1 00:00:00,240 --> 00:00:05,600 कॉन्सिट्यूशन क्लब में हो रही इस बेहद 2 00:00:03,279 --> 00:00:07,839 जरूरी बहस में डिबेट में आप सभी का 3 00:00:05,599 --> 00:00:10,000 बहुत-बहुत स्वागत है। मेरा नाम सौरभ 4 00:00:07,839 --> 00:00:13,359 द्विवेदी है। मैं इंडिया टुडे हिंदी 5 00:00:10,000 --> 00:00:16,480 मैगजीन का और ललन टॉप का संपादक हूं और आज 6 00:00:13,359 --> 00:00:19,519 की इस बहस का मॉडरेटर भी। 7 00:00:16,480 --> 00:00:22,480 इससे पहले कि यह बहस जिसका शीर्षक जिसका 8 00:00:19,519 --> 00:00:26,079 टॉपिक है डस गॉड एकिस्ट? 9 00:00:22,480 --> 00:00:29,920 यह शुरू हो दो विद्वानों के बीच जिनके नाम 10 00:00:26,079 --> 00:00:33,759 हैं श्री जावेद अख्तर और श्री मुफ्ती 11 00:00:29,920 --> 00:00:36,160 शमाइल नदवी जी। मैं कुछ बुनियादी चीजें आप 12 00:00:33,759 --> 00:00:39,039 लोगों को बता दूं ताकि यह बहस व्यवस्थित 13 00:00:36,159 --> 00:00:42,238 ढंग से चले। वैसे नहीं जैसी बहसों को 14 00:00:39,039 --> 00:00:44,960 देखने के हम इन दिनों आदि हो गए हैं। पढ़ी 15 00:00:42,238 --> 00:00:47,280 लिखी अकादमिक बहस। 16 00:00:44,960 --> 00:00:49,039 इस बहस का प्रारूप कैसा होगा? इसका 17 00:00:47,280 --> 00:00:50,960 स्ट्रक्चर कैसा होगा? पहले मैं आपको यह 18 00:00:49,039 --> 00:00:53,198 बता देता हूं। 19 00:00:50,960 --> 00:00:55,439 सबसे पहले 20 00:00:53,198 --> 00:00:58,960 नौजवान 21 00:00:55,439 --> 00:01:02,320 विद्वान मुफ्ती शमाल नदवी जी 10 मिनट अपनी 22 00:00:58,960 --> 00:01:05,920 दलीलें आप लोगों के सामने रखेंगे। उसके 23 00:01:02,320 --> 00:01:08,879 बाद जावेद अख्तर साहब 10 मिनट अपनी बात 24 00:01:05,920 --> 00:01:11,280 रखेंगे। उसके बाद जिसको हम अंग्रेजी में 25 00:01:08,879 --> 00:01:13,438 रिबटल कहते हैं। एक जवाबी दौर रहेगा कि 26 00:01:11,280 --> 00:01:16,799 आपने जो कहा मैं उससे मुतमाइन हूं कि नहीं 27 00:01:13,438 --> 00:01:19,118 हूं और हमने जो कहा। इसके बाद बहस का 28 00:01:16,799 --> 00:01:22,159 राउंड टू शुरू होगा। दोनों विद्वानों को 29 00:01:19,118 --> 00:01:27,040 फिर से 7-सा मिनट का वक्त मिलेगा और इसके 30 00:01:22,159 --> 00:01:30,080 बाद रिबर्टल राउंड टू होगा 5-प मिनट का। 31 00:01:27,040 --> 00:01:32,799 इसके बाद एक दूसरे से सवाल जवाब होंगे। 32 00:01:30,079 --> 00:01:35,438 इसके लिए हमने लगभग 16 मिनट का वक्त तय 33 00:01:32,799 --> 00:01:37,200 किया है। अब यह सवालों की प्रकृति पर 34 00:01:35,438 --> 00:01:40,798 निर्भर करता है कि कितने सवाल होंगे। 35 00:01:37,200 --> 00:01:43,680 इसीलिए हमने वक्त की पाबंदी रखी है और 36 00:01:40,799 --> 00:01:45,520 इसके बाद आखिरी में 5-प मिनट का वक्त 37 00:01:43,680 --> 00:01:48,720 दोनों विद्वानों को एक बार फिर से दिया 38 00:01:45,519 --> 00:01:52,959 जाएगा अपने क्लोजिंग आर्गुमेंट के लिए और 39 00:01:48,719 --> 00:01:56,078 उसके बाद जो इस बहस के लिए सबसे जरूरी चीज 40 00:01:52,959 --> 00:01:58,959 है कि आप और हम और इंटरनेट पर देख रहे 41 00:01:56,078 --> 00:02:01,519 लाखों करोड़ों लोग उनके सवाल जवाब होंगे। 42 00:01:58,959 --> 00:02:04,319 तो आप लोग जो यहां मौजूद हैं आपके हम कुछ 43 00:02:01,519 --> 00:02:06,959 सवाल लेने की कोशिश करेंगे। 30 मिनट का 44 00:02:04,319 --> 00:02:10,560 वक्त हमने उसके लिए तय कर रखा है। इस तरह 45 00:02:06,959 --> 00:02:12,479 से यह 2 घंटे की बहस पूरी होगी। 46 00:02:10,560 --> 00:02:15,360 दो तीन बुनियादी बातें हैं जिनका हमें 47 00:02:12,479 --> 00:02:18,399 ध्यान रखना है। किसी भी किस्म की नारेबाजी 48 00:02:15,360 --> 00:02:20,319 में हमें शरीक नहीं होना है। यह 49 00:02:18,400 --> 00:02:22,319 हल्लागुल्ला नहीं है क्योंकि पूरी दुनिया 50 00:02:20,318 --> 00:02:24,958 देख रही है तो एक नजीर कायम करनी है। एक 51 00:02:22,318 --> 00:02:28,159 उदाहरण लोगों के सामने रखना है कि पढ़े 52 00:02:24,959 --> 00:02:30,560 लिखे लोग इत्तेफाकी और नाइत्तेफाकी रखते 53 00:02:28,159 --> 00:02:33,199 हुए भी एक दूसरे से सहमति और असहमति रखते 54 00:02:30,560 --> 00:02:35,120 हुए भी बात कह सकते हैं। यहां पर मेरे 55 00:02:33,199 --> 00:02:36,639 जेएनयू के प्रोफेसर बैठे हैं पुरुषोत्तम 56 00:02:35,120 --> 00:02:40,080 अग्रवाल जी जिन्होंने हमें क्लास में 57 00:02:36,639 --> 00:02:44,479 सिखाया है कि सहमति का 58 00:02:40,080 --> 00:02:47,440 साहस और असहमति का विवेक और इसका ठीक उलट 59 00:02:44,479 --> 00:02:51,679 भी यह बड़ा जरूरी है। 60 00:02:47,439 --> 00:02:54,239 दूसरी बात यह किसी एक धर्म के बारे में 61 00:02:51,680 --> 00:02:57,599 बहस नहीं है। यह बात सबको स्पष्ट होनी 62 00:02:54,239 --> 00:03:00,640 चाहिए। किसी धर्म को महान बताने या किसी 63 00:02:57,598 --> 00:03:03,280 धर्म को कमतर बताने की यह बहस नहीं है। तो 64 00:03:00,639 --> 00:03:05,759 यदि कोई इस उम्मीद से देख रहा है या यहां 65 00:03:03,280 --> 00:03:09,039 आया है तो मैं आपको आश्वस्त करना चाहता 66 00:03:05,759 --> 00:03:12,239 हूं कि आपको नाउद ही हाथ लगेगी। 67 00:03:09,039 --> 00:03:14,479 इस बहस में बहुत ज्यादा धार्मिक प्रतीकों 68 00:03:12,239 --> 00:03:17,120 के इस्तेमाल को लेकर भी यह दोनों लोग जो 69 00:03:14,479 --> 00:03:21,280 अभी आपको गंभीर दिख रहे हैं। भले लोग हैं। 70 00:03:17,120 --> 00:03:23,920 कल शाम को चाय पर मिले थे। बहुत हंसीज़ाक 71 00:03:21,280 --> 00:03:27,439 भी इनके बीच हुआ था और गलवैया डालते हुए 72 00:03:23,919 --> 00:03:30,639 एक तस्वीर भी हुई थी। यह इस बात का प्रमाण 73 00:03:27,439 --> 00:03:34,079 है कि इंटरनेट पर जो हल्ला मचा हुआ है 74 00:03:30,639 --> 00:03:36,559 उसके मुकाबले यह दोनों लोग बहुत ही अच्छे 75 00:03:34,080 --> 00:03:39,200 शांत ढंग से बहस के लिए राजी हो गए हैं। 76 00:03:36,560 --> 00:03:42,878 Twitter की बातें Twitter तक सीमित एलन 77 00:03:39,199 --> 00:03:46,560 मस्क आजकल उसको एक्स कहते हैं 78 00:03:42,878 --> 00:03:48,479 और अब इस बहस की शुरुआत मैं इन विद्वानों 79 00:03:46,560 --> 00:03:51,039 का हालांकि इनको परिचय की जरूरत नहीं है 80 00:03:48,479 --> 00:03:54,158 पर हो सकता है। हमें पत्रकारिता में 81 00:03:51,039 --> 00:03:56,959 सिखाया जाता है कि नेवर अस्यूम विज्ञान भी 82 00:03:54,158 --> 00:03:58,878 यही कहता है। मुफ्ती शमाल नदवी साहब 83 00:03:56,959 --> 00:04:01,280 इस्लामिक विद्वान शिक्षाविद हैं। कोलकाता 84 00:03:58,878 --> 00:04:04,479 के वाहियान फाउंडेशन के संस्थापक हैं। 85 00:04:01,280 --> 00:04:06,799 लखनऊ की प्रतिष्ठित दारुल उलूम नदतुल उलमा 86 00:04:04,479 --> 00:04:08,959 से ग्रेजुएशन किया है। सोशल मीडिया और 87 00:04:06,799 --> 00:04:10,879 सार्वजनिक मंचों पर अध्यापन और बौद्धिक 88 00:04:08,959 --> 00:04:13,120 कामों में सक्रिय हैं। और इस समय 89 00:04:10,878 --> 00:04:16,238 इंटरनेशनल इस्लामिक यूनिवर्सिटी मलेशिया 90 00:04:13,120 --> 00:04:18,239 से पीएचडी कर रहे हैं। अच्छी बात यह है कि 91 00:04:16,238 --> 00:04:20,319 पढ़ाई के साथ-साथ ट्रेवल ब्लॉग भी बनाते 92 00:04:18,238 --> 00:04:22,239 हैं। पेट्रोनस टावर के सामने का ब्लॉग 93 00:04:20,319 --> 00:04:25,279 हमने देखा। 94 00:04:22,240 --> 00:04:29,680 हमारे साथ जावेद अख्तर साहब हैं। जावेद 95 00:04:25,279 --> 00:04:32,959 अख्तर साहब कवि हैं, शायर हैं। गद्य भी 96 00:04:29,680 --> 00:04:37,360 लिखते हैं। फिल्मों के लिए संवाद लिखे 97 00:04:32,959 --> 00:04:41,039 हैं, गीत लिखे हैं। इससे इत 98 00:04:37,360 --> 00:04:43,919 वैज्ञानिक सोच को लेकर या अपने डिक्लेयर्ड 99 00:04:41,040 --> 00:04:46,639 एथिज्म को लेकर भी मुखरित रहते हैं और 100 00:04:43,918 --> 00:04:50,799 अपने तैशनालिटी की बात करते हैं। देवियों 101 00:04:46,639 --> 00:04:53,360 और सज्जनों, डस गॉड एकिस्ट? इस सवाल का 102 00:04:50,800 --> 00:04:56,400 जवाब सब अपने-अपने त खोजने की कोशिश कर 103 00:04:53,360 --> 00:04:58,879 रहे हैं। कोई इसको गॉड डम पार्टिकल की खोज 104 00:04:56,399 --> 00:05:01,359 बताता है। कोई गॉड पार्टिकल की खोज बताता 105 00:04:58,879 --> 00:05:04,159 है। कोई हिक्स बोसान की खोज बताता है। कोई 106 00:05:01,360 --> 00:05:07,120 यह सवाल जवाब तलाशने की कोशिश करता है कि 107 00:05:04,160 --> 00:05:09,680 मास एग्जिस्टेंस में आखिर आया कैसे? हुआ 108 00:05:07,120 --> 00:05:12,399 क्या था? सृष्टि के पहले, समय के पहले 109 00:05:09,680 --> 00:05:14,478 क्या था? और कोई यह कहता है कि ये सारी 110 00:05:12,399 --> 00:05:16,959 खोजें जिस मस्तिष्क में हो रही है, 111 00:05:14,478 --> 00:05:21,038 प्रकृति के क्रम में वो कैसे विकसित हुआ? 112 00:05:16,959 --> 00:05:23,680 मैं उम्मीद करता हूं कि हम आज इन बुनियादी 113 00:05:21,038 --> 00:05:26,159 सवालों के कुछ जवाब हासिल करने में कामयाब 114 00:05:23,680 --> 00:05:29,918 हो। मैं सबसे पहले मंच पर आमंत्रित कर रहा 115 00:05:26,160 --> 00:05:32,743 हूं मुफ्ती शमाल नदवी साहब को। आइए सर। 116 00:05:29,918 --> 00:05:34,762 जी 117 00:05:32,742 --> 00:05:34,762 [प्रशंसा] 118 00:05:42,720 --> 00:05:49,120 एक आपकी गुजारिश बोलना शुरू करें। आप लोग 119 00:05:45,839 --> 00:05:54,038 प्लीज अपने फोन लाइव मोड पे या साइकिल एक 120 00:05:49,120 --> 00:05:54,038 बार चेक कर ले कई बार बेहानी हो जाती है। 121 00:06:00,879 --> 00:06:07,279 तमाम तारीफें उस क्रिएटर के लिए जिसने इस 122 00:06:03,839 --> 00:06:09,599 यूनिवर्स को एक मकसद के तहत पैदा किया है। 123 00:06:07,279 --> 00:06:12,239 रिस्पेक्टेड जनाब जावेद अख्तर साहब, 124 00:06:09,600 --> 00:06:15,919 मिस्टर सौरभ द्विवेदी और रिस्पेक्टेड 125 00:06:12,240 --> 00:06:18,720 ऑडियंस थैंक यू ऑल फॉर बीइंग हियर टुडे। 126 00:06:15,918 --> 00:06:22,159 आज की डिबेट में क्योंकि हम बात करने वाले 127 00:06:18,720 --> 00:06:25,520 हैं डस गॉड एक्सिस्ट के टॉपिक पर तो यह एक 128 00:06:22,160 --> 00:06:27,919 ऐसा टॉपिक है जिसके मुतालिक कोई भी डिसीजन 129 00:06:25,519 --> 00:06:31,120 लेने के लिए अलग-अलग स्टैंडर्ड्स हो सकते 130 00:06:27,918 --> 00:06:34,959 हैं। लिहाजा डिबेट के शुरू में यह जरूरी 131 00:06:31,120 --> 00:06:38,319 है कि हम यह जान लें कि आज के इस टॉपिक 132 00:06:34,959 --> 00:06:42,000 में कौन सा स्टैंडर्ड सही होगा और कौन सा 133 00:06:38,319 --> 00:06:44,000 गलत होगा। सबसे पहला स्टैंडर्ड जिसे मैं 134 00:06:42,000 --> 00:06:47,038 समझता हूं कि हमारे रिस्पेक्टेड जनाब 135 00:06:44,000 --> 00:06:51,600 जावेद अख्तर साहब बड़ी तेजी के साथ उसकी 136 00:06:47,038 --> 00:06:54,719 तरफ लपकेंगे वो है साइंस। जबकि साइंस दर 137 00:06:51,600 --> 00:06:58,240 हकीकत खुदा के एग्जिस्टेंस को डायरेक्टली 138 00:06:54,720 --> 00:07:00,960 साबित करने या उसके एकिस्टेंस को डिनाई 139 00:06:58,240 --> 00:07:04,639 करने के लिए स्टैंडर्ड नहीं बन सकती। और 140 00:07:00,959 --> 00:07:07,359 उसकी वजह क्या है? ये मैं नहीं कह रहा। यह 141 00:07:04,639 --> 00:07:12,800 वो लोग कह रहे हैं जो साइंस के एक्सपर्ट्स 142 00:07:07,360 --> 00:07:16,560 हैं। नेशनल एकेडमी ऑफ साइंस कहती है साइंस 143 00:07:12,800 --> 00:07:19,520 डजंट हैव द प्रोसेससेस टू प्रूव और 144 00:07:16,560 --> 00:07:22,079 डिस्प्रूव द एकिस्टेंस ऑफ़ गॉड। व्हाई? 145 00:07:19,519 --> 00:07:24,799 क्योंकि साइंस का ताल्लुक एंपेरिकल 146 00:07:22,079 --> 00:07:27,279 एविडेंस से है और एंपेरिकल एविडेंसेस का 147 00:07:24,800 --> 00:07:31,680 ताल्लुक हमारे नेचुरल और फिजिकल वर्ल्ड से 148 00:07:27,279 --> 00:07:35,279 है। जबकि गॉड नॉन फिजिकल और सुपर नेचुरल 149 00:07:31,680 --> 00:07:38,478 रियलिटी है। लिहाजा नॉन फिजिकल रियलिटी को 150 00:07:35,279 --> 00:07:41,198 आप उस टूल के साथ नहीं चेक कर सकते जिसका 151 00:07:38,478 --> 00:07:44,399 काम फिजिकल रियलिटी को तलाश करना है। 152 00:07:41,199 --> 00:07:47,520 लिहाजा आज इस डिबेट में गॉड की 153 00:07:44,399 --> 00:07:50,638 एग्ज़िस्टेंस को साबित करने या उसे डिनाई 154 00:07:47,519 --> 00:07:54,478 करने में साइंटिफिक एविडेंस को एक्सेप्ट 155 00:07:50,639 --> 00:07:57,759 नहीं किया जाएगा। दूसरा स्टैंडर्ड हो सकता 156 00:07:54,478 --> 00:08:00,560 है रेवुलेशन कि रेवेलेशन के जरिए हम ये 157 00:07:57,759 --> 00:08:02,800 साबित करें कि गॉड एकिस्ट करता है या 158 00:08:00,560 --> 00:08:05,839 नहीं। लेकिन ये स्टैंडर्ड भी आज 159 00:08:02,800 --> 00:08:09,199 इररेलेवेंट है। क्यों? क्योंकि रेवोलेशन 160 00:08:05,839 --> 00:08:11,439 मेरे नजदीक सोर्स ऑफ नॉलेज है। वैलिड 161 00:08:09,199 --> 00:08:13,520 सोर्स ऑफ नॉलेज है। लेकिन हमारे जावेद 162 00:08:11,439 --> 00:08:16,319 अख्तर साहब के नजदीक ये वैलिड सोर्स ऑफ 163 00:08:13,519 --> 00:08:19,359 नॉलेज नहीं है। लिहाजा आज की डिबेट में 164 00:08:16,319 --> 00:08:22,080 मैं एक भी एविडेंस किसी भी मजहबी 165 00:08:19,360 --> 00:08:24,319 स्क्रिप्चर से नहीं दूंगा। ताकि जावेद 166 00:08:22,079 --> 00:08:28,719 अख्तर साहब के लिए वो अनएक्सेप्टेबल ना 167 00:08:24,319 --> 00:08:31,680 हो। तीसरा जो मयार हो सकता है वो है 168 00:08:28,720 --> 00:08:34,639 ऑब्जरवेशन के भाई कोई कहे कि हमें खुदा 169 00:08:31,680 --> 00:08:37,278 दिखाओ। अगर है तो दिखाओ या ये कि खुदा के 170 00:08:34,639 --> 00:08:40,240 एकिस्टेंस पर एंपेरिकल एविडेंस दो। तो ये 171 00:08:37,278 --> 00:08:42,719 है दर हकीकत गलत टूल का इस्तेमाल करना। ये 172 00:08:40,240 --> 00:08:45,278 ऐसा ही है कि जावेद साहब मुझसे ये मुतालबा 173 00:08:42,719 --> 00:08:47,920 करें कि मुफ्ती साहब आप मेटल डिटक्टर के 174 00:08:45,278 --> 00:08:49,519 जरिए प्लास्टिक डिटेक्ट करके दिखाएं। अबकि 175 00:08:47,919 --> 00:08:52,319 प्लास्टिक डिटेक्ट नहीं हो पा रही है। 176 00:08:49,519 --> 00:08:54,959 लिहाजा प्लास्टिक डज नॉट एक्सिस्ट। नो यू 177 00:08:52,320 --> 00:08:56,959 आर यूजिंग द रोंग टूल। इस टूल से 178 00:08:54,958 --> 00:08:58,639 प्लास्टिक को डिटेक्ट नहीं किया जाता। 179 00:08:56,958 --> 00:09:01,278 लिहाजा 180 00:08:58,639 --> 00:09:04,000 मैं समझता हूं कि गॉड के एकिस्टेंस पर 181 00:09:01,278 --> 00:09:06,399 एंपेरिकल एविडेंस का मुतालबा करना एक 182 00:09:04,000 --> 00:09:09,360 बचकाना मुतालबा है और हमारे रिस्पेक्टेड 183 00:09:06,399 --> 00:09:12,240 जनाब जावेद अख्तर साहब इस स्टेज से अब 184 00:09:09,360 --> 00:09:17,759 बहुत आगे निकल चुके हैं। अब बचता है एक ही 185 00:09:12,240 --> 00:09:21,759 स्टैंडर्ड और वो स्टैंडर्ड है अकल लॉजिक 186 00:09:17,759 --> 00:09:24,399 रीजनिंग और यही वो स्टैंडर्ड है जिसके तहत 187 00:09:21,759 --> 00:09:26,399 गॉड के एक्जिस्टेंस को साबित किया जाएगा 188 00:09:24,399 --> 00:09:29,919 या गॉड की एक्सिस्टेंस को डिनाई किया 189 00:09:26,399 --> 00:09:32,639 जाएगा। लेकिन चूंकि ये बहुत इंपॉर्टेंट और 190 00:09:29,919 --> 00:09:35,439 सेंसिटिव टॉपिक है। इसलिए लॉजिकल 191 00:09:32,639 --> 00:09:38,480 आर्गुमेंट भी ऐसा होना चाहिए जो डेफिनेटिव 192 00:09:35,440 --> 00:09:41,519 हो। इनडेफिनेटिव ना हो जो दो और दो चार की 193 00:09:38,480 --> 00:09:43,759 तरह बिल्कुल वाज़ हो। जिसे लॉजिकली रिजेक्ट 194 00:09:41,519 --> 00:09:47,360 करना पॉसिबल नहीं हो। फॉर एग्जांपल हम 195 00:09:43,759 --> 00:09:51,519 कहें हमारे रिस्पेक्टेड मिस्टर सौरभ साहब 196 00:09:47,360 --> 00:09:54,320 ये एक इंसान है और तमाम इंसान कॉन्शियस 197 00:09:51,519 --> 00:09:56,879 बीइंग है। लिहाजा नतीजा क्या निकला? हमारे 198 00:09:54,320 --> 00:09:58,640 सौरभ साहब भी कॉन्शियस बीइंग हैं। क्या ये 199 00:09:56,879 --> 00:10:00,480 इनडेफिनेट आर्गुमेंट है या डेफिनेट 200 00:09:58,639 --> 00:10:03,199 आर्गुमेंट? है? ये डेफिनेट आर्गुमेंट है। 201 00:10:00,480 --> 00:10:05,839 ये दो और दो की तरह वाज़ है। इसमें किसी 202 00:10:03,200 --> 00:10:08,959 तरह जो है लॉजिकली इसको रिजेक्ट नहीं किया 203 00:10:05,839 --> 00:10:13,120 जा सकता। तो अगर आज हमारे जावेद अख्तर 204 00:10:08,958 --> 00:10:16,639 साहब ऐसी कोई अकली दलील और लॉजिकल एविडेंस 205 00:10:13,120 --> 00:10:19,839 दें खुदा के ना होने पर जो डेफिनेट भी हो 206 00:10:16,639 --> 00:10:22,078 तो मैं ये ऐलान करता हूं कि यकीनन मैं उस 207 00:10:19,839 --> 00:10:24,480 एविडेंस को कबूल करूंगा और उस पर गौर 208 00:10:22,078 --> 00:10:26,799 करूंगा। लेकिन साथ में ये भी ऐलान कर देता 209 00:10:24,480 --> 00:10:30,240 हूं प्रेडिक्शन के तौर पर कि ऐसा कोई 210 00:10:26,799 --> 00:10:35,359 डेफिनेट आर्गुमेंट कोई नहीं पेश कर सकता। 211 00:10:30,240 --> 00:10:38,639 दलील हम देंगे और डेफिनेटिव दलील देंगे। 212 00:10:35,360 --> 00:10:42,000 लॉजिकल दलील देंगे। ऐसी दलील देंगे जो 213 00:10:38,639 --> 00:10:45,679 एंटायर एथिस्टिक वर्ल्ड उसे रेफ्यूट नहीं 214 00:10:42,000 --> 00:10:47,839 कर सकती। चल अब हम एक एग्जांपल सोचते हैं। 215 00:10:45,679 --> 00:10:50,879 एक सिनेरियो सिंपल सिनेरियो तमाम ऑडियंस 216 00:10:47,839 --> 00:10:53,440 से गुजारिश है। हम और आप एक आइसोलेटेड 217 00:10:50,879 --> 00:10:56,480 आइलैंड पर हैं। ऐसा आइलैंड जहां पे हमसे 218 00:10:53,440 --> 00:10:59,200 पहले कोई कभी नहीं गया। चलते-चलते आपके 219 00:10:56,480 --> 00:11:02,079 सामने अचानक आपने देखा एक पिंक कलर की बॉल 220 00:10:59,200 --> 00:11:05,360 पड़ी हुई है। सबसे पहला सवाल आपके ज़हन में 221 00:11:02,078 --> 00:11:07,759 क्या आएगा कि ये बॉल यहां क्यों आई? कैसे 222 00:11:05,360 --> 00:11:10,159 आई? यह पिंक कलर की ही क्यों है? कोई और 223 00:11:07,759 --> 00:11:13,200 कलर भी हो सकता था। यह इसी शेप में क्यों 224 00:11:10,159 --> 00:11:16,559 है? कोई और शेप भी हो सकता था। नेचुरली आप 225 00:11:13,200 --> 00:11:19,680 इस तरफ पहुंचेंगे कि कोई ना कोई है जिसने 226 00:11:16,559 --> 00:11:23,039 इन स्पेसिफिक प्रॉपर्टीज के साथ इस बॉल को 227 00:11:19,679 --> 00:11:26,319 बनाया है और यहां पे रखा है। चकि आप जानते 228 00:11:23,039 --> 00:11:28,879 हैं कि ये जो बॉल है इसका एग्ज़िस्ट करना 229 00:11:26,320 --> 00:11:30,640 जरूरी नहीं है। ये एग्ज़िस्ट कर भी सकती थी 230 00:11:28,879 --> 00:11:32,879 नहीं भी कर सकती थी। और एक्सिस्ट करना ही 231 00:11:30,639 --> 00:11:35,600 था तो किसी और फॉर्म में करती। किसी और 232 00:11:32,879 --> 00:11:37,600 कलर में करती। अब आप इस बॉल को एक्सपेंड 233 00:11:35,600 --> 00:11:39,759 करते चले जाएं। एक्सपेंड करते चले जाएं। 234 00:11:37,600 --> 00:11:42,399 एक्सपैंड करते चले जाएं। यहां तक कि ये 235 00:11:39,759 --> 00:11:44,799 बॉल यूनिवर्स के साइज की हो जाए। बताइए कि 236 00:11:42,399 --> 00:11:47,278 क्या साइज साइज के बढ़ जाने से सवाल बदल 237 00:11:44,799 --> 00:11:49,919 जाएगा? हरगिज़ नहीं बदलेगा। अभी भी सवाल 238 00:11:47,278 --> 00:11:52,559 रहेगा। ये यूनिवर्स कहां से आया? इन 239 00:11:49,919 --> 00:11:55,519 स्पेसिफिक प्रॉपर्टीज के साथ कहां से आया? 240 00:11:52,559 --> 00:11:57,599 क्यों आया? किसने बनाया? ये सवाल उस वक्त 241 00:11:55,519 --> 00:12:01,120 भी वैलिड रहेगा। 242 00:11:57,600 --> 00:12:03,440 लेकिन यह सवाल अगर हम जनाब जावेद अख्तर 243 00:12:01,120 --> 00:12:05,278 साहब से करें तो क्योंकि इनका वर्ल्ड व्यू 244 00:12:03,440 --> 00:12:07,360 एथिस्टिक है और सिर्फ इनका नहीं मतलब 245 00:12:05,278 --> 00:12:10,958 जितने भी एथिस्ट हैं और एथिस्टिक वर्ल्ड 246 00:12:07,360 --> 00:12:14,240 व्यू को रखने वाले से अगर आप ये सवाल करें 247 00:12:10,958 --> 00:12:17,119 कि ये यूनिवर्स कहां से आया तो इनका जवाब 248 00:12:14,240 --> 00:12:20,879 या तो आर्गुमेंट फ्रॉम इग्नोरेंस होगा या 249 00:12:17,120 --> 00:12:23,919 डॉग्मैटिक होगा। या तो यह कहेंगे कि मुझे 250 00:12:20,879 --> 00:12:25,679 नहीं पता कि यह कहां से आया। लिहाजा गॉड 251 00:12:23,919 --> 00:12:30,399 डज नॉट एक्सिस्ट। या आर्गुमेंट फ्रॉम 252 00:12:25,679 --> 00:12:32,319 इग्नोरेंस है या ये कहेंगे के ये यूनिवर्स 253 00:12:30,399 --> 00:12:34,559 खुद ब खुद बन गया। इसका मतलब यह है कि उस 254 00:12:32,320 --> 00:12:36,639 बॉल को भी खुद ब खुद बन जाना चाहिए। लेकिन 255 00:12:34,559 --> 00:12:38,479 बॉल के ताल्लुक से ये एक्सप्लेनेशन 256 00:12:36,639 --> 00:12:40,720 एक्सेप्ट नहीं की जाएगी कि ये खुद ब खुद 257 00:12:38,480 --> 00:12:42,879 बन गई। लेकिन यूनिवर्स के ताल्लुक से कर 258 00:12:40,720 --> 00:12:46,399 दिया जाएगा। इसे हम दूसरे अल्फाज़ में 259 00:12:42,879 --> 00:12:49,360 डॉग्मा भी कह सकते हैं। दूसरी चीज हमारे 260 00:12:46,399 --> 00:12:52,240 जावेद अख्तर साहब जरूर गॉड ऑफ गैप्स की 261 00:12:49,360 --> 00:12:54,159 मिसाल भी जरूर देंगे। और मिसाल देंगे कि 262 00:12:52,240 --> 00:12:56,079 पहले जमाने में बिजलियां कड़कती थी तो 263 00:12:54,159 --> 00:12:57,919 लोगों ने किसी एक खुदा की तरफ और बारिश 264 00:12:56,078 --> 00:12:59,679 होती थी तो दूसरे खुदा की तरफ मंसूब कर 265 00:12:57,919 --> 00:13:01,919 दिया। उनके पास दलील नहीं थी। ये हमारा 266 00:12:59,679 --> 00:13:04,958 वर्ल्ड व्यू है ही नहीं। ये हमारा वर्ल्ड 267 00:13:01,919 --> 00:13:07,838 व्यू है ही नहीं। क्योंकि नेचुरल फेनोमिना 268 00:13:04,958 --> 00:13:09,359 के प्रोसेस की इंटरप्रिटेशन को जान लेने 269 00:13:07,839 --> 00:13:10,880 से ये कहां से साबित हो गया कि गॉड 270 00:13:09,360 --> 00:13:14,320 एक्सिस्ट नहीं करता है। इस पर मैं 271 00:13:10,879 --> 00:13:16,879 इंशाल्लाह अभी आगे बात करूंगा। आप हजरात 272 00:13:14,320 --> 00:13:19,040 यह भी देखेंगे और मैं यह एक्सपेक्ट करता 273 00:13:16,879 --> 00:13:21,120 हूं कि हमारे रिस्पेक्टेड जनाब जावेद 274 00:13:19,039 --> 00:13:24,078 अख्तर साहब जरूर इमोशनल आर्गुमेंट्स भी 275 00:13:21,120 --> 00:13:27,278 देंगे जो कि एक लॉजिकल फैलेसी है जब बात 276 00:13:24,078 --> 00:13:30,078 आती है ट्रुथ को डिसाइड करने में। क्यों? 277 00:13:27,278 --> 00:13:32,159 मिसाल के तौर पर वो कहेंगे कि अगर गॉड है 278 00:13:30,078 --> 00:13:34,479 तो इविल क्यों एक्सिस्ट करता है? जबकि मैं 279 00:13:32,159 --> 00:13:36,399 कहता हूं इविल का एक्सिस्ट करना गॉड के 280 00:13:34,480 --> 00:13:38,720 एग्जिस्ट हो एक्सिस्ट करने की दलील है। 281 00:13:36,399 --> 00:13:41,120 उसके खिलाफ नहीं है। क्योंकि अगर गॉड है 282 00:13:38,720 --> 00:13:43,600 तो हम सब उसके सामने अकाउंटेबल हैं। और 283 00:13:41,120 --> 00:13:45,360 अगर हम अकाउंटेबल हैं तो अकाउंटेबिलिटी के 284 00:13:43,600 --> 00:13:48,000 लिए इविल का मौजूद होना जरूरी है। उसके 285 00:13:45,360 --> 00:13:50,320 बगैर हम अकाउंटेबल नहीं हो सकते। और अगर 286 00:13:48,000 --> 00:13:53,039 हम अकाउंटेबल नहीं हैं तो हम जनाब जावेद 287 00:13:50,320 --> 00:13:55,680 अख्तर साहब से पूछेंगे कि आप बताएं कि फिर 288 00:13:53,039 --> 00:13:58,480 सफरिंग इस दुनिया में क्यों है? अगर खुदा 289 00:13:55,679 --> 00:14:00,958 नहीं है तो सफरिंग क्यों है? और उन लोगों 290 00:13:58,480 --> 00:14:03,519 के जज्बे का क्या जिनके अंदर सफरिंग के के 291 00:14:00,958 --> 00:14:05,518 बाद इंतकाम लेने का जज्बा पाया जाता है और 292 00:14:03,519 --> 00:14:07,919 वो इस दुनिया से ऐसे ही चले गए। क्या उनकी 293 00:14:05,519 --> 00:14:10,799 सारी तकलीफें बेकार चली जाएंगी? अब आ जाए 294 00:14:07,919 --> 00:14:13,120 उसी एग्जांपल की तरफ कि बॉल मुझसे अगर कोई 295 00:14:10,799 --> 00:14:15,198 पूछे इस बॉल को किसने बनाया और या इस 296 00:14:13,120 --> 00:14:18,000 एक्सपेंडेड बॉल को किसने बनाया? मैं 297 00:14:15,198 --> 00:14:20,240 कहूंगा क्योंकि ये यूनिवर्स और इस 298 00:14:18,000 --> 00:14:22,480 यूनिवर्स की तमाम चीजें कंटिंजेंट हैं। 299 00:14:20,240 --> 00:14:24,560 कंटिंजेंट होने का मतलब ये होता है कि जो 300 00:14:22,480 --> 00:14:27,519 अपने एक्सिस्टेंस पे किसी के ऊपर डिपेंड 301 00:14:24,559 --> 00:14:30,159 करती हो। तो जाहिर है ये यूनिवर्स 302 00:14:27,519 --> 00:14:32,159 कंटिंजेंट है। और अगर कोई चीज कंटिंजेंट 303 00:14:30,159 --> 00:14:33,679 नहीं है तो मैं रिक्वेस्ट करूंगा कि मुझे 304 00:14:32,159 --> 00:14:35,759 दिखा दें कि कौन सी चीज यूनिवर्स में 305 00:14:33,679 --> 00:14:38,319 कंटिंजेंट नहीं है। हम भी जरा गौर कर लें 306 00:14:35,759 --> 00:14:41,439 और हम भी देख लें। और जब कॉन्टिंजेंट 307 00:14:38,320 --> 00:14:44,720 चीजें मौजूद हैं तो फिलॉसोफर्स की इस्तिला 308 00:14:41,440 --> 00:14:47,040 के मुताबिक हम उस टर्मिनोलॉजी के मुताबिक 309 00:14:44,720 --> 00:14:49,360 हम उस जगह तक पहुंचते हैं और उस हस्ती तक 310 00:14:47,039 --> 00:14:52,240 पहुंचते हैं जिसे नेसेसरी बीइंग कहा जाता 311 00:14:49,360 --> 00:14:54,720 है कि ये वो नेसेसरी बीइंग है जिसका मौजूद 312 00:14:52,240 --> 00:14:56,639 ना होना नामुमकिन हो चूंकि अगर ये मौजूद 313 00:14:54,720 --> 00:14:59,278 ना हो तो सारी चीजें एकिस्टेंस में आएंगी 314 00:14:56,639 --> 00:15:01,759 ही नहीं और ये सारी डिप कंटिंजेंट चीजें 315 00:14:59,278 --> 00:15:03,759 उसी के ऊपर डिपेंड करती हैं। अब अगर आप ये 316 00:15:01,759 --> 00:15:05,919 सवाल करते हैं कि फिर उस हस्ती को किसने 317 00:15:03,759 --> 00:15:07,519 बनाया? फिर उसका कॉज क्या है? फिर उसका 318 00:15:05,919 --> 00:15:09,679 कॉज क्या है? फिर उसका कॉज क्या है? और 319 00:15:07,519 --> 00:15:12,639 एंडलेसली चले जाएं। इसे हम कहते हैं 320 00:15:09,679 --> 00:15:15,679 इनफिनिट रिग्रेस ऑफ कॉजेस जो कि लॉजिकल 321 00:15:12,639 --> 00:15:18,079 फैलेसी है। कॉनसेप्चुअली इंफिनिटी पॉसिबल 322 00:15:15,679 --> 00:15:19,838 है। मिसाल के तौर पे न्यूमेरिकल्स वन टू 323 00:15:18,078 --> 00:15:21,599 थ्री गिनते चले जाएं। इनफिनिट नंबर्स हैं। 324 00:15:19,839 --> 00:15:23,839 मैं कॉनसेप्चुअली बात नहीं कर रहा। 325 00:15:21,600 --> 00:15:25,680 प्रैक्टिकली रियलिटी में साबित करके 326 00:15:23,839 --> 00:15:27,920 दिखाएं कि इनफिनिट रिग्रेस ऑफ़ कॉजेस 327 00:15:25,679 --> 00:15:30,078 पॉसिबल है या नहीं। अगर पॉसिबल है तो हम 328 00:15:27,919 --> 00:15:32,319 मान लेंगे। मिसाल दे दें और पॉसिबल नहीं 329 00:15:30,078 --> 00:15:34,879 है तो एक ही ऑप्शन बचता है जिसे हम कहते 330 00:15:32,320 --> 00:15:37,040 हैं नेसेसरी बीइंग। ऐसी नेसेसरी बीइंग जो 331 00:15:34,879 --> 00:15:39,039 इंडिपेंडेंट है क्योंकि अगर वो डिपेंडेंट 332 00:15:37,039 --> 00:15:41,278 हुई तो वो नेसेसरी नहीं रहेगी। ऐसी 333 00:15:39,039 --> 00:15:43,519 इंडिपेंडेंट बीइंग जो इटरनल है। अगर वो 334 00:15:41,278 --> 00:15:46,240 इटरनल नहीं होगी उसकी बिगिनिंग होगी तो वो 335 00:15:43,519 --> 00:15:48,799 खुद कंटिंजेंट है। ऐसी बीइंग जो पावरफुल 336 00:15:46,240 --> 00:15:50,879 है। क्योंकि कंटिंजेंट को एक्चुअलाइज करने 337 00:15:48,799 --> 00:15:53,278 के लिए पावर चाहिए। ऐसी बीइंग जो 338 00:15:50,879 --> 00:15:55,759 इंटेलिजेंट है और नॉलेजेबल है। क्योंकि ये 339 00:15:53,278 --> 00:15:59,039 यूनिवर्स स्पेसिफिक फॉर्म और स्पेसिफिक 340 00:15:55,759 --> 00:15:59,759 लॉज़ ऑफ नेचर के तहत प्रिसाइजली चल रहा है। 341 00:15:59,039 --> 00:16:02,915 थैंक यू। 342 00:15:59,759 --> 00:16:02,916 थैंक यू साहब। [प्रशंसा] 343 00:16:03,198 --> 00:16:09,519 मैं इन दलीलों के बाद जावेद अख्तर साहब से 344 00:16:06,879 --> 00:16:12,519 गुजारिश करूंगा। आप बैठ के बोलना चाहेंगे? 345 00:16:09,519 --> 00:16:12,519 जी। 346 00:16:15,306 --> 00:16:17,326 [प्रशंसा] 347 00:16:20,240 --> 00:16:25,440 पहले तो मैं मुफ्ती साहब को एक अच्छी खबर 348 00:16:22,559 --> 00:16:27,838 देना चाहूंगा कि मेरी नॉलेज साइंस के बारे 349 00:16:25,440 --> 00:16:32,639 में बड़ी मामूली है। तो आप फिक्र ना करें 350 00:16:27,839 --> 00:16:36,160 उसकी। लेकिन कुछ कॉमन सेंस है मुझ में। 351 00:16:32,639 --> 00:16:40,399 देखिए ये खुदा का तसवुर कोई नया तसवुर 352 00:16:36,159 --> 00:16:43,360 नहीं है। ये सदियों से रहा है। ये कुछ 353 00:16:40,399 --> 00:16:46,078 रिलजन 3000 साल पुराने होंगे। 4000 साल 354 00:16:43,360 --> 00:16:49,759 पुराने होंगे। लेकिन इंसान कोई 10,000 355 00:16:46,078 --> 00:16:52,879 12000 साल से एकिस्ट करता है होमोसेपियर 356 00:16:49,759 --> 00:16:54,480 की शक्ल में और हमेशा कुछ ना कुछ मजहब 357 00:16:52,879 --> 00:16:58,720 रहे। 358 00:16:54,480 --> 00:17:02,320 ये मजहब जाहिलों के नहीं थे। ये मजहब एक 359 00:16:58,720 --> 00:17:06,078 ऐसी ग्रीक सोसाइटी के थे जहां बड़े-बड़े 360 00:17:02,320 --> 00:17:10,000 फिलॉसफर पैदा हुए। ये मजहब इजिपशियंस के 361 00:17:06,078 --> 00:17:13,279 थे जिन्होंने पिरामिड्स बनाए थे। ये रोमंस 362 00:17:10,000 --> 00:17:16,720 के थे कि जिनका आर्किटेक्चर और सेनेट यानी 363 00:17:13,279 --> 00:17:19,759 पहली बुनियाद डेमोक्रेसी थी। लिमिटेड थी 364 00:17:16,720 --> 00:17:25,679 मगर डेमोक्रेसी थी। ये उन लोगों ने किए 365 00:17:19,759 --> 00:17:28,640 थे। तो इनका जो जुपिटर था रा था जस था 366 00:17:25,679 --> 00:17:32,640 उन्हें उस पर इतना ही एतमा था जितना आज 367 00:17:28,640 --> 00:17:36,080 किसी मजहबी आदमी को अपने खुदा पे होगा। 368 00:17:32,640 --> 00:17:40,320 क्रिश्चियनिटी आने से पहले यूरोप में एक 369 00:17:36,079 --> 00:17:44,079 मजहब था जर्मेनिक रिलीजन। उसका एक खुदा 370 00:17:40,319 --> 00:17:47,599 था। उसकी एक बीवी थी। उसके दो बेटे थे। एक 371 00:17:44,079 --> 00:17:50,319 बेटी थी। कि जर्मनी में जब यूरोप में 372 00:17:47,599 --> 00:17:54,480 क्रिश्चियनिटी आई तो वो खुदा उसकी बीवी और 373 00:17:50,319 --> 00:17:58,639 पूरे खानदान चला गया। तो हमने अगर हम 374 00:17:54,480 --> 00:18:03,919 हिस्ट्री देखें तो खुदा जो है वो ज्यादातर 375 00:17:58,640 --> 00:18:06,640 फनी है। वो हमेशा रहे नहीं और वो जो लोग 376 00:18:03,919 --> 00:18:08,400 इन्हें मानते थे उनको आप कहे वो तो जाहिल 377 00:18:06,640 --> 00:18:11,679 थे। उन्हें तो कुछ पता ही नहीं था। ऐसा 378 00:18:08,400 --> 00:18:14,400 नहीं है। वो अपने वक्त में बड़े काबिल लोग 379 00:18:11,679 --> 00:18:18,160 थे। और अपने वक्त में उन्होंने बड़े-बड़े 380 00:18:14,400 --> 00:18:21,759 काम किए हैं। फिलॉसफर्स थे, साइंटिस्ट थे। 381 00:18:18,160 --> 00:18:25,360 लेकिन उनका मजहब कहां गया? उनके खुदा कहां 382 00:18:21,759 --> 00:18:27,599 गए? आज जो खुदा है दुनिया में लोग उन्हें 383 00:18:25,359 --> 00:18:29,519 मानते हैं। आपको क्या मालूम कि कितने 384 00:18:27,599 --> 00:18:33,918 बरसों के बाद क्या होने वाला है? हम यूरोप 385 00:18:29,519 --> 00:18:37,599 में देखते हैं तो चर्च खाली है तो वक्त के 386 00:18:33,919 --> 00:18:40,880 साथ चीजें बदलती हैं। जहां तक इसका 387 00:18:37,599 --> 00:18:45,918 ताल्लुक है मजहबों का 388 00:18:40,880 --> 00:18:49,440 हर मजहब आपसे एक चीज मांगता है। फेथ 389 00:18:45,919 --> 00:18:52,960 ये फेथ क्या चीज होती है? 390 00:18:49,440 --> 00:18:55,440 व्हाट इज द डिफरेंस बिटवीन फेथ एंड बिलीफ? 391 00:18:52,960 --> 00:18:57,200 ये कोई ये तो बहुत ही अहमखाना बात होगी कि 392 00:18:55,440 --> 00:19:00,798 कोई आदमी कहे साहब अगर खुदा है तो मुझे 393 00:18:57,200 --> 00:19:03,919 दिखाइए। ये तो जाहिला में बात हुई। मैंने 394 00:19:00,798 --> 00:19:06,480 तो नॉर्थ पोल नहीं देखा है। मगर मैं मानता 395 00:19:03,919 --> 00:19:09,280 हूं कि नॉर्थ पोल है। मैं क्यों मानता 396 00:19:06,480 --> 00:19:12,000 हूं? इसलिए कि अगर ये दुनिया राउंड है तो 397 00:19:09,279 --> 00:19:14,720 उसका कोई टॉप होगा। कुछ लोग हैं जो वहां 398 00:19:12,000 --> 00:19:19,599 गए भी हैं। कॉमन सेंस कहता है कि ऐसा 399 00:19:14,720 --> 00:19:23,759 होगा। सबूत है, गवाह है, रीजन है। तो ये 400 00:19:19,599 --> 00:19:25,839 मेरा फेथ नहीं है। तो फेथ में और बिलीफ 401 00:19:23,759 --> 00:19:29,679 में डिफरेंस क्या है? 402 00:19:25,839 --> 00:19:33,199 जो मजहब मांगता है आपसे हर मजहब फथ मांगता 403 00:19:29,679 --> 00:19:37,120 फथ का मतलब यह है कि ना कोई गवाह हो ना 404 00:19:33,200 --> 00:19:39,759 कोई सबूत हो ना कोई रैशन हो ना कोई लॉजिक 405 00:19:37,119 --> 00:19:43,439 हो ना कोई प्रूफ हो मगर तुम एक बात को 406 00:19:39,759 --> 00:19:46,400 मानो ये है फेथ 407 00:19:43,440 --> 00:19:49,600 वरना बिलीफ होता अगर इसमें कुछ भी सबूत 408 00:19:46,400 --> 00:19:52,160 होते गवाह होते तो फिर इसे आप बिलीफ कहते 409 00:19:49,599 --> 00:19:54,399 जैसे मेरा बिलीफ है कि नॉर्थ पोल है मेरा 410 00:19:52,160 --> 00:20:00,000 फेथ थोड़ी है 411 00:19:54,400 --> 00:20:02,880 फेथ इन तमाम शर्तों को रद्द करता है। 412 00:20:00,000 --> 00:20:05,599 तो फिर स्टुपिडिटी क्या है? 413 00:20:02,880 --> 00:20:08,720 अगर मैं एक बात ऐसी मानू जिसकी ना कोई 414 00:20:05,599 --> 00:20:12,959 लॉजिक है, ना कोई रैशन है, ना कोई प्रूफ 415 00:20:08,720 --> 00:20:16,640 है, ना कोई गवाह है, 416 00:20:12,960 --> 00:20:19,440 ना कोई सबूत है और मैं उसे मानूं। तो ये 417 00:20:16,640 --> 00:20:22,400 स्टुपिडिटी हुई। इसे ही वही कल को मैं 418 00:20:19,440 --> 00:20:25,120 यकीन कर लूं कि ईलॉन मस्क जो है मेरा भाई 419 00:20:22,400 --> 00:20:28,480 है तो मुझे इंतहाई खुशी होगी सुकून भी 420 00:20:25,119 --> 00:20:30,959 बहुत मिलेगा मुझे लेकिन और कहे भाई क्यों 421 00:20:28,480 --> 00:20:33,360 मानते हो क्या सबूत है भाई वो तो अमेरिकन 422 00:20:30,960 --> 00:20:35,600 है और तुम तो इंडियन हो वो तो नस्ल अलग है 423 00:20:33,359 --> 00:20:40,000 तुम्हें कभी मिले भी नहीं साहब देखिए ये 424 00:20:35,599 --> 00:20:43,199 मेरा फेथ है ये बात किया फेथ का मतलब ही 425 00:20:40,000 --> 00:20:46,880 यह है कि आप प्रूव नहीं कर सकते अगर आप 426 00:20:43,200 --> 00:20:48,880 प्रूफ कर सकते हो तो फेथ की जरूरत ही नहीं 427 00:20:46,880 --> 00:20:51,840 फिर तो आप बात करेंगे। आप कितनी बहस कर 428 00:20:48,880 --> 00:20:54,720 लीजिए। अल्टीमेटली दुनिया का हर मजहब फेथ 429 00:20:51,839 --> 00:20:57,678 पे टिका है। और फेथ का मतलब है एक ऐसा 430 00:20:54,720 --> 00:21:01,319 यकीन जिसका कोई सबूत, कोई गवाह, कोई 431 00:20:57,679 --> 00:21:01,320 प्रेशर नहीं। 432 00:21:01,839 --> 00:21:09,599 अब आप ये कहें कि आप ये क्यों कह रहे हैं 433 00:21:04,798 --> 00:21:12,079 कि साहब ये कायनात किसने बनाई? कमाल ये है 434 00:21:09,599 --> 00:21:14,158 कि आपने बताया कि एक आइलैंड पे गए और एक 435 00:21:12,079 --> 00:21:17,279 बॉल देखी। 436 00:21:14,159 --> 00:21:21,120 आपने ये नहीं कहा कि आइलैंड किसने बनाया? 437 00:21:17,279 --> 00:21:23,119 आपको सिर्फ बॉल पर हैरत हुई। 438 00:21:21,119 --> 00:21:26,558 हमने आइलैंड पे हमने हैरत नहीं की। होते 439 00:21:23,119 --> 00:21:31,519 हैं आइलैंड। इसी तरह ये आइलैंड है। सितारे 440 00:21:26,558 --> 00:21:33,119 ये गैलेक्सीस ये सब आइलैंड है। खलम है। हम 441 00:21:31,519 --> 00:21:35,359 उन्हें टेकन फॉर ग्रांटेड लेते हैं। हम 442 00:21:33,119 --> 00:21:38,798 पूछते नहीं किसने बनाए? आपने गदी के बारे 443 00:21:35,359 --> 00:21:41,918 में भी नहीं पूछा। हैं। 444 00:21:38,798 --> 00:21:44,879 मेरी पैदाइश कैसे हुई? 445 00:21:41,919 --> 00:21:48,000 क्या मैं प्लान पैदा हुआ था? 446 00:21:44,880 --> 00:21:50,480 आई वास प्ल टू बी बोर्न 447 00:21:48,000 --> 00:21:52,880 या एक लकी स्पम था जो किसी एक से चिपक 448 00:21:50,480 --> 00:21:57,440 गया। 449 00:21:52,880 --> 00:22:01,520 मेरी पैदाइश रैंडम है। रैंडम 450 00:21:57,440 --> 00:22:04,320 और इंसाफ जिसे आप कहते हैं इंसाफ का तो 451 00:22:01,519 --> 00:22:06,960 नेचर से कोई वास्ता ही नहीं है। जो आप 452 00:22:04,319 --> 00:22:10,399 कहते हैं कि एक दिन इंसाफ मिलेगा। इंसाफ 453 00:22:06,960 --> 00:22:14,159 इज अ ह्यूमन कासेप्ट। नेचर में कोई इंसाफ 454 00:22:10,400 --> 00:22:16,720 नहीं। अगर शेर हिरण को खा जाता है तो उसे 455 00:22:14,159 --> 00:22:19,600 कोई सुविधा नहीं मिलती। 456 00:22:16,720 --> 00:22:21,839 अगर एक आंधी आती है और हरेभरे पेड़ों को 457 00:22:19,599 --> 00:22:24,240 उखाड़ के फेंक देती है तो आंधियों की जेल 458 00:22:21,839 --> 00:22:28,000 नहीं होती है। 459 00:22:24,240 --> 00:22:31,279 नेचर में इंसाफ नहीं है। इसलिए उसे नेचर 460 00:22:28,000 --> 00:22:34,720 को इंसाफ की जरूरत भी नहीं। नेचर तमाम एक 461 00:22:31,279 --> 00:22:36,960 है। अब हम कहे कि साहब ये देखिए जो मैंने 462 00:22:34,720 --> 00:22:39,839 खाना खाया था मेरी आंख तो नहीं यूं कर 463 00:22:36,960 --> 00:22:44,558 दिया उसे तो इसे सजा मिलने। नहीं वो 464 00:22:39,839 --> 00:22:48,959 सिस्टम है ऐसे ही चल रहा है। नेचर बगैर 465 00:22:44,558 --> 00:22:51,678 इंसाफ के है। इंसाफ इज अ ह्यूमन कासेप्ट। 466 00:22:48,960 --> 00:22:55,840 तो जो आपसे कहता है कि मैं तुम्हें इंसाफ 467 00:22:51,679 --> 00:22:59,280 दूंगा वो इंसानी बहन की बात है। ये नेचुरल 468 00:22:55,839 --> 00:23:03,439 है ही नहीं। ये आसमानी है ही नहीं। नेचर 469 00:22:59,279 --> 00:23:06,639 का तसवुर इंसाफ का तसुर। भाई आप साथ मिलते 470 00:23:03,440 --> 00:23:10,640 हैं। अब आप लेफ्ट हैंड ड्राइव करते हैं। 471 00:23:06,640 --> 00:23:14,559 ये क्या है? तमाम सच, तमाम नेकी, तमाम 472 00:23:10,640 --> 00:23:16,880 शराफत लेफ्ट हैंड राइट है। वरना क्या 473 00:23:14,558 --> 00:23:18,879 होगा? या तो आप कॉस कर देंगे, आपका 474 00:23:16,880 --> 00:23:22,159 एक्सीडेंट हो जाएगा या आप किसी को मार 475 00:23:18,880 --> 00:23:25,120 देंगे या ट्रैफिक जाम हो जाएगा। झूठ, 476 00:23:22,159 --> 00:23:28,080 बेईमानी, रिश्वतखोरी ये तमाम जो है 477 00:23:25,119 --> 00:23:31,439 ड्राइविंग अंदर आउटसाइड है। इसके ऊपर कुछ 478 00:23:28,079 --> 00:23:34,480 नहीं। ये तो हमने बनाया है। जैसे हमने 479 00:23:31,440 --> 00:23:38,558 लेफ्ट हैंड ड्राइव बनाए। ये कासेप्ट ऑफ 480 00:23:34,480 --> 00:23:40,880 इंसाफ जो है ये हमारा है। इसका नेचर से 481 00:23:38,558 --> 00:23:46,000 कोई वास्ता नहीं। शेर खा जाता है हिरन को 482 00:23:40,880 --> 00:23:49,520 उसे जेल होती है क्या? कुछ भी है ही नहीं। 483 00:23:46,000 --> 00:23:52,960 तो ये जो दुनिया के रिलीजन प्रॉमिस करते 484 00:23:49,519 --> 00:23:57,038 हैं आपसे इंसाफ इसी से मालूम होता है कि 485 00:23:52,960 --> 00:24:00,480 ये मैनमेंट है। ये तसवुर कहीं और का है ही 486 00:23:57,038 --> 00:24:03,519 नहीं। जो नेचर है कुछ लोग कहते हैं नेचर 487 00:24:00,480 --> 00:24:05,440 ही खुदा है। तो नेचर में तो इंसाफ नहीं 488 00:24:03,519 --> 00:24:07,599 कहीं। 489 00:24:05,440 --> 00:24:09,840 और आप वादा कर रहे हैं कि तुम्हें मरने के 490 00:24:07,599 --> 00:24:12,558 बाद इंसाफ मिलेगा। 491 00:24:09,839 --> 00:24:16,399 मुझे अगर मिलेगा तो मैं बहुत खुश हूंगा। 492 00:24:12,558 --> 00:24:20,319 लेकिन मैं यकीन नहीं कर पाता हूं। इसलिए 493 00:24:16,400 --> 00:24:24,720 कि मैं फेथ नहीं पैदा कर सकता। द वेरी 494 00:24:20,319 --> 00:24:28,480 फैक्ट रिलीज डिमांड फेथ। 495 00:24:24,720 --> 00:24:30,960 इसका मतलब है कि उनके पास जस्टिफिकेशन 496 00:24:28,480 --> 00:24:33,679 नहीं है। 497 00:24:30,960 --> 00:24:37,519 अच्छा था। फिर 498 00:24:33,679 --> 00:24:40,080 रिलीजन अगर मॉडरेशन में है कोई सा भी वो 499 00:24:37,519 --> 00:24:42,960 आप में कुछ खूबियां भी पैदा करता होगा 500 00:24:40,079 --> 00:24:45,439 देखिए उसे ये फायदा है वो फायदा है 501 00:24:42,960 --> 00:24:50,000 अल्कोहल जो है 502 00:24:45,440 --> 00:24:52,080 वो ज्यादातर दवाओं में यूज़ होती है और एक 503 00:24:50,000 --> 00:24:55,440 सर्वे किया गया था अमेरिका में कि 504 00:24:52,079 --> 00:24:57,759 लोंगिटिविटी किन लोगों की है तो एक तरफ वो 505 00:24:55,440 --> 00:25:01,120 लोग थे जो शराब पीते ही नहीं थे और एक तरफ 506 00:24:57,759 --> 00:25:04,000 वो थे जो एक बोतल शराब पीते थे सबसे 507 00:25:01,119 --> 00:25:06,158 ज्यादा लंबी लंबी उम्र उनकी है जो दो 508 00:25:04,000 --> 00:25:07,759 पैगराब के शराब पीते हैं और खाना खाते 509 00:25:06,159 --> 00:25:10,559 हैं। 510 00:25:07,759 --> 00:25:13,599 मगर हम शराब को बुरा समझते हैं। मैं भी 511 00:25:10,558 --> 00:25:17,359 बड़ा समझता हूं। क्यों? 512 00:25:13,599 --> 00:25:20,719 ऐसा होता नहीं। कुछ चीजों में आदत होती है 513 00:25:17,359 --> 00:25:22,879 जो बढ़ती है। आज तक मैं एक आदमी दूध पीता 514 00:25:20,720 --> 00:25:25,200 है। आप 10 साल बाद भी मिलेंगे तो एक ही 515 00:25:22,880 --> 00:25:28,240 गिलास पीता होगा। ऐसा नहीं होता। सुबह से 516 00:25:25,200 --> 00:25:31,360 दूध पीता रहता है। 517 00:25:28,240 --> 00:25:35,839 अल्कोहलिक मैंने नहीं देखे। अलकोहलिक 518 00:25:31,359 --> 00:25:39,519 खोलते हैं। ये टेंडेंसी है मजहब की कि वो 519 00:25:35,839 --> 00:25:41,918 बढ़ता है। जैसे कैंसर बढ़ता है, जैसे शराब 520 00:25:39,519 --> 00:25:45,278 बढ़ती है। 521 00:25:41,919 --> 00:25:47,919 कुछ लोग होंगे जो उसे सही तरह से यूज़ करते 522 00:25:45,278 --> 00:25:50,159 हैं। मुझे यकीन है कि हमारे मुफ़्ती साहब 523 00:25:47,919 --> 00:25:52,960 भी होंगे। एक बहुत खुशी हुई मुझे इनसे 524 00:25:50,159 --> 00:25:55,840 मिलके। लेकिन कितने लोग हैं आज आप देखते 525 00:25:52,960 --> 00:25:59,600 हैं दुनिया में जो तबाहया है इनमें कितना 526 00:25:55,839 --> 00:26:02,558 हाथ है उन लोगों का जो बिलीव है कहते मजहब 527 00:25:59,599 --> 00:26:06,558 ये नहीं कहता ना कहता होगा मगर जब ये मजहब 528 00:26:02,558 --> 00:26:09,440 पीते हैं तो ऐसे बिहेव करते हैं थोड़ा सा 529 00:26:06,558 --> 00:26:13,038 अगर हो तो शायद बहुत अच्छी बात है लेकिन 530 00:26:09,440 --> 00:26:15,679 शराब थोड़ी सी नहीं रहती उसमें टेंडेंसी 531 00:26:13,038 --> 00:26:18,480 है पहले थोड़ा सा अगर दो तीन कैंसर के सेल 532 00:26:15,679 --> 00:26:21,360 हो ना बॉडी में तो आदमी सिम रहेगा लेकिन 533 00:26:18,480 --> 00:26:23,919 वो दो तीन सेल नहीं रहते वो मल्टीप्लाई 534 00:26:21,359 --> 00:26:25,759 होते हैं। जावेद साहब टाइम पूरा हो गया। 535 00:26:23,919 --> 00:26:29,048 टाइम हो गया। बस बात खत्म हो गई। अच्छा 536 00:26:25,759 --> 00:26:31,067 मुझे कुछ और कहने को था भी नहीं। 537 00:26:29,048 --> 00:26:31,067 [प्रशंसा] 538 00:26:31,278 --> 00:26:37,038 जी मैं पहले जवाबी दौर के लिए इनवाइट कर 539 00:26:35,200 --> 00:26:41,400 रहा हूं मुफ्ती साहब को। योर रिबटल राउंड 540 00:26:37,038 --> 00:26:41,400 वन। यू हैव से मिनट्स। 541 00:26:44,880 --> 00:26:50,400 थैंक यू वेरी मच जावेद साहब। आपकी बात को 542 00:26:47,839 --> 00:26:53,519 सुनकर बड़े महजूस हुए हैं हम महजूस डू यू 543 00:26:50,400 --> 00:26:54,960 अंडरस्टैंड वी एंजॉय ओके अब थोड़ा सा 544 00:26:53,519 --> 00:26:56,720 लॉजिकली उसको हम लोग 545 00:26:54,960 --> 00:26:58,400 दरअसल हम लोगों ने कल गुजारिश की थी 546 00:26:56,720 --> 00:27:01,038 मुफ्ती साहब से भी जावेद साहब से भी कि 547 00:26:58,400 --> 00:27:02,880 हिंदुस्तानी जबान आम फहम सबको समझ में आ 548 00:27:01,038 --> 00:27:06,879 जाए और जहां कहीं आप मुश्किल शब्द 549 00:27:02,880 --> 00:27:09,120 इस्तेमाल करें वहां बताते भी चलें थैंक यू 550 00:27:06,880 --> 00:27:11,919 तो सबसे पहले हमारे रिस्पेक्टेड जावेद 551 00:27:09,119 --> 00:27:14,239 साहब ने हवाला दिया कि खुदा फानी है कितने 552 00:27:11,919 --> 00:27:16,080 मजहब आ गए चले गए किसी ने जुपिटर को खुदा 553 00:27:14,240 --> 00:27:18,240 माना किसी ने किसी को माना मैं कहता हूं 554 00:27:16,079 --> 00:27:21,447 जिसने कॉन्टिंजेंट चीज को खुदा माना गलत 555 00:27:18,240 --> 00:27:22,960 माना वो खुदा ही नहीं वो खुदा ही नहीं है। 556 00:27:21,448 --> 00:27:25,200 [प्रशंसा] 557 00:27:22,960 --> 00:27:28,558 हम तो नेसेसरी बीन को साबित करने बैठे 558 00:27:25,200 --> 00:27:31,200 हैं। वो नेसेसरी कॉज जो इटरनल है जो जो 559 00:27:28,558 --> 00:27:33,359 अबदी भी है और अजली भी है। हम किसी और को 560 00:27:31,200 --> 00:27:38,960 साबित करने नहीं बैठे। दूसरी चीज उन्होंने 561 00:27:33,359 --> 00:27:42,240 कहा के फेथ एंड बिलीफ ये एक 562 00:27:38,960 --> 00:27:44,558 ऐसी डेफिनेशन है फेथ की जो इन्होंने पहली 563 00:27:42,240 --> 00:27:46,400 मर्तबा पेश की है या माफ़ कीजिएगा इन्होंने 564 00:27:44,558 --> 00:27:48,000 पहली मर्तबा पेश नहीं की है। रिचर्ड 565 00:27:46,400 --> 00:27:49,759 डॉकिंस ने पहली मर्तबा पेश की है। मुझे 566 00:27:48,000 --> 00:27:51,519 मालूम है ये सोर्स कहां से है। 567 00:27:49,759 --> 00:27:54,158 एपिस्टेमोलॉजिकली 568 00:27:51,519 --> 00:27:57,599 फेथ और बिलीफ का फर्क आप इस तरह नहीं कर 569 00:27:54,159 --> 00:27:59,760 सकते सर। फेथ सही भी होता है, गलत भी होता 570 00:27:57,599 --> 00:28:03,439 है। बिलीफ सही भी होता है, गलत भी होता 571 00:27:59,759 --> 00:28:06,640 है। जो लॉजिक रीजन और एविडेंस से बैक्ट 572 00:28:03,440 --> 00:28:08,640 होगा वो फेथ सही होगा। और आप जिस फेथ की 573 00:28:06,640 --> 00:28:11,840 बात कर रहे हैं कि इलॉजिकल है और उसके 574 00:28:08,640 --> 00:28:14,640 पीछे नहीं है तो वी आर ऑन द सेम पेज। हम 575 00:28:11,839 --> 00:28:16,879 नहीं मानते उस फेथ को। जो फेथ ऐसा हो 576 00:28:14,640 --> 00:28:18,960 जिसके पीछे कोई लॉजिक ना हो। एविडेंस ना 577 00:28:16,880 --> 00:28:21,039 हो। हम नहीं मानते। हम तो उस फेथ के कायल 578 00:28:18,960 --> 00:28:23,200 हैं जिसके पीछे लॉजिक हो और एविडेंस हो। 579 00:28:21,038 --> 00:28:25,278 तो बिलीफ सही भी होता है, गलत भी होता है, 580 00:28:23,200 --> 00:28:28,080 फेथ भी सही होता है और गलत भी होता है। तो 581 00:28:25,278 --> 00:28:30,319 आज फेथ और बिलीफ के डिफरेंस पे बात नहीं 582 00:28:28,079 --> 00:28:32,158 हो रही है। आज आप चाहे फेथ एक्सेप्ट कर 583 00:28:30,319 --> 00:28:35,439 लें या बिलीफ एक्सेप्ट कर लें। आज ये बात 584 00:28:32,159 --> 00:28:38,399 होगी कि ट्रुथ क्या है? चाहे ट्रू बिलीफ 585 00:28:35,440 --> 00:28:40,080 सही है या ट्रू फेथ सही है और फॉल्स फेथ 586 00:28:38,398 --> 00:28:41,759 क्या है और फॉल्स बिलीफ क्या है? बात इसपे 587 00:28:40,079 --> 00:28:44,480 हो रही है। दूसरी चीज इन्होंने पूछा 588 00:28:41,759 --> 00:28:45,839 स्टुपिडिटी फिर क्या है? अगर फेथ रिलीजन 589 00:28:44,480 --> 00:28:47,200 स्टुपिडिटी नहीं है तो और क्या है? 590 00:28:45,839 --> 00:28:49,439 क्योंकि फेथ का मुतालबा करते हैं तो 591 00:28:47,200 --> 00:28:52,000 स्टुपिडिटी स्टुपिडिटी क्या है? मैं कहता 592 00:28:49,440 --> 00:28:54,240 हूं स्टुबिडिटी एथिज्म है। उसकी वजह ये है 593 00:28:52,000 --> 00:28:56,159 कि आप एक सड़क पे जा रहे हो और आप किसी 594 00:28:54,240 --> 00:28:59,440 गार्डन में जाएं और देखें वहां लिखा है 595 00:28:56,159 --> 00:29:02,640 फूलों के साथ आई लव जावेद अख्तर एंड आई 596 00:28:59,440 --> 00:29:05,200 रियली डू आई लव यू सर। सो 597 00:29:02,640 --> 00:29:08,960 जब आप [प्रशंसा] 598 00:29:05,200 --> 00:29:11,360 वहां पर पहुंचे तो वहां पहुंचकर अब ये 599 00:29:08,960 --> 00:29:14,880 बताएं क्या आप ये कहेंगे वाओ व्हाट अ 600 00:29:11,359 --> 00:29:18,639 नेचुरल सेक्शन। ये क्या नेचुरल सेक्शन है? 601 00:29:14,880 --> 00:29:22,799 नहीं। यह प्रिसाइजली डिजाइन है। इसके पीछे 602 00:29:18,640 --> 00:29:24,640 डिजाइनर है। लिहाजा अगर कोई एक ऐसी कॉमन 603 00:29:22,798 --> 00:29:26,720 सेंस की बात को कबूल नहीं कर रहा है कि 604 00:29:24,640 --> 00:29:28,880 यूनिवर्स जो इतनी प्रिसाइजली काम कर रहा 605 00:29:26,720 --> 00:29:30,640 है। हम कह दें कि खुद ब खुद बन गई। मैं 606 00:29:28,880 --> 00:29:34,559 समझता हूं इससे बड़ी स्टुबिडिटी और कुछ 607 00:29:30,640 --> 00:29:38,559 नहीं है। ये इररेशनल चीज है। [प्रशंसा] 608 00:29:34,558 --> 00:29:41,119 फिर हमारे सर ने कहा कि आपने बॉल पे फोकस 609 00:29:38,558 --> 00:29:43,599 किया, आइलैंड पे फोकस नहीं किया। अरे 610 00:29:41,119 --> 00:29:47,439 आइलैंड को किसने बनाया यही समझाने के लिए 611 00:29:43,599 --> 00:29:50,319 तो बॉल की मिसाल दे रहा हूं। 612 00:29:47,440 --> 00:29:52,320 और बॉल भी कॉन्टिंजेंट है, आइलैंड भी 613 00:29:50,319 --> 00:29:54,879 कंटिंजेंट है। दोनों नेसेसरी बीइंग का 614 00:29:52,319 --> 00:29:57,678 मुतालबा करते हैं। आगे इन्होंने कहा कि 615 00:29:54,880 --> 00:29:59,840 नेचर में कोई इंसाफ नहीं है। हम डिसाइड 616 00:29:57,679 --> 00:30:02,000 करते हैं कि मोरालिटी क्या होती है? इंसाफ 617 00:29:59,839 --> 00:30:03,678 क्या होता है? हम डिसाइड करते हैं जैसे 618 00:30:02,000 --> 00:30:05,839 ड्राइविंग सीट में, ट्रैफिक वाला ये तो 619 00:30:03,679 --> 00:30:08,159 किसी खुदा ने नहीं कहा। ये है इसे कहते 620 00:30:05,839 --> 00:30:11,359 हैं फॉल्स इक्विवेलेंस। ये एक लॉजिकल 621 00:30:08,159 --> 00:30:13,440 फैलेसी है। आपने जो है मिसाल दी ड्राइविंग 622 00:30:11,359 --> 00:30:15,599 की और ट्रैफिक की। ये सब्जेक्टिव मोरालिटी 623 00:30:13,440 --> 00:30:17,440 है। आप सब्जेक्टिव मोरालिटी को मिसाल 624 00:30:15,599 --> 00:30:19,439 बनाकर ऑब्जेक्टिव मोरालिटी के ऊपर नहीं 625 00:30:17,440 --> 00:30:21,840 थोप सकते। इंसाफ ये ऑब्जेक्टिव मोरालिटी 626 00:30:19,440 --> 00:30:24,480 है। अगर आप ये कहते हैं कि नेचर में इंसाफ 627 00:30:21,839 --> 00:30:26,720 नहीं है तो इंसाफ का ना होना ये नेचुरल 628 00:30:24,480 --> 00:30:28,159 हुआ तो फिर नेचर को नेचर रहने दे। क्यों 629 00:30:26,720 --> 00:30:30,240 हम इतना स्ट्राइव कर रहे हैं दुनिया में 630 00:30:28,159 --> 00:30:33,840 इंसाफ लाने के लिए? यह तो इलॉजिकल बात है, 631 00:30:30,240 --> 00:30:36,798 इरशनल बात है। इसलिए बहुत सी चीजें ऐसी 632 00:30:33,839 --> 00:30:38,240 हैं जो ऑब्जेक्टिवली जो है इविल या गुड 633 00:30:36,798 --> 00:30:41,200 हैं और बहुत सी चीजें ऐसी हैं जो 634 00:30:38,240 --> 00:30:43,679 सब्जेक्टिवली हैं। सब्जेक्टिवली जो मोरल 635 00:30:41,200 --> 00:30:46,399 होता है या इमोरल होता है उसको हम सोशल 636 00:30:43,679 --> 00:30:48,480 कंसेंस कंसेंसेस से या पर्सनल प्रेफरेंस 637 00:30:46,398 --> 00:30:50,558 से डिसाइड करते हैं। लेकिन जो ऑब्जेक्टिव 638 00:30:48,480 --> 00:30:53,519 मोरालिटी है जिसमें इंसाफ आया जो इन्होंने 639 00:30:50,558 --> 00:30:55,359 बार-बार रिपीट किया ये ऑब्जेक्टिव है। 640 00:30:53,519 --> 00:30:57,759 सब्जेक्टिव नहीं है। अगर आप कहते हैं ये 641 00:30:55,359 --> 00:31:00,639 सब्जेक्टिव है। तो मेरा सवाल आपसे यह है 642 00:30:57,759 --> 00:31:02,558 क्या सोशल कंसेंसेस के जरिए अगर जुल्म को 643 00:31:00,640 --> 00:31:06,559 सही करार दे दिया जाएगा तो आप जुल्म को 644 00:31:02,558 --> 00:31:11,278 जस्टिफाई करेंगे? दूसरी चीज इन्होंने ये 645 00:31:06,558 --> 00:31:14,158 कहा कि दो पैक शराब पी लें तो वो उतने पे 646 00:31:11,278 --> 00:31:16,720 नहीं रहता बढ़ जाता है। यही मामला मजहब के 647 00:31:14,159 --> 00:31:19,039 साथ है। दो पैक आप पी लें बढ़ेगा। तो ये 648 00:31:16,720 --> 00:31:21,839 एक ऐसी मिसाल है इसको कहीं भी फिट कर लें 649 00:31:19,038 --> 00:31:24,079 कि आप एथिज्म पे जब फिट करें जब आप दो पैक 650 00:31:21,839 --> 00:31:25,765 एथिज्म का लेंगे ना तो वो बढ़-बढ़ के 651 00:31:24,079 --> 00:31:27,785 नॉर्थ कोरिया बनेगा। थैंक यू। 652 00:31:25,766 --> 00:31:27,786 [प्रशंसा] 653 00:31:31,661 --> 00:31:34,960 [प्रशंसा] 654 00:31:32,798 --> 00:31:36,639 फर्स्ट राउंड की रिबटल के लिए मैं जावेद 655 00:31:34,960 --> 00:31:41,159 साहब को इनवाइट कर रहा हूं। आपके पास 7 656 00:31:36,640 --> 00:31:41,159 मिनट का वक्त है। रिसेट कर दीजिएगा प्लीज। 657 00:31:41,440 --> 00:31:46,240 मुझे इस बात की खुशी है कि मुफ्ती साहब ने 658 00:31:43,919 --> 00:31:49,840 भी मान लिया कि नेचर में कोई इंसाफ नहीं 659 00:31:46,240 --> 00:31:52,319 है। तो कोई भी चीज जो इंसान ने नहीं बनाई 660 00:31:49,839 --> 00:31:54,319 है उसमें इंसाफ नहीं होता है। एक बात मैं 661 00:31:52,319 --> 00:31:56,319 आपसे अ करूं जरा पता लगा लीजिएगा। ये जो 662 00:31:54,319 --> 00:31:58,398 आप बाग में जाते हैं बेहद खूबसूरत फूल 663 00:31:56,319 --> 00:32:02,960 देखते हैं ना इनमें से कोई नेचुरल नहीं 664 00:31:58,398 --> 00:32:05,119 है। ये सारे फूल क्रॉस करके बनाए गए हैं। 665 00:32:02,960 --> 00:32:07,840 जो जंगल में फूल होते हैं निहायत मामूली 666 00:32:05,119 --> 00:32:10,000 होते हैं। ये फूल इंसानों ने बनाए हैं जो 667 00:32:07,839 --> 00:32:11,839 आप बाग में देख के वाहवाह कहते हैं। ये 668 00:32:10,000 --> 00:32:14,558 इंसानों के बनाए हुए हैं। डिफरेंट फूलों 669 00:32:11,839 --> 00:32:16,720 को क्रॉस करके डेवलप करके फिर क्रॉस करके 670 00:32:14,558 --> 00:32:19,038 इस तरह से बनाए गए। नेचुरल फ्लावर्स नहीं। 671 00:32:16,720 --> 00:32:21,919 किसी जंगल वीरान में जाके आप गुलाब के फूल 672 00:32:19,038 --> 00:32:25,440 नहीं देखेंगे। ये सब बनाए हुए इंसान ने। 673 00:32:21,919 --> 00:32:28,960 बहुत से काम इंसान ने किए हैं। बाकी ये कि 674 00:32:25,440 --> 00:32:33,200 आपने मेरी एक बात का जवाब नहीं दिया जिससे 675 00:32:28,960 --> 00:32:36,720 मुझे शिकायत है कि फथ क्या है? और आप फेथ 676 00:32:33,200 --> 00:32:39,600 मांगते क्यों हैं मुझसे? आप तो लॉजिकल है। 677 00:32:36,720 --> 00:32:42,079 आपके पास तो सारे रैशन हैं। आपके पास सारे 678 00:32:39,599 --> 00:32:45,439 सबूत हैं। तो आपको फेथ की डिमांड क्यों 679 00:32:42,079 --> 00:32:48,558 करते हो आप? कि भाई तुम सरेंडर कर दो और 680 00:32:45,440 --> 00:32:51,679 सवाल मत करो। कोई मजहब सारे सवाल करने की 681 00:32:48,558 --> 00:32:54,879 इजाजत नहीं देता है और मना करता है कि 682 00:32:51,679 --> 00:32:58,399 ज्यादा सवाल ना करो बह जाओगे तुम। आप 683 00:32:54,880 --> 00:33:01,440 क्यों रोकते हैं? हकीकत ये है कि इंसानी 684 00:32:58,398 --> 00:33:04,319 तारीख क्या है? इंसानी तारीख यह है कि 685 00:33:01,440 --> 00:33:08,000 दुनिया में दो तरह के लोग हुए हैं। एक वो 686 00:33:04,319 --> 00:33:10,480 जिन्होंने अपनी लालमी की परस्तिश की है। 687 00:33:08,000 --> 00:33:13,679 दूसरे वो जिन्होंने अपनी इग्नोरेंस या 688 00:33:10,480 --> 00:33:16,960 लालमी से झगड़ा किया है और मालूम किया है 689 00:33:13,679 --> 00:33:20,240 कि क्या है। ये जो आप कह रहे हैं आज आप 690 00:33:16,960 --> 00:33:22,399 हैरान हैं कि भाई ये यूनिवर्स कैसे बनी? 691 00:33:20,240 --> 00:33:24,640 लोग हैरान थे कि सूरज डूबता है तो इधर से 692 00:33:22,398 --> 00:33:28,959 कैसे निकलता है 693 00:33:24,640 --> 00:33:32,000 और आप एक कदम जाके हमेशा का मानने को 694 00:33:28,960 --> 00:33:33,600 तैयार है एक कदम पीछे ही मत जाइए भाई आप 695 00:33:32,000 --> 00:33:36,159 इसके पास जाते हैं और कहते हैं सवाल ना 696 00:33:33,599 --> 00:33:38,398 करना कि ये कहां से आया ये पावर तो हमेशा 697 00:33:36,159 --> 00:33:40,399 से हमेशा रहेगी तो आप यूनिवर्स के बारे 698 00:33:38,398 --> 00:33:42,158 में माने क्या तकलीफ है एक कदम पहले या 699 00:33:40,398 --> 00:33:44,719 रुक जाइए 700 00:33:42,159 --> 00:33:47,519 ये हमेशा से थी या नहीं थी हमें मालूम 701 00:33:44,720 --> 00:33:51,440 नहीं है और ये कहना कि हमें मालूम नहीं 702 00:33:47,519 --> 00:33:54,480 है। कमाल यह है कि दुनिया के सारे मजहब सब 703 00:33:51,440 --> 00:33:57,120 जानते हैं। ये दुनिया कैसे बनी थी? कैसे 704 00:33:54,480 --> 00:34:01,599 मिटेगी? मरने के बाद क्या होगा? इनको सब 705 00:33:57,119 --> 00:34:06,879 इल्म है। इनको किसी को डायनासोर होते थे 706 00:34:01,599 --> 00:34:09,519 पहले ये नहीं पता था। किसी को नहीं पता। 707 00:34:06,880 --> 00:34:12,639 किसी भी दुनिया की मजहबी किताब में 708 00:34:09,519 --> 00:34:15,440 डायनासोर का जिक्र नहीं है। 709 00:34:12,639 --> 00:34:19,440 लेकिन बाकी सब बातें हाउ टू मेक यूनिवर्सल 710 00:34:15,440 --> 00:34:23,440 फोर ईजी लेसंस एंड बाकी सब पता है। जिसको 711 00:34:19,440 --> 00:34:26,079 सब पता है वो गड़बड़ है। हम में ये इंकसार 712 00:34:23,440 --> 00:34:28,720 ये ह्यूमिलिटी होनी चाहिए कि हम ये कहे कि 713 00:34:26,079 --> 00:34:31,919 हमें ये बहुत सारी बातें नहीं मालूम। 714 00:34:28,719 --> 00:34:36,398 लेकिन हम उनकी परस्त ना कर ले। अपनी लालमी 715 00:34:31,918 --> 00:34:38,559 को की परस्त ना करें। हम उसे पता लगाने की 716 00:34:36,398 --> 00:34:41,118 कोशिश करें। जिस दुनिया में आप बैठे हैं 717 00:34:38,559 --> 00:34:43,918 सर ये हॉल जो है ये इलेक्ट्रिसिटी जो है 718 00:34:41,119 --> 00:34:47,200 ये माइक जो है जिस हवाई जहाज से आप आए थे 719 00:34:43,918 --> 00:34:49,838 वो जिस कार से आप यहां आए हैं ये सब उन 720 00:34:47,199 --> 00:34:52,093 लोगों की बनाई हुई है जिन्होंने सवाल किए 721 00:34:49,838 --> 00:34:52,639 थे। 722 00:34:52,094 --> 00:34:56,720 [प्रशंसा] 723 00:34:52,639 --> 00:34:59,599 ये दुनिया जिसमें आप आज आराम से हैं। ये 724 00:34:56,719 --> 00:35:06,679 उन लोगों की बनाई है कि जिन्होंने सवाल 725 00:34:59,599 --> 00:35:06,680 किए थे और हर स्टेज पे इन सवालों को 726 00:35:07,280 --> 00:35:12,640 मकरू कहा गया था। गलत कहा गया था। आप जरा 727 00:35:10,960 --> 00:35:15,679 तारीख पढ़िए। एक बड़ी दिलचस्प किताब है 728 00:35:12,639 --> 00:35:19,759 बैटन की 729 00:35:15,679 --> 00:35:23,279 जिसमें उसने रिलीजन एंड साइंस कि कब से 730 00:35:19,760 --> 00:35:27,599 रिलीजन जो है साइंस के अगेंस्ट है और हद 731 00:35:23,280 --> 00:35:30,880 तो ये है कि भाप के इंजन के खिलाफ थे 732 00:35:27,599 --> 00:35:33,838 स्टीम इंजन के भी खिलाफ थे और फतवे उन पे 733 00:35:30,880 --> 00:35:37,440 वेटिकन ने दिए 734 00:35:33,838 --> 00:35:39,679 तो ये हमेशा अभी जैसे ही ये राइट फिंगर 735 00:35:37,440 --> 00:35:43,760 आते हैं 736 00:35:39,679 --> 00:35:46,078 अमेरिका में पावर तो वो जो अपना ये क्या 737 00:35:43,760 --> 00:35:49,280 बोलते हैं उसे 738 00:35:46,079 --> 00:35:50,240 सीड क्या है? शीट क्या 739 00:35:49,280 --> 00:35:54,320 हां 740 00:35:50,239 --> 00:35:57,319 नहीं नहीं शीट जो होती है 741 00:35:54,320 --> 00:35:57,320 जी 742 00:35:59,039 --> 00:36:05,400 नहीं भाई 743 00:36:01,039 --> 00:36:05,400 वो जो ह्यूमन बॉडी के 744 00:36:10,000 --> 00:36:16,480 बंद हो जाती है। रिपब्लिकन नहीं करने 745 00:36:13,119 --> 00:36:20,320 देते। अरे भाई इतना डर क्या है तुम्हें? 746 00:36:16,480 --> 00:36:22,800 एक जमाने में बहुत नाराज थे ये सारे मजहबी 747 00:36:20,320 --> 00:36:25,039 लोग कि ये इंसान तो इंसान बनाने की कोशिश 748 00:36:22,800 --> 00:36:29,599 कर रहा है। आपको क्या तकलीफ हुई बना ले तो 749 00:36:25,039 --> 00:36:32,800 बना लेने दो। ये खौफ क्या है? 750 00:36:29,599 --> 00:36:35,760 और ये सब आज जो आप कह रहे हैं नामुमकिन है 751 00:36:32,800 --> 00:36:38,320 ये कैसे हुआ? मुझे किस्सा याद आता है। जब 752 00:36:35,760 --> 00:36:40,800 मैं छठी क्लास में था तो मैं मैथमेटिक्स 753 00:36:38,320 --> 00:36:42,880 में बहुत वीक था। तो एक टीचर रख दिया गया। 754 00:36:40,800 --> 00:36:45,440 उसने एक दो तीन चार पांच छ सात तो सिखा 755 00:36:42,880 --> 00:36:48,720 दिया मुझे। वो दिन मैं भूल नहीं सकता हूं 756 00:36:45,440 --> 00:36:51,920 सब। जिस दिन उसने ये बताया कि 1/2 क्या 757 00:36:48,719 --> 00:36:54,799 होता है और 3/4 क्या होता है। मुझे ऐसा 758 00:36:51,920 --> 00:36:57,280 लगा कि मेरा सर बीच से फट जाएगा। ये आदमी 759 00:36:54,800 --> 00:37:00,720 कह रहा है कि यू दीवार के अंदर जाओ वॉक 760 00:36:57,280 --> 00:37:03,760 करते हुए। आज हंसता हूं मैं इस बात पे। तो 761 00:37:00,719 --> 00:37:05,759 आज जो बातें आपके ज़हन से बिल्कुल परे है 762 00:37:03,760 --> 00:37:08,640 और आप हैरान होते हो उन्हें देख के। एक 763 00:37:05,760 --> 00:37:11,599 वक्त आएगा कि मामूली लगेंगे और हुआ है 764 00:37:08,639 --> 00:37:14,480 आपकी इंसानी तारीख ही है। इतनी जल्दी सारे 765 00:37:11,599 --> 00:37:18,000 फैसले आप मत कर लीजिए। थोड़ा ह्यूमिलिटी 766 00:37:14,480 --> 00:37:20,639 रखिए कि भाई ये हमें नहीं मालूम। ये कहने 767 00:37:18,000 --> 00:37:24,000 में क्या आ रहा है? ये यूनिवर्स कहां तक 768 00:37:20,639 --> 00:37:27,440 फैली? ये कब से है और कब तक रहेगी? हमें 769 00:37:24,000 --> 00:37:29,760 नहीं मालूम। आपने फैसला कर लिया कब बनी? 770 00:37:27,440 --> 00:37:34,559 ये आपके हिसाब से कोई 14 बिलियन इयर्स 771 00:37:29,760 --> 00:37:37,520 बनी। जो समझा जाता है उससे पहले हजारों 772 00:37:34,559 --> 00:37:40,960 करोड़ों अरबों साल तक खुदा बैठा क्या कर 773 00:37:37,519 --> 00:37:43,838 रहा था खामोश बैठा था ऐसे ही जमाइयां ले 774 00:37:40,960 --> 00:37:45,920 रहा था फिर उसे आईडिया आया यार एक काम 775 00:37:43,838 --> 00:37:48,159 करते हैं वक्त अच्छा गुजर जाएगा यूनिवर्स 776 00:37:45,920 --> 00:37:51,159 पर 777 00:37:48,159 --> 00:37:51,159 सोचिए 778 00:37:51,440 --> 00:37:58,960 वो तो हमेशा से है ना मगर यूनिवर्स हमेशा 779 00:37:54,079 --> 00:38:02,880 से नहीं है ये तो बनाई गई है और उससे पहले 780 00:37:58,960 --> 00:38:05,679 क्या था इनका का क्या काम था? 781 00:38:02,880 --> 00:38:08,240 कैसी बात थी? ये बड़ा आसान है। जो बात 782 00:38:05,679 --> 00:38:10,639 हमें आज धीरे-धीरे पता चल रही है। बरसों 783 00:38:08,239 --> 00:38:14,078 2000 और ढाई हजार साल पहले आपको किसी ने 784 00:38:10,639 --> 00:38:16,078 बता दिया कि क्या था आप मान गए? और तब से 785 00:38:14,079 --> 00:38:20,079 वही मान रहे हैं जो ढाई हजार साल पहले कहा 786 00:38:16,079 --> 00:38:22,320 गया। सब कुछ बदल गया है। सॉल्व हो रही है 787 00:38:20,079 --> 00:38:26,000 चीजें। अभी 788 00:38:22,320 --> 00:38:28,640 साइंस बिल्कुल दावा नहीं करती या कोई 789 00:38:26,000 --> 00:38:30,880 फिलॉसफर ये दावा नहीं करता कि हमें सब 790 00:38:28,639 --> 00:38:32,480 मालूम बल्कि वो कहता है कि हमें जितना 791 00:38:30,880 --> 00:38:35,599 मालूम होता है उससे ये मालूम होता है कि 792 00:38:32,480 --> 00:38:39,280 हमें कितना कम मालूम है। तो हम अपनी 793 00:38:35,599 --> 00:38:42,001 जियालत से लड़े उसकी परफेशना करें। 794 00:38:39,280 --> 00:38:44,000 जी टाइम थैंक यू। थैंक यू सो मच। 795 00:38:42,001 --> 00:38:46,079 [प्रशंसा] 796 00:38:44,000 --> 00:38:48,960 मैं 797 00:38:46,079 --> 00:38:50,720 तर्कों की श्रंखला में राउंड टू के लिए 798 00:38:48,960 --> 00:38:56,280 मुफ्ती साहब को आमंत्रित कर रहा हूं। आपके 799 00:38:50,719 --> 00:38:56,279 पास एक बार फिर से 7 मिनट का वक्त है। 800 00:38:57,599 --> 00:39:02,880 शुक्रिया। जनाब जावेद अख्तर साहब कई 801 00:39:00,719 --> 00:39:04,799 मर्तबा दोहरा रहे हैं कि फेथ का मतलब 802 00:39:02,880 --> 00:39:07,680 बताइए। फेथ का मतलब बताइए। मैंने बता 803 00:39:04,800 --> 00:39:10,079 दिया। फेथ सही भी होता है, गलत भी होता 804 00:39:07,679 --> 00:39:12,000 है। और आज हम फेथ पे बात नहीं कर रहे। हम 805 00:39:10,079 --> 00:39:15,599 ट्रुथ और डस गॉड एक्सिस्ट पे बात कर रहे 806 00:39:12,000 --> 00:39:18,079 हैं। क्या डस गॉड एक्सिस्ट? ये ट्रुथ यानी 807 00:39:15,599 --> 00:39:20,000 गॉड है या नहीं है? इसमें से दोनों ट्रुथ 808 00:39:18,079 --> 00:39:22,880 क्या है? अब आप उसे फेथ कह लें, बिलीफ कह 809 00:39:20,000 --> 00:39:26,079 लें नॉट माय बिनेस। उसके बाद आपने कहा कि 810 00:39:22,880 --> 00:39:29,760 भाई सवाल करने से मजहब रोकता है। मैं कहता 811 00:39:26,079 --> 00:39:33,119 हूं जो रोकता है वो रोकता होगा। मैं नहीं 812 00:39:29,760 --> 00:39:35,359 रोकता। बल्कि सवाल करें। सवाल करना चाहिए। 813 00:39:33,119 --> 00:39:37,119 सवाल कर के तो हम आगे बढ़ते हैं, तरक्की 814 00:39:35,358 --> 00:39:39,199 करते हैं। और इसीलिए मैं आज यहां पे आया 815 00:39:37,119 --> 00:39:41,838 हूं। लेकिन सवाल सिर्फ खुदा से नहीं होगा। 816 00:39:39,199 --> 00:39:44,639 आपसे भी होगा। सवाल एथिज्म से भी होगा। 817 00:39:41,838 --> 00:39:46,559 सवाल सिर्फ मजहब से नहीं होगा। सबसे होगा। 818 00:39:44,639 --> 00:39:48,480 और आज मैं सवाल करूंगा और उम्मीद है कि आप 819 00:39:46,559 --> 00:39:50,719 जवाब देंगे। अभी तक आपने वैसे कंटिंजेंसी 820 00:39:48,480 --> 00:39:52,960 आर्गुमेंट का कोई जवाब नहीं दिया है। चलें 821 00:39:50,719 --> 00:39:55,919 आपने कहा यूनिवर्स के बारे में इटरनल 822 00:39:52,960 --> 00:39:58,320 क्यों नहीं बोल देते? ये क्योंकि लॉजिकली 823 00:39:55,920 --> 00:40:00,639 पॉसिबल ही नहीं है कि यूनिवर्स इटरनल हो। 824 00:39:58,320 --> 00:40:03,519 यूनिवर्स एक कंटिंजेंट 825 00:40:00,639 --> 00:40:05,838 चीज है। जो टाइम एंड स्पेस के पाबंद है। 826 00:40:03,519 --> 00:40:08,000 टाइम एंड स्पेस से बाउंड है। जो टाइम एंड 827 00:40:05,838 --> 00:40:10,078 स्पेस से बाउंड होगा वो कंटिंजेंट होगा। 828 00:40:08,000 --> 00:40:12,000 जो कंटिंजेंट होगा उसकी बिगिनिंग हुई 829 00:40:10,079 --> 00:40:16,322 होगी। जिसकी बिगिनिंग हुई होगी वो इटरनल 830 00:40:12,000 --> 00:40:17,760 नहीं हो सकता। ये तो कॉमन सी बात है। 831 00:40:16,322 --> 00:40:20,559 [प्रशंसा] 832 00:40:17,760 --> 00:40:22,720 आपने कहा कि किसी मजहबी किताब में 833 00:40:20,559 --> 00:40:24,559 डायनासोर का जिक्र नहीं है। अफसोस कि आज 834 00:40:22,719 --> 00:40:28,439 तक किसी मैथमेटिक्स के किताब में मुझे 835 00:40:24,559 --> 00:40:28,440 डायनासोर का जिक्र नहीं मिला। 836 00:40:28,639 --> 00:40:33,199 तो इसका मतलब मैथमेटिक्स की किताब बेकार 837 00:40:30,800 --> 00:40:35,200 है। नहीं उसका वो टॉपिक नहीं है। रेवेलेशन 838 00:40:33,199 --> 00:40:37,279 का और मजहबी किताबों का टॉपिक ये नहीं है 839 00:40:35,199 --> 00:40:39,679 कि आपको आके बताएं साइकिल कैसे बनाते हैं। 840 00:40:37,280 --> 00:40:41,920 ये आकर ये बताएं कि जो है डायनासोर कब था। 841 00:40:39,679 --> 00:40:44,000 वो तो मोरालिटी सिखाने आया है। गॉड के 842 00:40:41,920 --> 00:40:46,480 बारे में बताने आया। नॉन फिजिकल रियलिटी 843 00:40:44,000 --> 00:40:48,880 की हकीकत को सिखाने के लिए आया। रिलीजियन 844 00:40:46,480 --> 00:40:51,519 साइंस को रोकता है। नहीं रोकता। अगर रोकता 845 00:40:48,880 --> 00:40:53,519 है तो गलत करता है। रिलीजन साइंटिज्म को 846 00:40:51,519 --> 00:40:56,159 रोकता है जिसमें हमारे जावेद साहब मुख्तल 847 00:40:53,519 --> 00:40:57,838 है। 848 00:40:56,159 --> 00:41:00,559 साइंस 849 00:40:57,838 --> 00:41:03,920 साइंस और साइंटिज्म में फर्क है। 850 00:41:00,559 --> 00:41:07,279 साइंटिज्म ये है कि आप समझे के साइंस और 851 00:41:03,920 --> 00:41:09,599 साइंटिफिक मेथोडोलॉजी ये नॉलेज को हासिल 852 00:41:07,280 --> 00:41:12,240 करने का वाहिद सोर्स ऑफ नॉलेज है। ये है 853 00:41:09,599 --> 00:41:13,838 साइंटिज्म। हम इसे रिजेक्ट करते हैं। हम 854 00:41:12,239 --> 00:41:15,679 साइंस को तो तरक्की करते हैं। भाई आप 855 00:41:13,838 --> 00:41:17,599 हमारी पूरी तारीख कर लें। पढ़ लें तो आपको 856 00:41:15,679 --> 00:41:19,519 पता चल जाएगा। बहरहाल ये अलग टॉपिक है। 857 00:41:17,599 --> 00:41:21,680 उसके बाद इन्होंने एक लफ्ज़ कहा वेटिकन ने 858 00:41:19,519 --> 00:41:23,280 फतवा दिया। वेटिकन का फतवे से कोई ताल्लुक 859 00:41:21,679 --> 00:41:25,118 नहीं है। दोनों कंट्राडिक्टरी अल्फ़ाज़ 860 00:41:23,280 --> 00:41:27,760 हैं। उसके बाद उन्होंने कहा कि भई हमें 861 00:41:25,119 --> 00:41:29,760 नहीं मालूम। अगर नहीं मालूम तो क्लियरली 862 00:41:27,760 --> 00:41:31,760 कह दे ना कि नहीं मालूम है इसमें क्या हरज 863 00:41:29,760 --> 00:41:33,599 है? तो वही तो मैं कह रहा हूं ना कि आप कह 864 00:41:31,760 --> 00:41:36,233 दें कि नहीं मालूम लेकिन क्लेम क्यों कर 865 00:41:33,599 --> 00:41:38,253 रहे हैं कि गॉड एक्सिस्ट नहीं कर रहा है। 866 00:41:36,233 --> 00:41:38,253 [प्रशंसा] 867 00:41:39,679 --> 00:41:44,559 आप कह दे नहीं मालूम है। हो सकता है हो 868 00:41:42,239 --> 00:41:47,598 सकता ना हो। लेकिन आप क्लेम कर रहे हैं। द 869 00:41:44,559 --> 00:41:50,159 मोमेंट यू से गॉड डज नॉट एक्सिस्ट। दिस इज 870 00:41:47,599 --> 00:41:53,680 अ क्लेम एंड नाउ द बर्डन ऑफ प्रूफ इज अपॉन 871 00:41:50,159 --> 00:41:55,759 यू टू जैसे हमारे ऊपर है। 872 00:41:53,679 --> 00:41:58,960 और क्यों है मैं बताता हूं। क्यों है ये 873 00:41:55,760 --> 00:42:01,760 भी मैं बताता हूं। फिलॉसोफिकली 874 00:41:58,960 --> 00:42:04,000 जो क्लेम होता है ना सिर्फ ये नहीं होता 875 00:42:01,760 --> 00:42:05,920 कि इंसान कहे पॉजिटिव क्लेम करे और 876 00:42:04,000 --> 00:42:08,480 नेगेटिव क्लेम करे तो बर्डन अप्रूव नहीं 877 00:42:05,920 --> 00:42:10,720 है। आप मिसाल के तौर पे मैं कहूं कि फुलां 878 00:42:08,480 --> 00:42:13,358 उस कमरे में कोई नहीं है। मैंने एक नॉलेज 879 00:42:10,719 --> 00:42:15,199 का क्लेम किया है। उस कमरे में कोई नहीं 880 00:42:13,358 --> 00:42:16,559 है। मैंने एक नॉलेज का क्लेम किया। या तो 881 00:42:15,199 --> 00:42:18,639 मैं कहूं मुझे नहीं पता हो भी सकता है 882 00:42:16,559 --> 00:42:20,318 नहीं भी हो सकता है। दिस इज़ नॉट अ क्लेम। 883 00:42:18,639 --> 00:42:22,318 लेकिन जब मैं कह रहा हूं कि वहां कोई नहीं 884 00:42:20,318 --> 00:42:24,318 है। या मैं कह रहा हूं वहां कोई है। दोनों 885 00:42:22,318 --> 00:42:26,079 क्लेम है और दोनों के ऊपर बर्डन ऑफ प्रूफ 886 00:42:24,318 --> 00:42:27,759 है। हमारे ऊपर भी बर्डन ऑफ प्रूफ है। 887 00:42:26,079 --> 00:42:29,943 मैंने कंटिंजेंसी आर्गुमेंट दिया। इसे 888 00:42:27,760 --> 00:42:31,964 तोड़ कर दिखाइए। 889 00:42:29,943 --> 00:42:31,963 [प्रशंसा] 890 00:42:32,400 --> 00:42:38,720 आखिरी चीज इन्होंने कहा कि खुदा दुनिया 891 00:42:35,920 --> 00:42:42,720 बनाने से पहले 150 साल पहले या करोड़ों 892 00:42:38,719 --> 00:42:45,039 साल पहले क्या कर रहा था। अरे हजरत 893 00:42:42,719 --> 00:42:46,799 चलें बहरहाल मैं जवाब दे देता हूं। आप 894 00:42:45,039 --> 00:42:48,318 हमारे रिस्पेक्टेड पर्सनालिटी हैं। अगर आप 895 00:42:46,800 --> 00:42:51,318 नहीं होते तो मैं ऐसे एंटरटेन ही नहीं 896 00:42:48,318 --> 00:42:51,318 करता। 897 00:42:51,559 --> 00:42:56,880 [प्रशंसा] 898 00:42:52,800 --> 00:42:59,680 टाइम ये 100 साल पहले या 100 साल बाद पहले 899 00:42:56,880 --> 00:43:02,240 बाद में अभी ये वो अल्फाज़ हैं जिनका 900 00:42:59,679 --> 00:43:04,239 ताल्लुक टाइम से है। टाइम शुरू ही हुआ है 901 00:43:02,239 --> 00:43:05,919 यूनिवर्स की बिगिनिंग के बाद। तो उसके 902 00:43:04,239 --> 00:43:08,959 पहले खुदा क्या कर रहा था? सवाल ही 903 00:43:05,920 --> 00:43:10,800 इलॉजिकल है। ये फैलेसी है। यानी आप ये कह 904 00:43:08,960 --> 00:43:13,199 रहे हैं कि यूनिवर्स के बनने से पहले खुदा 905 00:43:10,800 --> 00:43:15,200 क्या कर रहा था? टाइम के बनने से पहले 906 00:43:13,199 --> 00:43:17,199 पहले का ताल्लुक टाइम से है। टाइम उस वक्त 907 00:43:15,199 --> 00:43:21,088 था ही नहीं। तो ये सवाल ही इनवैलिड है 908 00:43:17,199 --> 00:43:21,088 खुदा के ताल्लुक से। [प्रशंसा] 909 00:43:21,760 --> 00:43:28,400 दूसरी चीज आर्गुमेंट ऑफ कंटिंजेंसी जो 910 00:43:25,199 --> 00:43:30,719 मैंने आपके सामने पेश की है। आपने बार-बार 911 00:43:28,400 --> 00:43:32,960 ये प्रूफ किया और ये कह रहे हैं कि गॉड ऑफ 912 00:43:30,719 --> 00:43:34,639 गैप्स। देखिए पहले नहीं मालूम था साइंस ने 913 00:43:32,960 --> 00:43:37,358 कर दिया। सिंपल इसकी मिसाल से मैं समझा 914 00:43:34,639 --> 00:43:40,639 देता हूं। जिस गैप्स की आप बात कर रहे हैं 915 00:43:37,358 --> 00:43:43,838 ना साइंस उन गैप्स को जिन चीज के जरिए भी 916 00:43:40,639 --> 00:43:47,279 प्रूव करेगा वो कंटिंजेंट ही होगा। अब 917 00:43:43,838 --> 00:43:49,759 चाहे वो फोर्स हो, मैटर हो या एनर्जी हो। 918 00:43:47,280 --> 00:43:52,560 लिहाजा सवाल हमारा उस वक्त भी वैलिड होगा 919 00:43:49,760 --> 00:43:54,800 जब तक कि आप नेसेसरी बीइंग पे ना आ जाएं। 920 00:43:52,559 --> 00:43:57,920 और इनफिनिट रिग्रेस पॉसिबल नहीं है ऑफ 921 00:43:54,800 --> 00:44:00,400 कॉजेस इन प्रैक्टिकल वर्ल्ड। तो जाहिर है 922 00:43:57,920 --> 00:44:04,880 कहीं रुकना पड़ेगा। जहां रुकेंगे वही खुदा 923 00:44:00,400 --> 00:44:09,720 है। दूसरी चीज़ आपने 924 00:44:04,880 --> 00:44:09,720 ये कहा क्या कह रहा था मैं? किस पॉइंट को? 925 00:44:15,039 --> 00:44:18,519 जस्ट जस्ट जस्ट 926 00:44:19,039 --> 00:44:24,639 हां जहां रुकेंगे वही खुदा है। बहरहाल तो 927 00:44:22,159 --> 00:44:28,799 टाइम का जिक्र हो गया। गॉड ऑफ़ गैप सॉरी या 928 00:44:24,639 --> 00:44:32,318 इसकी एक मिसाल आप ले लें। एक कार है। एक 929 00:44:28,800 --> 00:44:34,640 साहब ने देखा कि भाई कार जो है उसके 930 00:44:32,318 --> 00:44:38,079 व्हील्स कितने अच्छे लगे हुए हैं। सही जगह 931 00:44:34,639 --> 00:44:41,679 पे स्टीयरिंग जो है कितने अच्छे जगह पे 932 00:44:38,079 --> 00:44:44,720 लगी हुई है। और सीट्स कितने वेल डिज़ है। 933 00:44:41,679 --> 00:44:46,879 कितनी प्रिसाइजली ये कार काम कर रही है। 934 00:44:44,719 --> 00:44:48,799 तो जरूर कोई ना कोई इसे क्रिएट किया है। 935 00:44:46,880 --> 00:44:50,960 किसी ने क्रिएट किया है। अब जावेद साहब आए 936 00:44:48,800 --> 00:44:53,200 और कहे अरे जनाब बोननेट खोलिए। इसमें इंजन 937 00:44:50,960 --> 00:44:55,280 है। इंजन इस कार को चला रहा है। हेंस 938 00:44:53,199 --> 00:44:59,039 प्रूव्ड नो वन हैज़ क्रिएटेड द कार। दिस इज़ 939 00:44:55,280 --> 00:45:04,800 इलॉजिकल। दिस इज़ इरशनल। आपने इंजन के जरिए 940 00:44:59,039 --> 00:45:08,000 उस गैप को तो साबित किया लेकिन क्या उससे 941 00:45:04,800 --> 00:45:10,640 कार की जो क्रिएशन है और उसका जो क्रिएटर 942 00:45:08,000 --> 00:45:13,519 है ये इंपॉसिबल हो जाए ऐसा पॉसिबल है उसका 943 00:45:10,639 --> 00:45:16,078 सवाल खत्म हो जाए ऐसा पॉसिबल है नहीं आपने 944 00:45:13,519 --> 00:45:18,960 गैप्स को फिल करके कंटिंजेंट चीजों से 945 00:45:16,079 --> 00:45:21,680 गैप्स को फिल करके हमारे ऑब्जरवेशन को और 946 00:45:18,960 --> 00:45:24,000 ब्रॉड कर दिया अब हमें और पता चल गया कि 947 00:45:21,679 --> 00:45:25,759 ये जो कार है इसका सिस्टम कितना ज्यादा 948 00:45:24,000 --> 00:45:27,760 कॉम्प्लेक्स है। पहले कम समझते थे। अब 949 00:45:25,760 --> 00:45:29,839 कॉम्प्लेक्सिटी और ज्यादा वाज़ हो गई। अब 950 00:45:27,760 --> 00:45:32,160 हमें समझ में आ रहा है कि हमारी सर्टेनिटी 951 00:45:29,838 --> 00:45:34,078 और बढ़ गई कि जरूर इस कार को किसी ना किसी 952 00:45:32,159 --> 00:45:36,639 ने बनाया। यही मामला यूनिवर्स का है। 953 00:45:34,079 --> 00:45:38,960 साइंस हमेशा फिजिकल वर्ल्ड की चीजों को ही 954 00:45:36,639 --> 00:45:40,799 फिल करती जाएगी और फिजिकल चीजों से ही 955 00:45:38,960 --> 00:45:43,039 करती जाएगी। चूंकि एंपेरिकल एविडेंस का 956 00:45:40,800 --> 00:45:45,519 ताल्लुक फिजिकल वर्ल्ड से है। आप साइंस के 957 00:45:43,039 --> 00:45:47,440 जरिए मेटाफिजिकल रियलिटी को कभी साबित 958 00:45:45,519 --> 00:45:49,759 नहीं कर सकते। ये रॉन्ग टूल का इस्तेमाल 959 00:45:47,440 --> 00:45:52,000 करना है। यह वही काम है कि आप मेटल 960 00:45:49,760 --> 00:45:55,616 डिटक्टर से प्लास्टिक डिटक्टर करने चलें 961 00:45:52,000 --> 00:45:57,635 जो कि जाहिर है सही नहीं है। थैंक यू। 962 00:45:55,615 --> 00:45:57,635 [प्रशंसा] 963 00:45:59,920 --> 00:46:03,760 जी। 964 00:46:01,679 --> 00:46:05,199 ये आर्गुमेंट का राउंड टू है। 965 00:46:03,760 --> 00:46:07,359 सात मिनट। 966 00:46:05,199 --> 00:46:09,519 पहले तो मैं आपसे अर्ज करूं कि आपने कहा 967 00:46:07,358 --> 00:46:11,679 कि जब कायनात ही नहीं थी तो वक्त भी नहीं 968 00:46:09,519 --> 00:46:13,358 था, कुछ भी नहीं था। कैसे नहीं था? खुदा 969 00:46:11,679 --> 00:46:16,239 था। 970 00:46:13,358 --> 00:46:19,519 एक एक्सिस्टेंट तो था ना खुदा का तो जब 971 00:46:16,239 --> 00:46:22,479 खुदा था तो व भी होगा। ऐसा नहीं है कि कुछ 972 00:46:19,519 --> 00:46:24,480 भी नहीं था। खुदा था। अच्छा बाकी है कि 973 00:46:22,480 --> 00:46:26,559 आपने कहा साहब आप साबित कीजिए। आपके पास 974 00:46:24,480 --> 00:46:28,480 भी लॉजिक है या मेरे पास भी लॉजिक है आप 975 00:46:26,559 --> 00:46:31,759 मेरा जिम्मेदारी नहीं है साबित करना कि 976 00:46:28,480 --> 00:46:33,440 खुदा है। बर्टन रसेल ने बड़ी अच्छी बात 977 00:46:31,760 --> 00:46:35,599 कही। 978 00:46:33,440 --> 00:46:38,480 बर्टन रसेल ने बड़ी अच्छी बात कही है। मैं 979 00:46:35,599 --> 00:46:40,720 आपसे अगर यह दावा करूं कि चाय की केतली 980 00:46:38,480 --> 00:46:43,280 मिररी के चारों तरफ घूम रही है मार्स के 981 00:46:40,719 --> 00:46:45,519 चारों तरफ तो ये आपका काम नहीं है कि आप 982 00:46:43,280 --> 00:46:47,760 साबित करें कि कोई चाय की केतली नहीं है। 983 00:46:45,519 --> 00:46:50,239 ये मेरा काम है। मैंने दावा किया है। ये 984 00:46:47,760 --> 00:46:52,560 दावा तो मजहबी लोग करते हैं कि खुदा है। 985 00:46:50,239 --> 00:46:54,159 मैं क्यों साबित करूं कि नहीं है? जब तक 986 00:46:52,559 --> 00:46:56,400 आप मुझे कंफस नहीं कर देंगे मैं नहीं 987 00:46:54,159 --> 00:46:59,199 मानूंगा। 988 00:46:56,400 --> 00:47:01,519 आपकी जिम्मेदारी है। मेरी जिम्मेदारी नहीं 989 00:46:59,199 --> 00:47:04,879 है। 990 00:47:01,519 --> 00:47:08,000 दो यह कि यह जो आप कह रहे हैं जो गैप्स है 991 00:47:04,880 --> 00:47:11,760 ये गैप्स जब जब किसी मजहब को चैलेंज करते 992 00:47:08,000 --> 00:47:15,280 हैं। जब ऐसा कोई बात आती है तो हंगामा हो 993 00:47:11,760 --> 00:47:20,400 जाता है। के जब वो चैलेंज करें किसी फेथ 994 00:47:15,280 --> 00:47:24,880 को ये तमाम साइन जो है इसे मुख्तलिफ जगहों 995 00:47:20,400 --> 00:47:27,838 पे मुख्तलिफ वक्तों में मजहब ने रोकने की 996 00:47:24,880 --> 00:47:32,000 कोशिश की है। ये किताब है रिलजन एंड साइंस 997 00:47:27,838 --> 00:47:35,279 बटर की पढ़िएगा अच्छी लगेगी आपको। तारीख 998 00:47:32,000 --> 00:47:39,519 ही है साइंस मजहब की साइंस से उसका यही 999 00:47:35,280 --> 00:47:42,319 रिश्ता है। अच्छा अब ये हम सोचे कि बहाल 1000 00:47:39,519 --> 00:47:45,199 ये वजूद जो है मजहब और ये बिलीफ इन गॉड 1001 00:47:42,318 --> 00:47:47,358 इंसान को बेहतर बना देता है। तो एक काम 1002 00:47:45,199 --> 00:47:49,759 कीजिए हिंदुस्तान वर्ल्ड का नक्शा लीजिए 1003 00:47:47,358 --> 00:47:52,880 और मार्क कीजिए कि रिलजन कहां-कहां ज्यादा 1004 00:47:49,760 --> 00:47:55,760 है। कहां-कहां चाहे वो लैटिन अमेरिका हो 1005 00:47:52,880 --> 00:47:57,838 या मिडिल ईस्ट हो या फस्ट हो या 1006 00:47:55,760 --> 00:48:01,680 हिंदुस्तान के वो इलाके जहां मजहबियत 1007 00:47:57,838 --> 00:48:05,440 ज्यादा है। रख दीजिए नक्शा अलग। अब दूसरा 1008 00:48:01,679 --> 00:48:08,879 नक्शा कि कहां-कहां नाइंसाफी, रिप्रेशन, 1009 00:48:05,440 --> 00:48:14,318 औरतों के हुकूक की पामाली, जुल्म, 1010 00:48:08,880 --> 00:48:18,160 डिक्टेटरशिप कहां है? नक्शा एक ही होगा। 1011 00:48:14,318 --> 00:48:20,559 तो आप मुझे बताएं के जो इसका तरकीब 1012 00:48:18,159 --> 00:48:23,118 इस्तेमाल क्या है? 1013 00:48:20,559 --> 00:48:25,358 खुदा का तरकीब इस्तेमाल तो बताइए। आप छोटी 1014 00:48:23,119 --> 00:48:27,838 सी दवा सड़क पे बेचते हैं उसकी भी तरकीब 1015 00:48:25,358 --> 00:48:31,119 इस्तेमाल बताते हैं। इसके इस्तेमाल से तो 1016 00:48:27,838 --> 00:48:34,400 फायदा ही नहीं हुआ किसी को। जो सारे के 1017 00:48:31,119 --> 00:48:37,519 सारे खराब मुल्क है, खराब समाज है वो सारे 1018 00:48:34,400 --> 00:48:39,838 जुल्म खुदा के नाम पे करते हैं। वो गलत 1019 00:48:37,519 --> 00:48:43,039 करते हैं, सही करते हैं। मुझे क्या लेना 1020 00:48:39,838 --> 00:48:45,599 देना उससे? इस्तेमाल से मालूम होता ना। एक 1021 00:48:43,039 --> 00:48:47,679 विस््की की बोतल कभी शायद देखी हो आपने। 1022 00:48:45,599 --> 00:48:49,519 लाल रंग की होती है। उस पे रोशनी और छिपड़ 1023 00:48:47,679 --> 00:48:52,399 इंतहाई खूबसूरत लगती है। क्या बिगाड़ रही 1024 00:48:49,519 --> 00:48:55,358 है किसी का? उसका इस्तेमाल गलत है। इसलिए 1025 00:48:52,400 --> 00:48:59,280 आप उसे नापसंद करते हैं। इसका इस्तेमाल 1026 00:48:55,358 --> 00:49:01,759 गलत है। इस तसवुर का 1027 00:48:59,280 --> 00:49:04,079 इस्तेमाल ही गलत है और हमेशा से गलत हुआ 1028 00:49:01,760 --> 00:49:05,760 है। आप देख लीजिए इंसानी तारीख देख लीजिए। 1029 00:49:04,079 --> 00:49:09,039 आज देख लीजिए हिंदुस्तान देख लीजिए। 1030 00:49:05,760 --> 00:49:11,599 दुनिया देख लीजिए। क्या हो रहा है? 1031 00:49:09,039 --> 00:49:15,199 इसे कैसे इस्तेमाल कर रहे हैं? फेथ वाले 1032 00:49:11,599 --> 00:49:18,000 लोग क्या फेयर हैं? जस्ट हैं जो अपने 1033 00:49:15,199 --> 00:49:19,358 खुदाओं पे यकीन रखते हैं। वो किस तरह के 1034 00:49:18,000 --> 00:49:21,838 लोग हैं? 1035 00:49:19,358 --> 00:49:24,558 वो लोगों को इंसाफ देते हैं। वो बेहतर 1036 00:49:21,838 --> 00:49:26,239 इंसान बने। तो इस दवा का फायदा क्या है? 1037 00:49:24,559 --> 00:49:29,200 चलो बहुत फायदा हो रहा तो मैं इस्तेमाल कर 1038 00:49:26,239 --> 00:49:32,399 लूंगा। मुझे तो इस दवा का कोई फायदा दिखता 1039 00:49:29,199 --> 00:49:35,598 ही नहीं। मुझे तो ऐसा लगता मैं एक और बात 1040 00:49:32,400 --> 00:49:38,400 बताऊं। अगर कोई आदमी मजहबी है और अच्छा 1041 00:49:35,599 --> 00:49:40,559 आदमी है तो मैं उसकी बहुत इज्जत करता हूं। 1042 00:49:38,400 --> 00:49:42,880 इसलिए कि मेरा ख्याल है मजहबी आदमी का 1043 00:49:40,559 --> 00:49:47,200 अच्छा होना मुझसे अच्छा होने से ज्यादा 1044 00:49:42,880 --> 00:49:49,440 मुश्किल है। भाई हर चीज की एक लिमिट है। 1045 00:49:47,199 --> 00:49:51,679 आप इतना भाग सकते हैं, इतना नहीं भाग 1046 00:49:49,440 --> 00:49:54,000 सकते। इतना वजन उठा सकते, इतना नहीं उठा 1047 00:49:51,679 --> 00:49:56,159 सकते। इतना दूर देख सकते हैं, इतना दूर 1048 00:49:54,000 --> 00:49:59,920 नहीं देख सकते। उसी तरह कॉमन सेंस कहता है 1049 00:49:56,159 --> 00:50:03,598 कि आप में नेकी का भी एक कोटा होगा। अब आप 1050 00:49:59,920 --> 00:50:05,519 अगर सुबह जाते हैं अपनी इबादतगाह और इबादत 1051 00:50:03,599 --> 00:50:07,599 करते हैं तो बाहर निकलते हैं तो आप तो यही 1052 00:50:05,519 --> 00:50:09,759 महसूस करते हैं कि आपने बहुत अच्छा काम 1053 00:50:07,599 --> 00:50:11,680 किया। आपकी नेकी का एक बहुत बड़ा कोटा 1054 00:50:09,760 --> 00:50:14,400 खर्च हो गया जिससे किसी का कोई फायदा नहीं 1055 00:50:11,679 --> 00:50:16,960 होगा। मैं तो नहीं जाता हूं तो मुझे तो 1056 00:50:14,400 --> 00:50:19,358 किसी को खाना खिलाना पड़ेगा। किसी बेवा की 1057 00:50:16,960 --> 00:50:22,720 मदद करनी पड़ेगी। मैं अपना कोटा कैसे 1058 00:50:19,358 --> 00:50:25,119 कंज्यूम करूं? आप अपना कोटा सारे मजहबी 1059 00:50:22,719 --> 00:50:27,838 लोग इंतहाई यूज़लेस कामों में यूज़ करते 1060 00:50:25,119 --> 00:50:31,374 हैं। उसके बाद भी अगर आप में बचती है थोड़ी 1061 00:50:27,838 --> 00:50:33,393 सी शराफत तो भाई वाह क्या बात है। 1062 00:50:31,373 --> 00:50:33,393 [प्रशंसा] 1063 00:50:35,599 --> 00:50:42,318 एक तो मुझे यह बात बहुत अच्छी लग रही है 1064 00:50:37,920 --> 00:50:46,240 कि दोनों ही विद्वान समय को मानते हैं और 1065 00:50:42,318 --> 00:50:48,800 बहुत समय से अपनी दलीलें और बाज दफा समय 1066 00:50:46,239 --> 00:50:51,838 से पहले अपनी तकरीरें पूरी करके अपनीपनी 1067 00:50:48,800 --> 00:50:54,559 कुर्सी पर बैठ रहे हैं। ये इस आर्गुमेंट 1068 00:50:51,838 --> 00:50:56,078 का राउंड टू पूरा हुआ। अब रिबर्टल का 1069 00:50:54,559 --> 00:50:59,359 राउंड टू है और उसके बाद क्रॉस 1070 00:50:56,079 --> 00:51:03,839 एग्जामिनेशन होगा। 1071 00:50:59,358 --> 00:51:06,078 नहीं आपका आर्गुमेंट हो गया सर। 1072 00:51:03,838 --> 00:51:08,239 हमारे यहां स्कूल के सिलेबस में पंच 1073 00:51:06,079 --> 00:51:10,480 परमेश्वर कहानी पढ़ाई जाती है प्रेमचंद जी 1074 00:51:08,239 --> 00:51:12,558 की लिखी हुई। आप निश्चिंत रहिए। आपके कोई 1075 00:51:10,480 --> 00:51:17,079 राउंड मैं मिस नहीं होने दूंगा। रिबटल का 1076 00:51:12,559 --> 00:51:17,079 राउंड टू मुफ्ती शमाल नदी साहब। 1077 00:51:19,679 --> 00:51:24,558 असल में जो हकीकी प्रॉब्लम है असल 1078 00:51:22,000 --> 00:51:27,760 प्रॉब्लम है वो यह है कि जावेद साहब के 1079 00:51:24,559 --> 00:51:30,559 पास कासेप्ट ऑफ गॉड क्लियर नहीं है। 1080 00:51:27,760 --> 00:51:34,880 इन्होंने कहा कि कायनात से पहले खुदा तो 1081 00:51:30,559 --> 00:51:38,160 था तब भी तो टाइम होगा कि खुद कायनात टाइम 1082 00:51:34,880 --> 00:51:40,400 कायनात का हिस्सा है। हम खुदा उस खुदा को 1083 00:51:38,159 --> 00:51:42,480 मानते हैं। नेसेसरी बीइंग का टाइमलेस होना 1084 00:51:40,400 --> 00:51:44,480 जरूरी है। क्योंकि वो टाइम का क्रिएटर है। 1085 00:51:42,480 --> 00:51:46,639 जब उसने टाइम को क्रिएट किया तो वो खुद 1086 00:51:44,480 --> 00:51:48,719 टाइम पे कैसे होगा? उसने जब स्पेस को 1087 00:51:46,639 --> 00:51:51,118 क्रिएट किया तो खुद स्पेस में कैसे होगा? 1088 00:51:48,719 --> 00:51:52,879 अगर वो टाइम एंड स्पेस को पहले से ही उस 1089 00:51:51,119 --> 00:51:55,920 का पाबंद है तो फिर किस चीज को उसने 1090 00:51:52,880 --> 00:51:58,559 क्रिएट किया? लिहाजा ये सवाल गलत है के 1091 00:51:55,920 --> 00:52:00,960 खुदा था तो टाइम होगा। बिल्कुल नहीं। टाइम 1092 00:51:58,559 --> 00:52:02,319 के पाबंद हम है खुदा नहीं है। हम फिजिकल 1093 00:52:00,960 --> 00:52:04,800 वर्ल्ड से ताल्लुक रखते हैं। वो 1094 00:52:02,318 --> 00:52:06,800 मेटाफिजिकल रियलिटी है। दूसरी चीज 1095 00:52:04,800 --> 00:52:08,559 इन्होंने मिसाल दी कि चाय की केतली हवा 1096 00:52:06,800 --> 00:52:10,160 में घूम रही होगी और पता नहीं शायद वो 1097 00:52:08,559 --> 00:52:13,119 बर्टन रसेल का उन्होंने हवाला दिया। 1098 00:52:10,159 --> 00:52:15,440 बहरहाल यही प्रॉब्लम है। प्रॉब्लम यही है 1099 00:52:13,119 --> 00:52:17,680 कि हम चीजों के दरमियान डिफरेंशिएट नहीं 1100 00:52:15,440 --> 00:52:20,079 कर पाते हैं। ये जो आपने मिसाल दी ये 1101 00:52:17,679 --> 00:52:24,440 इमेजिनेशन है और मैं जो साबित कर रहा हूं 1102 00:52:20,079 --> 00:52:24,440 वो लॉजिकल नेसेसिटी है। 1103 00:52:24,690 --> 00:52:27,598 [प्रशंसा] 1104 00:52:25,280 --> 00:52:29,280 आप इमेजिन करने आए तो कुछ भी करें। जुपिटर 1105 00:52:27,599 --> 00:52:32,318 में पिंक एलीफेंट होगा, यूनिकॉर्न होगा 1106 00:52:29,280 --> 00:52:34,559 करें। उससे कायनात पे क्या फर्क पड़ता है? 1107 00:52:32,318 --> 00:52:37,199 उससे आप लॉजिकल नेसेसिटी साबित नहीं कर 1108 00:52:34,559 --> 00:52:39,359 सकते। मैं तो उस प्राइम कॉज की बात कर रहा 1109 00:52:37,199 --> 00:52:42,000 हूं। उस नेसेसरी बीइंग की बात कर रहा हूं 1110 00:52:39,358 --> 00:52:44,318 जिसके बगैर इस कायनात का एकिस्टेंस मुमकिन 1111 00:52:42,000 --> 00:52:46,079 नहीं है। दूसरी चीज मजहब को साइंस चैलेंज 1112 00:52:44,318 --> 00:52:48,800 करती है वगैरह-वगैरह ये हमारा टॉपिक ही 1113 00:52:46,079 --> 00:52:50,640 नहीं है। मैं मैं इस पे बात करूंगा तो फिर 1114 00:52:48,800 --> 00:52:54,720 मेरा वक्त चला जाएगा। मजहब के ऊपर क्योंकि 1115 00:52:50,639 --> 00:52:57,358 हमारी डिस्कशन नहीं है। साइंस को मजहब और 1116 00:52:54,719 --> 00:52:59,679 बिलखसूस मैं और हमारा वर्ल्ड व्यू कम से 1117 00:52:57,358 --> 00:53:01,759 कम साइंस को पीछा नहीं पीछे नहीं करता है। 1118 00:52:59,679 --> 00:53:04,318 साइंटिज्म की मज़म्मत करता है। इसकी वजाहत 1119 00:53:01,760 --> 00:53:06,640 मैंने पहले कर दी। दूसरी ची चीज इन्होंने 1120 00:53:04,318 --> 00:53:09,119 कहा वर्ल्ड का नक्शा लीजिए। वर्ल्ड मैप 1121 00:53:06,639 --> 00:53:11,838 लीजिए दो अलग-अलग जगह की। हजरत मैंने ये 1122 00:53:09,119 --> 00:53:14,318 होमवर्क किया था और मैंने मिडिल ईस्ट 1123 00:53:11,838 --> 00:53:18,719 मिडिल ईस्ट का एक नक्शा लिया और यूरोप का 1124 00:53:14,318 --> 00:53:21,599 एक नक्शा लिया। ये मजहबी इलाका और ये 1125 00:53:18,719 --> 00:53:25,605 लिबरल और एथस्ट इलाका। मुझे पता चला कि 1126 00:53:21,599 --> 00:53:27,626 सबसे ज्यादा रेप केसेस जो है वहां पर है। 1127 00:53:25,606 --> 00:53:27,626 [प्रशंसा] 1128 00:53:29,519 --> 00:53:33,519 मुझे ये पता चला यूएन की रिपोर्ट के 1129 00:53:31,679 --> 00:53:36,239 मुताबिक। मैं ये अपने घर से नहीं लेके आ 1130 00:53:33,519 --> 00:53:38,960 रहा कि जो वर्किंग वुमेन है यूरोपियन 1131 00:53:36,239 --> 00:53:41,279 कंट्रीज में उसमें 81% 1132 00:53:38,960 --> 00:53:43,947 वुमेन सेक्सुअल हरासमेंट का वर्क में जो 1133 00:53:41,280 --> 00:53:45,760 शुमार ये मिडिल ईस्ट में नहीं हो रहा है। 1134 00:53:43,947 --> 00:53:50,400 [प्रशंसा] वो मजहबी लोग हैं इसलिए नहीं हो 1135 00:53:45,760 --> 00:53:53,359 रहा है। दूसरी चीज आपने ये कहा के मजहबी 1136 00:53:50,400 --> 00:53:56,000 आदमी का अच्छा होना हमारे अच्छे होने से 1137 00:53:53,358 --> 00:53:58,880 बहुत मुश्किल है। बहुत मुश्किल है। तो 1138 00:53:56,000 --> 00:54:01,760 इसका मतलब ये है कि गॉड के अलावा आपके पास 1139 00:53:58,880 --> 00:54:04,480 अच्छे और बुरे का कोई स्टैंडर्ड है। मैं 1140 00:54:01,760 --> 00:54:06,319 चाहूंगा कि कन्वर्सेशनल स्टाइल वाले 1141 00:54:04,480 --> 00:54:09,547 डिस्कशन और सेगमेंट पे इसी पे बात कर लेते 1142 00:54:06,318 --> 00:54:09,547 हैं। थैंक यू वेरी मच। [प्रशंसा] 1143 00:54:13,440 --> 00:54:19,679 ये रिबर्टल का राउंड टू है। आपके पास 5 1144 00:54:16,719 --> 00:54:21,439 मिनट का वक्त है और इसके बाद क्रॉस 1145 00:54:19,679 --> 00:54:23,679 एग्जामिनेशन शुरू करेंगे। आप चाहे तो जो 1146 00:54:21,440 --> 00:54:24,639 इन्होंने सवाल पूछे उनके जवाब आप रिबर्टल 1147 00:54:23,679 --> 00:54:26,318 में भी दे सकते हैं। 1148 00:54:24,639 --> 00:54:29,440 जी 1149 00:54:26,318 --> 00:54:31,920 देखिए पहले तो ये बात कि ये मिसाल गलत 1150 00:54:29,440 --> 00:54:34,400 नहीं है। गलत है। इन्होंने पहले ही हमको 1151 00:54:31,920 --> 00:54:36,480 डिस्म कर दिया। कह अकल से मामला सॉल्व 1152 00:54:34,400 --> 00:54:38,559 नहीं हो सकता। लॉजिक से आप पहुंच नहीं 1153 00:54:36,480 --> 00:54:40,639 सकते। ये एक मेटाफिजिकल चीज है। 1154 00:54:38,559 --> 00:54:42,880 मेटाफिजिकल अजीब सा लब्ज़ है। ठीक से किसी 1155 00:54:40,639 --> 00:54:45,279 को माने नहीं मालूम इसके तो ऐसा लगता है 1156 00:54:42,880 --> 00:54:50,559 कुछ बड़ी चीज है। अरे भाई क्या होता है 1157 00:54:45,280 --> 00:54:53,680 मेटाफिजिकल? बताओ खड़ी हो। ये एक लफज़ है जो 1158 00:54:50,559 --> 00:54:55,359 कहीं भी इस्तेमाल हो जाता है। जब आप एक 1159 00:54:53,679 --> 00:54:57,519 बात कर रहे हैं और आप मुझसे बहस कर रहे 1160 00:54:55,358 --> 00:55:00,078 हैं तो मुझे मेटाफिजिकल मत बताइए। आप 1161 00:54:57,519 --> 00:55:02,318 लॉजिकली मुझे प्रूफ किए और अगर लॉजिकली आप 1162 00:55:00,079 --> 00:55:04,720 नहीं बात करते साहब ये मेटोफिजिकल है तो 1163 00:55:02,318 --> 00:55:07,920 फिर हम आप बात क्या कर रहे हैं मेरा आपका 1164 00:55:04,719 --> 00:55:10,639 किस जुबान में कन्वर्सेशन हुआ 1165 00:55:07,920 --> 00:55:12,318 और ये कहना कि वक्त पहले नहीं था तो फिर 1166 00:55:10,639 --> 00:55:16,799 क्यों कहते हैं ये हमेशा से और हमेशा 1167 00:55:12,318 --> 00:55:19,759 रहेगा हमेशा वक्त है तो आप कैसे कहते हैं 1168 00:55:16,800 --> 00:55:22,960 वो हमेशा से है और हमेशा रहेगा हमेशा का 1169 00:55:19,760 --> 00:55:25,760 मतलब है कोई वक्त अगर वक्त ही नहीं है तो 1170 00:55:22,960 --> 00:55:29,280 हमेशा कैसे 1171 00:55:25,760 --> 00:55:31,839 बहरहाल वो रहेगा। अब मैं ये देखता हूं। 1172 00:55:29,280 --> 00:55:34,720 आपने कहा ना कि वहां रेप ज्यादा होते हैं। 1173 00:55:31,838 --> 00:55:36,960 तो हम एक बात देखते हैं कि ये दुनिया 1174 00:55:34,719 --> 00:55:39,519 जिसमें वो कादरे मुतलक है। जिसकी मर्जी के 1175 00:55:36,960 --> 00:55:43,039 बगैर पत्ता भी नहीं हिलता वो ओमनीपोटेंट 1176 00:55:39,519 --> 00:55:47,199 है। ये दुनिया चल कैसे रही है? और इस 1177 00:55:43,039 --> 00:55:49,358 दुनिया का हाल क्या है? 45,000 1178 00:55:47,199 --> 00:55:54,000 बच्चे 1179 00:55:49,358 --> 00:55:56,239 जो 10 साल की उम्र से कम थे वो गदा में 1180 00:55:54,000 --> 00:55:59,838 मरे हैं। 1181 00:55:56,239 --> 00:56:02,719 भूख से काला हांडी में बच्चे मरते हैं और 1182 00:55:59,838 --> 00:56:05,838 डिप्थेरिया से मरते हैं। डिप्थेरिया अजीब 1183 00:56:02,719 --> 00:56:08,798 मर्ज़ है। गले में जाली मरना शुरू होती है। 1184 00:56:05,838 --> 00:56:11,920 बच्चा नीला हो जाता है। गरीब का बच्चा 1185 00:56:08,798 --> 00:56:14,480 इसलिए कि वो पास आती है। ये कादरे मुक है 1186 00:56:11,920 --> 00:56:16,639 जो चाहे कर दे। इससे आप दुआएं मांगते हैं 1187 00:56:14,480 --> 00:56:20,240 हमारी ये काम कर दे वो कर दे तो इसका मतलब 1188 00:56:16,639 --> 00:56:23,838 है डे टू डे लाइफ में वो इंटरफेयर करता है 1189 00:56:20,239 --> 00:56:26,558 और ये देख रहा है वो अगर वो वाकई भी है 1190 00:56:23,838 --> 00:56:28,318 फॉर डिस्कशन सेक तो मैं जब दुनिया देखता 1191 00:56:26,559 --> 00:56:32,284 हूं तो मेरे दिल में उसके लिए कोई इज्जत 1192 00:56:28,318 --> 00:56:33,279 नहीं पैदा होती क्या कर रहे हो तुम 1193 00:56:32,284 --> 00:56:37,760 [प्रशंसा] 1194 00:56:33,280 --> 00:56:40,640 पूरे ऑल पावरफुल हो ओमनीपोटेंट हो ओमनी 1195 00:56:37,760 --> 00:56:43,520 प्रेजेंट हो तुम तो वहां गदा में रहेगे ना 1196 00:56:40,639 --> 00:56:47,838 तुम हर जगह हो तुम देख रहे थे कि बच्चे की 1197 00:56:43,519 --> 00:56:50,239 कैसे धज्जियां उड़ गई। तुम देख रहे थे और 1198 00:56:47,838 --> 00:56:52,159 तुम चाहते हो मैं तुम्हारी परश कर तुम हो 1199 00:56:50,239 --> 00:56:54,239 भी। 1200 00:56:52,159 --> 00:56:59,138 अरे यार इससे अच्छे तो हमारे चीफ प्राइम 1201 00:56:54,239 --> 00:57:00,239 मिनिस्टर हैं। कुछ तो ख्याल करते हैं। 1202 00:56:59,139 --> 00:57:03,838 [हंसी] 1203 00:57:00,239 --> 00:57:07,838 आप किसकी इबादत कर रहे हैं? अगर वो है भी 1204 00:57:03,838 --> 00:57:11,679 यह दुनिया नाइंसाफी से जुल्म से जब्र से 1205 00:57:07,838 --> 00:57:14,960 तशद्दुद से भरी हुई है और आप ये मत कहिएगा 1206 00:57:11,679 --> 00:57:16,879 कि वो देख रहा है और वो बताएगा एक दिन अगर 1207 00:57:14,960 --> 00:57:19,838 वो देख रहा है और इंटरफेयर नहीं करता तो 1208 00:57:16,880 --> 00:57:22,480 आप दुआ क्यों मांगते आप कहते हैं मेरा ये 1209 00:57:19,838 --> 00:57:26,159 काम करा दे इसका मतलब है वो दखल दे सकता 1210 00:57:22,480 --> 00:57:29,039 है वो आपको नौकरी दिलवा सकता है भले दूसरे 1211 00:57:26,159 --> 00:57:31,838 आदमी को ना मिले मगर आपका काम कर देगा 1212 00:57:29,039 --> 00:57:34,239 क्योंकि आपने दुआ मांगी है तो तो जब वो 1213 00:57:31,838 --> 00:57:36,719 आपको नौकरी दिला सकता है, लड़की की शादी 1214 00:57:34,239 --> 00:57:39,519 कर सकता है, बेटे को ग्रीन कार्ड दिलवा 1215 00:57:36,719 --> 00:57:42,078 सकता है तो कम से कम ये जो मर रहे हैं 1216 00:57:39,519 --> 00:57:44,798 बच्चे इनको रोकते हैं। कुछ तो करें। मुझे 1217 00:57:42,079 --> 00:57:47,200 तो दुनिया में इस दुनिया का कोई मालिक है। 1218 00:57:44,798 --> 00:57:51,440 इसका ओमनीपोटेंट 1219 00:57:47,199 --> 00:57:55,439 कोई रूलर है। और ये दुनिया ऐसी चल रही है। 1220 00:57:51,440 --> 00:57:59,400 मैं तो चाहूंगा कि भाई ना हो। अगर हो तो 1221 00:57:55,440 --> 00:58:01,420 बड़ी शर्मिंदगी की बात है। शुक्रिया। 1222 00:57:59,400 --> 00:58:01,420 [प्रशंसा] 1223 00:58:03,358 --> 00:58:11,358 देवियों और सज्जनों इस बहस के दो राउंड और 1224 00:58:07,119 --> 00:58:14,000 दो रिबटल पूरे हो चुके हैं। अब सबसे जरूरी 1225 00:58:11,358 --> 00:58:17,519 और सबसे मुश्किल राउंड शुरू हो रहा है 1226 00:58:14,000 --> 00:58:20,719 क्रॉस एग्जामिनेशन का। अब इन विद्वानों की 1227 00:58:17,519 --> 00:58:24,400 सज्जनता की एक परख भी होगी और वक्त हमने 1228 00:58:20,719 --> 00:58:26,399 16 मिनट का तय किया है। अह पहला सवाल आप 1229 00:58:24,400 --> 00:58:28,079 पूछना चाहेंगे? 1230 00:58:26,400 --> 00:58:30,184 जी बिलकुल। 1231 00:58:28,079 --> 00:58:30,880 पहले बोले 1232 00:58:30,184 --> 00:58:34,400 [हंसी] 1233 00:58:30,880 --> 00:58:37,640 आप माइक ले लीजिएगा हाथ में 1234 00:58:34,400 --> 00:58:37,639 नीचे से 1235 00:58:38,880 --> 00:58:44,079 जी मैं मैं 1236 00:58:41,838 --> 00:58:47,078 ये डाइस हटा सकते हैं क्या हम थोड़ा 1237 00:58:44,079 --> 00:58:47,079 क्विकली 1238 00:58:47,838 --> 00:58:53,679 डाइस पीछे कर दीजिए बस थोड़ा सा ताकि ये जो 1239 00:58:51,280 --> 00:58:56,559 दाएं बाएं लोग बैठे हैं इसे हटा ही दीजिए 1240 00:58:53,679 --> 00:58:57,440 अब हम वहां तो जाने वाले नहीं आराम से 1241 00:58:56,559 --> 00:59:01,079 आराम 1242 00:58:57,440 --> 00:59:01,079 दोनों तरफ से 1243 00:59:08,000 --> 00:59:14,239 इस बीच आप लोग भी अपनेप सवाल तैयार कर 1244 00:59:10,960 --> 00:59:16,720 लें। ये ध्यान रखेंगे कि मैं यहां से सवाल 1245 00:59:14,239 --> 00:59:20,159 लूंगा। आप लोगों को अपना हाथ ऊपर करना है। 1246 00:59:16,719 --> 00:59:22,879 अपना नाम बताना है और अधिकतम तीन वाक्यों 1247 00:59:20,159 --> 00:59:25,279 में अपना सवाल पूरा करना है। कई लोग सवाल 1248 00:59:22,880 --> 00:59:27,039 की जगह भाषण देने लगते हैं। उससे आज बचना 1249 00:59:25,280 --> 00:59:30,079 है। 1250 00:59:27,039 --> 00:59:31,838 जी मुफ्ती साहब पहला सवाल आपका 16 मिनट है 1251 00:59:30,079 --> 00:59:35,200 हम दोनों लोगों के सवाल जी 1252 00:59:31,838 --> 00:59:36,960 जी बहुत शुक्रिया आप आपकी जो अभी बात हुई 1253 00:59:35,199 --> 00:59:40,719 बहुत अहम थी मैं इसको चाहूंगा कि आगे 1254 00:59:36,960 --> 00:59:42,720 डिस्कस करूं लेकिनकि अभी इस वो सेगमेंट है 1255 00:59:40,719 --> 00:59:46,879 क्रॉस एग्जामिनेशन 1256 00:59:42,719 --> 00:59:49,838 तो सबसे पहला सवाल आपसे ये है कि जो मैं 1257 00:59:46,880 --> 00:59:51,599 इतनी देर से कॉन्टिंजेंसी आर्गुमेंट आपको 1258 00:59:49,838 --> 00:59:55,440 बता रहा था ये अक्कल से ही बता रहा था 1259 00:59:51,599 --> 00:59:57,760 हजरत आप ये बताएं के आप इनफिनिट रिग्रेस 1260 00:59:55,440 --> 00:59:59,280 ऑफ कॉज को पॉसिबल मानते हैं या नेसेसरी 1261 00:59:57,760 --> 01:00:01,440 बीइंग के एक्सिस्टेंस को सही समझते हैं। 1262 00:59:59,280 --> 01:00:02,079 क्योंकि दो ही ऑप्शन हो सकता है। आप ये 1263 01:00:01,440 --> 01:00:04,240 बताएं। 1264 01:00:02,079 --> 01:00:06,480 देखिए आपको मैं ईमानदारी से बात करूंगा। 1265 01:00:04,239 --> 01:00:09,199 एक तो मैं कॉन्टिजेंसी वर्ड ठीक से समझता 1266 01:00:06,480 --> 01:00:12,240 हूं और इस वक्त भी जो आपने अंग्रेजी के 1267 01:00:09,199 --> 01:00:14,798 अल्फाज़ इस्तेमाल किए वो जरा थोड़े से मुझे 1268 01:00:12,239 --> 01:00:16,719 डिफिकल्ट और कॉम्प्लिकेटेड लगे। तो आप जरा 1269 01:00:14,798 --> 01:00:18,318 सिंपल सवाल में ये सवाल कर सकते हैं। 1270 01:00:16,719 --> 01:00:20,558 बिल्कुल कर सकता हूं। जी 1271 01:00:18,318 --> 01:00:22,558 यूनिवर्स की हर चीज कंटिंजेंट होने का 1272 01:00:20,559 --> 01:00:25,040 मतलब ये है कि वो अपने एक्सिस्टेंस में 1273 01:00:22,559 --> 01:00:27,760 किसी के ऊपर डिपेंडेंट है। जो भी चीज 1274 01:00:25,039 --> 01:00:30,239 डिपेंडेंट होगी वो चीज इंडिपेंडेंट नहीं 1275 01:00:27,760 --> 01:00:32,480 हो सकती तो उसका कोई ना कोई कॉज होगा। तो 1276 01:00:30,239 --> 01:00:35,199 अब आप क्या समझते हैं कि ये इनफिनिट 1277 01:00:32,480 --> 01:00:37,920 रिग्रेस है यानी कॉज पर कॉज कॉज पर कॉज 1278 01:00:35,199 --> 01:00:39,679 कॉज पर कॉज और कभी कोई यानी एंडलेसली चलता 1279 01:00:37,920 --> 01:00:41,920 रहा। क्योंकि अगर ऐसा होगा तो हम तो 1280 01:00:39,679 --> 01:00:44,399 एक्सिस्टेंस में आते ही नहीं। लॉजिकली ये 1281 01:00:41,920 --> 01:00:47,358 मुत्तफक अल चीज है। मुत्तफक अल अग्रीड 1282 01:00:44,400 --> 01:00:49,519 अपॉन ओके 1283 01:00:47,358 --> 01:00:50,960 इस पे हमने एग्री किया था कि मुश्किल शब्द 1284 01:00:49,519 --> 01:00:52,960 आएगा तो अर्थ बताना पड़ेगा। 1285 01:00:50,960 --> 01:00:54,880 तो इनफिनिट रिग्रेस तो पॉसिबल नहीं है। तो 1286 01:00:52,960 --> 01:00:55,920 कहीं ना कहीं आपको रुकना पड़ेगा ऐसे 1287 01:00:54,880 --> 01:00:58,079 नेसेसिटी पर। 1288 01:00:55,920 --> 01:01:00,960 नहीं कोई जरूरत नहीं रुकने की। किसने कहा 1289 01:00:58,079 --> 01:01:03,839 रुकना पड़ेगा? आप रुकते हैं वो होता है। 1290 01:01:00,960 --> 01:01:07,199 आप नहीं रुकते। आप कहते हैं वो हमेशा से 1291 01:01:03,838 --> 01:01:10,159 है। जब उस वक्त से है जब वक्त नहीं था। आप 1292 01:01:07,199 --> 01:01:12,318 कहां रुकते हैं? कि अब हुआ था वो। आप नहीं 1293 01:01:10,159 --> 01:01:16,078 कहते। हम क्यों नहीं मान सकते कि यूनिवर्स 1294 01:01:12,318 --> 01:01:20,318 जो है और बल्कि मल्टीिवर्स जो है वो हमेशा 1295 01:01:16,079 --> 01:01:23,920 से है वो बनती है सब एक हमारे यहां एक चीज 1296 01:01:20,318 --> 01:01:26,880 है ब्लैक होल वो समेट लेता है वापस फिर 1297 01:01:23,920 --> 01:01:28,880 ब्लास्ट होता है फिर फैल जाता है और इसमें 1298 01:01:26,880 --> 01:01:32,720 हमारी तो खैर कोई औकात ही नहीं है इंसान 1299 01:01:28,880 --> 01:01:36,000 की एक छोटे से दर्रे पे हम 50 60 साल की 1300 01:01:32,719 --> 01:01:39,199 उम्र रखते हैं जो करोरा अरबों साल की 1301 01:01:36,000 --> 01:01:43,760 कायनात हो उसमें और पैदा भी निहायती 1302 01:01:39,199 --> 01:01:47,358 बेहूदा वजह से हुए थे। तो तो इसमें ये 1303 01:01:43,760 --> 01:01:49,680 सोचना कि इसकी वजूहात और ये क्यों है? ये 1304 01:01:47,358 --> 01:01:52,078 डिपेंडेंट है। ये हम देख रहे हैं। क्या 1305 01:01:49,679 --> 01:01:55,838 मालूम? आप सोचिए कि ये जो फैल रही है 1306 01:01:52,079 --> 01:01:58,240 कायनात ये कहां फैल रही है? ये कहां जा 1307 01:01:55,838 --> 01:02:00,639 रही है? और ये फैल क्यों रही है? अरे बना 1308 01:01:58,239 --> 01:02:03,519 ली थी तुमने। रुको भैया हमें काफी है। ये 1309 01:02:00,639 --> 01:02:05,759 फैल क्यों रही है? ये और कौन सी कायनात? 1310 01:02:03,519 --> 01:02:08,480 जिसे मैं दूरबीन से देखता हूं तो दो 1311 01:02:05,760 --> 01:02:11,680 बिलियन लाइट ईयर पे है। उससे मेरा कोई 1312 01:02:08,480 --> 01:02:16,480 वास्ता ही नहीं है। दो बिलियन ईयर यानी 1313 01:02:11,679 --> 01:02:19,440 अगर मैं 80 थाउजेंड माइल्स पर सेकंड से 1314 01:02:16,480 --> 01:02:23,039 चलूं तो 20 करोड़ साल में वहां पहुंच 1315 01:02:19,440 --> 01:02:25,200 जाऊंगा। इसकी जरूरत क्या थी? ये दुनिया ये 1316 01:02:23,039 --> 01:02:27,759 कायनात तो इंसान अशरफुल मखलूकात के लिए 1317 01:02:25,199 --> 01:02:31,199 बनाई गई ना। तो ये सब 1318 01:02:27,760 --> 01:02:35,599 टर्म समझ में नहीं आया। 1319 01:02:31,199 --> 01:02:38,399 इसमें कोई खास समझने वाली बात थी नहीं। 1320 01:02:35,599 --> 01:02:40,480 ये जो अल्टीमेट कहा ये जाता है कि ये जो 1321 01:02:38,400 --> 01:02:42,000 पूरी यूनिवर्स है ये जो दुनिया है ये 1322 01:02:40,480 --> 01:02:44,240 इंसान के लिए बनाई गई। 1323 01:02:42,000 --> 01:02:44,880 अच्छा ये सब इंसान के लिए क्यों साहब सही 1324 01:02:44,239 --> 01:02:46,719 है ना? 1325 01:02:44,880 --> 01:02:48,960 बिल्कुल लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि किसी 1326 01:02:46,719 --> 01:02:51,199 चीज के पीछे रीज़ आपको नहीं पता तो रीज़ 1327 01:02:48,960 --> 01:02:53,280 नहीं है। इसे कहते हैं 1328 01:02:51,199 --> 01:02:55,279 मुझे मुझे नहीं पता। लेकिन मेरी 1329 01:02:53,280 --> 01:02:58,559 जिम्मेदारी नहीं है। वो बिल्कुल सही कहा 1330 01:02:55,280 --> 01:03:01,440 था उसने। बल्टन रसल ने। आपने उसे मजाक में 1331 01:02:58,559 --> 01:03:03,839 टाल दिया कि भाई आप एक दावा कर रहे हैं। 1332 01:03:01,440 --> 01:03:06,400 मैं क्यों कहूं कि ये गलत है दावा। आप 1333 01:03:03,838 --> 01:03:09,358 प्रूफ कीजिए। मेरे पे जिम्मेदारी ही नहीं 1334 01:03:06,400 --> 01:03:10,240 है। मैंने थोड़ी कहा है। आप प्रूफ कीजिए 1335 01:03:09,358 --> 01:03:12,480 कि यह सही है। 1336 01:03:10,239 --> 01:03:13,679 आप आर्गुमेंट ऑफ कंटजेंसी का जवाब सवाल 1337 01:03:12,480 --> 01:03:17,280 पूछना चाहेंगे? 1338 01:03:13,679 --> 01:03:19,199 आप सवाल पूछना चाहेंगे मुफ्ती साहब से? 1339 01:03:17,280 --> 01:03:21,359 क्योंकि ये क्रॉस एग्जामिनेशन का दौर है। 1340 01:03:19,199 --> 01:03:24,000 आप जैसे पहले बोल रहे थे फेथ को लेके कुछ? 1341 01:03:21,358 --> 01:03:26,159 मैं ये पूछना चाहूंगा कि खुदा ने जो भी 1342 01:03:24,000 --> 01:03:28,639 रेवोलेशन किए है एक मजहब के नहीं बहुत से 1343 01:03:26,159 --> 01:03:31,358 मजहबों में किए है अलग-अलग रेवोलशन है। 1344 01:03:28,639 --> 01:03:34,879 कहीं कुछ एक बातें हैं कंट्राडिक्शन भी है 1345 01:03:31,358 --> 01:03:37,838 आपस में कहीं कुछ आप कर सकते हैं कहीं कुछ 1346 01:03:34,880 --> 01:03:42,079 नहीं कर सकते। ऐसा नहीं है कि सबकी कोड ऑफ़ 1347 01:03:37,838 --> 01:03:44,798 मोरल एक है। तो 1348 01:03:42,079 --> 01:03:47,839 ये 1349 01:03:44,798 --> 01:03:50,079 किस्सा क्या है? अब आप ये देखिए कि मुझे 1350 01:03:47,838 --> 01:03:51,440 कभी-कभी लगता है कि ये जो फुटबॉल फाइनल 1351 01:03:50,079 --> 01:03:53,519 होता है 1352 01:03:51,440 --> 01:03:56,079 लाखों लोग होते हैं। फिर वो टीवी कवर करती 1353 01:03:53,519 --> 01:04:00,719 करोड़ों लोग। अगर उसमें खुदा की एक घूम 1354 01:03:56,079 --> 01:04:03,280 आवाज आ जाती मैं गॉड हूं। तो सारे लोग अभी 1355 01:04:00,719 --> 01:04:06,239 सुन लेते और टीवी पे भी सुन लेते किस्सा 1356 01:04:03,280 --> 01:04:09,760 खत्म होता। ये इतनी राजदारी क्या है कि 1357 01:04:06,239 --> 01:04:12,078 तुम सामने कुछ तो सबूत दे दो हमें। सॉलिड 1358 01:04:09,760 --> 01:04:14,559 ये कह साहब ये यूनिवर्स कैसे बनेगा? इससे 1359 01:04:12,079 --> 01:04:17,599 मसला क्या हल होगा? मैं पूछूंगा आपसे खुदा 1360 01:04:14,559 --> 01:04:20,000 कैसे बना? क्यों नहीं पूछूंगा? कैसे बना? 1361 01:04:17,599 --> 01:04:22,720 बल्कि वो तो कायनात से कहीं ज्यादा 1362 01:04:20,000 --> 01:04:26,400 इंटेलिजेंट है। कायनात से कहीं ज्यादा जी 1363 01:04:22,719 --> 01:04:30,719 वो हमेशा से सही आप कहेंगे मैं मान लूंगा। 1364 01:04:26,400 --> 01:04:33,920 अच्छा दोयम वो काद मुखल यानी कादरे मुख का 1365 01:04:30,719 --> 01:04:36,078 मतलब ओमनीपोटेंट है। जो चाहे कर सकता है। 1366 01:04:33,920 --> 01:04:40,159 आपको नौकरी दिलवा सकता है। आपकी अच्छी जगह 1367 01:04:36,079 --> 01:04:42,160 शादी करवा सकता है। आपके पड़ोसी का मुकदमा 1368 01:04:40,159 --> 01:04:42,798 हरवा सकता है। आपको जिता सकता है। सब काम 1369 01:04:42,159 --> 01:04:44,000 करता है। 1370 01:04:42,798 --> 01:04:47,440 थोड़ा सा माइक 1371 01:04:44,000 --> 01:04:49,838 वो इस दुनिया को चला कैसे रहा है? 1372 01:04:47,440 --> 01:04:53,760 यह दुनिया कैसे चल रही है? आपको इसमें 1373 01:04:49,838 --> 01:04:56,239 हैरत नहीं होती या कयामत के बाद कभी एक 1374 01:04:53,760 --> 01:04:59,680 जस्टिस होगा जब ये बच्चा मर चुका होगा 1375 01:04:56,239 --> 01:05:01,519 जिसकी धज्जियां उड़ गई बम से इसको इंसाफ 1376 01:04:59,679 --> 01:05:02,078 मिलेगा तब 1377 01:05:01,519 --> 01:05:03,599 अच्छा 1378 01:05:02,079 --> 01:05:05,839 अब जवाब दूं 1379 01:05:03,599 --> 01:05:08,559 मैं इसीलिए आपकी तरफ 1380 01:05:05,838 --> 01:05:10,400 सबसे पहले आपने रेवोलेशन और स्क्रिप्चर की 1381 01:05:08,559 --> 01:05:12,160 बात की इस पे मैं बात कर सकता हूं लेकिन 1382 01:05:10,400 --> 01:05:14,240 आज नहीं करूंगा क्योंकि वक्त कम है कभी और 1383 01:05:12,159 --> 01:05:14,960 इस पे डिस्कस करेंगे मैं तैयार हूं उसप भी 1384 01:05:14,239 --> 01:05:17,598 बात करने के लिए 1385 01:05:14,960 --> 01:05:20,240 ये अभी से राउंड टू की भूमिका तय हो रही 1386 01:05:17,599 --> 01:05:23,119 है डस गॉट एक्सिस्ट राउंड टू 1387 01:05:20,239 --> 01:05:26,479 जीकि आज गॉड के एक्सिस्टेंस पे बात है तो 1388 01:05:23,119 --> 01:05:28,480 मैं उसी के रिलेटेड जो है आपके सवालात को 1389 01:05:26,480 --> 01:05:31,599 एंटरटेन भी करूंगा और मैं भी पूछूंगा। 1390 01:05:28,480 --> 01:05:33,599 आपने कहा कि आपने साबित ही नहीं किया जबकि 1391 01:05:31,599 --> 01:05:34,318 आर्गुमेंट ऑफ कंटिंजेंसी बुनियादी 1392 01:05:33,599 --> 01:05:36,640 आर्गुमेंट है। 1393 01:05:34,318 --> 01:05:39,519 आप मुझे कॉनंटिंजेंसी का मतलब बताइए। आपका 1394 01:05:36,639 --> 01:05:44,078 मतलब क्या है? कंटिंजेंसी? कंटिंजेंसी का 1395 01:05:39,519 --> 01:05:47,440 मतलब यह हुआ के हर वो वजूद जो किसी भी चीज 1396 01:05:44,079 --> 01:05:50,318 का पाबंद है। हर वो वजूद या हर वो चीज जो 1397 01:05:47,440 --> 01:05:53,280 अपने एकिस्टेंस में किसी भी चीज के पाबंद 1398 01:05:50,318 --> 01:05:55,440 है और उससे बाउंड है। उसको उसकी जरूरत है। 1399 01:05:53,280 --> 01:05:57,359 उस पर डिपेंड करती है। तो जाहिर सी बात है 1400 01:05:55,440 --> 01:05:59,920 कि उसका कोई ना कोई कॉज होता है। ये तो 1401 01:05:57,358 --> 01:06:01,519 अक्ल की बात है। ये आप रीजनिंग की बात 1402 01:05:59,920 --> 01:06:04,240 करते हैं। मैं वही कर रहा हूं। दूसरी चीज 1403 01:06:01,519 --> 01:06:07,679 आपने ये बात कही कि 1404 01:06:04,239 --> 01:06:09,519 इतने बिलियन लाइट इयर्स दूर है उसका मेरा 1405 01:06:07,679 --> 01:06:12,000 क्या लेना देना फिर मेरे ख्याल से आपको ये 1406 01:06:09,519 --> 01:06:14,719 नहीं कहना चाहिए आई एम आई थिंक देयर फॉर 1407 01:06:12,000 --> 01:06:17,199 आई एम एन एथिस्ट आपको सोचना चाहिए सिर्फ 1408 01:06:14,719 --> 01:06:20,000 आप एक लिमिटेड दायरे में रहकर नहीं सोचे 1409 01:06:17,199 --> 01:06:21,679 बल्कि बाहर निकल कर सोचें आपने तीसरा सवाल 1410 01:06:20,000 --> 01:06:23,760 किया आपने दो तीन सवाल एक साथ 1411 01:06:21,679 --> 01:06:27,598 ऐसी बातें ना कीजिए कुछों को एतराज हो 1412 01:06:23,760 --> 01:06:32,326 जाएगा आप पे कि आप कुछ भी सोचिए ये इजाजत 1413 01:06:27,599 --> 01:06:32,326 आपको है नहीं मुझे है [हंसी] 1414 01:06:34,889 --> 01:06:39,118 [प्रशंसा] 1415 01:06:35,358 --> 01:06:41,679 जी आप आपने प्रॉब्लम ऑफ इविल के ताल्लुक 1416 01:06:39,119 --> 01:06:44,880 से सवाल किया और बार-बार आप एक लफ्ज रिपीट 1417 01:06:41,679 --> 01:06:48,078 कर रहे हैं के ओमनीपोटेंट गॉड है। ऑल 1418 01:06:44,880 --> 01:06:50,240 पावरफुल गॉड है। यही तो दरअसल समझना है कि 1419 01:06:48,079 --> 01:06:53,119 गॉड का कांसेप्ट क्या है? प्रॉब्लम ऑफ 1420 01:06:50,239 --> 01:06:55,759 इविल जो है प्रॉब्लम ऑफ इविल दर हकीकत दो 1421 01:06:53,119 --> 01:06:57,440 असमशन पर कायम है। अगर आप इन दो असंप्शनंस 1422 01:06:55,760 --> 01:06:59,119 को समझ जाएं तो ये प्रॉब्लम प्रॉब्लम नहीं 1423 01:06:57,440 --> 01:07:01,599 रहेगी। आर्गुमेंट आपको समझ में आ जाएगी कि 1424 01:06:59,119 --> 01:07:05,920 ये कोलैप्स कर जाता है। पॉइंट नंबर वन 1425 01:07:01,599 --> 01:07:08,318 यानी जो आपका सबसे पहला फॉल्स असमशन है कि 1426 01:07:05,920 --> 01:07:10,559 गॉड मर्सफुल है, ओमनीपोटेंट है। दुनिया 1427 01:07:08,318 --> 01:07:12,239 में जुल्म हो रहा है। लेकिन आपको ये समझना 1428 01:07:10,559 --> 01:07:14,559 चाहिए कि हमारे वर्ल्ड व्यू के मुताबिक 1429 01:07:12,239 --> 01:07:17,358 गॉड सिर्फ ओमनीपोटेंट और सिर्फ मर्सफुल 1430 01:07:14,559 --> 01:07:20,000 नहीं है बल्कि वो ऑल वाइज भी है और वो ऑल 1431 01:07:17,358 --> 01:07:22,239 नोइंग भी है। उसके हर काम के पीछे हिकमत 1432 01:07:20,000 --> 01:07:24,239 और विज़डम है। ये कोई जरूरी नहीं है कि वो 1433 01:07:22,239 --> 01:07:26,479 हिकमत और विज़डम आपको समझ में आए या मुझे 1434 01:07:24,239 --> 01:07:28,318 समझ में आए। अगर आप जो समझ रहे हैं उसके 1435 01:07:26,480 --> 01:07:30,880 मुताबिक आप फैसला कर रहे हैं। ये लिमिटेड 1436 01:07:28,318 --> 01:07:33,358 पर्सपेक्टिव से आर्गुमेंट है और इस चीज को 1437 01:07:30,880 --> 01:07:34,960 हम अपनी दुनिया में अपने लाइफ में डेली 1438 01:07:33,358 --> 01:07:37,199 लाइफ में इस प्रिंसिपल को एक्सेप्ट करते 1439 01:07:34,960 --> 01:07:39,199 हैं। हम जब किसी डॉक्टर के पास जाते हैं 1440 01:07:37,199 --> 01:07:42,159 डॉक्टर के पास जाकर वो अगर उसने हमें कोई 1441 01:07:39,199 --> 01:07:44,399 दवाई दी है तो हम ये तो नहीं कहते कि जब 1442 01:07:42,159 --> 01:07:46,558 तक आपके पास जितना नॉलेज और जितना विज़डम 1443 01:07:44,400 --> 01:07:48,559 नहीं है आपने क्यों ये दवाई दी है तब तक 1444 01:07:46,559 --> 01:07:50,798 हम इस चीज को एक्सेप्ट नहीं करेंगे। नहीं 1445 01:07:48,559 --> 01:07:52,720 कहते। हम उसकी अथॉरिटी को तस्लीम करते 1446 01:07:50,798 --> 01:07:55,038 हैं। क्यों? क्योंकि उसकी हम जानते हैं कि 1447 01:07:52,719 --> 01:07:56,798 वो नॉलेजेबल है। वो विज़डम वाला है। हमसे 1448 01:07:55,039 --> 01:07:57,599 ज्यादा नॉलेज और हमसे ज्यादा विज़डम है। 1449 01:07:56,798 --> 01:08:00,400 बताएं सर। 1450 01:07:57,599 --> 01:08:03,920 नहीं डॉक्टर में खुदा में बड़ा डिफरेंस है। 1451 01:08:00,400 --> 01:08:05,760 डॉक्टर पढ़ा लिखा होता है। एक तो मैं उसकी 1452 01:08:03,920 --> 01:08:08,559 बात सुनूंगा। 1453 01:08:05,760 --> 01:08:09,599 दो नहीं कुछ जवाब तो ये भी नहीं है। 1454 01:08:08,559 --> 01:08:11,359 सर प्लीज आप 1455 01:08:09,599 --> 01:08:12,720 अगर सब ऑडियंस से बोलने लगेंगे तो फिर 1456 01:08:11,358 --> 01:08:14,639 मतलब नहीं इस बहस में। 1457 01:08:12,719 --> 01:08:16,158 मतलब आप ये कहें कि क्योंकि आप डॉक्टर पे 1458 01:08:14,639 --> 01:08:16,880 बिलीव करते हैं इसलिए खुदा पे बिलीव 1459 01:08:16,158 --> 01:08:18,399 कीजिए। क्या 1460 01:08:16,880 --> 01:08:22,640 ये मिसाल आपको समझाने के लिए 1461 01:08:18,399 --> 01:08:25,198 आर्गुममेंट है इस पे आपको एतराज नहीं है 1462 01:08:22,640 --> 01:08:28,798 तो 1463 01:08:25,198 --> 01:08:31,919 सिंपल बात ये है कि मैं अगर ये यकीन कर 1464 01:08:28,798 --> 01:08:35,198 लूं कि एक ओमनीपटेंट उसकी मसलहत है ये जो 1465 01:08:31,920 --> 01:08:36,399 बच्चे मर रहे हैं ये मसलहत है उसकी मुझे 1466 01:08:35,198 --> 01:08:38,479 नहीं चाहिए थी मसलहत 1467 01:08:36,399 --> 01:08:40,238 उसकी मसलहत नहीं यही तो समझना है 1468 01:08:38,479 --> 01:08:40,879 मतलब एक्सपीरियंस 1469 01:08:40,238 --> 01:08:43,278 अच्छा 1470 01:08:40,880 --> 01:08:45,838 इस आपने अभी मेरी बात पूरी सुनी नहीं 1471 01:08:43,279 --> 01:08:48,560 मैंने कहा आपका पूरा आर्गुमेंट दो फॉल्स 1472 01:08:45,838 --> 01:08:51,278 असमशन पर है। एक फॉल्स असमशन मैंने बता 1473 01:08:48,560 --> 01:08:53,520 दिया। दूसरा फॉल्स असमशन ये है कि इस 1474 01:08:51,279 --> 01:08:56,239 दुनिया में इविल के होने का कोई गुड रीज़ 1475 01:08:53,520 --> 01:08:58,640 नहीं है। जबकि हमारे पास बाज़ रीज़ंस मौजूद 1476 01:08:56,238 --> 01:09:00,479 हैं। हमारे पास बाज़ वजूहात मौजूद हैं। अगर 1477 01:08:58,640 --> 01:09:02,560 इस दुनिया में इविल ना हो तो आप गुड को 1478 01:09:00,479 --> 01:09:04,959 डिफाइन कैसे करेंगे? अगर जुल्म ना हो, आप 1479 01:09:02,560 --> 01:09:08,162 इंसाफ को समझेंगे कैसे? अगर तारीकी ना हो, 1480 01:09:04,960 --> 01:09:08,719 तो आप लाइट को समझेंगे कैसे? 1481 01:09:08,162 --> 01:09:09,440 [प्रशंसा] 1482 01:09:08,719 --> 01:09:11,359 बहुत अच्छे। 1483 01:09:09,439 --> 01:09:14,238 अभी और सुन अभी और बाकी है। 1484 01:09:11,359 --> 01:09:16,640 ये तो बात बहुत पसंद आई साहब मुझे के जब 1485 01:09:14,238 --> 01:09:17,198 तक रेप ना हो तब तक औरतों की इज्जत का 1486 01:09:16,640 --> 01:09:18,719 ख्याल आप 1487 01:09:17,198 --> 01:09:21,439 आपने मेरा जवाब पूरा सुना ही नहीं। 1488 01:09:18,719 --> 01:09:23,520 जब तक के बच्चों का कत्ल ना किया जाए तब 1489 01:09:21,439 --> 01:09:24,639 तक आपको बच्चों की मासूमियत की इज्जत 1490 01:09:23,520 --> 01:09:26,799 आपने पूरा जवाब सुना ही नहीं। 1491 01:09:24,640 --> 01:09:27,039 क्या बात है? क्या आपने नुक्ता निकाला 1492 01:09:26,798 --> 01:09:29,039 हुआ? 1493 01:09:27,039 --> 01:09:30,960 आपने पूरा जवाब सुना ही नहीं। आप सुन ले। 1494 01:09:29,039 --> 01:09:34,158 मेरी बात सुन लें। ये मैंने आपको एक चीज 1495 01:09:30,960 --> 01:09:35,920 बताई। दूसरी चीज इस दुनिया में हम आए हैं 1496 01:09:34,158 --> 01:09:38,158 टेस्ट के लिए। हमारा टेस्ट हो रहा है और 1497 01:09:35,920 --> 01:09:41,600 हर इंसान का अलग-अलग अंदाज में टेस्ट होता 1498 01:09:38,158 --> 01:09:44,798 है और इस दुनिया में अगर इविल मौजूद है तो 1499 01:09:41,600 --> 01:09:47,279 वो इविल जरिया है हमारे अंदर ह्यूमन नोबल 1500 01:09:44,798 --> 01:09:50,719 क्वालिटीज को डेवलप करने का और अलग-अलग 1501 01:09:47,279 --> 01:09:53,199 फील्ड में प्रोग्रेस करने का और अगर हमारे 1502 01:09:50,719 --> 01:09:55,039 अंदर और इस दुनिया में इविल नहीं होता तो 1503 01:09:53,198 --> 01:09:57,359 बताइए टेस्ट का मतलब क्या होता है? अगर 1504 01:09:55,039 --> 01:09:59,119 मैं अपने स्टूडेंट को एमसीक्यूस दूं और 1505 01:09:57,359 --> 01:10:00,799 उसमें सिर्फ राइट आंसर लिख कर दे दूं और 1506 01:09:59,119 --> 01:10:02,880 कहूं तुम्हारा टेस्ट हो गया। ये मीनिंगलेस 1507 01:10:00,800 --> 01:10:05,039 है। इस दुनिया में अगर हम टेस्ट के लिए आए 1508 01:10:02,880 --> 01:10:07,113 हैं तो जाहिर है गुड एंड इविल दोनों मौजूद 1509 01:10:05,039 --> 01:10:08,158 है। 1510 01:10:07,113 --> 01:10:11,119 [प्रशंसा] 1511 01:10:08,158 --> 01:10:13,198 तो अगर गुड एंड इविल दोनों मौजूद है तो ये 1512 01:10:11,119 --> 01:10:14,800 इवल भी खुदा का बनाया हुआ है। 1513 01:10:13,198 --> 01:10:15,839 जी हां खुदा का बनाया हुआ है। लेकिन 1514 01:10:14,800 --> 01:10:16,400 अच्छा चलो अच्छी बात है। 1515 01:10:15,840 --> 01:10:21,440 जी बिल्कुल। 1516 01:10:16,399 --> 01:10:24,479 तो अभी अभी तो ये है कि जो मेजॉरिटी 1517 01:10:21,439 --> 01:10:26,879 है दुनिया में वो इविल है। तो ये खुदा 1518 01:10:24,479 --> 01:10:29,384 एक्चुअली इविल के साइड पे लग रहा है मुझे। 1519 01:10:26,880 --> 01:10:30,079 बिल्कुल मेजॉरिटी में तो वो है। 1520 01:10:29,384 --> 01:10:32,800 [प्रशंसा] 1521 01:10:30,079 --> 01:10:35,359 क्या बात कर रहे हैं भाई आप कोई भी जो 1522 01:10:32,800 --> 01:10:38,320 मुसिफ होगा चाहे आपका अपना घर हो जिसके आप 1523 01:10:35,359 --> 01:10:42,000 सबसे बड़े हैं चाहे आपकी ऑर्गेनाइजेशन हो 1524 01:10:38,319 --> 01:10:44,158 जो आप चलाते हैं वहां पर आप इवल रखेंगे 1525 01:10:42,000 --> 01:10:44,800 साबित करने को कि बाकी लोग शरीफ है 1526 01:10:44,158 --> 01:10:47,198 मेरी बात सुनिए 1527 01:10:44,800 --> 01:10:49,840 क्या ये आर्गुमेंट ही गलत है कि जब तक के 1528 01:10:47,198 --> 01:10:50,799 कोई इवल नहीं होगा तब तक के शरीफ आदमी 1529 01:10:49,840 --> 01:10:53,840 शरीफ नहीं लगेगा 1530 01:10:50,800 --> 01:10:56,079 अगर एग्जामिनर इ गलत ऑप्शन दे रहा है तो 1531 01:10:53,840 --> 01:10:58,400 एग्जामिनर इविल नहीं हो गया जो गलत ऑप्शन 1532 01:10:56,079 --> 01:11:01,039 को सेलेक्ट कर रहा है वो फेल होगा क्रिएटर 1533 01:10:58,399 --> 01:11:01,759 ने इविल को बनाया है लेकिन वो इविल नहीं 1534 01:11:01,039 --> 01:11:05,760 है। 1535 01:11:01,760 --> 01:11:08,320 सुनिए मेरी बात सर लेट मी कंप्लीट सर 1536 01:11:05,760 --> 01:11:11,199 क्रिएटर ने इविल को बनाया है टेस्ट के लिए 1537 01:11:08,319 --> 01:11:13,679 वो इविल नहीं है। इविल वो होगा वो होगा जो 1538 01:11:11,198 --> 01:11:15,759 उसे इख्तियार करेगा। छुरी को बनाने वाला 1539 01:11:13,679 --> 01:11:19,719 गलत नहीं होता है। छुरी का गलत इस्तेमाल 1540 01:11:15,760 --> 01:11:19,719 करने वाला गलत होता है। 1541 01:11:21,198 --> 01:11:26,399 रेप को कैसे गलत इस्तेमाल करते हैं? 1542 01:11:24,079 --> 01:11:28,960 रेप इंसान के फ्री व्हील का नतीजा है। ये 1543 01:11:26,399 --> 01:11:31,359 माइक 1544 01:11:28,960 --> 01:11:33,279 ये रेप कैसे गलत इस्तेमाल होता है? ये 1545 01:11:31,359 --> 01:11:34,719 अब सुन ले। अब सुन ले इस्तेमाल होता है। 1546 01:11:33,279 --> 01:11:36,719 हां मैं बता रहा हूं ना कैसे 1547 01:11:34,719 --> 01:11:39,840 मैं बता रहा हूं। मैं बता रहा हूं कि जो 1548 01:11:36,719 --> 01:11:42,000 इविल इस दुनिया में मौजूद है। उसके कई 1549 01:11:39,840 --> 01:11:44,480 सारे तरीके हैं। एक तरीका इंसान का अपना 1550 01:11:42,000 --> 01:11:46,158 फ्री विल है। अब अगर कोई रेपिस्ट रेप कर 1551 01:11:44,479 --> 01:11:48,158 रहा है तो इसका गॉड का कसूर नहीं है। वो 1552 01:11:46,158 --> 01:11:50,319 अपने फ्री विल का गलत इस्तेमाल करना कर 1553 01:11:48,158 --> 01:11:51,679 रहा है। उसको सजा मिलनी चाहिए। और उसी के 1554 01:11:50,319 --> 01:11:54,799 लिए जहन्नुम बनाई गई है। 1555 01:11:51,679 --> 01:11:56,800 यह फ्री विल का भी बड़ा चक्कर है। आप जब 1556 01:11:54,800 --> 01:11:59,440 कोई बुरा काम करते हैं या कोई बुराई होती 1557 01:11:56,800 --> 01:12:02,400 है तो यह कहा जाता है कि ये फ्री विल है। 1558 01:11:59,439 --> 01:12:06,000 7 बिलियन फ्री विल्स आर मूविंग ऑन दिस 1559 01:12:02,399 --> 01:12:08,319 प्लनेट। 7 बिलियन फ्री विल। और एक आदमी 1560 01:12:06,000 --> 01:12:10,158 अपनी फ्री विल से मुझे कत्ल कर दे तो मैं 1561 01:12:08,319 --> 01:12:12,000 खुदा की मर्जी से मरा हूं। क्या इसकी फ्री 1562 01:12:10,158 --> 01:12:14,960 विल की वजह से? 1563 01:12:12,000 --> 01:12:16,560 मेरी मौत खुदा के हाथ है या इस फ्री विल 1564 01:12:14,960 --> 01:12:19,198 वाले के हाथ है? 1565 01:12:16,560 --> 01:12:21,440 खुदा ने फ्री विल का निजाम बनाया है और उस 1566 01:12:19,198 --> 01:12:21,839 निजाम का गलत इस्तेमाल करके कोई आपको मार 1567 01:12:21,439 --> 01:12:24,000 रहा है। 1568 01:12:21,840 --> 01:12:25,760 इस्तेमाल करके मेरा कत्ल कर देता है। अब 1569 01:12:24,000 --> 01:12:26,960 मेरी मौत का जिम्मेदार कौन है? 1570 01:12:25,760 --> 01:12:27,840 वो इंसान जिम्मेदार है। 1571 01:12:26,960 --> 01:12:28,880 वो इंसान। 1572 01:12:27,840 --> 01:12:30,960 तो ये कहना कि 1573 01:12:28,880 --> 01:12:33,920 और उसको उसको उसको सजा मिलेगी। 1574 01:12:30,960 --> 01:12:36,719 तो अब आप आगे चलिए कि ये तय करना कि 1575 01:12:33,920 --> 01:12:38,880 अल्लाह ही या खुदा सॉरी अल्लाह नहीं। खुदा 1576 01:12:36,719 --> 01:12:39,679 ही जिंदगी देता है। खुदा ही मौत देता है। 1577 01:12:38,880 --> 01:12:40,640 ये गलत है। 1578 01:12:39,679 --> 01:12:41,359 बिल्कुल गलत नहीं है। 1579 01:12:40,640 --> 01:12:43,679 हां नहीं। 1580 01:12:41,359 --> 01:12:45,198 निजाम उसी ने बनाया फ्री विल का। निजाम 1581 01:12:43,679 --> 01:12:47,440 मौत और हयात का उसी ने बनाया। 1582 01:12:45,198 --> 01:12:50,079 यू आर कंट्राडिक्टिंग योरसेल्फ। अभी आपने 1583 01:12:47,439 --> 01:12:52,879 कहा कि एक आदमी ने फ्री विल से आपको मार 1584 01:12:50,079 --> 01:12:56,238 दिया। इसमें उसे फ्री विल दी गई थी। उसने 1585 01:12:52,880 --> 01:12:58,800 गलत इस्तेमाल किया। 7 बिलियन फ्री विल्स 1586 01:12:56,238 --> 01:13:00,959 आर मूविंग ऑन दिस प्लेनेट। और आप चाह रहे 1587 01:12:58,800 --> 01:13:03,840 हैं कि मैं सिर्फ खुदा का ध्यान करूं। ये 1588 01:13:00,960 --> 01:13:05,840 7 बिलियन फ्री विल्स को मुझे लुक आफ्टर 1589 01:13:03,840 --> 01:13:08,400 करना पड़ेगा कि नहीं? ये तो तबाहियां कर 1590 01:13:05,840 --> 01:13:11,360 रही है और तबाहियां ज्यादा हो रही हैं। 1591 01:13:08,399 --> 01:13:14,000 बिल्कुल। तो अगर आप बताएं आप बताएं अगर 1592 01:13:11,359 --> 01:13:16,399 खुदा नहीं है फॉर एग्जांपल तो आप इविल को 1593 01:13:14,000 --> 01:13:19,439 कैसे डिसाइड करेंगे? यानी हाउ कैन यू 1594 01:13:16,399 --> 01:13:22,319 डिफाइन इविल ऑब्जेक्टिवली विदाउट गॉड? 1595 01:13:19,439 --> 01:13:25,519 इविल को डिफाइन। 1596 01:13:22,319 --> 01:13:28,960 देखिए दुनिया में दो तरह के जानवर है। एक 1597 01:13:25,520 --> 01:13:32,640 जो अकेले रहते हैं जंगल में और एक जो 1598 01:13:28,960 --> 01:13:36,480 ग्रुप्स में रहते हैं। ग्रुप में जो भी 1599 01:13:32,640 --> 01:13:40,000 रहेगा चाहे वो आपका फाउंडेशन हो, चाहे कोई 1600 01:13:36,479 --> 01:13:44,639 क्लब हो, चाहे कोई पिटिकल पार्टी हो, चाहे 1601 01:13:40,000 --> 01:13:45,840 कोई यूनिट हो, उसमें आपको इंटलेक्ट करने 1602 01:13:44,640 --> 01:13:47,360 के रूल बनाने पड़ेंगे। 1603 01:13:45,840 --> 01:13:49,039 यानी लोग तय करेंगे। 1604 01:13:47,359 --> 01:13:50,960 लोग तय करेंगे। अगर लोगों ने यह तय किया 1605 01:13:49,039 --> 01:13:51,439 कि किसी का रेप करना सही है, आप जस्टिफाई 1606 01:13:50,960 --> 01:13:52,239 करेंगे? 1607 01:13:51,439 --> 01:13:53,919 नहीं। 1608 01:13:52,238 --> 01:13:55,759 आपका फाउंडेशन तो यह हो गया ना कि लोग 1609 01:13:53,920 --> 01:13:58,560 इविल डिसाइड करेंगे। 1610 01:13:55,760 --> 01:14:02,719 नहीं नहीं अरे [प्रशंसा] 1611 01:13:58,560 --> 01:14:06,159 दुनिया में ऐसे ग्रुप्स हैं जो रेप को 1612 01:14:02,719 --> 01:14:08,880 जायज मानते हैं सर्टेन हालात में। मैं 1613 01:14:06,158 --> 01:14:11,519 डिटेल में नहीं जानूंगा। आप भी जानते हैं। 1614 01:14:08,880 --> 01:14:13,039 ये जो आईिस वाले थे जिन्होंने क्या किया 1615 01:14:11,520 --> 01:14:14,560 था? तो 1616 01:14:13,039 --> 01:14:16,479 उन्होंने क्या किया? उसका खुदा से कोई 1617 01:14:14,560 --> 01:14:18,560 ताल्लुक नहीं है सर। मैंने सिंपल सवाल 1618 01:14:16,479 --> 01:14:19,439 किया कि इविल को आप डिफाइन करते कैसे हैं? 1619 01:14:18,560 --> 01:14:21,039 आइए वापस आइए। 1620 01:14:19,439 --> 01:14:24,799 जी 1621 01:14:21,039 --> 01:14:27,519 आप साथ में तभी रह सकते हैं जब कुछ आप ऐसे 1622 01:14:24,800 --> 01:14:30,640 उसूल डेवलप करें जिसमें हर एक का बेसिक 1623 01:14:27,520 --> 01:14:34,320 तहफुल हर एक का बेसिक राइट हो और हर एक को 1624 01:14:30,640 --> 01:14:37,520 कोई आराम मिले। यही तरीका है किसी भी 1625 01:14:34,319 --> 01:14:40,399 ऑर्गेनाइजेशन जिसमें एक से ज्यादा लोग हैं 1626 01:14:37,520 --> 01:14:43,040 और वो ऐसे चलती है जिंदगी। उसमें अगर आप 1627 01:14:40,399 --> 01:14:46,879 गड़बड़ करेंगे तो तबाही होगी, नुकसान 1628 01:14:43,039 --> 01:14:49,279 होगा, बर्बादियां आएंगी। और अगर उसमें आप 1629 01:14:46,880 --> 01:14:52,400 घर ले लीजिए ना एक हस्बैंड है, एक वाइफ 1630 01:14:49,279 --> 01:14:55,359 है, बच्चे हैं, वालिदा भी है, दो बहनें भी 1631 01:14:52,399 --> 01:14:58,479 है, एक भाई भी है। अब इसमें कोई निजाम 1632 01:14:55,359 --> 01:15:01,679 आपको चाहिए साथ में रहने का। और एक दूसरे 1633 01:14:58,479 --> 01:15:03,839 पे भरोसा रहे। एक दूसरे के वही ख्वाब हो, 1634 01:15:01,679 --> 01:15:05,920 एक दूसरे की मदद करें। ऐसी जिंदगी 1635 01:15:03,840 --> 01:15:07,760 सर आपकी बात आ गई। आप ये कह रहे हैं कि 1636 01:15:05,920 --> 01:15:09,679 लोग डिसाइड करेंगे क्या सही है क्या गलत 1637 01:15:07,760 --> 01:15:11,679 है। यही है मेजॉरिटी डिसाइड करेगी क्या 1638 01:15:09,679 --> 01:15:14,239 सही है क्या गलत है। अरे भाई बिल्कुल 1639 01:15:11,679 --> 01:15:16,239 मेजॉरिटी अगर ये कहे कि नाज़ जर्मनी के साथ 1640 01:15:14,238 --> 01:15:18,896 जिस तरह मेजॉरिटी थी कि जेनोसाइड करना सही 1641 01:15:16,238 --> 01:15:19,198 है आप जस्टिफाई करेंगे 1642 01:15:18,896 --> 01:15:20,960 [प्रशंसा] 1643 01:15:19,198 --> 01:15:22,319 उस वक्त उस वक्त 1644 01:15:20,960 --> 01:15:25,679 आपका आपका ये 1645 01:15:22,319 --> 01:15:26,158 सिर्फ उसके बाद उस वक्त प्लनेट पे जो लोग 1646 01:15:25,679 --> 01:15:28,800 थे 1647 01:15:26,158 --> 01:15:30,960 उनमें कितने लोग हिट को सही समझते 1648 01:15:28,800 --> 01:15:32,640 अच्छा प्लनेट की मेजॉरिटी तय करी सोसाइटी 1649 01:15:30,960 --> 01:15:33,920 की नहीं प्लनेट की मेजॉरिटी गॉड के 1650 01:15:32,640 --> 01:15:37,079 एक्सिस्टेंस को सही मानती है आप क्यों 1651 01:15:33,920 --> 01:15:37,079 नहीं मानते 1652 01:15:39,039 --> 01:15:43,920 ये 1653 01:15:40,319 --> 01:15:47,119 हेलो हेलो हेलो [प्रशंसा] ये क्रॉस 1654 01:15:43,920 --> 01:15:48,560 क्वेश्चन का राउंड यहां पर समाप्त होता है 1655 01:15:47,119 --> 01:15:50,640 और ये बड़ा अच्छा है कि इस तरह से 1656 01:15:48,560 --> 01:15:52,239 फ्रेगमेंट कर दिया गया है ताकि जो मरकरी 1657 01:15:50,640 --> 01:15:52,960 ऊपर जा रहा है नीचे 1658 01:15:52,238 --> 01:15:56,399 जी 1659 01:15:52,960 --> 01:16:00,239 प्लेनेट की ज्यादातर मेजरिटी 1660 01:15:56,399 --> 01:16:03,119 कुछ दूसरे मजहबों के खुदा को मानती है 1661 01:16:00,238 --> 01:16:05,279 नहीं आप तो मेजॉरिटी की बात कर रहे हैं 1662 01:16:03,119 --> 01:16:07,519 आप ये कह रहे हैं इविल और गुड को डिसाइड 1663 01:16:05,279 --> 01:16:09,519 मेजॉरिटी करेगी मेजॉरिटी जो कर दे वो सही 1664 01:16:07,520 --> 01:16:11,679 हो जाएगा 1665 01:16:09,520 --> 01:16:14,400 इसको जैसा आप ही लोगों ने तय किया है उसी 1666 01:16:11,679 --> 01:16:17,359 फॉर्मेट को फॉलो कर लेते हैं। 1667 01:16:14,399 --> 01:16:20,879 भाई मैंने तो भले लोगों पे ऐतबार किया पर 1668 01:16:17,359 --> 01:16:22,719 तब मॉडरेशन तय किया। जी आपके पास 5 मिनट 1669 01:16:20,880 --> 01:16:24,159 का वक्त है क्लोजिंग आर्गुमेंट है। उसके 1670 01:16:22,719 --> 01:16:25,840 बाद हम ऑडियंस से क्वेश्चन आंसर लेंगे 1671 01:16:24,158 --> 01:16:26,879 जावेद साहब के क्लोजिंग आर्गुमेंट के बाद। 1672 01:16:25,840 --> 01:16:27,920 ओके टाइम स्टार्ट। 1673 01:16:26,880 --> 01:16:31,359 बहुत शुक्रिया। 1674 01:16:27,920 --> 01:16:33,920 हमारा जो टॉपिक है डस गॉड एक्सिस्ट? मैं 1675 01:16:31,359 --> 01:16:36,079 इस पे इतने एकेडमिक तैयारी करके आया था। 1676 01:16:33,920 --> 01:16:38,399 मुझे था कि मैं मैंने सोचा था कि कई सारे 1677 01:16:36,079 --> 01:16:40,719 मैं आर्गुमेंट्स दूंगा। लेकिन वक्त की भी 1678 01:16:38,399 --> 01:16:42,559 किल्लत और जावेद साहब बार-बार इधर-उधर चले 1679 01:16:40,719 --> 01:16:44,640 जा रहे थे तो उसको भी थोड़ा एंटरटेन करना 1680 01:16:42,560 --> 01:16:47,120 पड़ गया। डस गॉड एक्सिस्ट पे मैं एक ही 1681 01:16:44,640 --> 01:16:49,520 आर्गुमेंट दे पाया। आर्गुमेंट्स बहुत हैं 1682 01:16:47,119 --> 01:16:51,679 और डेफिनेटिव आर्गुमेंट्स हैं और मेरे 1683 01:16:49,520 --> 01:16:53,120 आर्गुमेंट को किसी एक राउंड में भी 1684 01:16:51,679 --> 01:16:55,920 इन्होंने एंटरटेन नहीं किया और रेफ्यूट 1685 01:16:53,119 --> 01:16:57,039 नहीं किया है। एक राउंड में भी नहीं। एक 1686 01:16:55,920 --> 01:16:59,520 राउंड में भी नहीं। 1687 01:16:57,039 --> 01:17:00,479 और ना ही अभी अभी आपका क्लोजिंग आर्गुमेंट 1688 01:16:59,520 --> 01:17:02,239 आएगा। बता देना। 1689 01:17:00,479 --> 01:17:03,839 आर्गुमेंट ऑफ कंटिंजेंसी सर। 1690 01:17:02,238 --> 01:17:04,959 अरे मैं आपसे कई बार कह चुका हूं 1691 01:17:03,840 --> 01:17:06,800 कंटिंजेंसी का मतलब 1692 01:17:04,960 --> 01:17:07,359 अब मैं कैसे समझाऊं [हंसी] आपको? आपस में 1693 01:17:06,800 --> 01:17:09,119 हां आप 1694 01:17:07,359 --> 01:17:11,759 और कितने आसानी से समझाऊं मैं मुझे तो 1695 01:17:09,119 --> 01:17:14,319 नहीं समझ में आ रहा है बस आप अपनी 1696 01:17:11,760 --> 01:17:16,880 कंटिजेंसी उर्दू में बोल सकते हैं 1697 01:17:14,319 --> 01:17:17,279 हां आप अपनी बात पूरी कर लें आखरी चार 1698 01:17:16,880 --> 01:17:19,440 मिनट 1699 01:17:17,279 --> 01:17:24,158 दूसरी चीज 1700 01:17:19,439 --> 01:17:26,960 जस्ट अ मिनट प्लीज मैम कैन आई टॉक 1701 01:17:24,158 --> 01:17:29,439 दूसरी चीज ये है कि आपने एक तो इसका जवाब 1702 01:17:26,960 --> 01:17:31,198 नहीं दिया दूसरा आपने गॉड के ना होने पर 1703 01:17:29,439 --> 01:17:33,279 कोई डेफिनेटिव आर्गुमेंट नहीं दिया सिर्फ 1704 01:17:31,198 --> 01:17:35,839 मजहब पे बात कर रहे हैं आप मजहब तो आज 1705 01:17:33,279 --> 01:17:38,079 हमारा टॉपिक ही नहीं था आज तो हमारा टॉपिक 1706 01:17:35,840 --> 01:17:40,000 को आप मजहब से ले लेकर आईएस आईएस तक चले 1707 01:17:38,079 --> 01:17:42,319 गए। भाई हमारा क्या ताल्लुक है उससे? वी 1708 01:17:40,000 --> 01:17:44,560 कंडेम देम। और उसका गॉड से क्या ताल्लुक 1709 01:17:42,319 --> 01:17:46,479 है? अगर कोई गलत काम कर रहा है। किसी ने 1710 01:17:44,560 --> 01:17:49,199 किसी को कत्ल किया, किसी ने किसी का रेप 1711 01:17:46,479 --> 01:17:52,879 किया उसको सजा मिलनी चाहिए। और आपके पास 1712 01:17:49,198 --> 01:17:56,079 कोई भी कोई भी रैशन स्ट्रांग फाउंडेशन ऑफ 1713 01:17:52,880 --> 01:17:58,239 मोरालिटी नहीं है। आपने कहा कि मेजॉरिटी 1714 01:17:56,079 --> 01:18:00,079 तय करेगी सोसाइटी की वो सही होगा। मैंने 1715 01:17:58,238 --> 01:18:02,559 कहा हिटलर को फिर आप सही कहेंगे। नहीं 1716 01:18:00,079 --> 01:18:04,800 नहीं नहीं। प्लेनेट की सोसाइट की मेजॉरिटी 1717 01:18:02,560 --> 01:18:06,159 तय करेगी। तो प्लनेट की मेजॉरिटी गॉड के 1718 01:18:04,800 --> 01:18:08,560 एक्सिस्टेंस को मानती है। आप कह रहे हैं 1719 01:18:06,158 --> 01:18:10,879 ये रिलीजियस है। तो यानी आपके पास कोई 1720 01:18:08,560 --> 01:18:13,199 स्ट्रांग फाउंडेशन नहीं है ऑब्जेक्टिव 1721 01:18:10,880 --> 01:18:16,239 मोरालिटी का। ऑब्जेक्टिव मोरालिटी का अगर 1722 01:18:13,198 --> 01:18:21,839 कोई फाउंडेशन है तो वो सिर्फ गॉड है। गॉड 1723 01:18:16,238 --> 01:18:24,559 है। गॉड है। जी ये मुफ्ती शमालय नदवी साहब 1724 01:18:21,840 --> 01:18:26,480 का क्लोजिंग आर्गुमेंट था। अब हमारे पास 1725 01:18:24,560 --> 01:18:28,480 जी मैं 1726 01:18:26,479 --> 01:18:31,599 जी [हंसी] 1727 01:18:28,479 --> 01:18:33,759 ये बड़ा अच्छा है कि दोनों लोगों को 1728 01:18:31,600 --> 01:18:36,400 मॉडरेटर से शिकायत भी और बोल रहे हैं भाई 1729 01:18:33,760 --> 01:18:37,199 हमारी शाबाशी भी तो करते चलो 1730 01:18:36,399 --> 01:18:39,679 अब मेरी बात 1731 01:18:37,198 --> 01:18:41,759 जी आपके पास जावेद अख्तर साहब पांच मिनट 1732 01:18:39,679 --> 01:18:42,800 का वक्त है ये आपका क्लोजिंग आर्गुमेंट है 1733 01:18:41,760 --> 01:18:44,880 टाइम रिसेट कर दें 1734 01:18:42,800 --> 01:18:47,360 जी 1735 01:18:44,880 --> 01:18:49,440 देखिए बहुत सारी बातें हैं। गॉड का 1736 01:18:47,359 --> 01:18:51,839 डेफिनेशन दुनिया के किसी भी रिलजन में है 1737 01:18:49,439 --> 01:18:55,359 कि वो भी पोटेंट है। वो भी प्रेजेंट है। 1738 01:18:51,840 --> 01:18:58,719 ही इज़ जस्ट, ही इज़ काइंड, ही लव्स यू एंड 1739 01:18:55,359 --> 01:19:01,198 सो ऑन। मैं जब दुनिया देखता हूं तो मुझे 1740 01:18:58,719 --> 01:19:04,719 कोई ऐसा सुप्रीम पावर यहां दिखाई नहीं 1741 01:19:01,198 --> 01:19:07,279 देती है जो इंसान की बेहबूती के लिए कुछ 1742 01:19:04,719 --> 01:19:09,359 कर रही हो, कमजोर को बचा रही हो, मदद कर 1743 01:19:07,279 --> 01:19:12,800 रही हो, जालिम को पीछे हटा रही हो। मैं 1744 01:19:09,359 --> 01:19:16,238 नहीं देखा। तारीख में नहीं। एक तो अगर है 1745 01:19:12,800 --> 01:19:20,480 और ये देख रहा है तमाशा तो उसका होना ना 1746 01:19:16,238 --> 01:19:24,000 होना बराबर है। दो ये कि 1747 01:19:20,479 --> 01:19:26,718 ये जो है जब आप ये कहते हैं कि कायनात 1748 01:19:24,000 --> 01:19:29,760 जिसकी कंटिंजेंसी है मैं देखिए लफज़ 1749 01:19:26,719 --> 01:19:33,039 इस्तेमाल किया मैंने तो ये कैसे हो सकती 1750 01:19:29,760 --> 01:19:35,039 है बात और फौरन आप सरेंडर कर देते हैं कि 1751 01:19:33,039 --> 01:19:37,279 जाहिर है कि इसका बनाने वाला तो इतने 1752 01:19:35,039 --> 01:19:40,000 10,000 गुना ज्यादा कॉम्प्लिकेटेड होगा। 1753 01:19:37,279 --> 01:19:42,800 उस पर आपके होने पर कोई एतराज नहीं है। 1754 01:19:40,000 --> 01:19:45,439 उसे वो टाइमलेस है। वो पहले से था। टाइम 1755 01:19:42,800 --> 01:19:48,159 तो बहुत बाद में आया। ये सब आप मानने को 1756 01:19:45,439 --> 01:19:50,960 तैयार है। जिसका आपके पास कोई सबूत नहीं। 1757 01:19:48,158 --> 01:19:54,079 आपके पास कोई रीज़ नहीं है। आपकी तारीफ 1758 01:19:50,960 --> 01:19:56,960 क्या है मजहबों की? बिलीफ की जो खुदा का 1759 01:19:54,079 --> 01:19:59,359 बिलीफ है। ये कास्टेंटली गलत साबित होता 1760 01:19:56,960 --> 01:20:02,158 रहा है। मतलब आप कहे कि एस्टोटिस के जमाने 1761 01:19:59,359 --> 01:20:06,000 में तो सब जाहिल थे। वो भी इतने ही यकीन 1762 01:20:02,158 --> 01:20:10,158 से खुदा पे यकीन रखते थे जो अब नहीं रहा। 1763 01:20:06,000 --> 01:20:12,880 यह भी नहीं रहेगा। आप लिख लीजिए और इसके 1764 01:20:10,158 --> 01:20:16,079 आसार आपको दुनिया में दिखाई देना शुरू हो 1765 01:20:12,880 --> 01:20:19,199 चुके हैं। ये बहस क्या आज से 100 साल पहले 1766 01:20:16,079 --> 01:20:23,479 इस तरह हो सकती थी? यहां तक तो आपको हम ले 1767 01:20:19,198 --> 01:20:23,479 आए हैं। तो 1768 01:20:24,238 --> 01:20:28,559 सर सर [प्रशंसा] 1769 01:20:26,158 --> 01:20:30,319 अरे इनको मदद की जरूरत नहीं। भाई ये सेल्फ 1770 01:20:28,560 --> 01:20:31,280 सफिशिएंट आदमी है। आप क्यों इनकी मदद कर 1771 01:20:30,319 --> 01:20:33,439 रहे हैं? 1772 01:20:31,279 --> 01:20:37,119 सर सर सर [हंसी] सर प्लीज प्लीज 1773 01:20:33,439 --> 01:20:39,919 तो ये जो है तमाम बातें अपनी जगह है ये एक 1774 01:20:37,119 --> 01:20:42,158 पैकेज है आप अकेले कोई आदमी ऐसा नहीं है 1775 01:20:39,920 --> 01:20:45,440 जो सिर्फ गॉड को मानता हो उसके साथ बहुत 1776 01:20:42,158 --> 01:20:49,759 पैराफनेलिया आता है अलग-अलग पैराफनेलिया 1777 01:20:45,439 --> 01:20:52,960 आते हैं दे आर ओनली दे हैव ऑलवेज क्रिएटेड 1778 01:20:49,760 --> 01:20:55,679 इन द सोसाइटी मैं तो आपको सीधा ऑफर देता 1779 01:20:52,960 --> 01:20:59,679 हूं कि दुनिया में 10 इंपॉर्टेंट बिलीव 1780 01:20:55,679 --> 01:21:02,480 दैट आप एक मानते हैं नौ नहीं मानते नौ में 1781 01:20:59,679 --> 01:21:05,119 आप एक चीज है नौ को आप बिल्कुल रीज़नेबली 1782 01:21:02,479 --> 01:21:09,279 मेरी तरह देखते हैं 1783 01:21:05,119 --> 01:21:12,238 तो 90 मजहबी आदमी भी 90स है वो दूसरे खुदा 1784 01:21:09,279 --> 01:21:15,679 नहीं मानता एक खुदा मानता है अपना वाला 1785 01:21:12,238 --> 01:21:18,238 बाकियों को कहता है गलत है 1786 01:21:15,679 --> 01:21:20,560 अगर आप मानना ही बंद कर दे तो आपका 10% 1787 01:21:18,238 --> 01:21:22,959 चांस है कि आप सही है और 90% चांस है कि 1788 01:21:20,560 --> 01:21:26,640 आप गलत है। मेरा मशवरा है आप मानना छोड़ 1789 01:21:22,960 --> 01:21:30,480 दिए तो 50% चांस होगा कि आप सही है और 50% 1790 01:21:26,640 --> 01:21:33,480 चांस होगा। 40% आप गेन करेंगे बाय बिकम एन 1791 01:21:30,479 --> 01:21:33,479 एथ। 1792 01:21:36,238 --> 01:21:42,399 ये एक फसूदा ख्याल है। ये खत्म हो रहा है। 1793 01:21:39,760 --> 01:21:45,679 हो सकता है मेरी जिंदगी में ना हो। लेकिन 1794 01:21:42,399 --> 01:21:48,960 ये हो जाएगा। जो बातें ये इनको आप 1795 01:21:45,679 --> 01:21:51,119 मेटाफिजिकल ये वो ऐसे रिस्पेक्टेबल टर्म 1796 01:21:48,960 --> 01:21:53,520 दे दिए। ये तो उन लोग के हैं जिन्हें ना 1797 01:21:51,119 --> 01:21:57,119 फिजिक्स मालूम थी ना मेटा मालूम था। ये 1798 01:21:53,520 --> 01:22:00,239 उन्होंने आपको दिए हैं। 1799 01:21:57,119 --> 01:22:03,119 जी बहुत शुक्रिया आप दोनों लोगों का और अब 1800 01:22:00,238 --> 01:22:06,000 इस बातचीत का आखिरी राउंड शुरू होगा डस 1801 01:22:03,119 --> 01:22:08,800 गॉड एक्सिस्ट की ये बहस मुफ्ती शमाइल नदवी 1802 01:22:06,000 --> 01:22:11,279 और जावेद अख्तर साहब के बीच आप लोग अपने 1803 01:22:08,800 --> 01:22:14,159 अपने हाथ ऊपर करेंगे मैं यहां से तय 1804 01:22:11,279 --> 01:22:16,479 करूंगा और माइक हमारे पास है क्या एक ही 1805 01:22:14,158 --> 01:22:20,158 माइक है ऑडियंस के लिए दो माइक है एक इस 1806 01:22:16,479 --> 01:22:23,119 तरफ एक इस तरफ ठीक है तो जी सबसे पहले 1807 01:22:20,158 --> 01:22:25,920 हमारी सहयोगी है मारिया मारिया शकी जी 1808 01:22:23,119 --> 01:22:28,559 पूछिए सवाल थोड़ा सा रुकेंगे ताकि कैमरे 1809 01:22:25,920 --> 01:22:30,239 फ्रेम आप पर आ जाए। आपकी तो प्रैक्टिस है 1810 01:22:28,560 --> 01:22:34,080 टीवी की। जी 1811 01:22:30,238 --> 01:22:36,158 नजवी साहब मैं खुदा को मानती हूं। पहले 1812 01:22:34,079 --> 01:22:39,279 मैं इसी प्रमाइस से शुरू कर रही हूं और ये 1813 01:22:36,158 --> 01:22:41,920 बता रही हूं आपको। मैं मानती हूं। लेकिन 1814 01:22:39,279 --> 01:22:45,039 कुछ कुछ सवाल है जो जावेद साहब ने उठाया। 1815 01:22:41,920 --> 01:22:50,239 उसका जवाब आपको देना चाहिए। पहला सवाल ये 1816 01:22:45,039 --> 01:22:54,319 कि गजा में सालों से छोटे बच्चे मर रहे 1817 01:22:50,238 --> 01:22:57,198 हैं वो उनको अगर खुदा मर्सफुल है हम मानते 1818 01:22:54,319 --> 01:23:00,238 हैं कि अल्लाह ताला में बहुत ताकत है तो 1819 01:22:57,198 --> 01:23:03,439 वो बच्चे क्यों मर रहे हैं? दूसरी बात यह 1820 01:23:00,238 --> 01:23:06,319 कि अगर कंटिंजेंसी की जो आप बात करते हैं 1821 01:23:03,439 --> 01:23:08,799 पूरे मुस्लिम मुालिक 1822 01:23:06,319 --> 01:23:11,840 मिलकर के भी उन गजा के बच्चों को क्यों 1823 01:23:08,800 --> 01:23:14,560 नहीं बचा पा रहे हैं? क्योंकि अगर वो 1824 01:23:11,840 --> 01:23:16,800 चाहते क्योंकि अल्लाह ताला उन पर हुकूमत 1825 01:23:14,560 --> 01:23:17,840 करते हैं। सब पर हुकूमत करते हैं तो वो 1826 01:23:16,800 --> 01:23:18,480 उनको क्यों नहीं बचा? 1827 01:23:17,840 --> 01:23:20,960 जी थैंक यू। 1828 01:23:18,479 --> 01:23:22,799 थैंक यू वेरी मच। बहुत अच्छा किया। आपने 1829 01:23:20,960 --> 01:23:24,480 इस चीज को जिक्र कर दिया। मैं इसको और 1830 01:23:22,800 --> 01:23:25,679 अच्छे से एक्सप्लेन करने की कोशिश करता 1831 01:23:24,479 --> 01:23:28,158 हूं। 1832 01:23:25,679 --> 01:23:30,480 देखें जहां तक आपने कहा कि गजा के बच्चों 1833 01:23:28,158 --> 01:23:32,879 को मारा जा रहा है। देखिए दो वर्ल्ड व्यू 1834 01:23:30,479 --> 01:23:35,519 है। एक एथिस्टिक वर्ल्ड व्यू एक थिस्टिक 1835 01:23:32,880 --> 01:23:37,760 वर्ल्ड व्यू है। बच्चे मर रहे हैं दोनों 1836 01:23:35,520 --> 01:23:39,840 वर्ल्ड व्यू में है। लेकिन हमारा वर्ल्ड 1837 01:23:37,760 --> 01:23:41,920 व्यू कह रहा है कि रिकंपेंस है। ये कह रहे 1838 01:23:39,840 --> 01:23:44,159 हैं कि उनका मर उनका मरना बेकार जाने वाला 1839 01:23:41,920 --> 01:23:46,480 है। कोई उसका रिकंपैेंस नहीं है। क्योंकि 1840 01:23:44,158 --> 01:23:48,799 इनके यहां आखिरत और अल्लाह का कोई तसवुर 1841 01:23:46,479 --> 01:23:51,759 या गॉड का कोई तसवुर नहीं है। आपने ये 1842 01:23:48,800 --> 01:23:54,719 सवाल किया कि गॉड मर्सफुल है। क्यों नहीं 1843 01:23:51,760 --> 01:23:57,199 रोकता? ये मैंने बताया कि ये मिसकंसेप्शन 1844 01:23:54,719 --> 01:23:59,439 है लोगों के दरमियान कि गॉड को सिर्फ 1845 01:23:57,198 --> 01:24:01,678 मर्सफुल और ओमनीपोटेंट समझते हैं। गॉड के 1846 01:23:59,439 --> 01:24:03,759 सिर्फ यही दो एट्रिब्यूट्स नहीं है। गॉड 1847 01:24:01,679 --> 01:24:08,158 के कई सारे एट्रिब्यूट्स हैं। उनमें से अल 1848 01:24:03,760 --> 01:24:11,039 हकीम भी है। उनमें से सॉरी ऑल ऑल ऑल वाइज 1849 01:24:08,158 --> 01:24:14,000 भी है। ऑल नोइंग भी है। लिहाजा अगर इस 1850 01:24:11,039 --> 01:24:16,000 दुनिया में किसी को तकलीफ आ रही है और गॉड 1851 01:24:14,000 --> 01:24:18,158 उसको नहीं रोक रहा है। वो इसलिए नहीं रोक 1852 01:24:16,000 --> 01:24:20,399 रहा है क्योंकि इंसानों को फ्री विल दिया 1853 01:24:18,158 --> 01:24:22,879 गया है। ठीक इसी सुनिए सुनिए। ठीक इसी 1854 01:24:20,399 --> 01:24:24,638 तरीके से अगर एक डॉक्टर किसी छोटे बच्चे 1855 01:24:22,880 --> 01:24:26,719 को इंजेक्शन लगा रहा है उसे तकलीफ पहुंच 1856 01:24:24,639 --> 01:24:29,119 रही है। उसके लिमिटेड पर्सपेक्टिव के 1857 01:24:26,719 --> 01:24:32,719 ऐतबार से ये गलत हो रहा है और डॉक्टर बुरा 1858 01:24:29,119 --> 01:24:34,880 है। लेकिन जब आप ब्रॉडर पिक्चर को देखेंगी 1859 01:24:32,719 --> 01:24:36,960 आपके और हमारे पास सिर्फ एक पिक्सल है। 1860 01:24:34,880 --> 01:24:39,760 हमें इतना नजर आ रहा है कि गज्जा में कत्ल 1861 01:24:36,960 --> 01:24:42,000 हो रहा है। लेकिन इसके पीछे कितना रिकमेंस 1862 01:24:39,760 --> 01:24:44,639 उनको मिलने वाला है। पूरा पिक्चर गॉड के 1863 01:24:42,000 --> 01:24:46,319 पास है। तो एक पिक्सल से आप पूरे पिक्चर 1864 01:24:44,639 --> 01:24:48,560 को कभी भी जज नहीं कर सकती। 1865 01:24:46,319 --> 01:24:51,198 आप आप इसमें कुछ जोड़ना चाहेंगे? आपको कुछ 1866 01:24:48,560 --> 01:24:51,199 बोलना है इसमें? 1867 01:24:51,359 --> 01:24:55,599 भाई आपने बहुत अच्छा जस्टिफिकेशन दिया या 1868 01:24:53,920 --> 01:24:57,440 आप वो जो वहां के प्राइम मिनिस्टर है 1869 01:24:55,600 --> 01:24:58,000 इजराइल के उन्हें भेजिए। वो बहुत खुश 1870 01:24:57,439 --> 01:25:00,238 होंगे। 1871 01:24:58,000 --> 01:25:02,800 आप जस्टिफिकेशन दे देना कि अगर गॉड नहीं 1872 01:25:00,238 --> 01:25:05,198 है तो बच्चे क्यों मर रहे हैं? आप बताएं। 1873 01:25:02,800 --> 01:25:07,039 वो ये सवाल पूछ रहे हैं कि अगर आप ईश्वर 1874 01:25:05,198 --> 01:25:11,519 का अस्तित्व नहीं मानते हैं तो उन बच्चों 1875 01:25:07,039 --> 01:25:14,399 की मौत को आप कैसे इंटरप्रेट करते हैं? 1876 01:25:11,520 --> 01:25:17,280 भाई ये दुनिया जो है जो ताकतवर लोग होते 1877 01:25:14,399 --> 01:25:19,279 हैं वो एक नाइंसाफी करते हैं। 1878 01:25:17,279 --> 01:25:20,719 तो ये अच्छा काम है। आपके नजदीक तो नेचर 1879 01:25:19,279 --> 01:25:23,039 नाइंसाफी पे मबनी है। 1880 01:25:20,719 --> 01:25:23,920 अरे मेरे भाई आप नेचर की कहां बात कर तो 1881 01:25:23,039 --> 01:25:25,679 इंसान की बात 1882 01:25:23,920 --> 01:25:26,800 तो फिर जब मैं इंसान की बात कर रहा था आप 1883 01:25:25,679 --> 01:25:29,039 नेचर की बात करने लग गए। 1884 01:25:26,800 --> 01:25:31,279 क्रॉस एग्जामिनेशन हां अगर मुझे बोलने 1885 01:25:29,039 --> 01:25:32,960 नहीं देंगे तो अलग बात है। आप बोलिए मैं 1886 01:25:31,279 --> 01:25:35,519 मुझे कोई 1887 01:25:32,960 --> 01:25:37,119 नहीं ये क्रॉस एग्जामिनेशन 1888 01:25:35,520 --> 01:25:38,320 मुझे बोल तो लेने दीजिए। 1889 01:25:37,119 --> 01:25:42,238 ठीक है बात 1890 01:25:38,319 --> 01:25:44,719 बात ये है के ह्यूमन सोसाइटी तभी साथ में 1891 01:25:42,238 --> 01:25:47,279 रह सकती है जब वो मोहब्बत से एकता से एक 1892 01:25:44,719 --> 01:25:49,119 दूसरे के एतराम करके रहे। इसके अलावा 1893 01:25:47,279 --> 01:25:51,920 पॉसिबल नहीं है। अकेले तो इंसान रह ही 1894 01:25:49,119 --> 01:25:55,198 नहीं सकता। वहां पर कुछ लोग हैं जो फाउल 1895 01:25:51,920 --> 01:25:58,000 करते हैं। वो फाउल हमेशा से तारीख में 1896 01:25:55,198 --> 01:26:00,399 होता आया है। आज ये हो रहा है जो हो रहा 1897 01:25:58,000 --> 01:26:03,279 है बहुत बुरा हो रहा है। बहुत जालिमाना 1898 01:26:00,399 --> 01:26:06,638 है। बहुत जाबराना है। उसको आप कहे कि ये 1899 01:26:03,279 --> 01:26:09,119 बच्चों को कंपनसेशन मिल जाएगा या इसकी 1900 01:26:06,639 --> 01:26:11,279 इंजेक्शन है। इंजेक्शन तो हेल्थ के लिए 1901 01:26:09,119 --> 01:26:13,198 दिया जाता है। आप ये कह रहे हैं कि ये 1902 01:26:11,279 --> 01:26:14,880 बच्चों की जो धज्जियां उड़ रही है ये 1903 01:26:13,198 --> 01:26:17,279 इंजेक्शन है। 1904 01:26:14,880 --> 01:26:20,159 ये टेस्ट है। यह टेस्ट है और उस टेस्ट में 1905 01:26:17,279 --> 01:26:21,198 उनको उनको ऐसा रिकफेंस मिलेगा जो आपके 1906 01:26:20,158 --> 01:26:23,679 तसवुर के बाहर है। 1907 01:26:21,198 --> 01:26:24,799 ये आप तीन बरस के बच्चे को बारूद से उड़ा 1908 01:26:23,679 --> 01:26:25,279 के टेस्ट ले रहे हैं। 1909 01:26:24,800 --> 01:26:26,960 वाह! 1910 01:26:25,279 --> 01:26:29,439 वो नहीं ले रहा है। खुदा नहीं उड़ा रहा है। 1911 01:26:26,960 --> 01:26:32,000 इजराइल उड़ा रहा है। तो उसको उसको 1912 01:26:29,439 --> 01:26:34,238 अगला सवाल लेते हैं। अगला सवाल लेते हैं 1913 01:26:32,000 --> 01:26:36,880 प्रोफेसर पुरुषोत्तम अग्रवाल। 1914 01:26:34,238 --> 01:26:37,359 मुफ्ती साहब एक निवेदन आपसे है कि कम से 1915 01:26:36,880 --> 01:26:38,159 कम 1916 01:26:37,359 --> 01:26:40,639 थोड़ा सा माइक क्लोज। 1917 01:26:38,158 --> 01:26:42,479 एक रिलीजियस और फिलोसफिकल 1918 01:26:40,639 --> 01:26:45,840 कर रहे कर रहे हैं। करम प्लीज 1919 01:26:42,479 --> 01:26:48,559 एक रिलीजियस और फिलोसफिकल ट्रेडिशन है। 1920 01:26:45,840 --> 01:26:52,880 जो ब्रह्मांड को यानी यूनिवर्स को ही 1921 01:26:48,560 --> 01:26:56,080 अंतिम मानती है। सर्वम खल इदम ब्रह्मम। 1922 01:26:52,880 --> 01:26:59,679 दिस इज छंदोग उपनिषद एंड इट कंप्लीटली 1923 01:26:56,079 --> 01:27:02,800 रूल्स आउट द एकिस्टेंस और नेसेसिटी आपके 1924 01:26:59,679 --> 01:27:06,239 शब्दों में नेसेसिटी ऑफ़ अ क्रिएटर। द 1925 01:27:02,800 --> 01:27:09,039 क्रिएशन इटसेल्फ इज द क्रिएटर। तो एक मिनट 1926 01:27:06,238 --> 01:27:11,359 प्लीज। दूसरा जो सवाल आपने अभी जो आप 1927 01:27:09,039 --> 01:27:16,079 बार-बार कह रहे हैं कि भगवान विद्वान भी 1928 01:27:11,359 --> 01:27:18,158 है, वाइज सब जानने वाला। तो अगर विडम में 1929 01:27:16,079 --> 01:27:21,198 दुनिया भर के पापों और अत्याचारों को 1930 01:27:18,158 --> 01:27:23,279 बर्दाश्त करना शामिल है तो फिर इसका मतलब 1931 01:27:21,198 --> 01:27:25,678 ये हुआ कि अगर मैं फ्री विल से उसको अपोज 1932 01:27:23,279 --> 01:27:28,000 करता हूं तो ईश्वर की विज़डम और मेरी फ्री 1933 01:27:25,679 --> 01:27:30,480 विल में कंट्राडिक्शन है। बिकॉज़ व्हेन आई 1934 01:27:28,000 --> 01:27:33,600 एम अपोजिंग व्हाटएवर हैपनिंग इन गाजा देन 1935 01:27:30,479 --> 01:27:35,519 आई एम अपोजिंग द गॉड्स विल और गॉड्स विज़डम 1936 01:27:33,600 --> 01:27:38,960 जवाब ले क्योंकि तो गॉड की विज़डम एक मिनट 1937 01:27:35,520 --> 01:27:40,880 सॉरी प्लीज सर [हंसी] ये एक एक जुमला गॉड 1938 01:27:38,960 --> 01:27:43,119 की विज़डम है कि गाजा में जो कुछ हो रहा है 1939 01:27:40,880 --> 01:27:45,760 वो हो रहा है। मैं उसका अपोज कर रहा हूं 1940 01:27:43,119 --> 01:27:47,519 तो मैं गॉड की विडम के खिलाफ जा रहा हूं। 1941 01:27:45,760 --> 01:27:50,000 एक सवाल दूसरा यह 1942 01:27:47,520 --> 01:27:50,400 नहीं नहीं आपने दो ऑलरेडी 1943 01:27:50,000 --> 01:27:52,238 सर 1944 01:27:50,399 --> 01:27:54,638 आप और सवाल कर लें लेकिन मुझे दो जवाब 1945 01:27:52,238 --> 01:27:57,439 देने पहले आपने ये कहा सुनिए मेरी बात 1946 01:27:54,639 --> 01:27:58,719 सुनिए के मुताबिक थोड़ा ठीक हो रहा है ना 1947 01:27:57,439 --> 01:28:00,319 नहीं नहीं हो रहा है ठीक नहीं हो रहा है 1948 01:27:58,719 --> 01:28:01,920 मैं बता रहा हूं क्या हो रहा है आप तशरीफ 1949 01:28:00,319 --> 01:28:02,639 रखिए मैं बता रहा हूं क्या हो रहा है लेट 1950 01:28:01,920 --> 01:28:05,520 मी कंप्लीट प्लीज 1951 01:28:02,639 --> 01:28:09,119 एक सेकंड गाइस एक सेकंड ये देखिए ऐसा है 1952 01:28:05,520 --> 01:28:11,520 कि ये सब बड़ा आपस में विचार विमर्श के 1953 01:28:09,119 --> 01:28:15,519 बाद ये तय हुआ था कि कुछ नियम बना लिए 1954 01:28:11,520 --> 01:28:18,239 जाएं ताकि एक टाइम बाउंड बातचीत चले और 1955 01:28:15,520 --> 01:28:20,000 भाई साहब आप बड़ा जरूरी काम कर रहे हैं 1956 01:28:18,238 --> 01:28:22,399 लेकिन कैमरे के फ्रेम में आके उस काम को 1957 01:28:20,000 --> 01:28:24,238 गड़बड़ कर दे रहे हैं। ठीक है गुरु अब 1958 01:28:22,399 --> 01:28:26,319 मेरे को कहीं का गुस्सा कहीं निकालना था। 1959 01:28:24,238 --> 01:28:28,959 सॉरी [हंसी] 1960 01:28:26,319 --> 01:28:31,119 नहीं कोई गुस्सा नहीं है। जी तो प्रोफेसर 1961 01:28:28,960 --> 01:28:33,679 ने सवाल पूछे आप उनके जवाब दें। और थोड़ा 1962 01:28:31,119 --> 01:28:37,279 ये सब लोग थोड़ा ख्याल रखें। भाई सवाल 1963 01:28:33,679 --> 01:28:39,279 संक्षिप्त रखें। आपने दो सवाल किए। सबसे 1964 01:28:37,279 --> 01:28:42,000 पहला ये कहा कि हमारे पास ये कांसेप्ट है 1965 01:28:39,279 --> 01:28:44,800 कि ये यूनिवर्स खुद नेसेसरी बीइंग है। 1966 01:28:42,000 --> 01:28:48,079 क्रिएशन इटसेल्फ इज द क्रिएटर। 1967 01:28:44,800 --> 01:28:49,679 हाउ इररेशनल इज दिस? कि मैं एक्सिस्ट 1968 01:28:48,079 --> 01:28:51,198 करूंगा बाद में लेकिन अभी एक्सिस्ट कर भी 1969 01:28:49,679 --> 01:28:52,800 रहा हूं। यानी एक ही टाइम में एक्सिस्ट भी 1970 01:28:51,198 --> 01:28:56,638 कर रहे हैं, नहीं भी कर रहे हैं। दिस इज 1971 01:28:52,800 --> 01:28:59,440 नॉट ट्रू। दूसरी चीज आपने कहा के अगर 1972 01:28:56,639 --> 01:29:04,600 इजराइल में सॉरी माफ कीजिएगा इजराइल डजंट 1973 01:28:59,439 --> 01:29:04,599 एक्सिस्ट। ऑक्युपाइड पैलेस्टाइन में अगर 1974 01:29:06,800 --> 01:29:11,920 अगर ऑक्युपाइड पैलेस्टाइन में बच्चों को 1975 01:29:09,119 --> 01:29:14,399 मारा जा रहा है फ्री विल की वजह से और गॉड 1976 01:29:11,920 --> 01:29:16,639 नहीं रोक रहा ये कंट्राडिक्शन है ये बताइए 1977 01:29:14,399 --> 01:29:19,359 कि एक एग्जाम में एक बच्चा गलत आंसर लिख 1978 01:29:16,639 --> 01:29:21,600 रहा है सुनिए एग्जामिनर चाहे तो रोक रोक 1979 01:29:19,359 --> 01:29:23,519 सकता है| क्यों नहीं रोक रहा है? 1980 01:29:21,600 --> 01:29:25,600 ये कंट्राडिक्शन है या कंट्राडिक्शन नहीं 1981 01:29:23,520 --> 01:29:29,360 है? 1982 01:29:25,600 --> 01:29:32,639 सर माइक नहीं सर ये आपस में [हंसी] 1983 01:29:29,359 --> 01:29:33,119 ये क्या आपका सवाल माइक माइक माइक माइक 1984 01:29:32,639 --> 01:29:35,679 दीजिए 1985 01:29:33,119 --> 01:29:37,760 फ्री विल दिया गया है टेस्ट के लिए 1986 01:29:35,679 --> 01:29:39,840 अकाउंटेबिलिटी के लिए अगर फ्री विल नहीं 1987 01:29:37,760 --> 01:29:41,840 होता तो आप कहते हमें रोबोट बना दिया गया 1988 01:29:39,840 --> 01:29:45,039 नॉट रिप्रेजेंट माय पोजीशन आपकी जो भी 1989 01:29:41,840 --> 01:29:47,039 पोजीशन मैं अपनी फ्री विल के नाते अपने 1990 01:29:45,039 --> 01:29:48,479 ह्यूमन विज़डम के नाते गाजा में हो रही 1991 01:29:47,039 --> 01:29:49,279 अत्याचार का विरोध करता हूं 1992 01:29:48,479 --> 01:29:50,959 बिल्कुल करना चाहिए 1993 01:29:49,279 --> 01:29:51,439 आपके हिसाब से मैं गॉड की विज़डम का विरोध 1994 01:29:50,960 --> 01:29:51,920 कर रहा हूं 1995 01:29:51,439 --> 01:29:52,879 बिल्कुल नहीं 1996 01:29:51,920 --> 01:29:55,679 समाज हो रहा है गॉड 1997 01:29:52,880 --> 01:29:58,960 बिल्कुल भी नहीं बिल्कुल भी नहीं। उसका 1998 01:29:55,679 --> 01:30:01,119 वहां पर गाजा में कत्ल होना यह इंसानों के 1999 01:29:58,960 --> 01:30:03,679 गलत इस्तेमाल का नतीजा है। फ्री विल के 2000 01:30:01,119 --> 01:30:05,920 इस्तेमाल का नतीजा है। गॉड इसको गॉड इसका 2001 01:30:03,679 --> 01:30:07,520 हुक्म नहीं देता। उससे रोकता है। यही तो 2002 01:30:05,920 --> 01:30:09,359 मसला है ना आपके लिए कांसेप्ट क्लियर है। 2003 01:30:07,520 --> 01:30:11,199 नहीं नहीं भाई आपने तो बताया था इंजेक्शन 2004 01:30:09,359 --> 01:30:12,079 लगाने से बच्चे को तकलीफ होती है। ये 2005 01:30:11,198 --> 01:30:14,079 इंजेक्शन लगा 2006 01:30:12,079 --> 01:30:16,319 सर आप ऐसे रेटोरिक स्टेटमेंट दे तब तो कोई 2007 01:30:14,079 --> 01:30:18,158 मसला नहीं समझते रहेंगे। दिस इज अ रेटोरिक 2008 01:30:16,319 --> 01:30:20,319 स्टेटमेंट। दिस इज नॉट अ लॉजिकल आर्गुमेंट 2009 01:30:18,158 --> 01:30:22,238 सर। आई एम सॉरी। आई एम सॉरी। सर आखरी 30 2010 01:30:20,319 --> 01:30:24,079 मिनट बड़े मुश्किल होने वाले हैं। जी 2011 01:30:22,238 --> 01:30:25,039 मुफ्ती साहब आगे बैठे हैं। इनको माइक 2012 01:30:24,079 --> 01:30:27,519 दीजिए। 2013 01:30:25,039 --> 01:30:28,719 हां तरुण माइक आप अपने पास रखिए। आपको 2014 01:30:27,520 --> 01:30:30,159 कैमरे का फ्रेम पता है। 2015 01:30:28,719 --> 01:30:31,920 जी 2016 01:30:30,158 --> 01:30:35,679 सबसे पहले दोनों को मुबारकबाद। 2017 01:30:31,920 --> 01:30:36,960 एक सर अपना आप नाम बता दें। आप अमेरिका 2018 01:30:35,679 --> 01:30:37,199 में शिकागो में रहते हैं। इतना मुझे याद 2019 01:30:36,960 --> 01:30:39,039 है। 2020 01:30:37,198 --> 01:30:42,000 बताएं आपको। यासिर नदीम अलवाजदी मेरा नाम 2021 01:30:39,039 --> 01:30:43,679 है। जावेद सर आपसे क्वेश्चन है इनफिनिटी 2022 01:30:42,000 --> 01:30:45,439 इंग्रेस के ताल्लुक से। एक हाइपोथेटिकल 2023 01:30:43,679 --> 01:30:47,600 सिनेरियो है। मसल अगर आप 2024 01:30:45,439 --> 01:30:50,319 सर माइक थोड़ा सा प्लीज क्लोज। जी 2025 01:30:47,600 --> 01:30:52,960 अगर आप शायर इसलिए हैं कि आपके कोई उस्ताद 2026 01:30:50,319 --> 01:30:55,359 शायर थे और वो इसलिए शायर थे कि उनके कोई 2027 01:30:52,960 --> 01:30:58,319 उस्ताद शायर थे और इसी तरीके से हम माज़ 2028 01:30:55,359 --> 01:31:00,158 में पीछे चलते चलते चले जाए और कहीं ना 2029 01:30:58,319 --> 01:31:02,399 रुके तो माफ़ कीजिएगा आप कभी शायर नहीं हो 2030 01:31:00,158 --> 01:31:04,399 सकते लेकिन आप शायर हैं। आपका शायर 2031 01:31:02,399 --> 01:31:06,638 एक्सिस्ट करता है। इसका मतलब ये है कि आप 2032 01:31:04,399 --> 01:31:09,759 कहीं ना कहीं रुके हैं। तो मेरा सवाल यह 2033 01:31:06,639 --> 01:31:13,039 है कि क्या आप इनफिनिट रिग्रेस ऑफ कॉजेस 2034 01:31:09,760 --> 01:31:17,000 को लॉजिकल फैलेसी मानते हैं या नहीं 2035 01:31:13,039 --> 01:31:17,000 मानते? हां या ना? 2036 01:31:17,039 --> 01:31:23,198 मैं इन्हें लॉजिकल फैलेसी नहीं मानता हूं। 2037 01:31:20,719 --> 01:31:25,039 लेकिन मैं मेरा प्रॉब्लम यह है कि जब मैं 2038 01:31:23,198 --> 01:31:28,719 नहीं मानता हूं तो आई विल कंटिन्यू विद 2039 01:31:25,039 --> 01:31:31,600 दिस लॉजिक जो फैलेसी नहीं हो। आप एक जगह 2040 01:31:28,719 --> 01:31:33,920 रुक जाते हैं जाके। आप कहते हैं ये गेंद 2041 01:31:31,600 --> 01:31:36,800 कैसे बनी? ये जजीरा कैसे बना? ये समंदर 2042 01:31:33,920 --> 01:31:39,600 कैसे बना? ये जमीन कैसे बनी? और अचानक गॉड 2043 01:31:36,800 --> 01:31:42,079 पे जाके आपको ब्रेक लग जाता है। एक बार आप 2044 01:31:39,600 --> 01:31:45,039 सवाल नहीं करते कि भाई इनको बनाने वाला तो 2045 01:31:42,079 --> 01:31:47,039 इनसे भी कॉम्प्लिकेटेड होगा। वो कैसे बना 2046 01:31:45,039 --> 01:31:50,079 उसके बारे में आपने इत्मीनान कर लिया वो 2047 01:31:47,039 --> 01:31:52,319 हमेशा से तो अगर आप उसे हमेशा से मानते 2048 01:31:50,079 --> 01:31:53,600 हैं तो फिर ये मान लीजिए कि कायनात हमेशा 2049 01:31:52,319 --> 01:31:54,799 से क्या तकलीफ है 2050 01:31:53,600 --> 01:31:55,760 फिर हम वजूद में नहीं आते 2051 01:31:54,800 --> 01:31:56,639 जी 2052 01:31:55,760 --> 01:31:57,520 हम मौजूद नहीं 2053 01:31:56,639 --> 01:31:59,039 अच्छा सर सर सर 2054 01:31:57,520 --> 01:32:01,760 क्यों नहीं होते मैं बताऊंगा प्लीज 2055 01:31:59,039 --> 01:32:03,600 जैसे मैंने मिसाल दी आपके शेर 2056 01:32:01,760 --> 01:32:05,119 आपका शेर कभी वजूद में ना आता अगर शायद 2057 01:32:03,600 --> 01:32:08,000 इसी तरह चलता रहे हमेशा 2058 01:32:05,119 --> 01:32:09,519 माइक माइक मेरे ख्याल से इनफिनिट रिग्रेस 2059 01:32:08,000 --> 01:32:10,560 का कांसेप्ट क्लियर नहीं हो पाया ऐसा रहने 2060 01:32:09,520 --> 01:32:10,880 दे लेट्स गोप 2061 01:32:10,560 --> 01:32:14,400 ठीक है 2062 01:32:10,880 --> 01:32:16,480 हां थोड़ा सा मॉडरेटर का भी ख्याल रखें। 2063 01:32:14,399 --> 01:32:18,238 नहीं नहीं आपने तो रखा है। आपने रखा है। 2064 01:32:16,479 --> 01:32:21,119 यहां पे गौहर रजा साहब है। वो भी एक सवाल 2065 01:32:18,238 --> 01:32:25,879 पूछना चाहते हैं। 2066 01:32:21,119 --> 01:32:25,880 माइक या नहीं तो ऑन करिए। 2067 01:32:26,319 --> 01:32:33,198 पहले तो ये कह दूं के 2068 01:32:29,039 --> 01:32:35,774 मैं उन बच्चों से शर्मिंदा हूं जिनको गजा 2069 01:32:33,198 --> 01:32:36,719 में कत्ल किया गया। 2070 01:32:35,774 --> 01:32:39,039 [प्रशंसा] 2071 01:32:36,719 --> 01:32:41,039 क्योंकि हमारे होते हुए कत्ल किया गया। 2072 01:32:39,039 --> 01:32:44,560 लेकिन उससे ज्यादा शर्मिंदगीगी इस बात से 2073 01:32:41,039 --> 01:32:47,039 हुई कि मुझे लगा कि मुफ्ती साहब उसको 2074 01:32:44,560 --> 01:32:49,600 जस्टिफाई कर रहे हैं। 2075 01:32:47,039 --> 01:32:51,679 बिल्कुल भी नहीं आप आप गलत मुझे लगा मैं 2076 01:32:49,600 --> 01:32:54,079 गलत हो सकता हूं। गलत मैं सवाल पूछ रहा 2077 01:32:51,679 --> 01:32:56,239 हूं। मैं सवाल 2078 01:32:54,079 --> 01:32:57,359 मैं जावेद भाई से डिसए्री करता हूं। 2079 01:32:56,238 --> 01:33:00,079 एक सेकंड आस्किंग 2080 01:32:57,359 --> 01:33:02,960 देखिए अगर देखिए ऐसा एक सेकंड 2081 01:33:00,079 --> 01:33:05,679 आप सर वेट वेट अरे आप मैं कुछ मेरे पहले 2082 01:33:02,960 --> 01:33:07,679 मुझे अपनी बात कह लेने दीजिए। अगर ऑडियंस 2083 01:33:05,679 --> 01:33:12,079 तय करेगी तो फिर मॉडरेटर का मतलब नहीं। 2084 01:33:07,679 --> 01:33:14,399 मेरा आप सबसे यह कहना है ये बहस दो लोगों 2085 01:33:12,079 --> 01:33:17,359 के बीच में है। एक तरफ मुफ्ती साहब, एक 2086 01:33:14,399 --> 01:33:20,719 तरफ जावेद साहब। पिछले डेढ़ घंटे से ये 2087 01:33:17,359 --> 01:33:22,799 लोग अपने-अपने तर्क रख रहे हैं। आपकी इनसे 2088 01:33:20,719 --> 01:33:25,760 इत्तेफाकी हो सकती है ना इत्तेफाकी हो 2089 01:33:22,800 --> 01:33:29,600 सकती है। मेरे उस्ताद मुझे सिखा गए हैं कि 2090 01:33:25,760 --> 01:33:33,119 मुखा मुखम में असहमति की गुंजाइश बची रहनी 2091 01:33:29,600 --> 01:33:35,600 चाहिए। अगर मैं आपकी बहुत इज्जत करता हूं 2092 01:33:33,119 --> 01:33:37,760 गौर साहब। आपने जो कमाल की किताबें लिखी 2093 01:33:35,600 --> 01:33:41,199 हैं साइंटिफिक टरामेंट लेकिन मेरी ये 2094 01:33:37,760 --> 01:33:43,920 गुजारिश है आप सबसे कि यदि आप इन लोगों ने 2095 01:33:41,198 --> 01:33:46,879 जो बोला उनप टिप्पणियां करेंगे तो ना वक्त 2096 01:33:43,920 --> 01:33:49,440 की पाबंदी रहेगी ना वनशा आप सवाल पूछ लें 2097 01:33:46,880 --> 01:33:51,760 उस सवाल में जो बात आ जाए वो आ जाए मैं 2098 01:33:49,439 --> 01:33:54,000 जावेद साहब से डिसए्री करता हूं इसलिए 2099 01:33:51,760 --> 01:33:55,039 जावेद साहब से सवाल पूछ रहा हूं आपका सवाल 2100 01:33:54,000 --> 01:33:57,760 जावेद अख्तर साहब से 2101 01:33:55,039 --> 01:34:01,679 और सवाल ये है मेरा कि जावेद साहब ने कई 2102 01:33:57,760 --> 01:34:03,920 बार लॉजिक का इस्तेमाल किया के साइंस में 2103 01:34:01,679 --> 01:34:06,158 लॉजिक है और रिलजन में लॉजिक लॉजिक नहीं 2104 01:34:03,920 --> 01:34:10,239 है। मेरा ख्याल ये है कि रिलजन में भी 2105 01:34:06,158 --> 01:34:12,799 लॉजिक है। लेकिन उस लॉजिक की बेसिस ये है 2106 01:34:10,238 --> 01:34:15,519 कि आप रुक जाते हैं जिसका जिक्र जावेद 2107 01:34:12,800 --> 01:34:17,920 साहब ने बार-बार किया। यानी खुदा के तसवुर 2108 01:34:15,520 --> 01:34:22,880 पे आते हुए, गॉड के तसवुर पे आते हुए रुक 2109 01:34:17,920 --> 01:34:25,920 जाते हैं। और इसके इसमें सवाल पूछना मतलब 2110 01:34:22,880 --> 01:34:28,880 फॉरबिटन होता है। सवाल ये है कि क्या 2111 01:34:25,920 --> 01:34:32,880 जावेद साहब इससे एग्री करते हैं कि साइंस 2112 01:34:28,880 --> 01:34:33,440 की लॉजिक अलग है और रिलीजन की लॉजिक अलग 2113 01:34:32,880 --> 01:34:36,079 है। 2114 01:34:33,439 --> 01:34:36,079 बताइए सर। 2115 01:34:36,719 --> 01:34:44,399 देखिए तीन चीजें हैं। साइंस है, एक है 2116 01:34:40,399 --> 01:34:48,479 मंतिक है, इ्तदाल है। और एक जो है कुछ भी 2117 01:34:44,399 --> 01:34:52,079 नहीं है। फथ है, अकीदा है। मैं अकीदे के 2118 01:34:48,479 --> 01:34:55,599 लॉजिक का कायल नहीं हूं। मुझे आप इ्तदाल 2119 01:34:52,079 --> 01:34:58,319 से, लॉजिक से, रीज़ से समझाइए। मैं मानने 2120 01:34:55,600 --> 01:35:00,880 को तैयार हूं। मेरा क्या नुकसान होगा? 2121 01:34:58,319 --> 01:35:03,119 लेकिन ये कि अकीदे पे मैं नहीं जा सकता 2122 01:35:00,880 --> 01:35:07,199 हूं। अकीदे का मतलब है कि तुम ये मान लो 2123 01:35:03,119 --> 01:35:09,760 सवाल को ये नहीं आप सारी बातें करके बड़ी 2124 01:35:07,198 --> 01:35:11,919 साइंटिफिक बातें करके एक जगह जाके खुदा के 2125 01:35:09,760 --> 01:35:15,440 हुजूद पे रुक जाते हैं सरेंडर कर देते हैं 2126 01:35:11,920 --> 01:35:18,000 मैं सरेंडर करने को तैयार हूं दैट्स ऑल 2127 01:35:15,439 --> 01:35:18,479 जी ये आगे सर बैठे हुए हैं इनको माइक 2128 01:35:18,000 --> 01:35:20,399 दीजिए 2129 01:35:18,479 --> 01:35:22,479 भाई वो वो आप पूछना चाह रहे थे ना 2130 01:35:20,399 --> 01:35:23,759 हां नहीं मैं ये 2131 01:35:22,479 --> 01:35:25,039 जी आपका नाम 2132 01:35:23,760 --> 01:35:26,960 आसिम इफ्तखार 2133 01:35:25,039 --> 01:35:29,039 आसिम जी पूछिए 2134 01:35:26,960 --> 01:35:29,600 सर जावेद सर से सवाल है कि आपने अपनी 2135 01:35:29,039 --> 01:35:31,679 क्लोजिंग 2136 01:35:29,600 --> 01:35:35,360 माइक थोड़ा करीब आपने क्लोजिंग स्टेटमेंट 2137 01:35:31,679 --> 01:35:38,000 में ये बात कही थी के मजहब का जो फ्यूचर 2138 01:35:35,359 --> 01:35:40,000 है वो ज्यादा दिन नहीं जाने वाला है। 2139 01:35:38,000 --> 01:35:42,800 लेकिन मैं देख पा रहा हूं कि जो ऑक्सफोर्ड 2140 01:35:40,000 --> 01:35:45,920 यूनिवर्सिटी की एक स्टडी है 2011 में हुई 2141 01:35:42,800 --> 01:35:50,960 है जिसके 50 एकेडमिशंस ने इसको अंजाम दिया 2142 01:35:45,920 --> 01:35:53,199 था। उसमें वो ये कहते हैं कि जो फथ इन गॉड 2143 01:35:50,960 --> 01:35:55,039 है वो इनबिल्ट है ह्यूमन नेचर के अंदर 2144 01:35:53,198 --> 01:35:58,319 जिसको हम कहते हैं फितरत के अंदर शामिल है 2145 01:35:55,039 --> 01:36:02,238 वो और वो ये कहते हैं कि अगर कोई ये समझता 2146 01:35:58,319 --> 01:36:05,279 है के मजहब को वो खत्म कर देगा तो ये उसकी 2147 01:36:02,238 --> 01:36:06,559 गलतफहमी है तो आप इसके बारे में इस स्टडीज 2148 01:36:05,279 --> 01:36:09,039 के बारे में क्या कहते हैं? 2149 01:36:06,560 --> 01:36:10,400 ठीक है। मैं उनसे एग्री नहीं करता हूं। वो 2150 01:36:09,039 --> 01:36:12,319 कौन से प्रोफेसर होंगे ऐसा 2151 01:36:10,399 --> 01:36:14,960 उनके पास डाटा है। इन्होंने डाटा के 2152 01:36:12,319 --> 01:36:16,639 होगा। डाटा क्या हो सकता है? फ्यूचर का 2153 01:36:14,960 --> 01:36:19,039 डाटा तो नहीं हो सकता ना उनके पास 2154 01:36:16,639 --> 01:36:21,920 प्रेजेंट का डाटा हो सकता है। डाटा आपने 2155 01:36:19,039 --> 01:36:25,119 सुना 100 साल पहले का बाद का डाटा मैंने 2156 01:36:21,920 --> 01:36:27,600 तो नहीं सुना अब तक तो आज उनकी ये राय है 2157 01:36:25,119 --> 01:36:30,079 और होगी राय है। ठीक है? दुनिया में 2158 01:36:27,600 --> 01:36:32,480 तरह-तरह की राय है लोग। लेकिन मैं समझता 2159 01:36:30,079 --> 01:36:35,760 हूं कि वक्त के साथ इंसान ज्यादा से 2160 01:36:32,479 --> 01:36:38,399 ज्यादा रीज़नेबल और लॉजिकल होता जा रहा है। 2161 01:36:35,760 --> 01:36:42,239 आज आप देखिए वेस्टर्न यूरोप में क्या 2162 01:36:38,399 --> 01:36:45,118 परसेंटेज है नॉन बिलीवर्स की। बहुत हाई। 2163 01:36:42,238 --> 01:36:46,638 वहां चर्च खाली पड़े होते हैं। तो 2164 01:36:45,118 --> 01:36:50,479 अल्टीमेटली 2165 01:36:46,639 --> 01:36:54,719 तो इंसान कोई ऐसी बात बहुत अरसे तक नहीं 2166 01:36:50,479 --> 01:36:57,519 मान सकेगा चाहे गलत या सही जो उसे उसके 2167 01:36:54,719 --> 01:36:59,920 दिमाग को उसके ज़हन को उसके लॉजिक को अपील 2168 01:36:57,520 --> 01:37:01,679 ना करे। वो कह रहे हैं तो ऑक्सफोर्ड के 2169 01:36:59,920 --> 01:37:04,560 होंगे तो केवरेज के होंगे तो मुझे क्या 2170 01:37:01,679 --> 01:37:05,600 लेना देना? उनका डाटा मुस्तकबिल का नहीं 2171 01:37:04,560 --> 01:37:09,199 हो सकता है। 2172 01:37:05,600 --> 01:37:11,119 जी दीपक हां पूछिए। मैं आऊंगा अभी पीछे की 2173 01:37:09,198 --> 01:37:12,079 साइड भी आऊंगा। माइक व भेजूंगा दो-ती साल 2174 01:37:11,118 --> 01:37:14,399 के लिए। जी। 2175 01:37:12,079 --> 01:37:14,960 जावेद साहब आपसे सवाल है। नमस्ते। 2176 01:37:14,399 --> 01:37:17,279 अरे भाई 2177 01:37:14,960 --> 01:37:19,600 सर अगर आप ही लोगों को तय करना है तो फिर 2178 01:37:17,279 --> 01:37:21,519 सब फिर 200 लोग तय कर लेंगे। नहीं सर 2179 01:37:19,600 --> 01:37:24,239 प्लीज डोंट डू दिस सर। सर एवरीबडी हैज़ अ 2180 01:37:21,520 --> 01:37:25,760 राइट सर। बट वी कैन ओनली टेक सिलेक्टेड 2181 01:37:24,238 --> 01:37:29,198 क्वेश्चन। 2182 01:37:25,760 --> 01:37:31,039 सर ये यंग लोग भी हैं तो इनकी ये आप उतने 2183 01:37:29,198 --> 01:37:33,359 यंग भाई आप यंग है कि नहीं है? 2184 01:37:31,039 --> 01:37:36,719 वो कह रहे हैं वो भी यंग है साहब। आप उनकी 2185 01:37:33,359 --> 01:37:40,000 नौजवानी पर दावा उनको ही करने दें। 2186 01:37:36,719 --> 01:37:41,679 हां। मुफ्ती साहब आप यंग हां पूछिए। 2187 01:37:40,000 --> 01:37:43,520 अरे भैया मेरा सवाल यह है 2188 01:37:41,679 --> 01:37:46,079 इनसे भी तो पूछो जी 2189 01:37:43,520 --> 01:37:48,000 बस आपसे एक सवाल [हंसी] है जैसे थीस्टो के 2190 01:37:46,079 --> 01:37:49,760 पास अपने जो ईश्वर को मानते हैं उनके पास 2191 01:37:48,000 --> 01:37:52,158 अपने सोशल गेट टुगेदर्स हैं पांच रोजा 2192 01:37:49,760 --> 01:37:54,079 क्रिसमस आने वाला है होली है दिवाली है ईद 2193 01:37:52,158 --> 01:37:55,519 है एथिस्ट क्या ऑफर कर रहे हैं मतलब मैं 2194 01:37:54,079 --> 01:37:57,118 इनकी दुकान से दूर में आना चाहता हूं उस 2195 01:37:55,520 --> 01:38:01,360 तरफ पर मैं अट्रैक्ट नहीं हो पा रहा हूं 2196 01:37:57,118 --> 01:38:04,158 मैं सोशल गेट टुगेदर्स क्या है आपके पास 2197 01:38:01,359 --> 01:38:07,519 वो ये कह रहे हैं कि जो धार्मिक लोग हैं 2198 01:38:04,158 --> 01:38:08,238 अलग-अलग धर्म के लोग उनके उत्सव त्यौहार 2199 01:38:07,520 --> 01:38:09,679 बहुत है 2200 01:38:08,238 --> 01:38:12,319 अब आपको मैं एक सुनाता हूं यहां 2201 01:38:09,679 --> 01:38:16,719 हिस्टोरियन भी बैठे हैं। मृदुला जी आप 2202 01:38:12,319 --> 01:38:19,840 बताइएगा सही है क्या? ये एक कॉन्सेंटाइन 2203 01:38:16,719 --> 01:38:23,039 एक ग्रीक रोमन भाषा था जो क्रिश्चियनिटी 2204 01:38:19,840 --> 01:38:24,560 आने के 400 साल बाद उसने डिसाइड किया कि 2205 01:38:23,039 --> 01:38:27,039 मैं क्रिश्चियन हो जाऊंगा। मेरी पूरी 2206 01:38:24,560 --> 01:38:29,440 स्टेट कैंसिल हो जाएगी। उस जमाने में ऐसे 2207 01:38:27,039 --> 01:38:32,000 ही होता था राजा जो धर्म इख्तियार करता था 2208 01:38:29,439 --> 01:38:34,879 वो जनता भी कर लेती थी। 2209 01:38:32,000 --> 01:38:38,719 इसलिए कि वो हो गया था बैंककरप्ट और उसे 2210 01:38:34,880 --> 01:38:41,840 जो मेडिटेरियन पोस्ट के रिच क्रिश्चियन वो 2211 01:38:38,719 --> 01:38:44,158 थे मर्चेंट उससे पैसा चाहिए था। तो उसने 2212 01:38:41,840 --> 01:38:47,840 कहा यार क्रिश्चियन हो जाओ। तो उसने अपने 2213 01:38:44,158 --> 01:38:49,920 वजीर से कहा कि भाई ये हिस्ट्री है के अब 2214 01:38:47,840 --> 01:38:52,000 हम लोग क्रिश्चियन हो जाते हैं। कहते सर 2215 01:38:49,920 --> 01:38:57,039 हो जाएंगे कोई प्रॉब्लम नहीं है। लेकिन एक 2216 01:38:52,000 --> 01:39:00,079 प्रॉब्लम ये है कि 17 दिसंबर से 25 दिसंबर 2217 01:38:57,039 --> 01:39:03,198 तक जो पिगम फेस्टिवल होता जो पिगम स्टेबल 2218 01:39:00,079 --> 01:39:04,960 हो जो फेस्टिवल होता है वो बंद हो जाएगा। 2219 01:39:03,198 --> 01:39:07,839 इसलिए कि हम क्रिश्चियन हो गए तो होगा 2220 01:39:04,960 --> 01:39:10,079 नहीं। तो वो बच्चों को बहुत बुरा लगेगा। 2221 01:39:07,840 --> 01:39:12,960 पब्लिक को बहुत डे बहुत एंजॉय करते हैं। 2222 01:39:10,079 --> 01:39:14,880 खास तौर से 25 को मेन डे उसने कहा हां ये 2223 01:39:12,960 --> 01:39:17,359 तो सही कह रहे हो ये जीसस क्राइस्ट की 2224 01:39:14,880 --> 01:39:20,880 पैदाइश कब थी? कह साहब वो अप्रैल में थी 2225 01:39:17,359 --> 01:39:23,198 नहीं कट करो वो 25 दिसंबर को [हंसी] 2226 01:39:20,880 --> 01:39:26,159 ये हकीकत है। 2227 01:39:23,198 --> 01:39:29,198 और 400 साल बाद क्रिश्चियनिटी के अप्रैल 2228 01:39:26,158 --> 01:39:31,359 से दिसंबर ले आए और इसलिए कि यहां बेगम 2229 01:39:29,198 --> 01:39:35,198 फेस्टिवल होता था। अब मनाते हैं आप आराम 2230 01:39:31,359 --> 01:39:37,519 से। ये जो सारे फेस्टिवल है ये रिलीजन थे। 2231 01:39:35,198 --> 01:39:40,238 हर एक को एक एंटरटेनमेंट डिपार्टमेंट 2232 01:39:37,520 --> 01:39:43,520 चाहिए होता है अपनी कंपनी चलाने के लिए। 2233 01:39:40,238 --> 01:39:46,238 तो ये रिलीजंस ने ये सेुलर त्यहार थे 2234 01:39:43,520 --> 01:39:49,280 जिन्हें रिलीजंस ने ले लिया है। ये मौसम 2235 01:39:46,238 --> 01:39:52,718 के थे, फसलों के थे, किसानों के थे। उसको 2236 01:39:49,279 --> 01:39:56,639 आपने लेके रिलीजियस रंग दे दिया। ये ये 2237 01:39:52,719 --> 01:40:00,239 कोई रिवीजन से थोड़ी आए आप आप अच्छा हमें 2238 01:39:56,639 --> 01:40:02,239 देखिए हम तो मुद है हम ईद मनाते हैं हम 2239 01:40:00,238 --> 01:40:04,479 दिवाली मनाते हैं हम होली मनाते हैं हम 2240 01:40:02,238 --> 01:40:07,039 क्रिसमस मनाते हैं मुंबई की फिल्म 2241 01:40:04,479 --> 01:40:11,519 इंडस्ट्री की सबसे बड़ी होली हमारे घर में 2242 01:40:07,039 --> 01:40:14,238 सबसे बड़ी ईद हमारे घर में वो हमारी सोशल 2243 01:40:11,520 --> 01:40:17,119 वो है हमारे यहां हेरिटेज है ऐसा थोड़ी है 2244 01:40:14,238 --> 01:40:20,158 कि वी विल थ्रो द बेबी अलोंग वि द वाटर ये 2245 01:40:17,118 --> 01:40:21,599 तो अच्छी चीज है इन्हें रखो तो बेकार है 2246 01:40:20,158 --> 01:40:26,399 फेंक दो 2247 01:40:21,600 --> 01:40:30,000 जी हां हेलो जी मेरा सवाल नादरी जी से है। 2248 01:40:26,399 --> 01:40:32,719 जैसा कि आपने बोला कि गॉड टाइम के भी परे 2249 01:40:30,000 --> 01:40:36,238 हैं और गॉड इतनी कॉम्प्लेक्स चीज है कि 2250 01:40:32,719 --> 01:40:38,880 उसे ह्यूमन माइंड समझ नहीं सकता और गॉड ने 2251 01:40:36,238 --> 01:40:40,638 अर्थ पे फ्री वेल भी दे दी है। तो आप अपना 2252 01:40:38,880 --> 01:40:42,400 वक्त जाया क्यों कर रहे हैं गॉड के बारे 2253 01:40:40,639 --> 01:40:44,480 में बात करके। अपन को तो बात करनी चाहिए 2254 01:40:42,399 --> 01:40:46,559 कि सोसाइटी को बेहतर कैसे करें? 2255 01:40:44,479 --> 01:40:48,879 मैं गॉड वही बताता है सोसाइटी को कैसे 2256 01:40:46,560 --> 01:40:52,159 बेहतर करें? अभी मैं आपका जवाब देता हूं। 2257 01:40:48,880 --> 01:40:54,960 आपने कहा कि टाइम पे वो एक्सिस्ट नहीं 2258 01:40:52,158 --> 01:40:58,000 करता। सो 2259 01:40:54,960 --> 01:41:00,719 नहीं मेरा सवाल ये है कि जैसा आपने बोला 2260 01:40:58,000 --> 01:41:01,920 कि गॉड बहुत ही कॉम्प्लेक्स चीज है। 2261 01:41:00,719 --> 01:41:04,000 मैंने कहा ही नहीं कि कॉम्प्लेक्स है ये 2262 01:41:01,920 --> 01:41:06,079 तो आपके अल्फाज़ हैं। कॉम्प्लेक्स का लव्स 2263 01:41:04,000 --> 01:41:07,920 गॉड के लिए सूटेबल नहीं है। क्यों? 2264 01:41:06,079 --> 01:41:09,920 क्योंकि कॉम्प्लेक्स वो चीजें होती है जो 2265 01:41:07,920 --> 01:41:12,239 ऑब्जेक्ट हो। गॉड इज नॉट एन ऑब्जेक्ट 2266 01:41:09,920 --> 01:41:13,679 जिसको आप इंस्ट्रूमेंट के जरिए लैबोरेटरी 2267 01:41:12,238 --> 01:41:16,319 में जाकर टेस्ट करें। ओह इट्स वैरी 2268 01:41:13,679 --> 01:41:18,480 कॉम्प्लेक्स। वो कोई कार का इंजन नहीं है। 2269 01:41:16,319 --> 01:41:21,279 वो फिलोसफिकली 2270 01:41:18,479 --> 01:41:24,079 नेसेसरी बीइंग ऐसी बीइंग है जो सिंपल 2271 01:41:21,279 --> 01:41:26,158 बीइंग है। हां आप उसको मुकम्मल तौर पे 2272 01:41:24,079 --> 01:41:28,319 उसकी तमाम हिकमतों को जान ले और हर चीज को 2273 01:41:26,158 --> 01:41:31,039 जान ले ये पॉसिबल नहीं है। क्योंकि वो ऑल 2274 01:41:28,319 --> 01:41:33,359 वाइज है आप ऑल वाइज नहीं है और वो खुदा है 2275 01:41:31,039 --> 01:41:34,079 वो आपको सारी चीजें बता दे ये जरूरी नहीं 2276 01:41:33,359 --> 01:41:36,639 है। 2277 01:41:34,079 --> 01:41:40,319 मेरा सवाल ये नहीं था। मेरा सवाल यह था कि 2278 01:41:36,639 --> 01:41:42,800 जब गॉड इतना परे है इस दुनिया से कि उसने 2279 01:41:40,319 --> 01:41:45,599 अर्थ पे फ्री विल भी दी है हम सब ह्यूमंस 2280 01:41:42,800 --> 01:41:48,079 की फ्री विल है और जो सोसाइटी में हो रहा 2281 01:41:45,600 --> 01:41:50,239 है वो अपन लोग डिसाइड करेंगे तो अपन लोग 2282 01:41:48,079 --> 01:41:54,238 डिसाइड नहीं करेंगे ना अपन लोग डिसाइड 2283 01:41:50,238 --> 01:41:57,118 नहीं करेंगे गॉड जो है गॉड ने वो उसकी जात 2284 01:41:54,238 --> 01:41:58,799 उसकी एकिस्टेंस टाइम एंड स्पेस से परे है 2285 01:41:57,118 --> 01:42:01,039 लेकिन वो हमारा टेस्ट ले रहा है और उसी 2286 01:41:58,800 --> 01:42:02,560 गॉड ने हमें बताया कि तुम्हें क्या करना 2287 01:42:01,039 --> 01:42:03,519 है क्या नहीं करना है तो जाहिर है उस गॉड 2288 01:42:02,560 --> 01:42:04,080 की बात सुनेंगे ना हम 2289 01:42:03,520 --> 01:42:07,440 जी 2290 01:42:04,079 --> 01:42:11,920 वो पीछे पीछे एक चश्मा लगा है जो मैम खड़ी 2291 01:42:07,439 --> 01:42:14,238 है उनको दीजिए। हां आप आप 2292 01:42:11,920 --> 01:42:16,319 जी जी बिलकुल आएंगे देखिए मैं कोशिश कर 2293 01:42:14,238 --> 01:42:19,638 रहा हूं सब तरफ जाने की हां उनको दीजिए 2294 01:42:16,319 --> 01:42:19,639 माइक जी 2295 01:42:20,079 --> 01:42:23,920 हेलो सर 2296 01:42:21,118 --> 01:42:26,079 मैं ओमनी प्रेजेंट नहीं हूं टाइम पाबंद 2297 01:42:23,920 --> 01:42:27,760 हूं और जहां तक कोशिश कर सकता हूं करूंगा 2298 01:42:26,079 --> 01:42:29,439 जी अपना नाम बताइए 2299 01:42:27,760 --> 01:42:30,880 मेरा नाम उर्सला है मैं दिल्ली 2300 01:42:29,439 --> 01:42:34,479 यूनिवर्सिटी की एक स्टूडेंट हूं और मैं 2301 01:42:30,880 --> 01:42:37,279 स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया से हूं अ मेरा 2302 01:42:34,479 --> 01:42:38,799 सवाल मुफ्ती जी से है कि इस हॉल के इस 2303 01:42:37,279 --> 01:42:41,359 कमरे में बैठ के हम हम लोग रेप की 2304 01:42:38,800 --> 01:42:44,320 मोरालिटी के बारे में फिलॉसफिकली बात तो 2305 01:42:41,359 --> 01:42:46,639 कर सकते हैं। बट असलियत ये है कि रोजमर्रा 2306 01:42:44,319 --> 01:42:49,840 की जिंदगी में औरतें रेप के थ्रू गुजरती 2307 01:42:46,639 --> 01:42:52,480 हैं। और हम लोग सिर्फ नंबर्स पे इस तरह 2308 01:42:49,840 --> 01:42:54,079 नहीं देख सकते क्योंकि कितनी औरतें हैं इन 2309 01:42:52,479 --> 01:42:56,399 कंट्रीज में जहां पे आप बता रहे हैं कि 2310 01:42:54,079 --> 01:42:59,519 केसेस कम है जिनका एक्सेस है कि वो जाके 2311 01:42:56,399 --> 01:43:03,039 केस फाइल कर सके। कितनी औरतें हैं जो 2312 01:42:59,520 --> 01:43:05,360 वर्किंग जिनको काम करने की आजादी है उन 2313 01:43:03,039 --> 01:43:07,439 कंट्रीज में। यूरोप में ये आजादी आ गई। 2314 01:43:05,359 --> 01:43:08,880 यूरोप में ये रूल्स आ गए। तो हम आज उसके 2315 01:43:07,439 --> 01:43:10,638 बारे में बात कर पा रहे हैं। 2316 01:43:08,880 --> 01:43:14,560 जी जाओ। 2317 01:43:10,639 --> 01:43:16,560 आपने ये कहा कि कमरे में बंद होकर हम लोग 2318 01:43:14,560 --> 01:43:19,760 इस पर फिलॉसफिकली बात कर सकते हैं। लेकिन 2319 01:43:16,560 --> 01:43:22,000 हकीकत में क्या हो रहा है वो ग्राउंड लेवल 2320 01:43:19,760 --> 01:43:24,800 पे क्या हो रहा है? जो बहुत गलत हो रहा है 2321 01:43:22,000 --> 01:43:26,719 और वो सफर कर रही हैं। आई एग्री? बहुत गलत 2322 01:43:24,800 --> 01:43:28,880 हो रहा है। और जो गलत हो रहा है उसको हमें 2323 01:43:26,719 --> 01:43:30,960 रोकना है। और क्यों रोकना है? वो गलत 2324 01:43:28,880 --> 01:43:33,440 क्यों है? हमारे पास इसका ऑब्जेक्टिव 2325 01:43:30,960 --> 01:43:35,279 फाउंडेशन है। इनके पास उसका ऑब्जेक्टिव 2326 01:43:33,439 --> 01:43:37,359 फाउंडेशन नहीं है। मैं ये कहना चाह रहा 2327 01:43:35,279 --> 01:43:39,039 हूं कि जहां पे भी जुल्म हो रहा है, जहां 2328 01:43:37,359 --> 01:43:41,198 पे भी औरत पे जुल्म हो रहा है या उसकी 2329 01:43:39,039 --> 01:43:42,960 इज्जत लूटी जा रही है या उसे तकलीफ 2330 01:43:41,198 --> 01:43:45,839 पहुंचाई जा रही है। और सिर्फ औरत नहीं 2331 01:43:42,960 --> 01:43:48,480 किसी इंसान के ऊपर भी जुल्म हो रहा है तो 2332 01:43:45,840 --> 01:43:50,800 उसके खिलाफ खड़ा होना ये मोरालिटी हमारे 2333 01:43:48,479 --> 01:43:52,559 पास गॉड के पास से आई है। वरना जावेद साहब 2334 01:43:50,800 --> 01:43:57,279 तो कह रहे हैं कि जो है मेजॉरिटी डिसाइड 2335 01:43:52,560 --> 01:44:01,119 करेगी तो मेजॉरिटी तो कभी भी बदल सकती है। 2336 01:43:57,279 --> 01:44:04,319 क्या आप ये थोड़ी सी आपको गलतफहमी है। मैं 2337 01:44:01,118 --> 01:44:06,319 अगर मेरे जुमले से ये मजला निकला या मैंने 2338 01:44:04,319 --> 01:44:08,960 कहा तो ये जुमला मैं वापस लेता हूं। ये 2339 01:44:06,319 --> 01:44:11,519 मेरा मतलब ही नहीं था कि मेजरिटी डिसाइड 2340 01:44:08,960 --> 01:44:12,000 करेगा। मेजरिटी डिसाइड करे तो दुनिया में 2341 01:44:11,520 --> 01:44:13,920 बड़ी 2342 01:44:12,000 --> 01:44:14,560 वैसे आपने कहा था ये जुमला। 2343 01:44:13,920 --> 01:44:15,679 मैं मान रहा हूं। 2344 01:44:14,560 --> 01:44:18,159 बाद में रीकैप कर लेंगे। 2345 01:44:15,679 --> 01:44:18,880 अरे एक सेकंड मैं अपनी एक्सप्लेनेशन देता 2346 01:44:18,158 --> 01:44:21,679 हूं। 2347 01:44:18,880 --> 01:44:23,760 मुनासिब बात ये है कि हम सब के सब दिल में 2348 01:44:21,679 --> 01:44:26,079 जानते हैं कि क्या अच्छा है, क्या बुरा 2349 01:44:23,760 --> 01:44:27,600 है। हमें पता है अच्छी तरह से। जो लोग 2350 01:44:26,079 --> 01:44:29,198 बुरे काम करते हैं उन्हें भी मालूम है 2351 01:44:27,600 --> 01:44:31,360 अच्छा अच्छा 2352 01:44:29,198 --> 01:44:32,000 यही तो सवाल था हजरत कि फिर ये मोरालिटी 2353 01:44:31,359 --> 01:44:33,439 आई कहां से 2354 01:44:32,000 --> 01:44:36,399 क्रॉस एग्जामिनेशन हां जी हां जी 2355 01:44:33,439 --> 01:44:38,960 मोरालिटी साथ रहने की डिजायर से आई 2356 01:44:36,399 --> 01:44:39,679 यानी साथ रहकर जो कुछ कह दे जो कुछ कर दे 2357 01:44:38,960 --> 01:44:40,000 वो हो जाएगा 2358 01:44:39,679 --> 01:44:40,480 नहीं 2359 01:44:40,000 --> 01:44:43,359 तो 2360 01:44:40,479 --> 01:44:45,919 आप कायदे से रहित सकते हैं जब तक लोगों 2361 01:44:43,359 --> 01:44:47,118 में मोरालिटी हो वरना केस हो जाएगा 2362 01:44:45,920 --> 01:44:49,840 ये आपको कैसे पता 2363 01:44:47,118 --> 01:44:51,279 जी हमने देखा ना जहां मोरालिटी का कॉस हो 2364 01:44:49,840 --> 01:44:51,920 गया हम देखते हैं 2365 01:44:51,279 --> 01:44:55,920 कहां पे देखते हैं 2366 01:44:51,920 --> 01:45:00,639 भाई दुनिया में आप क्यों 2367 01:44:55,920 --> 01:45:02,079 अगर गलत हो रहा है इसको आप सर आपोलॉजी की 2368 01:45:00,639 --> 01:45:05,440 बात कर रहे हैं मैं ऑटोलॉजी की बात कर रहा 2369 01:45:02,079 --> 01:45:07,279 हूं मैं इस दोनों लोगों को चैट करूंगा 2370 01:45:05,439 --> 01:45:09,759 वहां पे क्रॉस एग्जामिनेशन कर लीजिएगा अभी 2371 01:45:07,279 --> 01:45:12,479 ऑडियंस का हक मार रहे हैं आप लोग भाई जस्ट 2372 01:45:09,760 --> 01:45:15,039 लोग हैं आप लोग और भाई ये 2373 01:45:12,479 --> 01:45:17,359 हां उधर उधर आएंगे उधर जी सर आएंगे आएंगे 2374 01:45:15,039 --> 01:45:19,039 सर सर मेरा नाम लख उर रहमान है और मैं 2375 01:45:17,359 --> 01:45:21,439 अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का स्टूडेंट 2376 01:45:19,039 --> 01:45:23,198 हूं और जहां तक मुझे पता है कि सर यू आर 2377 01:45:21,439 --> 01:45:26,158 आल्सो प्रोडक्ट ऑफ अलीगढ़ मुस्लिम 2378 01:45:23,198 --> 01:45:28,000 मैं भी उसी चमन का बुलबुल हूं सर तो बड़ी 2379 01:45:26,158 --> 01:45:28,960 खुशी हुई मुझे जान के कि मैं आपसे 2380 01:45:28,000 --> 01:45:31,920 मिलूंगा। सवाल 2381 01:45:28,960 --> 01:45:35,679 सर मेरा सवाल ये है कि सर सैयद अली रहमा 2382 01:45:31,920 --> 01:45:39,760 का नजरिया ये था के खुदा के वजूद को अकल 2383 01:45:35,679 --> 01:45:42,639 के दायरे में रह के तलाश करना ना के पूरी 2384 01:45:39,760 --> 01:45:45,039 तौर से उसका इंकार कर देना। सर हाउ विल यू 2385 01:45:42,639 --> 01:45:48,639 डिफाइन इट? नहीं नहीं तो यह तो आप इन्हें 2386 01:45:45,039 --> 01:45:51,920 बताइए सवाल है कि खुदा का वजूद साबित कर 2387 01:45:48,639 --> 01:45:52,800 रहे हैं। तो सर आपने इनकार रखा है। इस वजह 2388 01:45:51,920 --> 01:45:55,199 से मेरा क्वेश्चन 2389 01:45:52,800 --> 01:45:58,560 उन्होंने यही सर एक सेकंड सर सैयद ने यही 2390 01:45:55,198 --> 01:46:01,279 कहा है ना कि अकल से आप खुदा के वजूद को 2391 01:45:58,560 --> 01:46:03,199 साबित नहीं कर सकते। यही कहा ना भाई 2392 01:46:01,279 --> 01:46:04,238 वो उन्होंने कहा है कर सकते हैं और वो कर 2393 01:46:03,198 --> 01:46:06,000 दिया गया आज। 2394 01:46:04,238 --> 01:46:09,599 वो फ़ 2395 01:46:06,000 --> 01:46:12,399 तलाश करना या साबित करना अक्ल से ताल्लुक 2396 01:46:09,600 --> 01:46:15,920 अक्ल से नहीं। अरे सवाल तो सुन लीजिए। जी 2397 01:46:12,399 --> 01:46:18,238 अक्ल से नहीं हो सकता। यही कहा ना आपने? 2398 01:46:15,920 --> 01:46:20,639 अक्ल से हो सकता है। अरे वो यही कह रहे 2399 01:46:18,238 --> 01:46:22,959 हैं भाई आप बता रहे हो सकता है। वो तो कुछ 2400 01:46:20,639 --> 01:46:24,800 और 2401 01:46:22,960 --> 01:46:27,520 आप अगर सर देखो नौजवान 2402 01:46:24,800 --> 01:46:30,239 फ़ इतनी कमाल की यूनिवर्सिटी है 2403 01:46:27,520 --> 01:46:33,199 भाई दे दो जरा एक मिनट। अरे भाई मेरी बात 2404 01:46:30,238 --> 01:46:33,519 सुनो। माइक पे बोलो ताकि जो लाखों लोग देख 2405 01:46:33,198 --> 01:46:34,479 रहे हैं। 2406 01:46:33,520 --> 01:46:38,080 माइक दे दो ना। 2407 01:46:34,479 --> 01:46:41,759 अरे देंगे ना माइक तुम ठहरो तो। हां सर 2408 01:46:38,079 --> 01:46:45,600 मेरा सवाल यह था कि सर सैयद अल रहमा का एक 2409 01:46:41,760 --> 01:46:48,639 नजरिया था अपना के खुदा का जो वजूद है 2410 01:46:45,600 --> 01:46:51,440 उसको अकल के दायरे में रह के तलाश करना है 2411 01:46:48,639 --> 01:46:53,840 ना कि पूरे तौर से इंकार कर देना है ये ये 2412 01:46:51,439 --> 01:46:55,519 उनका कांसेप्ट था लेकिन मेरा सवाल ये है 2413 01:46:53,840 --> 01:46:57,199 कि आप इसको कैसे डिफाइन करते हैं 2414 01:46:55,520 --> 01:46:59,679 एक्सप्लेन कैसे करेंगे मैं आपसे जानना 2415 01:46:57,198 --> 01:47:00,479 चाहता हूंकि यू आर द प्रोडक्ट ऑफ अलीगढ़ 2416 01:46:59,679 --> 01:47:04,000 मुस्लिम यूनिवर्सिटी 2417 01:47:00,479 --> 01:47:06,933 मुझे अली मुझे अकल के दायरे में मैंने 2418 01:47:04,000 --> 01:47:08,880 बहुत तलाश की मुझे मिला नहीं 2419 01:47:06,934 --> 01:47:11,679 [हंसी] 2420 01:47:08,880 --> 01:47:14,079 हां ये इधर उधर वो चश्मा लगाए हां उनको दे 2421 01:47:11,679 --> 01:47:16,158 दीजिए 2422 01:47:14,079 --> 01:47:17,118 जी जी फटाफट पूछिए बस पांच मिनट है पांच 2423 01:47:16,158 --> 01:47:18,960 मिनट में खत्म हो रहा है हां 2424 01:47:17,118 --> 01:47:21,439 अस्सलाम वालेकुम मुफ्ती साहब एंड मेरा 2425 01:47:18,960 --> 01:47:22,319 सवाल मेरा सवाल जावेद अख्तर साहब से 2426 01:47:21,439 --> 01:47:24,559 क्या नाम है आपका 2427 01:47:22,319 --> 01:47:25,519 अरे भैया मुझे पूछ रहे हो यार 2428 01:47:24,560 --> 01:47:26,880 फैज फैज फैज 2429 01:47:25,520 --> 01:47:30,480 फैज पूछिए फैज साहब 2430 01:47:26,880 --> 01:47:32,639 तो मेरा सवाल ये है कि अभी जो एथियस्ट है 2431 01:47:30,479 --> 01:47:34,479 वो प्रॉब्लम ऑफ इवल आर्गुमेंट यूज कर रहे 2432 01:47:32,639 --> 01:47:36,480 हैं अगेंस्ट मुस्लिम्स राइट कि इस दुनिया 2433 01:47:34,479 --> 01:47:37,039 में इतना सारा ईवल है और अगेंस्ट मुस्लिम 2434 01:47:36,479 --> 01:47:39,118 तो यहां 2435 01:47:37,039 --> 01:47:41,279 अगेंस्ट थिएस्ट अगेंस्ट थिएस्ट हां थोड़ा 2436 01:47:39,118 --> 01:47:43,279 सा करेक्ट कर लीजिए भाई पूरी मशक्कत ही 2437 01:47:41,279 --> 01:47:44,079 इसी बात की थी कि किसी एक मजहब पे बात ना 2438 01:47:43,279 --> 01:47:47,039 टिके। 2439 01:47:44,079 --> 01:47:48,559 जी तो बेसिकली ये आर्गुमेंट ऐसा है कि इस 2440 01:47:47,039 --> 01:47:50,479 दुनिया में इतना ज्यादा ईवल एक्सिस्ट करता 2441 01:47:48,560 --> 01:47:52,880 है और अगर एक ऑल गुड गॉड है तो वो रोकता 2442 01:47:50,479 --> 01:47:54,559 क्यों नहीं है? लेकिन इस सवाल में एक हिडन 2443 01:47:52,880 --> 01:47:56,639 असंप्शन ये है कि इस दुनिया में ईवल 2444 01:47:54,560 --> 01:47:58,400 एक्सिस्ट करता है। अब एथियस कि कैसे 2445 01:47:56,639 --> 01:47:59,760 ऑनटोलॉजिकली प्रूव कर सकते हैं कि इस 2446 01:47:58,399 --> 01:48:00,960 दुनिया में ईवल एक्सिस्ट करता है। मैं 2447 01:47:59,760 --> 01:48:02,639 आपको बताता हूं थोड़ा सा समझा। 2448 01:48:00,960 --> 01:48:04,399 नहीं नहीं सर [हंसी] 2449 01:48:02,639 --> 01:48:04,560 इनको सुनिए। नहीं नहीं प्लीज डोंट डू। 2450 01:48:04,399 --> 01:48:06,000 नहीं। 2451 01:48:04,560 --> 01:48:07,760 आई वांट टू एक्सप्लेन ऑनटोलॉजी। 2452 01:48:06,000 --> 01:48:08,238 नहीं नहीं हम समझ गए, सर। इनको आप जवाब 2453 01:48:07,760 --> 01:48:09,520 देने दीजिए। 2454 01:48:08,238 --> 01:48:10,399 अच्छा सवाल पूछ रहा हूं मैं। 2455 01:48:09,520 --> 01:48:12,719 अभी तक क्या था? 2456 01:48:10,399 --> 01:48:15,439 वो मैं थोड़ा सा ऐड ऑन कर लेता हूं। 2457 01:48:12,719 --> 01:48:17,520 तुम गुरु तो हम जब इसका राउंड 13 करेंगे 2458 01:48:15,439 --> 01:48:20,719 ना, तब तुमको स्टेज पे बिठाएंगे। 2459 01:48:17,520 --> 01:48:22,960 जी, जी। तो, हां, जल्दी से। तो, तो देखिए, 2460 01:48:20,719 --> 01:48:24,800 एथिज, एथिज्म के हिसाब से सब कुछ रैंडमली 2461 01:48:22,960 --> 01:48:26,480 बन गया है। सब कुछ एटम्स और मॉलिक्यूल्स 2462 01:48:24,800 --> 01:48:28,000 है। एक पत्थर में और मुझ में सिर्फ इतना 2463 01:48:26,479 --> 01:48:29,919 फर्क है कि हम लोग एटम्स और मॉलिक्यूल्स 2464 01:48:28,000 --> 01:48:31,679 का अलग-अलग रिअरेंजमेंट है। अब एक पत्थर 2465 01:48:29,920 --> 01:48:33,440 को कोई इंसान तलवार से दो टुकड़ों में 2466 01:48:31,679 --> 01:48:34,960 काटते हैं या मुझे? अकॉर्डिंग टू एथिज्म 2467 01:48:33,439 --> 01:48:37,198 इट इज़ सेम। देयर इज नो इवल एंड गुड 2468 01:48:34,960 --> 01:48:41,198 अकॉर्डिंग टू एथिज्म। 2469 01:48:37,198 --> 01:48:43,279 जी। अच्छा फैज साहब का सवाल ये है कि 2470 01:48:41,198 --> 01:48:45,198 कोशिश भी करते तो इससे गलत सवाल नहीं कर 2471 01:48:43,279 --> 01:48:48,479 पाते। 2472 01:48:45,198 --> 01:48:51,919 एक लाइफ फॉर्म है और लाइफ फॉर्म में 2473 01:48:48,479 --> 01:48:55,118 फीलिंग्स है। मतलब लाइफ फॉर्म सुनता है, 2474 01:48:51,920 --> 01:48:59,199 देखता है, टेस्ट कर सकता है, फील कर सकता 2475 01:48:55,118 --> 01:49:01,920 है। तो उसकी जो ये जो क्वालिटी एक बबल में 2476 01:48:59,198 --> 01:49:04,479 आ गई है कि वो जानवर में भी है, इंसान में 2477 01:49:01,920 --> 01:49:06,960 भी है। तो जाहिर है कि उसे कोई तकलीफ 2478 01:49:04,479 --> 01:49:10,079 पहुंचेगी तोकि उसके पास वो सेंसिटिविटी है 2479 01:49:06,960 --> 01:49:12,960 तो करेगा। पत्थर में वह सेंसिटिविटी नहीं 2480 01:49:10,079 --> 01:49:14,880 है। तो यह क्या सवाल हुआ कि अगर पत्थर को 2481 01:49:12,960 --> 01:49:17,279 काटा तो पत्थर को तकलीफ नहीं होती तो आपको 2482 01:49:14,880 --> 01:49:19,359 काटे तो आपको क्यों तकलीफ होगी? बैठ जाइए। 2483 01:49:17,279 --> 01:49:20,880 जी हां अगला सवाल 2484 01:49:19,359 --> 01:49:22,479 हां पूछिए पूछिए पूछिए। 2485 01:49:20,880 --> 01:49:25,840 जी जावेद अख्तर साहब। 2486 01:49:22,479 --> 01:49:28,399 अरे भैया सब आप लोग मुफ्ती साहब को छोड़ 2487 01:49:25,840 --> 01:49:30,159 रहे हैं। वो मेरे ही पीछे पड़े हैं। क्या? 2488 01:49:28,399 --> 01:49:32,638 चलो बोलो भाई। 2489 01:49:30,158 --> 01:49:35,519 यू यू आस्क हाउ गॉड कैन एक्सिस्ट व्हेन 2490 01:49:32,639 --> 01:49:38,400 चिल्ड्रन डाई एंड गाज़ा। हां यू आस्क्ड 2491 01:49:35,520 --> 01:49:41,280 हाउ गॉड कैन एकिस्ट व्हेन चिल्ड्रन डाई इन 2492 01:49:38,399 --> 01:49:44,479 काज़ा एंड यू आल्सो मेंशन द राइज़ ऑफ़ एथिज्म 2493 01:49:41,279 --> 01:49:46,880 इन यूरोप बट द सेम इवेंट्स आल्सो आर 2494 01:49:44,479 --> 01:49:49,359 लीडिंग मेनी एथिस्ट एंड नॉट बिलीवर्स टू 2495 01:49:46,880 --> 01:49:52,719 टर्न टुवर्ड्स फेथ हाउ डू यू इंटरप्रेट 2496 01:49:49,359 --> 01:49:55,679 दिस कंट्राडिक्शन वेल सफरिंग पुशेस सम अवे 2497 01:49:52,719 --> 01:49:58,800 फ्रॉम गॉड येट ब्रिंग्स अदर्स क्लोजर टू 2498 01:49:55,679 --> 01:50:01,600 बिलीफ आपको एक बात बताऊं दुनिया परफेक्ट 2499 01:49:58,800 --> 01:50:05,760 तो कहीं भी नहीं है हर जगह कुछ खामियां है 2500 01:50:01,600 --> 01:50:09,440 बेटा एक मिनट मैं आप ही को कहेंगे देखो वो 2501 01:50:05,760 --> 01:50:12,480 तो कुछ खामियां कमजोरियां खराबियां सब जगह 2502 01:50:09,439 --> 01:50:15,759 है लेकिन अगर देखोगे ईमानदारी से कि 2503 01:50:12,479 --> 01:50:20,399 दुनिया सबसे ज्यादा मुजब कहां है एक आम 2504 01:50:15,760 --> 01:50:22,480 शहरी को कहां हुकूक हासिल है वो बोल सकता 2505 01:50:20,399 --> 01:50:24,960 है अपनी मर्जी से काम कर सकता है अपनी 2506 01:50:22,479 --> 01:50:28,479 मर्जी से राय दे सकता है हुकूमत के खिलाफ 2507 01:50:24,960 --> 01:50:31,039 बोल सकता है बरसरे इख्तेदार लोगों के बारे 2508 01:50:28,479 --> 01:50:33,678 में बोल सकता है सरमायादारों के खिलाफ बोल 2509 01:50:31,039 --> 01:50:35,439 सकता है तो आपको ये स्कडी नेवियन कंट्रीज 2510 01:50:33,679 --> 01:50:37,600 में मिलेगा। वेस्टर्न यूरोप में मिलेगा। 2511 01:50:35,439 --> 01:50:39,439 मैं नहीं कह रहा वो परफेक्ट है। बिल्कुल 2512 01:50:37,600 --> 01:50:41,679 नहीं। वहां बहुत खराबियां भी है। परफेक्ट 2513 01:50:39,439 --> 01:50:46,079 तो कोई नहीं। लेकिन जिनजिन मुल्कों में 2514 01:50:41,679 --> 01:50:48,800 लैटिन अमेरिका देखो, गल्फ देखो। वहां पर 2515 01:50:46,079 --> 01:50:51,118 आपको ये जरूर है कि रेप नहीं होते होंगे। 2516 01:50:48,800 --> 01:50:53,679 रेप की जरूरत क्या है? भ उसको तो खरीद लो। 2517 01:50:51,118 --> 01:50:57,359 घर में रखो। तो सड़क पे रेप करने की क्या 2518 01:50:53,679 --> 01:51:01,039 जरूरत है? मगर सुनिए सुनिए सुनिए। मगर 2519 01:50:57,359 --> 01:51:04,399 हकीकत ये है कि वहां शख्स आजादी राय देने 2520 01:51:01,039 --> 01:51:06,560 की बोलने की नहीं है। 2521 01:51:04,399 --> 01:51:09,599 जी ये एक आखरी सवाल मुफ्ती साहब से हां 2522 01:51:06,560 --> 01:51:12,080 मैम इनको माइक दीजिए। 2523 01:51:09,600 --> 01:51:14,320 शुक्रिया। मेरा नाम मनीषा है। मैं हरियाणा 2524 01:51:12,079 --> 01:51:16,399 से आई हूं। मैं मुफ्ती साहब से एक बात 2525 01:51:14,319 --> 01:51:18,238 पूछना चाहती हूं। आप बार-बार जावेद साहब 2526 01:51:16,399 --> 01:51:20,799 को कंट्राडिक्ट तो कर रहे हैं कि आपने ये 2527 01:51:18,238 --> 01:51:23,198 कहा ये कहा। लेकिन आप भी एजम्पशनंस के 2528 01:51:20,800 --> 01:51:26,560 बेसिस पे बात कर रहे हैं। आपने खुदा के 2529 01:51:23,198 --> 01:51:28,960 होने का कौन सा प्रूफ पेश किया है? खुदा 2530 01:51:26,560 --> 01:51:30,800 की एक्सिस्टेंस का। अब मां इस सवाल को अलग 2531 01:51:28,960 --> 01:51:33,840 रहने दीजिए कौन एथस्ट है कौन नहीं है। और 2532 01:51:30,800 --> 01:51:36,239 दूसरी बात जो आपने एक छोटी सी कही थी के 2533 01:51:33,840 --> 01:51:38,719 ये फ्री विल का इस्तेमाल करता है इंसान 2534 01:51:36,238 --> 01:51:42,479 अपनी। लेकिन उस फ्री विल का इस्तेमाल में 2535 01:51:38,719 --> 01:51:45,279 मतलब खुदा ने ये दे दी सबको ये इजाजत के 2536 01:51:42,479 --> 01:51:46,879 वो कितना घिनौनापन और कितने ज्यादा खराब 2537 01:51:45,279 --> 01:51:47,920 से खराब तरीके इस्तेमाल कर सकते हैं। लोग 2538 01:51:46,880 --> 01:51:50,159 जब आप 2539 01:51:47,920 --> 01:51:51,920 आप फ्री विल को मानती है ना या कहती है कि 2540 01:51:50,158 --> 01:51:55,359 फ्री विल नहीं है। 2541 01:51:51,920 --> 01:51:58,800 है ना? मानती है ना? तो अब आपके पास इसका 2542 01:51:55,359 --> 01:52:01,118 कोई एक्सप्लेनेशन नहीं है कि अगर एक इंसान 2543 01:51:58,800 --> 01:52:03,679 उस फ्री विल का इस्तेमाल करके गलत काम कर 2544 01:52:01,118 --> 01:52:05,519 रहा है और बच के अच्छी जिंदगी गुजार के 2545 01:52:03,679 --> 01:52:10,480 निकल जा रहा है उसका कोई रिकंपेंस नहीं 2546 01:52:05,520 --> 01:52:12,639 है। हमारे वर्ल्ड व्यू में जो इंसान गलत 2547 01:52:10,479 --> 01:52:15,198 काम कर रहा है उसको भी रिकंपैेंस यानी 2548 01:52:12,639 --> 01:52:18,400 उसका बुरा बदला मिलना है और जो सही काम कर 2549 01:52:15,198 --> 01:52:20,719 रहा है उसको सही बदला मिलना है। लिहाजा जो 2550 01:52:18,399 --> 01:52:23,279 फ्री विल है वो इस तरीके से है कि एक 2551 01:52:20,719 --> 01:52:25,039 लिमिटेड टाइम तक खुदा ने मोहलत दी है। ऐसा 2552 01:52:23,279 --> 01:52:28,238 नहीं कि छूट दे दी जो करना है करते रहो 2553 01:52:25,039 --> 01:52:30,399 हमेशा। वक्त आएगा जब एग्जाम का टाइम खत्म 2554 01:52:28,238 --> 01:52:32,079 होगा तब रिजल्ट आएगा। दौरान एग्जाम 2555 01:52:30,399 --> 01:52:34,719 जबरदस्ती आपको नहीं बताया जाएगा। 2556 01:52:32,079 --> 01:52:39,800 अरे भाई एक सेकंड सवाल मुफ़्ती साहब से 2557 01:52:34,719 --> 01:52:39,800 मेरा मैम मुफ्ती साहब सेम 2558 01:52:40,319 --> 01:52:47,920 एक सेकंड रुक जाइए। आपसे आपसे 2559 01:52:44,880 --> 01:52:50,880 मैं मुफ्ती साहब एक ही सवाल करता हूं 2560 01:52:47,920 --> 01:52:55,199 के अगर जो हो रहा है फ्री विल से हो रहा 2561 01:52:50,880 --> 01:52:57,599 है और एक दिन बरोज़ कयामत इंसाफ होगा महशर 2562 01:52:55,198 --> 01:52:59,759 में वगैरह वगैरह 2563 01:52:57,599 --> 01:53:02,880 तो दुआ क्यों मांगते हैं लोग 2564 01:52:59,760 --> 01:53:05,840 दुआ मांगते हैं इसके मतलब है अभी भी उसने 2565 01:53:02,880 --> 01:53:08,560 ये डिपार्टमेंट रखा है कि मैं रोजमर्रा की 2566 01:53:05,840 --> 01:53:11,760 जिंदगी में इंटरव्यू ही कैन 2567 01:53:08,560 --> 01:53:13,760 तो तुम कैन हो तुम मुझे नौकरी दिला देते 2568 01:53:11,760 --> 01:53:16,320 हो। मेरे बेटे को ग्रीन कार्ड दिला देते 2569 01:53:13,760 --> 01:53:16,880 हो और 45,000 बच्चे मरते हैं उन्हें रोकते 2570 01:53:16,319 --> 01:53:18,399 नहीं हो। 2571 01:53:16,880 --> 01:53:20,239 नहीं। तो क्या आप ये कह रहे हैं कि इस 2572 01:53:18,399 --> 01:53:20,638 दुनिया में जालिमों को कभी पकड़ ही नहीं 2573 01:53:20,238 --> 01:53:23,759 होती है। 2574 01:53:20,639 --> 01:53:25,760 अरे जो भी पकड़ होगी वो बच्चे रोते हैं। 2575 01:53:23,760 --> 01:53:27,920 बिल्कुल देखिए मैंने अपने ओपनिंग 2576 01:53:25,760 --> 01:53:30,239 स्टेटमेंट में यही कहा था कि जनाब जावेद 2577 01:53:27,920 --> 01:53:31,440 साहब सिर्फ इमोशनल आर्गुमेंट है। दिस इज़ 2578 01:53:30,238 --> 01:53:34,319 एन इमोशनल आर्गुमेंट। 2579 01:53:31,439 --> 01:53:36,799 ये छोटे इसके पीछे 2580 01:53:34,319 --> 01:53:38,559 इसके पीछे का रीज़न मैंने बताया क्या है? 2581 01:53:36,800 --> 01:53:41,360 इसके पीछे का विज़डम क्या है? मैंने बताया। 2582 01:53:38,560 --> 01:53:43,920 मंच से आप लोगों को सज्जनों इसलिए कह रहा 2583 01:53:41,359 --> 01:53:46,799 हूं ताकि थोड़ा सा आपके कॉन्शेंस पे जोर 2584 01:53:43,920 --> 01:53:49,599 रहे कि आपको आर्डर बचा के रखना है। वक्त 2585 01:53:46,800 --> 01:53:52,400 तय हुआ था। ये वक्त पूरा हुआ। आपने इतने 2586 01:53:49,599 --> 01:53:55,360 धैर्य पूर्वक सुना। मैं आप सबका बहुत-बहुत 2587 01:53:52,399 --> 01:53:58,079 शुक्रगुजार हूं। यदि इन दोनों विद्वानों 2588 01:53:55,359 --> 01:54:00,479 की इच्छा होगी। तो कभी हम इस बातचीत का 2589 01:53:58,079 --> 01:54:02,800 राउंड टू राउंड थ्री यही तो देखिए खूबी है 2590 01:54:00,479 --> 01:54:04,638 इंसान की कि बहस मुबासे में वो पड़ा रहता 2591 01:54:02,800 --> 01:54:06,079 है। आप लोगों ने बड़े धैर्य का परिचय 2592 01:54:04,639 --> 01:54:06,800 दिया। बहुत-बहुत शुक्रिया। इसी के साथ ये 2593 01:54:06,079 --> 01:54:09,279 बातचीत 2594 01:54:06,800 --> 01:54:12,079 आप लोग को मैं एक बात बता दूं। ये सारी 2595 01:54:09,279 --> 01:54:14,319 बहस हो गई। अब मुफ्ती साहब और बड़े मुफ्ती 2596 01:54:12,079 --> 01:54:17,319 साहब इन सब के साथ में खाना खाने वाला 2597 01:54:14,319 --> 01:54:17,319 हूं। 2598 01:54:18,583 --> 01:54:20,604 [संगीत]