.640 --> 00:22:37.520
लो 4.5 करोड़ की मिलती है। बड़ी अच्छी

00:22:34.720 --> 00:22:39.679
गाड़ी है। वो आपसे ये कहे मेरी इतनी

00:22:37.519 --> 00:22:41.599
हैसियत नहीं है। अच्छा तो खराब लगता है

00:22:39.679 --> 00:22:44.720
ना? बिल्कुल। भाई मैं नहीं अफोर्ड कर

00:22:41.599 --> 00:22:46.399
सकता। ये ठीक लगता है। हां। अब क्या आज

00:22:44.720 --> 00:22:48.640
मेरी हैसियत नहीं है। बुरा क्यों लग रहा

00:22:46.400 --> 00:22:51.919
है? और मैं अफोर्ड कर नहीं कर सकता। ठीक

00:22:48.640 --> 00:22:54.559
क्यों लगता है? बिकॉज़ विद अफोर्ड ये

00:22:51.919 --> 00:22:57.280
वैल्यू सिस्टम आता है कि अगर आपके पास

00:22:54.558 --> 00:23:00.158
पैसा कम है तो कोई बुरी बात नहीं है। सही

00:22:57.279 --> 00:23:03.359
बात है। हैसियत में औकात कम हो जाती है।

00:23:00.159 --> 00:23:06.080
इसलिए कि ये तो फ्यूडरल टाइम से आया है।

00:23:03.359 --> 00:23:08.639
वर्ड इसके वर्ड जो है वेस्टर्न वैल्यू से

00:23:06.079 --> 00:23:12.079
है। जहां पर इतनी बुरी बात नहीं है कि आप

00:23:08.640 --> 00:23:15.120
नहीं खरीद सकते। तो तो अफोर्ड आपको एक

00:23:12.079 --> 00:23:17.678
पर्दा देता है जो हैसियत नहीं देता। यह

00:23:15.119 --> 00:23:20.079
लैंग्वेज बड़ी सेंसिटिव चीज है। उसको आप

00:23:17.679 --> 00:23:22.640
बेखरी में इस्तेमाल करें तो कुछ नहीं।

00:23:20.079 --> 00:23:24.639
लेकिन वरना हर वर्ड जो है उसकी अपनी एक

00:23:22.640 --> 00:23:28.720
हिस्ट्री है। उसके पीछे मोरालिटी है। एक

00:23:24.640 --> 00:23:31.038
सर्टेन कल्चर है। ट्रेडिशन है। वर्ड बड़ी

00:23:28.720 --> 00:23:33.440
सेंसिटिव चीज होता है। तमिलनाडु का

00:23:31.038 --> 00:23:35.919
मुसलमान तमिल थोड़ी बोलता। वो उर्दू थोड़ी

00:23:33.440 --> 00:23:39.279
बोलता। तमिल बोलता है। केरला में बशीर जो

00:23:35.919 --> 00:23:41.679
था इतना बड़ा राइटर या बंगाल का बोल रहे

00:23:39.279 --> 00:23:44.399
होंगे उर्दू। वो बोल रहे होंगे। कई करोड़

00:23:41.679 --> 00:23:47.759
लोग हैं जो हिंदी बेल्ट के लोग हैं। अच्छा

00:23:44.400 --> 00:23:51.600
वही उर्दू भी बोलते हैं। और ये तो अब आपने

00:23:47.759 --> 00:23:53.359
कर दिया इसलिए कि लैंग्वेज किसी रिलीजन की

00:23:51.599 --> 00:23:56.480
लैंग्वेज हो ही नहीं सकती। जी हां

00:23:53.359 --> 00:23:59.439
लैंग्वेज एंड रिलजन आर नॉट हो ही नहीं

00:23:56.480 --> 00:24:01.759
इलॉजिकल। मतलब आप कह सकते हैं कि

00:23:59.440 --> 00:24:03.919
क्रिश्चियन की क्या लैंग्वेज है? या हिंदू

00:24:01.759 --> 00:24:06.240
की क्या लैंग्वेज है? हिंदू की लैंग्वेज

00:24:03.919 --> 00:24:08.240
आप कहें हिंदी है तो तमिलनाडु में जाके

00:24:06.240 --> 00:24:11.278
पूछिए कि है कि नहीं है? वो भी बहुत हिंदू

00:24:08.240 --> 00:24:14.480
है। तो लैंग्वेज रीजंस की होती है।

00:24:11.278 --> 00:24:19.038
करेक्ट। तो जो इस रीजन में जो मुसलमान है

00:24:14.480 --> 00:24:21.278
उनकी भी कल तक ये आप जहां हैं और जहां से

00:24:19.038 --> 00:24:23.038
आए हैं वहां तो आप कॉन्स्टेंटली सुनते

00:24:21.278 --> 00:24:25.599
होंगे। पहले लोग फादर के बारे में बोलते

00:24:23.038 --> 00:24:28.400
थे। अब 30-40 साल गुजर गए तो दादा के बारे

00:24:25.599 --> 00:24:30.480
में। साहब मेरे जो फादर थे वो तो उर्दू ही

00:24:28.400 --> 00:24:32.480
लिखते पढ़ते थे। क्या बहुत सुनते थे? बड़े

00:24:30.480 --> 00:24:34.880
भारी। अब अपने दादा के बारे में बोलते

00:24:32.480 --> 00:24:36.640
हैं। हमारे दादा तो साहब उर्दू उनकी किताब

00:24:34.880 --> 00:24:38.320
नोटबुक भी रखी पूरी उर्दू में। मैं तो

00:24:36.640 --> 00:24:41.038
नहीं पढ़ पाता। आपके ग्रेट ग्रैंडफादर तो

00:24:38.319 --> 00:24:43.079
बड़े भारी स्कॉलर थे। वो तो सही है। मगर

00:24:41.038 --> 00:24:47.038
आपकी मदर भी टीचर

00:24:43.079 --> 00:24:49.599
और स्कॉलर थी। उर्दू लिखती थी। तब तो आपकी

00:24:47.038 --> 00:24:52.480
सारी फैमिली की हिस्ट्री यही है। उर्दू से

00:24:49.599 --> 00:24:55.199
आप पूरी जड़े हुए हैं। एक बात बताऊं आपको

00:24:52.480 --> 00:24:57.679
सच कहूंगा और सच के सिवा कुछ नहीं कहूंगा।

00:24:55.200 --> 00:25:00.880
ये पहली सरकार नहीं है। हां।

00:24:57.679 --> 00:25:04.798
इतने बरसों से अगर लोगों को बच्चों को

00:25:00.880 --> 00:25:07.278
उर्दू जिनकी मदद टंग उर्दू थी या मदर टंग

00:25:04.798 --> 00:25:10.798
ये नहीं मुसलमान बच्चे पंजाब का तो हर

00:25:07.278 --> 00:25:14.480
बच्चा उर्दू जानता था इरेिस्पेक्टिव ऑफ़ ह

00:25:10.798 --> 00:25:17.359
रिलजन जो आज बोलते हैं मुझे दिल्ली में

00:25:14.480 --> 00:25:19.839
लोग कि मेरे फादर तो साहब उर्दू ही का

00:25:17.359 --> 00:25:22.158
अखबार पढ़ते थे। मेरे दादा तो उर्दू अखबार

00:25:19.839 --> 00:25:25.599
ये सब मुसलमान नहीं है। नहीं सही बात है।

00:25:22.159 --> 00:25:28.960
सही तो ये किसने खत्म की? ये कौन था?

00:25:25.599 --> 00:25:31.000
तो जो भी प्रदेश था वहां उनकी पॉलिसी रही

00:25:28.960 --> 00:25:33.919
लेकिन सेंट्रल गवर्नमेंट से

00:25:31.000 --> 00:25:37.278
जो सपोर्ट मिलती थी सपोर्ट किसी ने नहीं

00:25:33.919 --> 00:25:39.919
दी नहीं सेंट्रल गवर्नमेंट तो देते थे आप

00:25:37.278 --> 00:25:42.798
यूपी के एक मिनिस्टर थे कांग्रेस के थे वो

00:25:39.919 --> 00:25:45.440
उनका कौन वीर बहादुर सिंह उन्होंने कहा था

00:25:42.798 --> 00:25:48.558
कि मैं उर्दू का मुंह काला करके गधे पे

00:25:45.440 --> 00:25:51.679
बिठा के घुमाऊंगा हो अच्छा तो ये जो उर्दू

00:25:48.558 --> 00:25:54.798
खत्म हुई है या ये जो आपका सच कमीशन

00:25:51.679 --> 00:25:58.080
रिपोर्ट है सच बात करते हैं ये उसने

00:25:54.798 --> 00:26:00.000
रिपोर्ट दी के यह मुसलमान तो ज्यादातर

00:25:58.079 --> 00:26:02.240
दलित से भी बुरी हालत में है। यहां वो तो

00:26:00.000 --> 00:26:05.038
है वो तो जिस आदमी ने अनाउंस किया था कि

00:26:02.240 --> 00:26:08.400
उर्दू मुसलमानों की जबान है वो आदमी उर्दू

00:26:05.038 --> 00:26:11.919
नहीं बोल सकता था जिसका नाम था जिरा हम

00:26:08.400 --> 00:26:13.840
अच्छा ये जरा देखिए सही बात है और दुनिया

00:26:11.919 --> 00:26:18.000
में पाकिस्तान का एक रिकॉर्ड है जो

00:26:13.839 --> 00:26:20.158
अनब्रेकेबल हम जैसे एक जिम लेकर था बॉलर

00:26:18.000 --> 00:26:22.720
उसका रिकॉर्ड कभी नहीं टूटेगा 19 विकेट

00:26:20.159 --> 00:26:25.679
उसने एक टेस्ट मैच में 19 विकेट लिए 19

00:26:22.720 --> 00:26:27.600
उसी तरह से ये रिकॉर्ड भी नहीं टूटेगा

00:26:25.679 --> 00:26:29.038
दुनिया में बहुत पार्टीशंस हुए ऐसा नहीं

00:26:27.599 --> 00:26:32.319
है कि हिंदुस्तान में ही हुआ था बहुत जगह

00:26:29.038 --> 00:26:34.879
जगह हुए हैं। हर जगह माइनॉरिटी इवन इन

00:26:32.319 --> 00:26:37.678
इंडिया माइनॉरिटी ने पार्टीशन मांगा।

00:26:34.880 --> 00:26:39.480
पाकिस्तान का डिस्टिंशन यह है कि वहां

00:26:37.679 --> 00:26:43.519
मेजॉरिटी

00:26:39.480 --> 00:26:46.720
ने पार्टीशन मांगा। 10 करोड़ आदमी ने 7

00:26:43.519 --> 00:26:48.798
करोड़ आदमी से पार्टीशन मांगा कि हम अलग

00:26:46.720 --> 00:26:51.600
होना चाहते थे। मेजॉरिटी अलग होना चाहती

00:26:48.798 --> 00:26:52.798
थी। जो मेजर इश्यूज थे उनमें एक लैंग्वेज

00:26:51.599 --> 00:26:55.519
भी थी।

00:26:52.798 --> 00:26:57.759
10 करोड़ मुसलमान जो थे वह कह रहे थे हम

00:26:55.519 --> 00:27:00.240
बंगाली हैं। हमारी मदर टंग बंगाली है। हम

00:26:57.759 --> 00:27:02.558
पर उर्दू मत इंपोज करो। मेरी मदर टंग है

00:27:00.240 --> 00:27:05.440
उर्दू। मुझे बहुत मोहब्बत है उससे। बट आई

00:27:02.558 --> 00:27:07.359
स्टैंड बाय दोज़ बंगाली। हु वांटेड टू सेव

00:27:05.440 --> 00:27:09.440
देयर मदर टंग। लाइक आई वांट टू सेव माय

00:27:07.359 --> 00:27:13.839
मदर टंग।

00:27:09.440 --> 00:27:16.400
तो ये जो है इतने बड़े सबूत के बाद भी अगर

00:27:13.839 --> 00:27:18.720
समझ में ना आए लोगों के कि भाई उर्दू

00:27:16.400 --> 00:27:20.559
मुसलमानों की आवाज नहीं है। 10 करोड़

00:27:18.720 --> 00:27:23.440
मुसलमान कह रहे हैं हम मुल्क तोड़ देंगे।

00:27:20.558 --> 00:27:26.079
उर्दू नहीं पढ़ेंगे। जी उसके बाद भी आप ना

00:27:23.440 --> 00:27:28.080
समझे तो ना समझिए तो अभी पीछे मैं आपको

00:27:26.079 --> 00:27:31.359
इंटरेस्टिंग बात बताऊं कि सुप्रीम कोर्ट

00:27:28.079 --> 00:27:33.759
में मामला आया और मामला यह था कि एक

00:27:31.359 --> 00:27:36.319
म्युनिसिपल कॉरपोरेशन आपको मालूम है

00:27:33.759 --> 00:27:39.359
म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के बोर्ड लगते हैं

00:27:36.319 --> 00:27:41.158
उसमें ऊपर मराठी में लिखा जाता है और नीचे

00:27:39.359 --> 00:27:45.599
उर्दू में लिखा जाता

00:27:41.159 --> 00:27:48.000
है। तो एक फैसला आया कॉरपोरेशन का कि भैया

00:27:45.599 --> 00:27:51.278
ये उर्दू जो नीचे से लिखा जाता है इसको

00:27:48.000 --> 00:27:54.319
मिटाना चाहिए। उसके बाद एक 1900 मेरे

00:27:51.278 --> 00:27:57.440
ख्याल 2022 में एक एक्ट भी बन गया। तो यह

00:27:54.319 --> 00:28:00.798
सारा मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। तो

00:27:57.440 --> 00:28:04.399
सुप्रीम कोर्ट ने वही बात की जो आपने अभी

00:28:00.798 --> 00:28:08.879
कही कि ये दुर्भाग्य है हमारा कि कोई

00:28:04.398 --> 00:28:11.038
जुबान को धर्म के साथ जोड़ा जाए। और इसलिए

00:28:08.880 --> 00:28:12.960
उर्दू की अहमियत कमती हो जा रही है। जो

00:28:11.038 --> 00:28:16.720
उन्होंने कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है

00:28:12.960 --> 00:28:18.558
कि आहिस्ताआहिस्ता उर्दू जुबान को मुस्लिम

00:28:16.720 --> 00:28:21.200
के साथ जोड़ा जा रहा है। रिलीजन के साथ

00:28:18.558 --> 00:28:23.839
जोड़ा जा रहा है। हालांकि उर्दू जुबान इज

00:28:21.200 --> 00:28:26.319
पार्ट ऑफ़ आवर सिंक्रेटिक कल्चर। ये

00:28:23.839 --> 00:28:28.639
सुप्रीम कोर्ट ने अभी मैंने पढ़ा। का भी

00:28:26.319 --> 00:28:30.879
इतना जबरदस्त जजमेंट दिया है और उन्होंने

00:28:28.640 --> 00:28:33.600
यह भी कहा है कि कई प्रदेशों में तो उर्दू

00:28:30.880 --> 00:28:36.159
सेकंड लैंग्वेज है और इसमें कोई गलत बात

00:28:33.599 --> 00:28:40.398
भी नहीं है। और हिंदुस्तान में कहते हैं

00:28:36.159 --> 00:28:42.559
कि भ 2075 2011 के सेंसस में 2075

00:28:40.398 --> 00:28:45.119
लैंग्वेजेस हैं। हालांकि शेड्यूल एट में

00:28:42.558 --> 00:28:47.200
तो 22 ही हैं। डायलग्स नहीं नहीं

00:28:45.119 --> 00:28:49.199
लैंग्वेज। डायलॉग्स तो इससे भी कहीं

00:28:47.200 --> 00:28:52.399
ज्यादा हैं। वो लैंग्वेज कैसे जोड़ते हैं

00:28:49.200 --> 00:28:54.558
कि अगर 10,000 लोग एक लैंग्वेज बोल रहे हो

00:28:52.398 --> 00:28:57.119
तो फिर वो लैंग्वेज कहलाई जाती है। नहीं

00:28:54.558 --> 00:28:59.278
वो लैंग्वेज की अगर स्क्रिप्ट अलग है हां

00:28:57.119 --> 00:29:01.278
नहीं तब वो जाके सुप्रीम कोर्ट ने जो कहा

00:28:59.278 --> 00:29:03.919
है जो 10,000 की संख्या हो तभी लैंग्वेज

00:29:01.278 --> 00:29:08.558
कहलाई जाती है। बाकी जो डायलग्स हैं वो तो

00:29:03.919 --> 00:29:11.200
कई हैं। हजारों में है। तो तो इसका मतलब

00:29:08.558 --> 00:29:12.798
ये सुप्रीम कोर्ट ने दुख व्यक्त किया है।

00:29:11.200 --> 00:29:14.960
बहुत बढ़िया जजमेंट है। इसमें एक बड़ी

00:29:12.798 --> 00:29:17.278
अच्छी उन्होंने एक बड़ी अच्छी पोयम लिखी

00:29:14.960 --> 00:29:19.240
है। मैं आपको सुनाना चाहता हूं। कहती है

00:29:17.278 --> 00:29:22.960
किसने लिखी ये उसी

00:29:19.240 --> 00:29:25.960
में ये नहीं कहा किसने लिखी है? हां जज

00:29:22.960 --> 00:29:30.319
साहब ने इसको कोट किया है। उर्दू है मेरा

00:29:25.960 --> 00:29:33.120
नाम मैं खुसरो की पहेली। उर्दू है मेरा

00:29:30.319 --> 00:29:35.200
नाम। मैं खुसरो की पहेली। क्यों मुझको

00:29:33.119 --> 00:29:37.759
बनाते हो

00:29:35.200 --> 00:29:40.080
तासुब का निशाना।

00:29:37.759 --> 00:29:42.879
हां ये सुनिए ना मैंने। बहुत जगह गाई

00:29:40.079 --> 00:29:46.240
तासुब का निशाना। मैंने तो कभी खुद को

00:29:42.880 --> 00:29:50.720
मुसलमान नहीं माना। देखा था कभी मैंने भी

00:29:46.240 --> 00:29:54.240
खुशियों का जमाना अपने ही वतन में हूं मगर

00:29:50.720 --> 00:29:58.120
आज अकेली उर्दू है मेरा नाम मैं खुसरो की

00:29:54.240 --> 00:30:02.480
पहेली आपको एक इंटरेस्टिंग बात हिस्टोरिकल

00:29:58.119 --> 00:30:04.959
बताऊं 1897 में पहली दफा इसी दिल्ली में

00:30:02.480 --> 00:30:08.319
एक स्कॉलर इस्लामिक स्कॉलर रहते थे शाह

00:30:04.960 --> 00:30:12.480
अब्दुल कादिर उन्होंने कुरान का

00:30:08.319 --> 00:30:15.439
ट्रांसलेशन उर्दू में किया एस लेट एस 18

00:30:12.480 --> 00:30:18.399
97 इसलिए कि उसके 700 800 साल पहले सिंधी

00:30:15.440 --> 00:30:24.558
में हो चुका था कुरान का तर्जुमा।

00:30:18.398 --> 00:30:27.599
तो जितने हिंदुस्तान में बड़े काजी थे और

00:30:24.558 --> 00:30:30.480
मुल्ला थे बड़े सबने अब्दुल कादिर के

00:30:27.599 --> 00:30:33.599
खिलाफ फतवा दे दिया। अच्छा कि इस आदमी की

00:30:30.480 --> 00:30:37.599
हिम्मत कैसे हुई कि इस पाक किताब का

00:30:33.599 --> 00:30:39.759
तर्जुमा इस गंदी गली हिडन लैंग्वेज में

00:30:37.599 --> 00:30:41.759
किया है।

00:30:39.759 --> 00:30:43.919
कि ये इस लैंग्वेज में कुरान का

00:30:41.759 --> 00:30:47.119
ट्रांसलेशन कर दिया।

00:30:43.919 --> 00:30:50.159
तो यह तो पाप है। जैसे कि तुलसीदास ने

00:30:47.119 --> 00:30:52.798
किया था पाप रामचरितमानस लिख दिया था जो

00:30:50.159 --> 00:30:55.278
संस्कृत में थी रामायण उसको आम आदमी की

00:30:52.798 --> 00:30:58.000
जुबान में ट्रांसलेट कर दिया तो पाप था।

00:30:55.278 --> 00:31:00.480
उन्हें निकाल दिया गया था बिरादरी से उस

00:30:58.000 --> 00:31:03.000
उन्होंने एक चौपाई भी कही थी बड़ी अच्छी

00:31:00.480 --> 00:31:07.759
थी। दूत कहो राजपूत

00:31:03.000 --> 00:31:10.480
कहो अवधूत कहो कि जुलाहा कोहू कोहू की जात

00:31:07.759 --> 00:31:13.839
बिगाड़ कोहू की बेटी से बेटा ना ब्याह

00:31:10.480 --> 00:31:16.960
कोहू की जात बिगाड़ ना चोू मांग के खबो

00:31:13.839 --> 00:31:20.240
मस्जिद में सोइबो लेबे का एक ना देबे का

00:31:16.960 --> 00:31:22.480
दोहू ऐसे उन्हें भी तो ये फंडामेंटली

00:31:20.240 --> 00:31:26.079
माइंडसेट तो एक ही होता है कहीं भी हो तो

00:31:22.480 --> 00:31:28.960
उसको तो निकाल दिया था उसी के एक 60 70

00:31:26.079 --> 00:31:31.678
साल बाद एक आर्टिफिशियल दाढ़ी चिपका दी गई

00:31:28.960 --> 00:31:35.038
उर्दू के और टोकी सर पे रख दी। इसलिए कि

00:31:31.679 --> 00:31:37.519
अब तो डायवर्जन 1857 के बाद तो खासतौर से

00:31:35.038 --> 00:31:40.240
इन्हें डिवाइड करना था। यह जो यूनाइट होके

00:31:37.519 --> 00:31:43.440
अंग्रेज के खिलाफ लड़े थे तो इसमें शिज्म

00:31:40.240 --> 00:31:47.240
पैदा करना जरूरी था और इंटेंशनली हिंदी और

00:31:43.440 --> 00:31:51.759
उर्दू को अलग करने का इंस्टीटश ने काम

00:31:47.240 --> 00:31:53.679
किया। ये जो है सेमी स्क्वेंस है। ये एक

00:31:51.759 --> 00:31:55.599
दूसरे के बिना नेहरू जी ने कहा कि

00:31:53.679 --> 00:31:58.480
हिंदुस्तानी शुड बी आवर लैंग्वेज।

00:31:55.599 --> 00:32:01.839
हिंदुस्तानी शुड बी जी जी सही है सही है

00:31:58.480 --> 00:32:03.759
ये जो है ये ये एक दूसरे आप बोल ही नहीं

00:32:01.839 --> 00:32:06.398
सकते लोगों को यही नहीं मालूम क्या बोल

00:32:03.759 --> 00:32:09.759
रहे हैं कि ये उर्दू है कि हिंदी है अच्छा

00:32:06.398 --> 00:32:12.319
चलिए एक आदमी यूपी का रहने वाला है वो

00:32:09.759 --> 00:32:15.359
आदमी पढ़ा लिखा नहीं है तो ऐसा यूपी में

00:32:12.319 --> 00:32:19.918
मिलना मुश्किल नहीं है

00:32:15.359 --> 00:32:24.240
वो आदमी कहता है खाना खाओगे पानी पियोगे

00:32:19.919 --> 00:32:26.080
क्या घर जा रहे हो कल आ जाना ये क्या है

00:32:24.240 --> 00:32:27.839
ये हिंदी के उर्दू लिखता तो है नहीं वो

00:32:26.079 --> 00:32:30.000
पढ़ता भी नहीं है। ये जो बोल रहा है ये

00:32:27.839 --> 00:32:33.439
क्या है? हिंदुस्तानी है। अच्छा यही हिंदी

00:32:30.000 --> 00:32:36.240
है। यही उर्दू है। सही बात। कोई आप जुमला

00:32:33.440 --> 00:32:38.000
जो है हिंदी के बगैर उर्दू सेंटेंस

00:32:36.240 --> 00:32:41.359
कंप्लीट ही नहीं कर सकते। इसलिए ग्रामर तो

00:32:38.000 --> 00:32:44.240
दोनों की एक है और ना उसकी आप सेंटेंस बना

00:32:41.359 --> 00:32:47.199
सकते हैं। यह उसको आर्टिफिशियली

00:32:44.240 --> 00:32:51.120
संस्कृताइज करके और आर्टिफिशियली अर्बनाइज

00:32:47.200 --> 00:32:53.278
करके अरब की ओर वर्ड डाल के कन्वेंशनल

00:32:51.119 --> 00:32:56.398
वर्ड जो हम लोग बोलते ही नहीं है। इसे

00:32:53.278 --> 00:32:59.119
आर्टिफिशियली अलग करने की कोशिश करते हैं।

00:32:56.398 --> 00:33:01.678
सिनेमा क्या है? ये सिनेमा की भाषा देखिए।

00:32:59.119 --> 00:33:04.239
ये हिंदी उर्दू की मिली हुई जबान है। उसे

00:33:01.679 --> 00:33:06.600
आप हिंदी सर्टिफिकेट दे दीजिए। लेकिन ये

00:33:04.240 --> 00:33:09.359
क्या दूरदर्शन की हिंदी तो नहीं होती ना

00:33:06.599 --> 00:33:12.480
फिल्में ये कौन सी हिंदी ये वो हिंदी है

00:33:09.359 --> 00:33:14.558
जो उर्दू की जुड़वा बहन है जैसे आपने कहा

00:33:12.480 --> 00:33:19.519
जुबान और स्क्रिप्ट में बहुत अंतर है। हां

00:33:14.558 --> 00:33:22.158
तो ये जो है उसको आप ज्यादा ये होगा कि आप

00:33:19.519 --> 00:33:25.200
उसकी स्क्रिप्ट खत्म कर देंगे जो हो रही

00:33:22.159 --> 00:33:28.320
है। लेकिन ये सारी पोएट्री जो है उर्दू

00:33:25.200 --> 00:33:32.399
पोएट्स की ये देवनागरी में अवेलेबल है। और

00:33:28.319 --> 00:33:34.558
देवनागरी में इट सेल्स लाइक हॉट केक। ऑलदो

00:33:32.398 --> 00:33:37.918
आई डोंट नो यह हॉट केक्स कहां बहुत बिकते

00:33:34.558 --> 00:33:39.839
थे। मुझे पता नहीं बावरा है। तो हां मैंने

00:33:37.919 --> 00:33:43.200
देखी नहीं कोई जगह जहां हॉट केक बहुत बिक

00:33:39.839 --> 00:33:46.879
रहे हो। तो मगर बिकते हैं। अब मेरे जैसे

00:33:43.200 --> 00:33:52.240
शायर की कोई मेरे ख्याल से 26 या 27वीं

00:33:46.880 --> 00:33:55.360
एडिशन छप गया है। 26 या 27वा एडिशन आपकी

00:33:52.240 --> 00:33:57.679
वजह से। अरे मगर वह किताब देवनागिरी में

00:33:55.359 --> 00:33:59.599
शायरी उर्दू की है। मैंने तो एक वर्ड भी

00:33:57.679 --> 00:34:02.159
नहीं चेंज किया। वही है जो नहीं आप सरल

00:33:59.599 --> 00:34:05.359
तरीके से बोलते हो। बड़े सरल तरीके से सरल

00:34:02.159 --> 00:34:07.519
तरीके से बोलना चाहिए। लोग समझते हैं। मगर

00:34:05.359 --> 00:34:10.559
जुबान जो है वही वो इसीलिए तो होती है

00:34:07.519 --> 00:34:13.918
जुबान। इसीलिए और इसीलिए मैं कह रहा हूं

00:34:10.559 --> 00:34:16.960
कि 26वीं 27वीं जो आप कह रहे हो वो उसकी

00:34:13.918 --> 00:34:19.440
मैजिशियन आ रही है। ये तो कोशिश बेकार है।

00:34:16.960 --> 00:34:21.599
ये मीनिंगलेस है। आप ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी

00:34:19.440 --> 00:34:24.559
देखिए। तो उनका प्रेफरेंस आप जब नया

00:34:21.599 --> 00:34:27.440
एडिक्शन आएगा तो कहते हैं हमने 50 पॉइंट

00:34:24.559 --> 00:34:29.918
इस बार पढ़ाए हैं। इवन जुगाड़ हैज़ एंटर्ड

00:34:27.440 --> 00:34:32.960
जुगाड़ जुगाड़ है एंटर्ड आई नो ऑक्सफोर्ड

00:34:29.918 --> 00:34:35.440
यूनिवर्सिटी डिक्शनरी में जा चुका है। हम

00:34:32.960 --> 00:34:39.039
क्या कहते हैं अभी हम 500 वर्ड निकालने

00:34:35.440 --> 00:34:41.200
वाले हैं। जमाने ऐसे नहीं जिंदा रहती हैं।

00:34:39.039 --> 00:34:44.398
जो लोग ये कर रहे हैं वो हिंदी का नुकसान

00:34:41.199 --> 00:34:46.719
कर रहे हैं। हिंदी अमीर है इसलिए कि उसके

00:34:44.398 --> 00:34:49.918
पास सब लैंग्वेज के वर्ड है। आप उसे वर्ड

00:34:46.719 --> 00:34:52.959
निकाल के गरीब बना रहे हैं।

00:34:49.918 --> 00:34:57.440
ऐसा नहीं होता। चलिए एक एक और बात पे आते

00:34:52.960 --> 00:35:00.639
हैं। जी वो थोड़ी गंभीर है और उसका जिक्र

00:34:57.440 --> 00:35:02.880
मैं इसलिए कर रहा हूं कि आपकी मैं राय

00:35:00.639 --> 00:35:08.440
चाहता हूं कि जो 22 तारीख को जो हादसा

00:35:02.880 --> 00:35:11.920
हादसा हुआ जम्मू कश्मीर में उसका

00:35:08.440 --> 00:35:15.559
नतीजा मुझे नहीं मालूम क्या होगा।

00:35:11.920 --> 00:35:20.119
लेकिन सारा देश एकजुट

00:35:15.559 --> 00:35:24.519
होकर कश्मीर एकजुट होकर बोला कि

00:35:20.119 --> 00:35:29.519
ऐसा हम नहीं होने देंगे नहीं होना

00:35:24.519 --> 00:35:32.719
चाहिए और ये पाकिस्तान तो हर करता रहता है

00:35:29.519 --> 00:35:33.880
ये सब हमने आरोप भी लगाया पाकिस्तान पे वो

00:35:32.719 --> 00:35:40.159
सही भी

00:35:33.880 --> 00:35:43.920
है अब मैं आपकी राय चाहता हूं कि किस

00:35:40.159 --> 00:35:48.239
तरीके से आप इसको देखते हैं। देखिए मैं तो

00:35:43.920 --> 00:35:51.920
इस बारे में एक दो जगह बोल भी चुका हूं और

00:35:48.239 --> 00:35:55.279
स्टेज से भी और कैमरा के सामने भी ये बहुत

00:35:51.920 --> 00:35:57.599
हो गया है और मैं शायद मुझे बहुत इसलिए भी

00:35:55.280 --> 00:36:01.280
लग रहा है कि मैं मुंबई में था जब मुंबई

00:35:57.599 --> 00:36:04.838
में हुआ और तीन दिन तक वो शहर की क्या

00:36:01.280 --> 00:36:08.640
हालत थी। कैसी

00:36:04.838 --> 00:36:12.719
लाशें विक्टोरिया टर्मिनस के प्लेटफार्म

00:36:08.639 --> 00:36:14.719
पे पड़ी हुई थी। अभी हम तो वो होटल जो है

00:36:12.719 --> 00:36:15.719
उनका क्या हाल था? किस तरह से लोगों को

00:36:14.719 --> 00:36:19.679
मारा

00:36:15.719 --> 00:36:22.239
गया और कहां से लोग आए भाई? इस पे आप

00:36:19.679 --> 00:36:25.838
इंकार करें। मैंने तो पाकिस्तान में लाहौर

00:36:22.239 --> 00:36:28.078
गया था। मैं फैज अहमद फैज के उसमें फैज

00:36:25.838 --> 00:36:30.078
मेला जो है वो तो अच्छे लोग हैं। उन लोग

00:36:28.079 --> 00:36:33.119
पे तो इल्जाम लगता है कि इंडियन एजेंट

00:36:30.079 --> 00:36:35.039
हैं। ये तो पैसिफिस्ट है। ये वो वहां

00:36:33.119 --> 00:36:37.680
मुल्लाओं को ये लोग बिलकुल नहीं पसंद है।

00:36:35.039 --> 00:36:40.320
इसीलिए मुझे पसंद है। तो उन्होंने ही मुझे

00:36:37.679 --> 00:36:43.358
वीजा किसी तरह दिलाया। वरना मुझे वीजा

00:36:40.320 --> 00:36:46.720
पाकिस्तान रिफ्यूज कर चुका है पहले। जी जी

00:36:43.358 --> 00:36:49.838
तो वहां पर मुझसे यही सवाल किसी ने किया

00:36:46.719 --> 00:36:52.399
खड़े होके जब 25 हजार आदमी हॉल में बैठे

00:36:49.838 --> 00:36:54.320
थे कि हम तो आपसे बहुत अच्छी तरह मिलते

00:36:52.400 --> 00:36:56.880
हैं। देखिए हमने आपको कैसे रिसीव किया है

00:36:54.320 --> 00:36:58.559
और कितनी इज्जत दी है और आप लोग पता नहीं

00:36:56.880 --> 00:37:00.880
हमारे बारे में क्या समझते हैं कि हम सब

00:36:58.559 --> 00:37:03.199
टेररिस्ट हैं। हमने आप पे बम फेंक दिया।

00:37:00.880 --> 00:37:07.358
क्या गोली चलाई आप पर? एक महिला ने आपसे

00:37:03.199 --> 00:37:10.399
जब हां मैडम ने पूछा एक तो मैंने कहा और

00:37:07.358 --> 00:37:12.159
हम तो कितने खुले आर्म्स के साथ बाहें खोल

00:37:10.400 --> 00:37:14.800
के आपसे मिलते हैं। आप लोगों को पता नहीं

00:37:12.159 --> 00:37:16.879
क्या कॉम्प्लेक्स है। मैंने कहा ये बात तो

00:37:14.800 --> 00:37:19.760
मैं आपसे तकक्लुक में बात नहीं कर सकता

00:37:16.880 --> 00:37:23.680
हूं। आपने सवाल ऐसा कर दिया है। तो सच ये

00:37:19.760 --> 00:37:26.560
है कि हमारा रिकॉर्ड क्या है कि लता ये

00:37:23.679 --> 00:37:29.358
नुसरत फतेह अली आए मेहदी हसन आए, गुलाम

00:37:26.559 --> 00:37:32.000
अली आए। हमने तो बड़े-बड़े फंक्शन किए

00:37:29.358 --> 00:37:34.719
हिंदुस्तान में। फैज अहमद फैज हु वाज़ अ

00:37:32.000 --> 00:37:36.719
पोएट। यस ऑफकोर्स। एंड आई विल नॉट कॉल हिम

00:37:34.719 --> 00:37:38.559
अ पाकिस्तानी पोएट। आई विल कॉल हिम। मैं

00:37:36.719 --> 00:37:40.879
आपको एक छोटी पर्सनल बात बताऊं छोटी सी।

00:37:38.559 --> 00:37:43.519
आई एम सॉरी टू इंटरप्ट यू कि मेरे फादर

00:37:40.880 --> 00:37:46.480
वकील थे लाहौर में जी। तो जब मंटो का

00:37:43.519 --> 00:37:48.880
ट्रायल हुआ तो फैज अहमद फैज विटनेस थे।

00:37:46.480 --> 00:37:52.320
विटनेस थे। तो मेरे फादर वकील थे। अरे

00:37:48.880 --> 00:37:55.119
वाह। और वो उनके बड़े दोस्त बने। और जब हम

00:37:52.320 --> 00:37:57.519
अपने घर जाते थे इसलिए मुझे उर्दू से बड़ी

00:37:55.119 --> 00:38:00.400
दिलचस्पी है क्योंकि जब मैं चंडीगढ़ घर

00:37:57.519 --> 00:38:03.599
जाता था तो बात केवल उर्दू शायरी की होती

00:38:00.400 --> 00:38:08.559
थी और मेरे फादर और मेरे सबसे बड़े भाई दे

00:38:03.599 --> 00:38:12.880
नो सो मच ऑफ उर्दू लिटरेचर दैट आई फील के

00:38:08.559 --> 00:38:15.759
मैं मुझे लगता है कि मैं मुझे भी ऐसा हो

00:38:12.880 --> 00:38:19.200
मुझे भी उस उस जुबान से तैयारी शुरू कर दी

00:38:15.760 --> 00:38:22.240
और क्या मैंने तो दूसरे दूसरी तो तरीके से

00:38:19.199 --> 00:38:24.559
की लेकिन ये हमारा फैज अहमद के साथ अटल

00:38:22.239 --> 00:38:28.799
बिहारी वाजपेई साहब उस वक्त प्राइम

00:38:24.559 --> 00:38:31.119
मिनिस्टर थे। फैज को ऐसा ट्रीटमेंट मिला

00:38:28.800 --> 00:38:35.519
था इस मुल्क में जैसे कोई हेड ऑफ द स्टेट

00:38:31.119 --> 00:38:38.320
आए। वो जहां भी गए राजभवन में ठहरे। सामने

00:38:35.519 --> 00:38:41.599
एक लाल बत्ती की गाड़ी चलती थी। उनके एक

00:38:38.320 --> 00:38:43.920
गाड़ी में वो होते थे। मतलब उनको रेड

00:38:41.599 --> 00:38:46.000
कारपेट बिछा दिए गए। उनके लिए हाजिर

00:38:43.920 --> 00:38:49.920
हिंदुस्तान के भी बहुत बड़े-बड़े पोएट और

00:38:46.000 --> 00:38:52.880
राइटर्स के अब्बास सरदार जाफरी कैफी यादमी

00:38:49.920 --> 00:38:55.720
ये लोग गए हैं लाहौर भी गए हैं कराची इनको

00:38:52.880 --> 00:38:58.599
कभी पीटीवी पे नहीं बुलाया गया

00:38:55.719 --> 00:39:02.239
सही हमारे यहां तो ये हाल था अभी तो

00:38:58.599 --> 00:39:04.400
दूरदर्शन बदल गया है कि कोई कराची से सड़क

00:39:02.239 --> 00:39:06.559
पे झाड़ू देने वाला आता था तो दूरदर्शन पे

00:39:04.400 --> 00:39:09.119
इंटरव्यू होता कौन-कौन सी सड़कों पे आप

00:39:06.559 --> 00:39:13.039
झाड़ू देते आपकी झाड़ू किस तरह की है ये

00:39:09.119 --> 00:39:15.680
इंटरव्यू होता था हमारा तो कोई राइटर

00:39:13.039 --> 00:39:18.239
कोई राइटर कितना भी बड़ा हो पी टीवी नहीं

00:39:15.679 --> 00:39:20.480
इनवाइट करती थी। अब तो उनके प्राइवेट

00:39:18.239 --> 00:39:24.159
चैनल्स आ गए हैं तो अभी फिर भी वो बात कर

00:39:20.480 --> 00:39:27.760
लेते हैं। पी टीवी नहीं तो आप लता मंगेशकर

00:39:24.159 --> 00:39:32.000
बोथ हैंड्स डाउन द मोस्ट पॉपुलर इंडिया

00:39:27.760 --> 00:39:34.560
इंडियन इन 50 एंड 60 एंड 70 उसका आपने कभी

00:39:32.000 --> 00:39:37.760
बुला के शो किया। हमने तो बहुतों के किए।

00:39:34.559 --> 00:39:40.078
ये तो आप गलत कह रही हैं। और मैंने कहा कि

00:39:37.760 --> 00:39:43.280
आप मुझे बता रही हैं कि आपने कोई बम मुझ

00:39:40.079 --> 00:39:45.839
पे नहीं फेंका। कोई गोली नहीं चलाई। मैं

00:39:43.280 --> 00:39:47.960
तो मुंबई का रहने वाला हूं। मैंने तो अपने

00:39:45.838 --> 00:39:51.519
शहर को जलते देखा है। तो जो लोग आए थे

00:39:47.960 --> 00:39:54.519
जलाने वो स्वीडन से तो नहीं आए थे और ना

00:39:51.519 --> 00:39:59.119
इजिप्ट से आए थे।

00:39:54.519 --> 00:40:02.079
तो ये हैद थी थोड़ी सी और ये एक बार नहीं

00:39:59.119 --> 00:40:04.240
बहुत बार हुआ है। वो कुछ कहे बाहर के

00:40:02.079 --> 00:40:07.599
मुल्क के ऐसा कंट्रोल कर लो और वैसा कर

00:40:04.239 --> 00:40:09.838
लो। खुद करते हैं। इन पे जरा सी आंच आ जाए

00:40:07.599 --> 00:40:12.079
तो यह तो जाके पूरी बस्तियों के बस्तियां

00:40:09.838 --> 00:40:14.159
और शहर के शहर बमबाड कर देते हैं। यह हमें

00:40:12.079 --> 00:40:16.720
सिखा रहे हैं मॉडरेशन।

00:40:14.159 --> 00:40:20.159
ये इनकी राय की हिंदुस्तान को जरूरत नहीं

00:40:16.719 --> 00:40:23.279
है। आई थिंक टाइम हैज़ कम। आई हैव नथिंग

00:40:20.159 --> 00:40:25.679
अगेंस्ट द पीपल ऑफ़ नोबडी हैज़ एनीथिंग

00:40:23.280 --> 00:40:27.920
अगेंस्ट द पीपल। नो एक्चुअली दे आर ट्रैप

00:40:25.679 --> 00:40:30.319
पीपल। अब्सोलुटली। दे आर द बस्ट सफरर्स।

00:40:27.920 --> 00:40:33.519
वो तो वहां उनके नीचे रह रहे हैं। हम तो

00:40:30.320 --> 00:40:36.000
पड़ोस में यहां से देख रहे हैं। गड़बड़

00:40:33.519 --> 00:40:37.719
वहां पर है। इस्टैब्लिशमेंट

00:40:36.000 --> 00:40:40.960
मिलिट्री मिलिट्री

00:40:37.719 --> 00:40:44.799
मिलिट्री एंड मुल्ला

00:40:40.960 --> 00:40:49.519
ये जो फंडामेंटलिस्ट है वो भी बहुत टेढ़ा

00:40:44.800 --> 00:40:51.680
है। खतरनाक है। ये तीन हैं जिनके उनका

00:40:49.519 --> 00:40:54.480
क्या है कि उनका एकिस्टेंस का रीजन नहीं

00:40:51.679 --> 00:40:56.960
बचेगा। अगर हिंदुस्तान से रिलेशन ठीक हो।

00:40:54.480 --> 00:41:02.000
तो फिर तुम क्यों? बट जावेद साहब यह तो

00:40:56.960 --> 00:41:05.400
चलता रहा है। उडी हुआ, पुलवामा हुआ मतलब

00:41:02.000 --> 00:41:09.039
यह पठानकोट हुआ, यह हुआ उससे

00:41:05.400 --> 00:41:12.400
पहले पीट के कुछ ना कुछ तो करना पड़ेगा।

00:41:09.039 --> 00:41:15.119
100% यही यह मेरी राय नहीं है। मुझे बहुत

00:41:12.400 --> 00:41:18.240
खुशी है कि इस बारे में अह पहली बार ऐसा

00:41:15.119 --> 00:41:21.920
हुआ है कि सारी अपोजिशन पार्टीज ने विदाउट

00:41:18.239 --> 00:41:25.199
एनी इफ एंड बट अह सरकार से कहा है कि हम

00:41:21.920 --> 00:41:27.838
आपके साथ हैं। सारा देश उनके साथ है।

00:41:25.199 --> 00:41:30.719
बिल्कुल है। व्यक्ति नहीं है। और क्या

00:41:27.838 --> 00:41:32.960
करेंगे? इतनी मुझे समझ होती तो फिर मैं

00:41:30.719 --> 00:41:36.559
कहीं मिनिस्टर होता वो तो मैं हूं नहीं।

00:41:32.960 --> 00:41:39.920
लेकिन कोई भी नहीं जानता। यह कि कुछ एक

00:41:36.559 --> 00:41:42.719
ऐसी बात होनी ही चाहिए कि जिससे वहां की

00:41:39.920 --> 00:41:46.639
आर्मी और उनका आर्मी चीफ क्या मैंने उसपे

00:41:42.719 --> 00:41:49.358
देखा YouTube पे स्पीच मैंने देखी ये

00:41:46.639 --> 00:41:51.759
कितना इनसेंसिटिव आदमी है इसको एक बात का

00:41:49.358 --> 00:41:53.519
ख्याल नहीं भाई हम बुरे लोग हैं इंडियन

00:41:51.760 --> 00:41:57.440
बड़े खराब लोग होते हैं तो हमको गालियां

00:41:53.519 --> 00:42:00.079
दो ना तुम ये कह रहे हो कि हिंदू ऐसे होते

00:41:57.440 --> 00:42:03.119
हैं तुम्हारे मुल्क में चलो दो ही परसेंट

00:42:00.079 --> 00:42:06.079
होंगे 2ाई% होंगे हिंदू रहते हैं ना

00:42:03.119 --> 00:42:08.720
तुम्हें उनकी कोई इज्जत नहीं है नहीं उनको

00:42:06.079 --> 00:42:10.480
क्या इज्जत है अपनी पावर मुझे ये बताइए

00:42:08.719 --> 00:42:13.358
तुम हिंदुस्तानियों को गाली दो तो मेरी

00:42:10.480 --> 00:42:16.318
समझ में आएगा कि भाई हम बड़े खराब लोग हैं

00:42:13.358 --> 00:42:19.759
हम देखो कारगिल में घुस गए थे हम कश्मीर

00:42:16.318 --> 00:42:21.679
में कई बार घुस गए थे हम तो सारे खराब काम

00:42:19.760 --> 00:42:24.560
तो हम करते हैं ना तुमने तो आज तक कुछ

00:42:21.679 --> 00:42:27.279
नहीं किया बुरा तो मैं मान लेता हूं मगर

00:42:24.559 --> 00:42:29.599
तुम्हें अपने मुल्क में जो हिंदू रहते हैं

00:42:27.280 --> 00:42:33.440
यू आर उनकी तो इज्जत करो उनकी तो इज्जत

00:42:29.599 --> 00:42:36.000
करो तुम किस तरह के आदमी हो तुम वो तो साफ

00:42:33.440 --> 00:42:38.000
जाहिर कहता है कि जे एंड के इज़ द जगर नॉट

00:42:36.000 --> 00:42:40.719
दैट वी हैव

00:42:38.000 --> 00:42:42.880
यू नहीं यू डोंट हैव मे बी इट इज़ योर जगर

00:42:40.719 --> 00:42:45.118
नॉट मुझे क्या तुम अपनी बॉडी का कौन सा

00:42:42.880 --> 00:42:47.200
हिस्सा बताते हो मुझे उससे कोई लेना देना

00:42:45.119 --> 00:42:49.119
बट यू डोंट हैव इट एंड यू विल नेवर हैव इट

00:42:47.199 --> 00:42:52.159
विल नेवर हैव इट्स करेक्ट नहीं होगा हां

00:42:49.119 --> 00:42:54.480
ये नहीं होगा क्या बात कर रहे हो क्या कह

00:42:52.159 --> 00:42:56.480
रहे हो तुम्हें कुछ समझ ही नहीं भाई नहीं

00:42:54.480 --> 00:42:59.280
भाई देयर होल एस्टैब्लिशमेंट डिपेंड्स ऑन

00:42:56.480 --> 00:43:02.079
दैट एंटी इंडियन प्रोपेगेंडा एंड टेररिज्म

00:42:59.280 --> 00:43:04.720
इन इंडिया सारी तो उनकी रेलेवेंस ही वह

00:43:02.079 --> 00:43:06.079
है। और तो कुछ है भी नहीं तो हमें कुछ तो

00:43:04.719 --> 00:43:09.759
करना पड़ेगा ना हम तो चाहते हैं

00:43:06.079 --> 00:43:12.079
प्रधानमंत्री जी कुछ कुछ करें मतलब के अह

00:43:09.760 --> 00:43:14.880
हम उनके जो मिसाइल्स हैं उनके जो मिसाइल्स

00:43:12.079 --> 00:43:18.400
हैं उसमें एक का नाम है अब्दाली

00:43:14.880 --> 00:43:20.559
चलो बाय सम वप थिंकिंग मैं सोच लूं कि जब

00:43:18.400 --> 00:43:22.400
हिंदुस्तान में मुसलमान ही नहीं थे तो उधर

00:43:20.559 --> 00:43:25.440
जो हमला किया था तो उन्होंने तो इन

00:43:22.400 --> 00:43:27.838
काफिरों पे किया था। अरे मगर अब्दाली ने

00:43:25.440 --> 00:43:30.880
जब हमला किया था और जहां हमला किया था

00:43:27.838 --> 00:43:32.960
वहां मुसलमान रहते थे। तो अब्दाली

00:43:30.880 --> 00:43:34.800
तुम्हारा हीरो तो इसके मतलब जो इस जमीन पर

00:43:32.960 --> 00:43:38.318
पैदा हुए लोग हैं वो तुम्हारे हीरो नहीं

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है। तुम उस इनवेडर जो तुम पर इनवेडर था

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तुम्हारा कांसेप्ट ऑफ हिस्ट्री क्या है?

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इनका चक्कर क्या है कि इनकी हिस्ट्री और

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ज्योग्राफी इनकंपैटबल है। वो कैसे? इसलिए

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कि ये गाना गाते हैं सुनी धरती अल्लाह रखे

00:43:49.760 --> 00:43:54.400
कदम कदम माबाद। और इनका हीरो है मोहम्मद

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बिन कासिम जिसने सुनी धरती पे हमला किया

00:43:54.400 --> 00:44:00.160
था। तो हिस्ट्री कुछ और है और जग्राफी कुछ

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और है। करेक्ट। जोगरी ही इनको थोड़ा तड़पा

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रही है। बलूचिस्तान अबे खोदो नहीं अच्छा

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खोदो। उसमें तक्षला के बुत निकलते हैं। तो

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ये बुत तुम्हारे बाप दादों के हैं कि नहीं

00:44:08.199 --> 00:44:16.000
है? अगर नहीं है तो ये जमीन कैसे

00:44:12.440 --> 00:44:19.200
तुम्हारी तो उनका ज्योग्राफी एक सीरियस

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प्रॉब्लम है। और हिस्ट्री एक अच्छा जिसे

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कहते हैं कि हम उनके वो कहते तुम्हारे को

00:44:21.599 --> 00:44:27.280
हुई नहीं।

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इनको अभी ज्यादातर जो मुल्क हैं, अरब

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मुल्क है उन्होंने बैन कर दिया है कि

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पाकिस्तानी को वीजा ही नहीं देना है। तुम

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ये बोलते हो हम उनके हैं। वो नहीं मानते

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लेकिन तुम जैसे ही कोई दिल्ली में लड़का

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सड़क पे उमरा करे मैं शाहरुख खान का कत्ल

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हूं। शाहरुख खान कह रहा है तुम्हें

00:44:41.199 --> 00:44:46.318
पहचानते नहीं भाई। ये इनका हाल है। अरे

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वाह।

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तो हम चाहेंगे कि आइंदा में पाकिस्तान की

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असलियत को विश्व पहचाने सारे देश मगर फिर

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जब मैं पाकिस्तान को ऐसे मुझे दुख होता है

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मेरे बहुत अच्छे-अच्छे वहां दोस्त हैं और

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बड़े अच्छे लोग हैं वो और फंसे हुए हैं

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बेचारे उनके पास कोई पावर तो है नहीं कोई

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से नहीं उनकी वो होने का चांस भी नहीं है।

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इनफ्लेशन इतनी बढ़ गई। उनकी आर्थिक स्थिति

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बहुत खराब है और तो क्या होगा पाकिस्तान

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का और हमारे लिए लोगों से कहूंगा कि डोंट

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थिंक एनी कंट्री इज नॉट अ मोनोलिथ कोई भी

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मुल्क में सारे लोग एक जैसे नहीं होते हो

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ही नहीं सकते अच्छा अगर मुल्क की हुकूमत

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खराब है तो सबसे ज्यादा तो खराब उनके लिए

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होगी ना जिन पे वो राज कर रही है। जी

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मुल्क की अगर फौज खराब है तो सबसे ज्यादा

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तो खराब उनके लिए होगी जिन पे उसकी असर

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है। सही बात है। तो ये जो लोग सफर कर रहे

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हैं उस मुल्क में हम उनसे क्यों दुश्मनी

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बोल लें? हम उन्हें क्यों गाली दें कि कोई

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भी पाकिस्तान नहीं हम नहीं करेंगे। हमको

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फौज, हुकूमत और मुल्ला तीन। और हमारी पूरी

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सिंपथी है उस पाकिस्तान की मासूम आवाम से

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जो इनके जुल्म सह रही है। चाहे वो

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बिलचस्तान में रहती हो, चाहे वो सिंध में

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रहती हो, चाहे वो पंजाब में रहती हो। और

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ये एक गलती और हो रही है। अरे भाई

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कश्मीरियों ने अपनी मर्जी से हिंदुस्तान

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चुना है। ये कोई हिंदुस्तान की फौज नहीं

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चली गई थी। उन्होंने अपनी मर्जी से वहां

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आप चले गए। अपनी मर्जी से। सच ये है

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कि

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तो इन पे तो हमला कर दिया था पाकिस्तान

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ने। अच्छा पाकिस्तान का एक और भी कमाल है

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जो कि पाकिस्तानियों को फेस करना चाहिए।

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अरे भाई हमारा सिपाही मरता है। हम उसे

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सलूट करते हैं। हम उसका अर्थी में जब चलते

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हैं तो झंडा लेके चलते हैं और उसका उसकी

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अर्थी पेप हिंदुस्तान का झंडा रखते हैं।

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कि ये हमारे मुल्क के लिए जान दी है इसने।

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जो लोग कारगिल में मले उनकी बॉडी लेने को

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तैयार नहीं थी। पाकिस्तान आर्मी वो कहना

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चाहते थे हमारा कोई ताल्लुक नहीं है।

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अच्छा तो उसको हिंदुस्तान ने बहुत

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प्रॉपर्ली कुछ मौलवी वालवे बुला के

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प्रॉपर्ली उनका फाइनल राइट्स कराए उसके

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बाद उनकी तस्वीरें एडजट जो थे उसको जो

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अल्टीमेटली बाद में चीफ भी बने पुलिस के

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इसके आर्मी के इंडियन आर्मी के ही वास

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देयर ही गव दिस एल्बम एक मीटिंग दोनों

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एडजट्स में हुई जब वो झगड़ा सी फायर हो

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चुका था उन्होंने कहा भैया ये एल्बम है ये

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तुम्हारे सिपाहियों को हमने बेरी करवाया

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उसने एल्बम लेने से इंकार कर

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लिया आप मालूम कर लीजिए। उसने कहा मैं

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नहीं लूंगा। मैंने लिया तो हम तो मान

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लेंगे कि हमारे आर्मी के लोग थे। मीटिंग

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खत्म हुई। बाहर निकले। उसने हाथ मिलाया।

00:47:32.400 --> 00:47:37.440
कह यार छोड़ो वो मीटिंग ऑफिशियल थी।

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अनऑफिशियली मुझे दे दो। मैं उनके घर वालों

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को खबर कर

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दूंगा। तो तुम्हें तो जो तुम्हारे मुल्क

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के लिए जान दे रहे हैं गलत यार सही।

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उन्हीं की इज्जत से तुम हमारी क्या इज्जत

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करोगे सही बात है।

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चलिए कुछ ना कुछ तो होना चाहिए और यकीनन

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होना चाहिए। और ये ये जो

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है आई डू बिलीव कि ये जो हमारी प्रेजेंट

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गवर्नमेंट है वो इसको आसानी से नहीं लेगी।

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नहीं नहीं ये एक स्ट्रांग स्टेप लेगी। अब

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ये तो बचकाना बातें करते हैं। तो अभी

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मैंने सुना अरे साहब 10 दिन हो गए। नहीं

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नहीं होता एक सोचता है तैयारी होती है

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प्लानिंग होती है तो होता है मुझे यकीन है

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कि कोई हम सबको यकीन है कि हमारे

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प्रधानमंत्री जरूर कुछ ना कुछ ऐसा कदम

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उठाएंगे ताकि इसका असर दोबारा ना उठ पाए

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जी टेररिज्म का थैंक यू साहब बहुत-बहुत

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शुक्रिया बड़ा लुत्फ आया आपसे बात करने का

00:48:32.159 --> 00:48:34.399
थैंक
